PM Kisan Samman Nidhi: देश भर के करोड़ों छोटे और सीमांत किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना की 22वीं किस्त का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। यह किस्त 2,000 रुपये की होगी, जिससे हर पात्र किसान परिवार को सालाना कुल 6,000 रुपये की आर्थिक मदद मिलती है। सरकार ने अभी तक 22वीं किस्त की आधिकारिक तारीख की घोषणा नहीं की है, लेकिन पिछले पैटर्न को देखते हुए यह फरवरी 2026 के अंत या मार्च 2026 के पहले सप्ताह में आने की सबसे ज्यादा संभावना जताई जा रही है।
21वीं किस्त नवंबर 2025 में जारी की गई थी। आमतौर पर केंद्र सरकार हर चार महीने में एक किस्त ट्रांसफर करती है। इसलिए 22वीं किस्त का समय फरवरी-मार्च 2026 के बीच माना जा रहा है। किसानों में इस बार सबसे बड़ा सवाल फार्मर आईडी (किसान रजिस्ट्री) को लेकर है। क्या बिना फार्मर आईडी वाली किस्त मिल सकती है? क्या कुछ राज्यों में यह अनिवार्य हो गया है? eKYC कैसे करें और किन मामलों में किस्त अटक सकती है? इन सभी सवालों के जवाब यहाँ विस्तार से दिए जा रहे हैं।
PM Kisan Samman Nidhi: 22वीं किस्त कब और कैसे आएगी?
पीएम-किसान योजना की किस्तें हर साल तीन बार जारी की जाती हैं:
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पहली किस्त: अप्रैल-जुलाई
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दूसरी किस्त: अगस्त-नवंबर
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तीसरी किस्त: दिसंबर-मार्च
21वीं किस्त नवंबर 2025 में जारी हुई थी। इसलिए 22वीं किस्त फरवरी या मार्च 2026 में आने की संभावना है। सरकार आमतौर पर किस्त जारी होने से कुछ दिन पहले ही आधिकारिक तारीख घोषित करती है। किस्त सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए भेजी जाती है।
PM Kisan Samman Nidhi: क्या बिना फार्मर आईडी मिलेगी 22वीं किस्त?
यह सबसे ज्यादा पूछा जाने वाला सवाल है। जवाब है: हाँ और नहीं – दोनों।
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जिन राज्यों में किसान रजिस्ट्री (फार्मर आईडी) का काम अभी शुरू नहीं हुआ है, वहाँ पुराने रजिस्टर्ड किसानों को बिना फार्मर आईडी के भी 22वीं किस्त मिल सकती है।
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लेकिन जिन 14 राज्यों में किसान रजिस्ट्री का काम शुरू हो चुका है, वहाँ नए रजिस्ट्रेशन के लिए फार्मर आईडी अनिवार्य है। पुराने लाभार्थी अगर पहले से रजिस्टर्ड हैं तो उन्हें फिलहाल किस्त मिलती रहेगी, लेकिन भविष्य में फार्मर आईडी के बिना नई किस्तें अटक सकती हैं।
किन 14 राज्यों में फार्मर आईडी अनिवार्य है?
केंद्र सरकार ने इन राज्यों में किसान रजिस्ट्री को अनिवार्य कर दिया है:
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आंध्र प्रदेश
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असम
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बिहार
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छत्तीसगढ़
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गुजरात
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कर्नाटक
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केरल
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मध्य प्रदेश
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महाराष्ट्र
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ओडिशा
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राजस्थान
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तमिलनाडु
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तेलंगाना
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उत्तर प्रदेश
इन राज्यों में नए रजिस्ट्रेशन (PM Kisan Samman Nidhi) के लिए फार्मर आईडी दिखाना जरूरी है। पुराने लाभार्थियों को फिलहाल छूट है, लेकिन सरकार ने स्पष्ट किया है कि जल्द ही सभी लाभार्थियों के लिए फार्मर आईडी अनिवार्य कर दिया जाएगा।
PM Kisan Samman Nidhi: eKYC क्यों और कैसे जरूरी है?
