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  • Mahindra Tractors: महिंद्रा ने जनवरी 2026 में ट्रैक्टर बिक्री में दर्ज की शानदार वृद्धि, घरेलू बाजार में 46% उछाल, निर्यात 72% बढ़ा, कुल 40,643 यूनिट बिकीं

    Mahindra Tractors: महिंद्रा ने जनवरी 2026 में ट्रैक्टर बिक्री में दर्ज की शानदार वृद्धि, घरेलू बाजार में 46% उछाल, निर्यात 72% बढ़ा, कुल 40,643 यूनिट बिकीं

    Mahindra Tractors: महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड के फार्म इक्विपमेंट बिजनेस डिवीजन ने जनवरी 2026 में असाधारण प्रदर्शन करते हुए भारतीय कृषि क्षेत्र में अपनी मजबूत स्थिति को और पुख्ता किया है। कंपनी ने घरेलू बाजार में 38,484 ट्रैक्टर बेचे, जो जनवरी 2025 में बिके 26,305 ट्रैक्टरों की तुलना में 46 प्रतिशत की जबरदस्त वृद्धि है। कुल ट्रैक्टर बिक्री (घरेलू और निर्यात सहित) 40,643 यूनिट रही, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के 27,557 यूनिट से 47 प्रतिशत अधिक है। यह जानकारी कंपनी ने 1 फरवरी 2026 को आधिकारिक रूप से जारी की।

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    Mahindra Tractors: घरेलू बाजार में मजबूत प्रदर्शन

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    महिंद्रा की सबसे बड़ी सफलता घरेलू ट्रैक्टर बाजार में देखी गई है जहां कंपनी ने 46 प्रतिशत की शानदार वृद्धि दर्ज की। जनवरी 2026 में 38,484 ट्रैक्टरों की बिक्री पिछले वर्ष के 26,305 ट्रैक्टरों से काफी अधिक है। यह वृद्धि न केवल कंपनी की बाजार रणनीति की सफलता को दर्शाती है बल्कि भारतीय कृषि क्षेत्र में बढ़ते आत्मविश्वास और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सुधार का भी संकेत देती है। महिंद्रा भारत के ट्रैक्टर बाजार में अग्रणी स्थान रखती है और महिंद्रा तथा स्वराज दोनों ब्रांडों के माध्यम से विभिन्न HP रेंज में ट्रैक्टर मॉडल उपलब्ध कराती है।

    वृद्धि के प्रमुख कारक:

    इस असाधारण वृद्धि के पीछे कई महत्वपूर्ण कारक जिम्मेदार हैं। देश भर में जलाशयों में उत्कृष्ट जल स्तर ने रबी फसल की बुवाई को मजबूत समर्थन प्रदान किया है। रबी सीजन में रिकॉर्ड स्तर पर बुवाई हुई है जिससे किसानों में आत्मविश्वास बढ़ा है। ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी खर्च और विकास कार्यक्रमों में वृद्धि की प्रत्याशा है। कृषि-अनुकूल सरकारी नीतियां और योजनाएं किसानों को प्रोत्साहित कर रही हैं। महिंद्रा का मजबूत डीलर नेटवर्क, उत्कृष्ट ग्राहक सेवा और विश्वसनीय उत्पाद गुणवत्ता ने भी इस सफलता में योगदान दिया है।

    निर्यात में उल्लेखनीय उछाल

    घरेलू बाजार की तुलना में निर्यात क्षेत्र में महिंद्रा का प्रदर्शन और भी शानदार रहा है। जनवरी 2026 में कंपनी ने 2,159 ट्रैक्टर निर्यात किए, जो जनवरी 2025 के 1,252 ट्रैक्टरों से 72 प्रतिशत की चौंकाने वाली वृद्धि है। यह आंकड़ा अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में महिंद्रा ट्रैक्टरों की बढ़ती स्वीकार्यता और कंपनी की वैश्विक विस्तार रणनीति की सफलता को प्रदर्शित करता है। कंपनी विभिन्न देशों में अपनी उपस्थिति मजबूत कर रही है और उन्नत उत्पाद विशेषताओं तथा प्रभावी मार्केटिंग के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय ग्राहकों को आकर्षित कर रही है। घरेलू और निर्यात दोनों खंडों में मजबूत वृद्धि से कंपनी की कुल बिक्री 40,643 यूनिट तक पहुंच गई जो पिछले वर्ष से 47 प्रतिशत अधिक है।

    Mahindra Tractors: वित्तीय वर्ष 2025-26 का संचयी प्रदर्शन

    महिंद्रा ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के पहले दस महीनों (अप्रैल 2025 से जनवरी 2026) में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन बनाए रखा है। इस अवधि में कंपनी ने कुल 4,47,235 ट्रैक्टर बेचे, जो पिछले वित्तीय वर्ष की समान अवधि में बिके 3,64,180 ट्रैक्टरों से 23 प्रतिशत अधिक है। घरेलू बिक्री 4,30,374 यूनिट रही जो 23 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है। निर्यात में 16,861 यूनिट बिकीं जो 24 प्रतिशत की वृद्धि है। यह संचयी डेटा कंपनी की निरंतर और स्थिर विकास यात्रा को दर्शाता है। पूरे वित्तीय वर्ष के लिए अच्छे परिणामों की प्रबल संभावना है।

    विजय नक्रा का आधिकारिक बयान

    महिंद्रा एंड महिंद्रा के फार्म इक्विपमेंट बिजनेस के प्रेसिडेंट विजय नक्रा ने कंपनी की आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में कहा, “हमने जनवरी 2026 में घरेलू बाजार में 38,484 ट्रैक्टर बेचे, जो पिछले वर्ष की तुलना में 46 प्रतिशत अधिक है। उच्च जलाशय स्तरों ने रबी बुवाई में रिकॉर्ड वृद्धि का समर्थन किया है। आगामी बजट में ग्रामीण विकास के लिए अधिक आवंटन की अपेक्षा से कृषि और फार्म मशीनीकरण को महत्वपूर्ण बढ़ावा मिलेगा। निर्यात में हमने 2,159 ट्रैक्टर बेचे, जो पिछले वर्ष से 72 प्रतिशत अधिक है।” नक्रा के इस बयान से स्पष्ट है कि कंपनी भविष्य को लेकर आशावादी है और सरकारी नीतियों से कृषि क्षेत्र को और समर्थन मिलने की उम्मीद करती है।

    Mahindra Tractors: ट्रैक्टर बिक्री और ग्रामीण अर्थव्यवस्था

    ट्रैक्टर बिक्री के आंकड़े पारंपरिक रूप से ग्रामीण अर्थव्यवस्था के स्वास्थ्य का महत्वपूर्ण संकेतक माने जाते हैं। महिंद्रा की 46 प्रतिशत घरेलू वृद्धि यह दर्शाती है कि किसान बड़े पूंजीगत निवेश करने की स्थिति में हैं। यह उनकी बेहतर आर्थिक स्थिति और भविष्य के प्रति आत्मविश्वास का संकेत है। जैसे-जैसे फसल उत्पादन बढ़ेगा, किसानों की आय में वृद्धि होगी जो ग्रामीण मांग को और मजबूत करेगी। महिंद्रा के ट्रैक्टर अपनी गुणवत्ता, ईंधन दक्षता, कम रखरखाव लागत और उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए किसानों के बीच अत्यधिक लोकप्रिय हैं। कंपनी नवीनतम तकनीक से युक्त ट्रैक्टर बाजार में लाती रहती है जो किसानों की विविध आवश्यकताओं को पूरा करते हैं।

