CNH India ने अमेरिका को ट्रैक्टर निर्यात फिर शुरू किया, FTA के बाद कंपोनेंट्स एक्सपोर्ट $500 मिलियन का लक्ष्य, यूएस से 200 HP+ ट्रैक्टर आयात की योजना, भारत बना ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब

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CNH India: कृषि और निर्माण उपकरण निर्माता CNH India ने संयुक्त राज्य अमेरिका को ट्रैक्टर और कंपोनेंट्स का निर्यात फिर से शुरू कर दिया है। कंपनी ने अगले तीन वर्षों में भारत से कंपोनेंट्स और एग्रीगेट्स के निर्यात को $80 मिलियन से बढ़ाकर $500 मिलियन तक ले जाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। CNH India के प्रेसिडेंट और मैनेजिंग डायरेक्टर नरिंदर मित्तल ने बताया कि हाल ही में हुए भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के बाद भारत से निर्यात फिर से शुरू करना फायदेमंद हो गया है। पिछले कुछ महीनों से अमेरिकी सरकार द्वारा 50% शुल्क लगाए जाने के कारण भारत से ट्रैक्टर निर्यात पूरी तरह बंद हो गया था, जिससे कंपनी को दो महीने तक उत्पादन रोकना पड़ा था। अब FTA के लाभ से उत्पादन फिर शुरू हो गया है और CNH India भारत को अपना प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

CNH India: 50% शुल्क से रुका था निर्यात, अब फिर शुरू

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पिछले कुछ महीनों में भारत से अमेरिका को ट्रैक्टर निर्यात पूरी तरह ठप हो गया था। अमेरिकी सरकार ने भारतीय ट्रैक्टरों पर 50% आयात शुल्क लगा दिया था, जिससे व्यापार पूरी तरह अव्यावहारिक हो गया। इस शुल्क के कारण CNH India को अपने निर्यात-उन्मुख उत्पादन को दो महीने तक बंद रखना पड़ा।

नरिंदर मित्तल ने स्पष्ट किया, “अमेरिका द्वारा 50% शुल्क लगाने के बाद हमें ट्रैक्टर निर्यात पूरी तरह रोकना पड़ा था। उत्पादन भी दो महीने तक बंद रहा। लेकिन अब हाल के भारत-अमेरिका FTA के बाद उत्पादन फिर शुरू हो गया है और हमने निर्यात भी फिर से शुरू कर दिया है।”

निर्यात रुकने का प्रभाव:

  • दो महीने तक उत्पादन बंद

  • हजारों कर्मचारियों पर असर

  • निर्यात राजस्व में भारी कमी

  • सप्लाई चेन में व्यवधान

  • ग्राहकों को वैकल्पिक स्रोतों की तलाश

अब FTA के तहत शुल्क में राहत मिलने से स्थिति सामान्य हो गई है और निर्यात फिर पटरी पर आ गया है।

CNH India: भारत बना छोटे ट्रैक्टरों का ग्लोबल हब

नरिंदर मित्तल ने बताया कि भारत CNH India के लिए छोटे ट्रैक्टरों का प्रमुख स्रोत बन गया है। विशेष रूप से 75 HP तक के ट्रैक्टर और कुछ 120 HP रेंज के ट्रैक्टर अब पूरी तरह से भारत में बनाए जा रहे हैं।

भारत की भूमिका:

  • 75 HP तक के सभी छोटे ट्रैक्टर

  • कुछ 120 HP रेंज के ट्रैक्टर

  • पूरा छोटा उत्पाद प्लेटफॉर्म भारत में स्थानांतरित

  • “भारत के लिए और विश्व के लिए” का मॉडल

  • ग्लोबल सप्लाई चेन का महत्वपूर्ण हिस्सा

मित्तल ने कहा, “पूरा छोटा उत्पाद प्लेटफॉर्म भारत में आ गया है। हम भारत के लिए और दुनिया के लिए बना रहे हैं। यह भारत की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता का प्रमाण है।”

CNH India: निर्यात की मात्रा दोगुनी होने की संभावना

कंपनी पहले अमेरिका को लगभग 3,500 यूटिलिटी लाइट और मीडियम ट्रैक्टरों का निर्यात करती थी। अब कंपनी अपने पोर्टफोलियो में कॉम्पैक्ट ट्रैक्टर रेंज को भी शामिल करने जा रही है, जिससे निर्यात की मात्रा संभावित रूप से दोगुनी हो सकती है।

निर्यात विस्तार:

  • पहले: 3,500 यूटिलिटी लाइट और मीडियम ट्रैक्टर

  • अब जोड़ा जा रहा: कॉम्पैक्ट ट्रैक्टर रेंज

  • संभावित निर्यात: 7,000 ट्रैक्टर प्रति वर्ष

  • मुख्य बाजार: संयुक्त राज्य अमेरिका

  • अतिरिक्त बाजार: यूरोपीय संघ

यह विस्तार भारतीय मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए बड़ी उपलब्धि है।

