Wheat Procurement: गेहूं खरीद के लिए शुरू हुआ पंजीकरण, MSP 2585 रुपये प्रति क्विंटल, 48 घंटे में खाते में आएगा पैसा, जानें पूरी प्रक्रिया और नियम

Wheat Procurement

Wheat Procurement

Wheat Procurement: रबी विपणन मौसम 2026-27 के लिए बिहार सरकार ने गेहूं की खरीद की तैयारियां शुरू कर दी हैं। राज्य में गेहूं की सरकारी खरीद अप्रैल 2026 से प्रारंभ होने की संभावना है। किसानों को अपनी उपज का उचित मूल्य दिलाने और खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए सरकार ने ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य किया है। कृषि विभाग के पोर्टल पर 21 जनवरी 2026 से किसानों का पंजीकरण शुरू हो गया है। केंद्र सरकार ने इस वर्ष गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है जो पिछले वर्ष की तुलना में 160 रुपये अधिक है। सरकार ने किसानों को 48 घंटे के भीतर भुगतान करने का भी आश्वासन दिया है। आइए जानते हैं पूरी प्रक्रिया और किसानों के लिए जरूरी जानकारियां।

Wheat Procurement: ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य

बिहार में जो किसान अपना गेहूं सरकारी खरीद केंद्रों (Wheat Procurement) पर बेचना चाहते हैं, उनके लिए ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है। यह पंजीकरण कृषि विभाग के आधिकारिक पोर्टल dbtagriculture.bihar.gov.in पर किया जा सकता है। यह प्रक्रिया 21 जनवरी 2026 से सक्रिय हो गई है।

पंजीकरण का उद्देश्य खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाना है। इससे किसानों की पहचान सत्यापित होगी और उन्हें सही समय पर भुगतान मिलना सुनिश्चित होगा। साथ ही बिचौलियों और फर्जी खरीद को रोकने में भी मदद मिलेगी।

ऑनलाइन प्रक्रिया से किसानों को बार-बार दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। वे घर बैठे या नजदीकी सीएससी केंद्र से अपना पंजीकरण करवा सकते हैं। इससे समय और पैसे दोनों की बचत होगी।

पुराने पंजीकरण भी मान्य

जिन किसानों ने पिछले वर्ष इसी पोर्टल पर गेहूं बेचने (Wheat Procurement) के लिए पंजीकरण करवाया था, उन्हें राहत की खबर है। उन्हें इस वर्ष दोबारा पंजीकरण कराने की आवश्यकता नहीं है। उनका पुराना पंजीकरण इस वर्ष भी मान्य रहेगा।

यह प्रावधान किसानों की सुविधा को ध्यान में रखकर बनाया गया है। इससे उन किसानों का समय बचेगा जो नियमित रूप से सरकारी खरीद केंद्रों पर अपना गेहूं बेचते हैं। उन्हें केवल अपने पोर्टल पर लॉगिन करके अपनी जानकारी की पुष्टि करनी होगी।

हालांकि अगर किसी किसान की जानकारी में कोई बदलाव हुआ है तो उसे अपडेट करना जरूरी होगा। इसके लिए भी पोर्टल पर सुविधा उपलब्ध है।

Wheat Procurement: जानकारी में बदलाव की सुविधा

अगर किसी किसान की भूमि से संबंधित जानकारी में परिवर्तन हुआ है या नामित सदस्य की जानकारी बदली है, तो वह पोर्टल के माध्यम से इसे आसानी से अपडेट कर सकता है। यह सुविधा बहुत महत्वपूर्ण है।

कई बार जमीन का बंटवारा हो जाता है या परिवार में किसी की मृत्यु के कारण नामित सदस्य बदलना पड़ता है। ऐसी स्थिति में पुरानी जानकारी के आधार पर भुगतान में समस्या आ सकती है। इसलिए जानकारी को समय-समय पर अपडेट करना आवश्यक है।

पोर्टल पर लॉगिन करके किसान अपनी प्रोफाइल में जाकर आवश्यक बदलाव कर सकते हैं। इससे रिकॉर्ड सही रहेगा और भुगतान में कोई रुकावट नहीं आएगी।

गेहूं का MSP बढ़ा

Wheat Procurement
Wheat Procurement

केंद्र सरकार ने रबी विपणन मौसम 2026-27 के लिए गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल (Wheat Procurement) निर्धारित किया है। यह पिछले वर्ष के मुकाबले 160 रुपये प्रति क्विंटल अधिक है। यह वृद्धि किसानों के लिए राहत की खबर है।

MSP में वृद्धि से किसानों की आय बढ़ेगी। उत्पादन लागत लगातार बढ़ रही है इसलिए उचित मूल्य मिलना बहुत जरूरी है। सरकार ने किसानों की लागत को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया है।

हालांकि किसान संगठनों का कहना है कि यह वृद्धि पर्याप्त नहीं है। बढ़ती महंगाई और उत्पादन लागत को देखते हुए MSP और अधिक होना चाहिए था। फिर भी यह एक सकारात्मक कदम है।