    जनवरी 2026 में महिंद्रा की ट्रैक्टर बिक्री में दर्ज यह शानदार वृद्धि कंपनी के लिए ही नहीं बल्कि संपूर्ण भारतीय कृषि क्षेत्र के लिए सकारात्मक संकेत है। यह प्रदर्शन कंपनी की मजबूत बाजार स्थिति और किसानों के साथ गहरे संबंधों को प्रदर्शित करता है। कंपनी ने यह जानकारी BSE और NSE को भी उपलब्ध कराई है जो इसकी पारदर्शिता और कॉर्पोरेट प्रशासन के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

  • महिंद्रा ट्रैक्टर बिक्री में रिकॉर्ड उछाल, जनवरी 2026 में 47% ग्रोथ, निर्यात 72% बढ़ा

    महिंद्रा ट्रैक्टर बिक्री में रिकॉर्ड उछाल, जनवरी 2026 में 47% ग्रोथ, निर्यात 72% बढ़ा

    महिंद्रा ट्रैक्टर की बिक्री में जबरदस्त उछाल, जनवरी 2026 में 47% ग्रोथ, निर्यात 72% बढ़ा


    देश की अग्रणी ट्रैक्टर निर्माता कंपनी महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड के फार्म इक्विपमेंट बिजनेस (FEB) ने जनवरी 2026 के लिए अपने ट्रैक्टर बिक्री आंकड़े जारी कर दिए हैं। इन आंकड़ों के अनुसार, कंपनी ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाजारों में शानदार प्रदर्शन किया है। जनवरी 2026 में महिंद्रा ने कुल 40,643 ट्रैक्टरों की बिक्री की, जो पिछले वर्ष जनवरी 2025 की तुलना में 47 प्रतिशत अधिक है।

    यह मजबूत ग्रोथ किसानों की बढ़ती मांग, बेहतर कृषि परिस्थितियों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सुधार को दर्शाती है।


    घरेलू बाजार में मजबूत पकड़, 38,484 ट्रैक्टरों की बिक्री

    जनवरी 2026 के दौरान महिंद्रा ट्रैक्टर की घरेलू बिक्री में भी उल्लेखनीय तेजी देखने को मिली। कंपनी ने इस महीने भारतीय बाजार में 38,484 ट्रैक्टर बेचे, जबकि जनवरी 2025 में यह आंकड़ा 26,305 यूनिट था।

    इस तरह घरेलू ट्रैक्टर बिक्री में 46 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
    विशेषज्ञों के अनुसार, अच्छे जलाशय स्तर, मजबूत रबी फसल की बुवाई, और ग्रामीण इलाकों में बढ़ता निवेश इस मांग के प्रमुख कारण रहे।


    निर्यात में रिकॉर्ड ग्रोथ, 72% की छलांग

    महिंद्रा ने सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी अपना दबदबा मजबूत किया है।

    जनवरी 2026 में कंपनी ने 2,159 ट्रैक्टरों का निर्यात किया, जबकि पिछले साल इसी महीने यह आंकड़ा 1,252 यूनिट था।

    इस प्रकार ट्रैक्टर निर्यात में 72 प्रतिशत की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो वैश्विक स्तर पर महिंद्रा ब्रांड की मजबूत स्वीकार्यता को दर्शाती है।

    यह ग्रोथ विशेष रूप से अफ्रीका, एशिया और लैटिन अमेरिकी बाजारों में बढ़ती मांग के कारण संभव हुई है।


    जनवरी 2026: घरेलू और निर्यात बिक्री का पूरा आंकड़ा

    • घरेलू बिक्री: 38,484 यूनिट
    • निर्यात: 2,159 यूनिट
    • कुल बिक्री: 40,643 यूनिट
    • कुल वृद्धि: 47%

    YTD ट्रैक्टर बिक्री: अप्रैल 2025 से जनवरी 2026 तक 23% की बढ़ोतरी

    महिंद्रा ट्रैक्टर का प्रदर्शन सिर्फ एक महीने तक सीमित नहीं रहा।

    अप्रैल 2025 से जनवरी 2026 (YTD) की अवधि में कंपनी ने कुल 4,47,235 ट्रैक्टर बेचे, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह आंकड़ा 3,64,180 यूनिट था।

    इस तरह साल-दर-साल आधार पर 23 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।


    घरेलू YTD बिक्री ने बनाया मजबूत आधार

    इस अवधि में घरेलू बाजार ने महिंद्रा की कुल बिक्री में सबसे बड़ा योगदान दिया।

    • घरेलू YTD बिक्री: 4,30,374 यूनिट
    • पिछला वर्ष: 3,50,632 यूनिट
    • वृद्धि: 23%

    ग्रामीण आय में सुधार, सरकारी योजनाएं और फार्म मशीनीकरण की बढ़ती जरूरत घरेलू बिक्री को मजबूती दे रही हैं।


    निर्यात YTD बिक्री में भी स्थिर बढ़त

    महिंद्रा की YTD निर्यात बिक्री भी सकारात्मक रही।

    • निर्यात (अप्रैल 25 – जनवरी 26): 16,861 यूनिट
    • पिछला वर्ष: 13,548 यूनिट
    • वृद्धि: 24%

    यह दर्शाता है कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी महिंद्रा ट्रैक्टर की मांग लगातार बढ़ रही है।


    कंपनी का बयान: आगे भी मजबूत रहने की उम्मीद

    महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड के फार्म इक्विपमेंट बिजनेस के प्रेसिडेंट विजय नाकरा ने बिक्री प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि, जनवरी 2026 में घरेलू बाजार में 38,484 ट्रैक्टरों की बिक्री पिछले वर्ष की तुलना में 46% अधिक है। अच्छे जलाशय स्तरों ने मजबूत रबी बुवाई को समर्थन दिया है। आने वाले महीनों में सरकारी सहयोग और ग्रामीण खर्च में बढ़ोतरी से कृषि और फार्म मशीनीकरण को और बढ़ावा मिलेगा। निर्यात बाजार में भी हमने 72% की मजबूत वृद्धि दर्ज की है।”

    कुल मिलाकर, महिंद्रा ट्रैक्टर की जनवरी 2026 की बिक्री रिपोर्ट यह साफ संकेत देती है कि कंपनी घरेलू और वैश्विक दोनों बाजारों में लगातार मजबूत हो रही है।
    खेती-किसानी के लिए अनुकूल माहौल, बेहतर मानसून प्रभाव, और सरकारी नीतियों से आने वाले समय में भी महिंद्रा ट्रैक्टर बिक्री के मजबूत बने रहने की उम्मीद है।

  • सीएम का बड़ा संकेत: भावांतर योजना में शामिल हो सकती हैं नई फसलें, किसानों को मिलेगी बड़ी राहत

    सीएम का बड़ा संकेत: भावांतर योजना में शामिल हो सकती हैं नई फसलें, किसानों को मिलेगी बड़ी राहत

    भावांतर भुगतान योजना से किसानों को बड़ी राहत, सीएम के संकेत से सरसों और मूंगफली किसानों को भी जगी उम्मीद

    सीएम का बड़ा संकेत: भावांतर योजना में शामिल हो सकती हैं नई फसलें, किसानों को मिलेगी बड़ी राहत


    मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों के हित में एक बार फिर बड़ा कदम उठाया है। भावांतर भुगतान योजना के तहत सोयाबीन किसानों को अंतिम किस्त जारी करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने साफ संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में इस योजना का दायरा और बढ़ाया जा सकता है। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद अब सरसों और मूंगफली किसानों में भी नई उम्मीद जगी है।

    सिंगल क्लिक से 200 करोड़ रुपये किसानों के खातों में ट्रांसफर

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ से भावांतर भुगतान योजना की अंतिम किस्त का वितरण किया। इस दौरान 1 लाख 17 हजार से अधिक सोयाबीन किसानों के बैंक खातों में करीब 200 करोड़ रुपये की राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से ट्रांसफर की गई। यह भुगतान योजना की अंतिम किस्त मानी जा रही है, जिससे हजारों किसानों को सीधी आर्थिक राहत मिली है।

    मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य दिलाना है। बाजार में कीमतें चाहे जैसी हों, सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि किसान को नुकसान न उठाना पड़े।

    भावांतर भुगतान योजना का उद्देश्य क्या है

    भावांतर भुगतान योजना का मकसद किसानों को बाजार की अस्थिरता से बचाना है। मुख्यमंत्री ने अन्नदाता सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए बताया कि इस योजना के तहत यदि बाजार भाव तय न्यूनतम मूल्य से नीचे चला जाता है, तो सरकार अंतर की राशि सीधे किसान के खाते में ट्रांसफर करती है।

    उन्होंने कहा कि यह योजना किसानों के लिए एक सुरक्षा कवच की तरह है, जिससे उन्हें अपनी उपज बेचते समय घाटे का डर नहीं रहता। सरकार की प्राथमिकता किसानों की आय बढ़ाना और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है।

    अब तक लाखों किसानों को मिल चुका है लाभ

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के अनुसार, भावांतर भुगतान योजना की शुरुआत से अब तक 7 लाख 10 हजार से अधिक किसानों को लगभग 1500 करोड़ रुपये की सहायता राशि दी जा चुकी है। यह आंकड़ा इस योजना की सफलता को दर्शाता है।

    मंदसौर जिले की बात करें तो यहां के 27 हजार से ज्यादा किसानों को करीब 43 करोड़ रुपये का लाभ मिला है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने जिले के पांच किसानों को प्रतीकात्मक रूप से भावांतर भुगतान के चेक भी सौंपे।

    उन्होंने यह भी बताया कि मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य है, जिसने सरकारी व्यवस्था के तहत भावांतर भुगतान योजना को लागू किया। खासकर सोयाबीन उत्पादक किसानों को इससे बड़ा फायदा हुआ है और उन्हें अपनी उपज का पूरा मूल्य मिला है।

    सरसों और मूंगफली को योजना में शामिल करने के संकेत

    कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने किसानों के लिए एक और बड़ी घोषणा का संकेत दिया। उन्होंने कहा कि सरकार भविष्य में सरसों और मूंगफली को भी भावांतर भुगतान योजना के अंतर्गत लाने पर विचार कर रही है।

    यदि ऐसा होता है, तो इन फसलों की खेती करने वाले किसानों को भी बाजार जोखिम से राहत मिलेगी और उन्हें उनकी फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य सुनिश्चित किया जा सकेगा। यह कदम प्रदेश के तिलहन किसानों के लिए बेहद अहम साबित हो सकता है।

    65 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात

    किसानों को आर्थिक राहत देने के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने मल्हारगढ़ क्षेत्र को विकास की बड़ी सौगात भी दी। कार्यक्रम के दौरान 65 करोड़ रुपये से अधिक लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया गया।

    इनमें मंदसौर-नीमच स्टेट हाईवे पर चार लेन फ्लाईओवर, पिपलिया मंडी में रेलवे अंडरब्रिज, मल्हारगढ़ रेलवे स्टेशन से नारायणगढ़ मार्ग पर नवनिर्मित अंडरपास शामिल हैं। इन परियोजनाओं से यातायात सुविधाएं बेहतर होंगी और किसानों को अपनी उपज मंडियों तक पहुंचाने में आसानी होगी।

    इसके अलावा मुख्यमंत्री ने पिपलिया मंडी में नए फ्लाईओवर, भुवानी माता मंदिर के जीर्णोद्धार और काका गाडगिल सागर डेम को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की घोषणा भी की।

    2026 को घोषित किया गया ‘किसान कल्याण वर्ष’

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार ने वर्ष 2026 को ‘किसान कल्याण वर्ष’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। इसके तहत किसानों को कृषि आधारित उद्योगों और खाद्य प्रसंस्करण से जोड़ा जाएगा, ताकि वे अपनी उपज का मूल्यवर्धन कर अधिक आय अर्जित कर सकें।

    उन्होंने यह भी बताया कि अगले पांच वर्षों में प्रदेश में ढाई लाख नई नौकरियां सृजित की जाएंगी। साथ ही लाडली बहना योजना के तहत महिलाओं को मिल रही 1500 रुपये प्रतिमाह की सहायता से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।

    किसानों के लिए सरकार की स्पष्ट प्रतिबद्धता

    मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि प्रदेश सरकार किसानों और ग्रामीण समाज के हित में लगातार काम करती रहेगी। भावांतर भुगतान योजना, विकास परियोजनाएं और किसान कल्याण वर्ष जैसे फैसले इस बात का प्रमाण हैं कि सरकार अन्नदाता की समृद्धि को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।

  • Eicher 450 Tractor Launch: 44 HP इंजन, नए फीचर्स और दो लुक में उपलब्ध

    Eicher 450 Tractor Launch: 44 HP इंजन, नए फीचर्स और दो लुक में उपलब्ध

    41–45 HP सेगमेंट में Eicher 450 ट्रैक्टर लॉन्च, किसानों को मिला नया भरोसेमंद विकल्प

    Eicher 450 Tractor Launch: 44 HP इंजन, नए फीचर्स और दो लुक में उपलब्ध


    भारतीय किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आयशर ने Eicher 450 ट्रैक्टर को बाजार में उतारा है। यह ट्रैक्टर 41–45 हॉर्स पावर सेगमेंट में पेश किया गया है, जो उन किसानों के लिए उपयोगी है जिन्हें भारी खेत कार्य के साथ-साथ रोजमर्रा की खेती और ढुलाई के लिए दमदार मशीन चाहिए। इस लॉन्च के साथ आयशर ने इस सेगमेंट में अपनी मौजूदगी को और मजबूत किया है।


    किसानों को मिले दो स्टाइलिंग विकल्प

    Eicher 450 ट्रैक्टर को कंपनी ने दो अलग-अलग डिजाइन विकल्पों में पेश किया है। पहला है PRIMA G3 सीरीज, जो मॉडर्न डिजाइन और बोल्ड लुक के साथ आती है। यह वेरिएंट उन किसानों के लिए है जो नई टेक्नोलॉजी और स्टाइल को प्राथमिकता देते हैं। वहीं दूसरा विकल्प Silver Heritage रेंज है, जिसमें क्लासिक आयशर डिजाइन देखने को मिलता है, जिस पर किसान वर्षों से भरोसा करते आ रहे हैं।