CNH India: कंपोनेंट्स निर्यात में बड़ी छलांग – $500 मिलियन का लक्ष्य

CNH India की सबसे महत्वाकांक्षी योजना कंपोनेंट्स और एग्रीगेट्स के निर्यात को तेजी से बढ़ाना है। कंपनी अगले तीन वर्षों में इस सेगमेंट में निर्यात को $80 मिलियन से बढ़ाकर $500 मिलियन करने की योजना बना रही है।

कंपोनेंट्स निर्यात रोडमैप:

  • 2025 में: लगभग $80 मिलियन

  • तीन साल में लक्ष्य: $500 मिलियन

  • वृद्धि: 525% की तेजी

  • प्रेरक शक्ति: अमेरिका और EU के साथ FTA

नरिंदर मित्तल ने कहा, “भारत-अमेरिका और भारत-EU FTA हमारे कंपोनेंट्स निर्यात को बड़ा बढ़ावा देंगे। हम अगले तीन वर्षों में $500 मिलियन का निर्यात हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

CNH India: विस्तारित कंपोनेंट्स पोर्टफोलियो

CNH India अपने कंपोनेंट्स पोर्टफोलियो का तेजी से विस्तार कर रहा है। कंपनी अब केवल कास्टिंग और फोर्जिंग तक सीमित नहीं रह गई है।

नए कंपोनेंट्स:

  • रिम्स (पहिए के बाहरी हिस्से)

  • टायर

  • शीट मेटल कंपोनेंट्स

  • गियरबॉक्स

  • ड्राइव सिस्टम

  • निर्माण उपकरण के पुर्जे

निर्माण सेगमेंट में निर्यात:

  • एक्सकेवेटर्स

  • स्किड स्टीयर लोडर्स

  • संबंधित कंपोनेंट्स

यह विविधीकरण भारत को CNH की ग्लोबल सप्लाई चेन में और महत्वपूर्ण बनाता है।

CNH India: अमेरिका से 200 HP+ ट्रैक्टर आयात की योजना

CNH India केवल निर्यात पर ही ध्यान केंद्रित नहीं कर रहा है। कंपनी अमेरिका से 200 HP और उससे अधिक के उच्च-श्रेणी के ट्रैक्टरों का आयात भी शुरू करने जा रही है।

उच्च-श्रेणी ट्रैक्टर आयात:

  • 200 HP और उससे अधिक के ट्रैक्टर

  • भारतीय बाजार के पोस्ट-हार्वेस्ट सेगमेंट के लिए

  • बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए

  • FTA के कारण अब सस्ते होंगे

  • किसानों को उन्नत तकनीक उपलब्ध होगी

मित्तल ने कहा, “ये ट्रैक्टर अब भारत में सस्ते होंगे। FTA के कारण शुल्क कम होने से भारतीय किसानों को उन्नत, उच्च-क्षमता वाले ट्रैक्टर किफायती दामों पर मिलेंगे।”

CNH India: यूरोपीय संघ FTA से भी लाभ

भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुआ FTA भी CNH India के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगा। मित्तल ने बताया कि EU में भी समान मात्रा में ट्रैक्टर और कंपोनेंट्स निर्यात किए जाएंगे।

वर्तमान निर्यात वितरण:

  • अमेरिका और EU: 60% हिस्सेदारी

  • कुल निर्यात: $200 मिलियन

  • अन्य बाजार: 40%

EU FTA से ट्रैक्टर और कंपोनेंट्स दोनों के निर्यात में वृद्धि की उम्मीद है।

CNH India: उन्नत तकनीक का सस्ता आयात

FTA से न केवल निर्यात बढ़ेगा बल्कि उन्नत कृषि तकनीकों का आयात भी किफायती होगा। मित्तल ने कहा, “FTA से अमेरिका और EU से उन्नत तकनीक का आयात भारत में सस्ता हो जाएगा और यह भारतीय किसानों के लिए अधिक किफायती होगा।”

भारत में उपलब्ध होने वाली तकनीकें:

  • ऑटो-गाइडेंस सिस्टम (GPS आधारित)

  • टेलीमैटिक्स (दूरस्थ निगरानी)

  • फ्लीट मैनेजमेंट सॉल्यूशन

  • प्रिसिजन फार्मिंग टूल्स

  • स्मार्ट कृषि उपकरण

ये तकनीकें भारतीय कृषि को आधुनिक और अधिक कुशल बनाएंगी।

CNH India: भारतीय कृषि क्षेत्र के लिए बड़ा अवसर

CNH India की यह पहल भारतीय कृषि उपकरण उद्योग के लिए एक मील का पत्थर है। यह दर्शाता है कि भारत न केवल घरेलू बाजार के लिए बल्कि वैश्विक बाजार के लिए भी उच्च गुणवत्ता वाले कृषि उपकरण बना सकता है।

यह निर्यात वृद्धि हजारों नौकरियां पैदा करेगी और भारत को वैश्विक कृषि उपकरण मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित करेगी।

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