पीएम-किसान योजना (PM Kisan Samman Nidhi) में eKYC अब पूरी तरह अनिवार्य है। बिना eKYC के किस्त रुक सकती है। eKYC के तीन तरीके हैं:
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OTP आधारित eKYC PM-KISAN पोर्टल या मोबाइल ऐप पर लॉगिन करें। आधार नंबर डालें। रजिस्टर्ड मोबाइल पर आए OTP से सत्यापन करें।
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बायोमेट्रिक आधारित eKYC नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाएँ। वहाँ बायोमेट्रिक (उंगलियों के निशान या आँखों की स्कैनिंग) से eKYC पूरा कराएँ।
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फेस ऑथेंटिकेशन आधारित eKYC यह सबसे आसान और नया तरीका है। PM-KISAN ऐप और Aadhaar Face RD ऐप डाउनलोड करें। लॉगिन करें। eKYC ऑप्शन चुनें। अपना चेहरा स्कैन कराएँ। सफल होने पर eKYC पूरा हो जाएगा।
eKYC न होने पर किस्त अटक सकती है। इसलिए सभी लाभार्थियों से अपील है कि वे जल्द से जल्द eKYC पूरा कर लें।
PM Kisan Samman Nidhi: किन किसानों की किस्त रुक सकती है?
सरकार ने कुछ अपात्रता मानदंड तय किए हैं। इनमें शामिल हैं:
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1 फरवरी 2019 के बाद जमीन का मालिकाना हक हासिल करने वाले।
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एक ही परिवार के एक से ज्यादा सदस्य लाभ ले रहे हों (पति-पत्नी, वयस्क सदस्य आदि)।
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आयकर दाता, पेंशनभोगी, डॉक्टर, इंजीनियर, वकील जैसे पेशेवर।
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सरकारी नौकरी में उच्च पद पर कार्यरत लोग।
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पेंशनभोगी या आयकर रिटर्न फाइल करने वाले।
ऐसे संदिग्ध मामलों में लाभ अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। फिजिकल वेरिफिकेशन पूरा होने तक किस्त नहीं मिलेगी। किसानों को सलाह है कि वे PM-KISAN वेबसाइट (PM Kisan Samman Nidhi) या मोबाइल ऐप पर “Know Your Status” चेक करें।
PM Kisan Samman Nidhi: फार्मर आईडी क्या है और क्यों जरूरी?
फार्मर आईडी या किसान रजिस्ट्री (PM Kisan Samman Nidhi) एक डिजिटल पहचान है। यह किसान को एक यूनिक नंबर देती है। इससे सरकार को सही लाभार्थी की पहचान करने में आसानी होती है। फर्जी रजिस्ट्रेशन और डुप्लिकेट लाभार्थियों पर रोक लगती है। भविष्य में सभी सरकारी योजनाओं का लाभ इसी आईडी से जुड़ेगा।
जिन राज्यों में रजिस्ट्री शुरू हो चुकी है, वहाँ नए रजिस्ट्रेशन के लिए फार्मर आईडी अनिवार्य है। पुराने लाभार्थी अगर रजिस्टर्ड हैं तो फिलहाल किस्त मिलती रहेगी। लेकिन सरकार का लक्ष्य है कि 2027 तक पूरे देश में 11 करोड़ किसानों की फार्मर आईडी बन जाए। अभी तक 8.47 करोड़ किसानों की रजिस्ट्री हो चुकी है।
PM Kisan Samman Nidhi: किसान क्या करें ताकि 22वीं किस्त न रुके?
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PM-KISAN पोर्टल या ऐप पर लॉगिन करें।
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eKYC स्टेटस चेक करें। अगर “नहीं” दिख रहा है तो तुरंत पूरा करें।
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आधार और बैंक खाता लिंक चेक करें।
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भूमि विवरण सही है या नहीं देखें।
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अगर नाम नहीं दिख रहा तो नजदीकी CSC या कृषि कार्यालय में संपर्क करें।
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फार्मर आईडी वाले राज्यों में जल्द रजिस्ट्री कराएँ।
पीएम-किसान योजना (PM Kisan Samman Nidhi) देश के करोड़ों किसानों की आर्थिक मदद का सबसे बड़ा माध्यम है। सरकार का प्रयास है कि लाभ सही हाथों तक सही समय पर पहुँचे। किसानों से अपील है कि वे जल्द से जल्द eKYC पूरा करें और फार्मर आईडी बनवाएँ ताकि किसी भी किस्त में कोई रुकावट न आए।
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