    लंबे समय तक काम के लिए मजबूत बनावट

    दोनों ही स्टाइलिंग विकल्पों को इस तरह डिजाइन किया गया है कि वे लंबे समय तक खेत में काम कर सकें। मजबूत बॉडी, संतुलित वजन और भरोसेमंद स्ट्रक्चर के कारण यह ट्रैक्टर नियमित खेती, ढुलाई और कठिन परिस्थितियों में भी टिकाऊ साबित होता है।


    44 HP इंजन के साथ दमदार परफॉर्मेंस

    Eicher 450 और PRIMA G3 में 44 HP रेंज का 3-सिलेंडर, वॉटर-कूल्ड इंजन दिया गया है। यह इंजन लगातार काम के दौरान भी स्थिर पावर देता है और अधिक गर्म नहीं होता। बेहतर कूलिंग सिस्टम के कारण ट्रैक्टर लंबे समय तक बिना रुकावट काम कर सकता है और ईंधन की खपत भी कम रहती है


    खेती और ढुलाई दोनों के लिए उपयुक्त इंजन

    इस ट्रैक्टर का इंजन जुताई, बुवाई, कल्टीवेशन, ट्रॉली ढुलाई और अन्य कृषि कार्यों के लिए पूरी तरह उपयुक्त है। भारी लोड के बावजूद इंजन की परफॉर्मेंस स्थिर रहती है, जिससे किसानों को हर मौसम में भरोसेमंद आउटपुट मिलता है।


    वेरिएंट के अनुसार गियरबॉक्स विकल्प

    Eicher 450 ट्रैक्टर में किसानों की जरूरत के अनुसार अलग-अलग गियरबॉक्स ऑप्शन दिए गए हैं। Silver Heritage वेरिएंट में 8 फॉरवर्ड और 2 रिवर्स गियर वाला साइड-शिफ्ट गियरबॉक्स मिलता है। वहीं PRIMA G3 वेरिएंट में 12 फॉरवर्ड और 3 रिवर्स गियर दिए गए हैं, जिससे स्पीड का बेहतर चयन संभव होता है।


    मल्टी-स्पीड PTO के साथ आधुनिक इम्प्लीमेंट सपोर्ट

    इस ट्रैक्टर में मल्टी-स्पीड PTO के साथ रिवर्स PTO की सुविधा भी दी गई है। इसकी मदद से किसान रोटावेटर, स्प्रेयर, बेलर और अन्य आधुनिक कृषि उपकरणों का आसानी से उपयोग कर सकते हैं। यह फीचर ट्रैक्टर को बहुउपयोगी बनाता है।


    मॉडर्न डिजाइन और स्मार्ट कंट्रोल

    Eicher 450 4WD PRIMA G3 वेरिएंट में एयरोडायनामिक हुड दिया गया है, जिसमें वन-टच फ्रंट ओपन बोनट की सुविधा है। इससे इंजन की जांच और सर्विसिंग आसान हो जाती है। बोल्ड फ्रंट ग्रिल बेहतर एयर फ्लो में मदद करती है, जबकि रैप-अराउंड हेडलैंप रात में काम को आसान बनाते हैं।


    डिजिटल डैशबोर्ड और आसान संचालन

    ट्रैक्टर में दिया गया Digi NXT डिजिटल डैशबोर्ड ड्राइवर को जरूरी जानकारी साफ-साफ दिखाता है। स्पोर्टी स्टीयरिंग व्हील और स्पिनर नॉब की मदद से खेत में मोड़ लेना आसान हो जाता है, जिससे काम की रफ्तार बढ़ती है।


    आरामदायक सीटिंग और बेहतर विजिबिलिटी

    PRIMA G3 वेरिएंट में Comfy Luxe सीटिंग दी गई है, जो ऊंची पोजीशन पर लगी होती है। इससे किसान को खेत का साफ दृश्य मिलता है। चौड़ा ऑपरेटर प्लेटफॉर्म और पर्याप्त लेग स्पेस लंबे समय तक काम करने में आराम देता है।


    रात में सुरक्षा के लिए खास फीचर

    ट्रैक्टर में दिया गया ‘Walk Me Home’ लाइट फीचर एक अतिरिक्त सुरक्षा सुविधा है। इंजन बंद होने के बाद भी लाइट कुछ समय तक रास्ता रोशन रखती है, जिससे रात में ट्रैक्टर से उतरते समय दुर्घटना का खतरा कम होता है।


    मजबूत ब्रेकिंग और स्टीयरिंग सिस्टम

    Eicher 450 में मल्टी-डिस्क ऑयल इमर्स्ड ब्रेक्स दिए गए हैं, जो खेत और सड़क दोनों पर बेहतर नियंत्रण देते हैं। स्टैंडर्ड रूप से इसमें मैकेनिकल स्टीयरिंग मिलती है, जबकि आसान संचालन के लिए पावर स्टीयरिंग का विकल्प भी उपलब्ध है।


    हाइड्रोलिक्स और इम्प्लीमेंट क्षमता

    ट्रैक्टर में थ्री-पॉइंट लिंकेज सिस्टम दिया गया है, जिसमें ड्राफ्ट, पोजीशन और रिस्पॉन्स कंट्रोल शामिल हैं। CAT-II लिंक्स के कारण यह ट्रैक्टर भारी कृषि उपकरणों को भी आसानी से संभाल सकता है।


    किसानों के लिए क्या खास है Eicher 450?

    Eicher 450 के लॉन्च से किसानों को ऐसा ट्रैक्टर मिला है जो पावर, कम्फर्ट और विकल्पों का संतुलन पेश करता है। क्लासिक और मॉडर्न डिजाइन, अलग-अलग गियरबॉक्स, आधुनिक PTO और मजबूत बनावट इसे खेती और ढुलाई दोनों के लिए उपयुक्त बनाती है। यही वजह है कि यह ट्रैक्टर आने वाले समय में 41–45 HP सेगमेंट में एक मजबूत विकल्प साबित हो सकता है।

  • PM किसान योजना में बड़ा बदलाव? बजट 2026 से पहले किसानों को मिल सकता है बड़ा फायदा

    PM किसान योजना में बड़ा बदलाव? बजट 2026 से पहले किसानों को मिल सकता है बड़ा फायदा

     महंगाई की मार के बीच किसानों की बड़ी मांग, बजट 2026 में बढ़ सकती है पीएम किसान योजना की राशि?


    देश में लगातार बढ़ती महंगाई दर और खेती की लागत ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। ऐसे समय में जब केंद्र सरकार 1 फरवरी 2026 को आम बजट पेश करने जा रही है, तब करोड़ों किसान एक बार फिर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan Samman Nidhi Yojana) से बड़ी राहत की उम्मीद लगाए बैठे हैं। किसानों की प्रमुख मांग है कि मौजूदा 6000 रुपये सालाना सहायता राशि को बढ़ाकर 9000 या 10,000 रुपये किया जाए, ताकि खेती के बढ़ते खर्चों का कुछ बोझ कम हो सके।

    महंगाई बढ़ी, लेकिन पीएम किसान योजना की राशि वही

    जब पीएम किसान योजना की शुरुआत हुई थी, तब खेती की लागत आज की तुलना में काफी कम थी। बीज, खाद, कीटनाशक, डीजल और मजदूरी के दाम बीते कुछ वर्षों में तेजी से बढ़े हैं। इसके बावजूद योजना के तहत मिलने वाली सहायता राशि में कोई बदलाव नहीं हुआ है। यही वजह है कि अब किसान संगठन और कृषि विशेषज्ञ सरकार से पीएम किसान योजना की राशि बढ़ाने की मांग तेज़ी से उठा रहे हैं।