Wheat Procurement: 48 घंटे में भुगतान का वादा

बिहार सरकार ने किसानों को बड़ा आश्वासन दिया है कि गेहूं बेचने (Wheat Procurement) के 48 घंटे के भीतर उनके बैंक खाते में पैसा भेज दिया जाएगा। यह बहुत महत्वपूर्ण प्रावधान है।

पहले किसानों को भुगतान के लिए कई दिनों या हफ्तों तक इंतजार करना पड़ता था। इससे उन्हें आर्थिक परेशानी होती थी। तत्काल भुगतान से किसान अपनी जरूरतों को पूरा कर सकेंगे।

डिजिटल भुगतान प्रणाली (Wheat Procurement) के कारण यह संभव हो पाया है। किसान के पंजीकरण में उसके बैंक खाते की जानकारी होती है। खरीद के बाद सीधे उस खाते में राशि ट्रांसफर कर दी जाती है।

कहां बेच सकते हैं किसान

किसानों की सुविधा के लिए कई स्थानों पर खरीद केंद्र स्थापित (Wheat Procurement) किए गए हैं। किसान अपनी सुविधानुसार पंचायत स्तर पर स्थित प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति यानी पैक्स या प्रखंड स्तर पर स्थित व्यापार मंडल में जाकर अपना गेहूं बेच सकते हैं।

सरकार ने कोशिश की है कि किसानों को अधिक दूर न जाना पड़े। पंचायत स्तर पर केंद्र होने से छोटे और सीमांत किसानों को विशेष लाभ मिलेगा। वे आसानी से अपनी उपज ले जाकर बेच सकेंगे।

प्रत्येक केंद्र पर तौल मशीन, गुणवत्ता जांच की सुविधा और भंडारण की व्यवस्था होगी। किसानों को पारदर्शी तौल और तत्काल रसीद दी जाएगी।

Wheat Procurement: धान खरीद में FRK की समस्या

इस बीच राज्य में धान खरीद के दौरान एक गंभीर समस्या सामने आई है। राजद नेता उपेंद्र कुशवाहा ने इस मुद्दे को उठाया है। उनका कहना है कि कई खरीद केंद्रों पर फोर्टिफाइड राइस कर्नेल यानी FRK की पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो रही है।

FRK विशेष प्रकार के चावल के दाने होते हैं जिनमें आयरन, फोलिक एसिड और विटामिन बी-12 जैसे आवश्यक पोषक तत्व होते हैं। इन्हें सामान्य चावल में मिलाया जाता है ताकि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से लोगों को पोषक चावल मिल सके।

सरकार की नीति है कि खरीदे गए धान में FRK मिलाया जाए। लेकिन FRK की कमी के कारण धान की तौल और खरीद में देरी हो रही है। किसानों को खरीद केंद्रों पर लंबे समय तक प्रतीक्षा करनी पड़ रही है।

किसानों की परेशानी

FRK की आपूर्ति में रुकावट से किसानों को गंभीर कठिनाई हो रही है। कई किसान दिनों तक खरीद केंद्रों पर डेरा डाले बैठे हैं। उनका धान खरीदा नहीं जा रहा जिससे उन्हें आर्थिक और मानसिक तनाव हो रहा है।

धान नमी वाली फसल है। अगर समय पर नहीं बेची गई तो उसकी गुणवत्ता खराब हो सकती है। किसानों को उचित भंडारण की सुविधा भी नहीं है। इसलिए समय पर खरीद बहुत जरूरी है।

Wheat Procurement: समाधान की मांग

उपेंद्र कुशवाहा ने सरकार से अनुरोध किया है कि FRK की आपूर्ति निर्बाध रूप से सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी मांग की है कि धान खरीद की समय सीमा बढ़ाई जाए ताकि सभी किसान अपनी फसल बेच सकें।

साथ ही जिन किसानों को इस समस्या के कारण नुकसान हुआ है, उन्हें आर्थिक सहायता देने की भी मांग की गई है। यह उचित मांग है क्योंकि किसानों की परेशानी सरकारी व्यवस्था की कमी के कारण हो रही है।

Wheat Procurement: निष्कर्ष

बिहार सरकार ने गेहूं खरीद के लिए अच्छी व्यवस्था की है। ऑनलाइन पंजीकरण, बढ़ा हुआ MSP और त्वरित भुगतान किसानों के हित में कदम हैं। लेकिन धान खरीद में आई समस्याओं से सीख लेकर गेहूं खरीद में ऐसी कोई दिक्कत न हो, इसका ध्यान रखना होगा।

Read More Here

PM Kisan Samman Nidhi की 22वीं किस्त का इंतजार कर रहे किसान, पर क्या बिना फार्मर आईडी मिलेंगे 2,000 रुपये? जानें यहाँ पूरी डिटेल्स

DDGS Import से मक्का, सोयाबीन और खल के भाव पर खतरा, किसानों की चिंता बढ़ी, जानें घरेलू बाजार की पूरी स्थिति

Tractor Buying Guide: नया ट्रैक्टर खरीदने से पहले रखें इन बातों का ध्यान, वरना होगा बड़ा नुकसान

Farming Tips: फरवरी का महीने में गेहूं किसानों के लिए परीक्षा की घड़ी, जानें फसल बचाने के कारगर उपाय

Exit mobile version