    पीएम किसान सम्मान निधि योजना में अभी कितनी मिलती है सहायता

    वर्तमान व्यवस्था के अनुसार, पीएम किसान योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को साल में तीन किस्तों में कुल 6000 रुपये दिए जाते हैं।

    • हर चार महीने में
    • 2000 रुपये प्रति किस्त
    • राशि सीधे डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के जरिए बैंक खाते में

    यह मदद छोटे और सीमांत किसानों को खेती से जुड़ी दैनिक जरूरतों में सहयोग देती है, लेकिन बढ़ती लागत के सामने यह राशि अब अपर्याप्त मानी जा रही है।

    बजट 2026 से किसानों की मुख्य मांगें

    किसानों की नजरें इस बार केंद्रीय बजट 2026 पर टिकी हैं। उनकी प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:

    • पीएम किसान योजना की राशि 6000 से बढ़ाकर 9000 या 10,000 रुपये करना
    • हर किस्त को 2000 रुपये से बढ़ाकर 3000 रुपये करना
    • न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को कानूनी दर्जा
    • किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) की लिमिट बढ़ाना
    • सस्ते और आसान कृषि ऋण की व्यवस्था

    विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरकार राशि बढ़ाती है, तो इसका सीधा असर किसानों की आर्थिक स्थिरता पर पड़ेगा।


    क्यों जरूरी हो गई है पीएम किसान योजना में बढ़ोतरी

    पीएम किसान योजना की शुरुआत 2019 में हुई थी। उस समय महंगाई दर काफी नियंत्रित थी, लेकिन अब हालात बदल चुके हैं।

    • खाद और उर्वरक महंगे
    • डीजल की कीमतों में इजाफा
    • मजदूरी दर में बढ़ोतरी
    • सिंचाई और मशीनरी खर्च बढ़ा

    किसानों का कहना है कि 6000 रुपये की सहायता अब केवल औपचारिक मदद बनकर रह गई है, जबकि वास्तविक जरूरतें कहीं ज्यादा हैं। ऐसे में योजना की राशि बढ़ाना समय की मांग बन गई है।

    कब शुरू हुई थी पीएम किसान सम्मान निधि योजना

    पीएम किसान सम्मान निधि योजना की घोषणा 1 फरवरी 2019 को अंतरिम बजट में की गई थी।

    • लाभ 1 दिसंबर 2018 से लागू माने गए
    • 24 फरवरी 2019 को इसे औपचारिक रूप से लॉन्च किया गया
    • उद्देश्य: छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक सहारा देना

    आज यह योजना देश की सबसे बड़ी डायरेक्ट इनकम सपोर्ट स्कीम मानी जाती है।


    क्या बजट 2026 में सरकार ले सकती है बड़ा फैसला?

    बजट से पहले जिस तरह से किसान संगठनों की आवाज़ तेज़ हुई है, उससे संकेत मिल रहे हैं कि सरकार इस बार किसानों के लिए कोई बड़ा ऐलान कर सकती है। यदि पीएम किसान योजना की राशि 9000 रुपये सालाना की जाती है, तो हर किस्त 3000 रुपये की हो सकती है। इससे किसानों को खेती के शुरुआती खर्च में सीधी मदद मिलेगी।

    हालांकि, सरकार की ओर से अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन बजट 2026 किसान-केंद्रित होने की उम्मीद जताई जा रही है।

    पीएम किसान योजना की 22वीं किस्त कब आएगी

    पीएम किसान योजना की 21वीं किस्त दिसंबर में जारी की जा चुकी है। अब किसानों को 22वीं किस्त का इंतजार है।
    मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार:

    • 22वीं किस्त फरवरी के अंतिम सप्ताह में आ सकती है
    • बजट के बाद जारी होने की संभावना
    • किसान उम्मीद कर रहे हैं कि इस बार किस्त की राशि बढ़ाई जा सकती है


    बजट 2026 पर टिकी हैं किसानों की निगाहें

    देश के करोड़ों किसान इस समय महंगाई और लागत के दबाव से जूझ रहे हैं। ऐसे में पीएम किसान सम्मान निधि योजना में बढ़ोतरी उनके लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है। अब देखना यह होगा कि बजट 2026 में सरकार किसानों की इस लंबे समय से चली आ रही मांग को स्वीकार करती है या नहीं।

    फिलहाल, किसान समुदाय की निगाहें बजट पर टिकी हैं और उम्मीद है कि इस बार उनकी आवाज़ को गंभीरता से सुना जाएगा।

  • बड़ी राहत! 450 रुपये में LPG सिलेंडर, खाते में आए 75.68 करोड़ रुपये

    बड़ी राहत! 450 रुपये में LPG सिलेंडर, खाते में आए 75.68 करोड़ रुपये

    राजस्थान में महिलाओं को बड़ी राहत: 75.68 करोड़ की सब्सिडी ट्रांसफर, 450 रुपए में मिल रहा एलपीजी गैस सिलेंडर

    गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों में बड़ी राहत! 450 रुपये में LPG कैसे मिल रहा है, सब्सिडी आई या नहीं—यहां चेक करें।


    महंगाई के इस दौर में राजस्थान सरकार ने आम परिवारों और खासकर महिलाओं को बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री रसोई गैस सब्सिडी योजना के तहत राज्य सरकार ने एक बार फिर भारी भरकम राशि लाभार्थियों के खातों में ट्रांसफर की है। करीब 30 लाख से ज्यादा गैस सिलेंडरों पर 75.68 करोड़ रुपए की सब्सिडी सीधे DBT के जरिए भेजी गई है, जिससे पात्र महिलाओं को घरेलू एलपीजी सिलेंडर मात्र 450 रुपए में उपलब्ध हो रहा है।

    मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में लागू यह योजना न सिर्फ आर्थिक राहत दे रही है, बल्कि महिलाओं के जीवन स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में भी एक अहम कदम मानी जा रही है।


    क्या है मुख्यमंत्री रसोई गैस सब्सिडी योजना

    मुख्यमंत्री रसोई गैस सब्सिडी योजना का उद्देश्य गरीब, मध्यम वर्ग और जरूरतमंद परिवारों को सस्ती दर पर रसोई गैस उपलब्ध कराना है। इस योजना के तहत महिलाओं के नाम पर पंजीकृत एलपीजी कनेक्शन पर सब्सिडी दी जाती है।

    योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) प्रणाली अपनाई गई है। यानी पहले लाभार्थी महिला बाजार दर पर सिलेंडर रिफिल कराती है और बाद में सरकार द्वारा तय सब्सिडी राशि सीधे उसके बैंक खाते में भेज दी जाती है। इससे पारदर्शिता बनी रहती है और बिचौलियों की कोई भूमिका नहीं रहती।


    450 रुपए में गैस सिलेंडर कैसे मिलता है

    फिलहाल घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमत जिले और डिलीवरी चार्ज के हिसाब से 900 से 950 रुपए या उससे अधिक हो सकती है। मुख्यमंत्री रसोई गैस सब्सिडी योजना के तहत सरकार सिलेंडर की वास्तविक कीमत और 450 रुपए के बीच का अंतर सब्सिडी के रूप में देती है।

    उदाहरण के तौर पर:

    • अगर सिलेंडर की कीमत 950 रुपए है
    • लाभार्थी महिला 450 रुपए का भार उठाती है
    • शेष करीब 500 रुपए की राशि सरकार सब्सिडी के रूप में बैंक खाते में ट्रांसफर कर देती है

    इस तरह अंततः महिला को सिलेंडर सिर्फ 450 रुपए में ही पड़ता है।


    सिलेंडर रिफिल की राशि कैसे एडजस्ट होती है

    लाभार्थी को पहले सिलेंडर रिफिल के समय पूरी या आंशिक राशि चुकानी होती है। रिफिल की कीमत इंडियन ऑयल (Indane), भारत गैस (Bharat Gas) या एचपी गैस (HP Gas) के अनुसार तय होती है। इसके बाद कुछ ही दिनों में सरकार की ओर से तय सब्सिडी राशि खाते में वापस आ जाती है।

    यानी शुरुआत में खर्च भले ज्यादा दिखे, लेकिन DBT आने के बाद वास्तविक खर्च 450 रुपए तक सीमित रह जाता है।


    कैसे चेक करें गैस सब्सिडी आपके खाते में आई या नहीं

    अगर आप जानना चाहते हैं कि आपके खाते में एलपीजी गैस सब्सिडी आई है या नहीं, तो इसके लिए कई आसान तरीके मौजूद हैं:

    • बैंक पासबुक में DBT एंट्री चेक करें
    • मोबाइल बैंकिंग ऐप के जरिए ट्रांजैक्शन देखें
    • अपनी गैस कंपनी (Indane, Bharat Gas, HP Gas) की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर सब्सिडी स्टेटस जांचें
    • आधार से लिंक बैंक खाते पर आने वाले SMS अलर्ट देखें
    • नजदीकी ई-मित्र केंद्र पर जाकर जानकारी प्राप्त करें

    आमतौर पर सिलेंडर रिफिल के कुछ दिनों के भीतर सब्सिडी राशि खाते में ट्रांसफर कर दी जाती है।


    गैस सब्सिडी से महिलाओं और परिवारों को क्या फायदे

    मुख्यमंत्री रसोई गैस सब्सिडी योजना से महिलाओं और परिवारों को कई स्तर पर लाभ मिल रहा है:

    • रसोई का खर्च कम हो रहा है
    • महंगे गैस सिलेंडर का बोझ परिवार पर नहीं पड़ता
    • महिलाओं को लकड़ी, उपले या अन्य पारंपरिक ईंधन पर निर्भर नहीं रहना पड़ता
    • धुएं से होने वाली बीमारियों से राहत मिलती है, जिससे स्वास्थ्य बेहतर होता है
    • स्वच्छ ईंधन के इस्तेमाल से पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलता है

    यह योजना आर्थिक राहत के साथ-साथ सामाजिक और स्वास्थ्य से जुड़े फायदों को भी सुनिश्चित करती है।


    कौन ले सकता है इस योजना का लाभ

    इस योजना का लाभ उन्हीं महिलाओं को मिलता है जो राज्य सरकार द्वारा तय पात्रता शर्तों को पूरा करती हैं। आमतौर पर इसमें शामिल हैं:

    • उज्ज्वला योजना के तहत एलपीजी कनेक्शन रखने वाली महिलाएं
    • राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) से जुड़े परिवार
    • खाद्य सुरक्षा या अन्य पात्र श्रेणियों में शामिल लाभार्थी

    जरूरी है कि गैस कनेक्शन महिला के नाम पर हो और बैंक खाता आधार से लिंक हो।


    सरकार का उद्देश्य क्या है

    राज्य सरकार के अनुसार, यह योजना केवल सब्सिडी देने तक सीमित नहीं है। इसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना, हर घर तक स्वच्छ ईंधन पहुंचाना और जीवन स्तर को बेहतर बनाना है।

    30 लाख से ज्यादा सिलेंडरों पर सब्सिडी ट्रांसफर होना इस बात का प्रमाण है कि योजना का लाभ बड़े पैमाने पर जरूरतमंद परिवारों तक पहुंच रहा है।

    कुल मिलाकर मुख्यमंत्री रसोई गैस सब्सिडी योजना राजस्थान की महिलाओं के लिए राहत, सम्मान और सुरक्षा का प्रतीक बनती जा रही है। 450 रुपए में गैस सिलेंडर मिलने से न सिर्फ रसोई का खर्च घटा है, बल्कि स्वास्थ्य, पर्यावरण और सामाजिक सशक्तिकरण को भी मजबूती मिली है। आने वाले समय में इस योजना से और ज्यादा परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद की जा रही है।

  • मुख्यमंत्री रसोई गैस सब्सिडी योजना: 450 रुपये में सिलेंडर, 75.68 करोड़ DBT ट्रांसफर

    मुख्यमंत्री रसोई गैस सब्सिडी योजना: 450 रुपये में सिलेंडर, 75.68 करोड़ DBT ट्रांसफर

    मुख्यमंत्री रसोई गैस सब्सिडी योजना: 75.68 करोड़ की DBT, महिलाओं को 450 रुपये में एलपीजी सिलेंडर

    मुख्यमंत्री रसोई गैस सब्सिडी योजना: 450 रुपये में सिलेंडर, 75.68 करोड़ DBT ट्रांसफर


    महंगाई के लगातार बढ़ते दबाव के बीच राजस्थान सरकार ने राज्य की महिलाओं और जरूरतमंद परिवारों को बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री रसोई गैस सब्सिडी योजना के तहत सरकार ने एक बार फिर करोड़ों रुपये की सब्सिडी सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर की है। इस ताजा भुगतान में करीब 30.10 लाख गैस सिलेंडरों पर 75.68 करोड़ रुपये की राशि DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से भेजी गई है।

    मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में चलाई जा रही इस योजना का सबसे बड़ा फायदा यह है कि पात्र महिलाओं को एलपीजी गैस सिलेंडर मात्र 450 रुपये में उपलब्ध कराया जा रहा है, जबकि बाजार में इसकी कीमत लगभग दोगुनी है।


    क्या है मुख्यमंत्री रसोई गैस सब्सिडी योजना

    राजस्थान सरकार की यह महत्वाकांक्षी योजना गरीब, मध्यम वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सस्ती रसोई गैस उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई है। योजना का फोकस खासतौर पर महिलाओं पर है, ताकि रसोई से जुड़ा खर्च कम हो और उन्हें आर्थिक राहत मिल सके।

    इस योजना के तहत लाभार्थी महिला को पहले बाजार दर पर एलपीजी सिलेंडर रिफिल कराना होता है। इसके बाद सरकार द्वारा तय की गई सब्सिडी राशि सीधे महिला के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाती है। यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है और किसी बिचौलिए की जरूरत नहीं पड़ती।


    450 रुपये में गैस सिलेंडर कैसे मिलता है

    वर्तमान समय में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 900 से 950 रुपये के बीच है। यह कीमत जिले, गैस एजेंसी और डिलीवरी चार्ज के अनुसार थोड़ी कम-ज्यादा हो सकती है।

    मुख्यमंत्री रसोई गैस सब्सिडी योजना के तहत सरकार सिलेंडर की वास्तविक कीमत और 450 रुपये के बीच का अंतर सब्सिडी के रूप में देती है।
    उदाहरण के तौर पर:

    • यदि सिलेंडर की कीमत 950 रुपये है
    • लाभार्थी महिला 450 रुपये का भुगतान करती है
    • शेष लगभग 500 रुपये सरकार सब्सिडी के रूप में खाते में भेज देती है

    इस तरह अंत में सिलेंडर की प्रभावी लागत केवल 450 रुपये रह जाती है।


    सिलेंडर रिफिल की पूरी प्रक्रिया क्या है

    लाभार्थी महिला को इंडेन, भारत गैस या एचपी गैस एजेंसी से सिलेंडर रिफिल कराना होता है।
    रिफिल की कुल राशि आमतौर पर 900 रुपये से अधिक होती है। रिफिल के कुछ दिनों के भीतर सरकार द्वारा तय सब्सिडी राशि DBT के जरिए बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाती है।

    सरकार का प्रयास है कि सब्सिडी समय पर पहुंचे ताकि महिलाओं को आर्थिक परेशानी न हो।


    गैस सब्सिडी स्टेटस कैसे चेक करें

    अगर आप जानना चाहते हैं कि रसोई गैस सब्सिडी आपके खाते में आई या नहीं, तो इसके लिए कई आसान तरीके उपलब्ध हैं:

    • बैंक पासबुक या मोबाइल बैंकिंग ऐप में DBT एंट्री देखें
    • एलपीजी कंपनियों की आधिकारिक वेबसाइट (Indane, Bharat Gas, HP Gas) पर जाकर सब्सिडी स्टेटस चेक करें
    • आधार से लिंक बैंक खाते में आए SMS अलर्ट देखें
    • नजदीकी ई-मित्र केंद्र पर जाकर जानकारी प्राप्त करें

    आमतौर पर सिलेंडर रिफिल के कुछ ही दिनों के भीतर सब्सिडी ट्रांसफर कर दी जाती है।


    इस योजना से महिलाओं को क्या फायदे मिल रहे हैं

    मुख्यमंत्री रसोई गैस सब्सिडी योजना से महिलाओं और परिवारों को कई स्तरों पर लाभ हो रहा है:

    • रसोई का मासिक खर्च कम हो रहा है
    • महंगे सिलेंडर का बोझ परिवारों पर नहीं पड़ता
    • महिलाओं को लकड़ी या कंडे जैसे पारंपरिक ईंधन से राहत मिलती है
    • स्वच्छ ईंधन से स्वास्थ्य में सुधार होता है
    • धुएं से होने वाली बीमारियों का खतरा कम होता है
    • पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलता है

    कौन ले सकता है योजना का लाभ

    इस योजना का लाभ उन्हीं महिलाओं को मिलता है:

    • जिनके नाम से उज्ज्वला योजना का एलपीजी कनेक्शन है
    • या जो राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के अंतर्गत आती हैं
    • जिनका बैंक खाता आधार से लिंक है
    • जो राज्य सरकार की तय पात्रता शर्तों को पूरा करती हैं

    सरकार समय-समय पर पात्रता सूची को अपडेट करती रहती है ताकि सही लाभार्थियों तक योजना पहुंचे।


    सरकार का उद्देश्य क्या है

    राज्य सरकार का कहना है कि यह योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य महिलाओं को सशक्त बनाना, हर घर तक स्वच्छ ईंधन पहुंचाना और जीवन स्तर को बेहतर करना है।

    30 लाख से अधिक सिलेंडरों पर सब्सिडी ट्रांसफर होना इस बात का संकेत है कि योजना का लाभ बड़े पैमाने पर लोगों तक पहुंच रहा है। कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री रसोई गैस सब्सिडी योजना राजस्थान की महिलाओं के लिए राहत, सम्मान और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक मजबूत कदम साबित हो रही है।

  • PM Awas Yojana Urban 2.0: यूपी के 2 लाख से ज्यादा लोगों को पहली किस्त, 2094 करोड़ जारी

    PM Awas Yojana Urban 2.0: यूपी के 2 लाख से ज्यादा लोगों को पहली किस्त, 2094 करोड़ जारी

    पीएम आवास योजना (शहरी) 2.0: उत्तर प्रदेश के 2 लाख से अधिक परिवारों को पहली किस्त, 2094 करोड़ रुपए सीधे खातों में

    PM Awas Yojana Urban 2.0: यूपी के 2 लाख से ज्यादा लोगों को पहली किस्त, 2094 करोड़ जारी


    प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में रहने वाले गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए बड़ी राहत की घोषणा की गई है। इस योजना के तहत राज्य के 2 लाख 9 हजार से अधिक लाभार्थियों के बैंक खातों में 2094 करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि सीधे डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से भेजी गई है। यह राशि योजना की पहली किस्त के रूप में जारी की गई है, जिससे लाखों परिवारों के अपने पक्के घर का सपना साकार होने की दिशा में एक और कदम बढ़ा है।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया राशि अंतरण

    लखनऊ में आयोजित एक राज्य स्तरीय कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के अंतर्गत पहली किस्त जारी की। कार्यक्रम में उन्होंने न सिर्फ बटन दबाकर राशि ट्रांसफर की, बल्कि प्रदेशभर के लाभार्थियों से वर्चुअल संवाद भी किया। इस अवसर पर कई जिलों के लाभार्थियों ने अपने अनुभव साझा किए और योजना के प्रति आभार जताया।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य केवल घर उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि शहरी गरीबों को सम्मानजनक, सुरक्षित और स्थायी आवास देना है, ताकि वे आत्मनिर्भर जीवन जी सकें।

    10 लाभार्थियों को मिले स्वीकृति पत्र

    कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत 10 लाभार्थियों को आवास स्वीकृति पत्र भी सौंपे। इसके साथ ही वाराणसी, अयोध्या, अलीगढ़, गोरखपुर, लखीमपुर खीरी, चित्रकूट सहित कई जिलों के लाभार्थियों से संवाद कर यह जाना कि आवास मिलने से उनके जीवन में क्या बदलाव आए हैं।

    इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने भी वर्चुअल माध्यम से सहभागिता की और लाभार्थियों को शुभकामनाएं दीं।

    इन जिलों में सबसे ज्यादा लाभार्थियों को मिली पहली किस्त

    प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के अंतर्गत प्रदेश के लगभग सभी जिलों के लाभार्थी शामिल हैं। गाजियाबाद, बरेली, लखनऊ, गोरखपुर, प्रतापगढ़, कुशीनगर, अयोध्या और बिजनौर जैसे जिलों में बड़ी संख्या में परिवारों को पहली किस्त का लाभ मिला है।

    विशेष रूप से गाजियाबाद और लखनऊ जैसे शहरी जिलों में हजारों लाभार्थियों के खातों में एक साथ राशि पहुंचने से निर्माण कार्य में तेजी आने की उम्मीद है।

    अगली किस्त कब और कितनी मिलेगी?

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने योजना की किस्तों की पूरी जानकारी भी साझा की। उन्होंने बताया कि:

    • पहली किस्त: 1 लाख रुपए (जारी)
    • दूसरी किस्त: निर्माण कार्य के 75 प्रतिशत पूरा होने पर 1 लाख रुपए
    • अंतिम किस्त: आवास निर्माण पूर्ण होने पर 50 हजार रुपए

    इस प्रकार प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत प्रत्येक लाभार्थी को कुल 2.50 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी।

    2017 से अब तक लाखों को मिला पक्का घर

    मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि वर्ष 2017 से 2025 के बीच उत्तर प्रदेश में 17.66 लाख शहरी परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराया जा चुका है। पहली किस्त जारी होने के बाद यह संख्या बढ़कर लगभग 19.75 लाख तक पहुंच गई है।

    यदि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों को मिलाकर देखा जाए, तो प्रदेश में अब तक 60 लाख से अधिक परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिल चुका है, जो अब बढ़कर 62 लाख से ज्यादा हो गया है।

    आवास के साथ मिल रहीं ये जरूरी सुविधाएं

    प्रधानमंत्री आवास योजना सिर्फ घर तक सीमित नहीं है। मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार यह भी सुनिश्चित कर रही है कि हर लाभार्थी परिवार को:

    • शौचालय सुविधा
    • बिजली कनेक्शन
    • उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन
    • आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत स्वास्थ्य कार्ड

    जैसी बुनियादी सुविधाएं भी मिलें, ताकि परिवारों का जीवन स्तर बेहतर हो सके।

    प्रेरणादायक कहानियां: आवास से बदली जिंदगी

    कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कुछ प्रेरणादायक उदाहरण भी साझा किए। अयोध्या के एक अनुसूचित जाति परिवार ने आवास मिलने के बाद अपनी बचत से ई-रिक्शा खरीदा और अब नियमित आय अर्जित कर रहा है। वहीं सोनभद्र के एक परिवार ने योजना का लाभ मिलने के बाद भैंस खरीदकर दूध व्यवसाय शुरू किया, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई।

    फर्रुखाबाद में 3236 लाभार्थियों को मिला लाभ

    फर्रुखाबाद जिले के कलेक्ट्रेट सभागार फतेहगढ़ में आयोजित कार्यक्रम में 3236 लाभार्थियों को पहली किस्त के प्रमाण पत्र वितरित किए गए। इसमें फर्रुखाबाद, कायमगंज, कमालगंज, नवाबगंज और शमशाबाद क्षेत्र के लाभार्थी शामिल रहे। उल्लेखनीय है कि जिले में पहले चरण में ही 11,514 परिवारों को पक्का आवास मिल चुका है।

    प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 उत्तर प्रदेश के शहरी गरीबों और मध्यम वर्ग के लिए सिर्फ एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि सुरक्षित भविष्य की नींव साबित हो रही है। पहली किस्त जारी होने के साथ ही लाखों परिवारों के सपनों को नई उड़ान मिली है और आने वाले समय में यह योजना राज्य में आवासीय विकास की तस्वीर बदलने में अहम भूमिका निभाएगी।

    मैंने दिए गए कंटेंट को आधार बनाकर पूरी तरह नया, कॉपीराइट-सेफ और हाई-क्वालिटी हिंदी न्यूज़ आर्टिकल (~800 शब्द) कैनवास में तैयार कर दिया है।

  • VST ने लॉन्च की नई FENTM कॉम्पैक्ट ट्रैक्टर सीरीज, 19–30 HP में कम डीजल में ज्यादा पावर

    VST ने लॉन्च की नई FENTM कॉम्पैक्ट ट्रैक्टर सीरीज, 19–30 HP में कम डीजल में ज्यादा पावर

    19 से 30 HP रेंज में VST की नई FENTM कॉम्पैक्ट ट्रैक्टर सीरीज लॉन्च, कम डीजल में ज्यादा पावर का दावा

    VST ने लॉन्च की नई FENTM कॉम्पैक्ट ट्रैक्टर सीरीज, 19–30 HP में कम डीजल में ज्यादा पावर


    भारत में कॉम्पैक्ट ट्रैक्टर सेगमेंट तेजी से बढ़ रहा है और इसी कड़ी में VST Tillers Tractors Limited ने किसानों के लिए एक नई और आधुनिक ट्रैक्टर सीरीज पेश की है। कंपनी ने FENTM Compact Tractor Series को आधिकारिक रूप से लॉन्च कर दिया है, जिसकी शुरुआत गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र से की गई है। यह सीरीज खास तौर पर छोटे और मध्यम किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है, जहां कम ईंधन खर्च, ज्यादा ताकत और आसान संचालन को प्राथमिकता दी गई है।

    VST पहले से ही भारत में पावर टिलर और कॉम्पैक्ट कृषि मशीनों के लिए एक भरोसेमंद नाम है। अब FENTM सीरीज के जरिए कंपनी ने कॉम्पैक्ट ट्रैक्टर बाजार में अपनी पकड़ और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।


    FENTM सीरीज में लॉन्च हुए 5 नए ट्रैक्टर मॉडल

    VST की नई FENTM ट्रैक्टर सीरीज में कुल पांच अलग-अलग मॉडल पेश किए गए हैं, जो विभिन्न कृषि जरूरतों को पूरा करते हैं। इन मॉडलों में शामिल हैं:

    • 180 FENTM
    • 224 FENTM
    • 225 FENTM
    • 929 FENTM EX
    • 929 FENTM VX

    ये सभी ट्रैक्टर 19 HP से 30 HP की पावर रेंज में उपलब्ध हैं। खास बात यह है कि किसानों को इनमें 2WD और 4WD दोनों विकल्प मिलते हैं, जिससे वे अपनी जमीन की बनावट, मिट्टी के प्रकार और खेती के काम के अनुसार सही मॉडल चुन सकते हैं।

    👉 Low HP Tractor, Compact Tractor India और Fuel Efficient Tractor जैसे कीवर्ड्स के लिहाज से यह सीरीज काफी अहम मानी जा रही है।


    कॉम्पैक्ट खेती के लिए खास डिजाइन और मजबूत बनावट

    FENTM ट्रैक्टरों को विशेष रूप से कॉम्पैक्ट फार्मिंग और स्पेशल क्रॉप्स के लिए डिजाइन किया गया है। इनका छोटा आकार और बेहतर टर्निंग रेडियस इन्हें संकीर्ण खेतों, बागानों और कतार वाली फसलों के लिए बेहद उपयोगी बनाता है।

    ये ट्रैक्टर खासतौर पर इन कार्यों में मददगार हैं:

    • बागवानी और फल-फूल की खेती
    • सब्जी उत्पादन
    • इंटरकल्टीवेशन
    • संकरी मेड़ों और सीमित जगहों में काम

    कंपनी का दावा है कि FENTM सीरीज में पावर, कंट्रोल और माइलेज का संतुलन बेहतरीन तरीके से रखा गया है, जिससे किसान कम समय और कम लागत में ज्यादा काम कर सकते हैं।


    कम डीजल में ज्यादा ताकत: FENTM तकनीक की खासियत

    FENTM का पूरा नाम है Fuel Efficient and Torque Max, यानी कम ईंधन में अधिक टॉर्क और बेहतर परफॉर्मेंस। इस सीरीज में Load Sensing Technology दी गई है, जो ट्रैक्टर पर पड़ने वाले काम के भार को पहचानने में सक्षम है।

    • हल्का काम होने पर इंजन कम फ्यूल की खपत करता है
    • भारी काम के दौरान इंजन जरूरत के अनुसार ज्यादा ताकत देता है

    इस तकनीक से डीजल की बचत, इंजन पर कम दबाव और लंबे समय तक बेहतर प्रदर्शन मिलता है। यही वजह है कि यह सीरीज Mileage Tractor की कैटेगरी में काफी चर्चा में है।


    कंपनी का उद्देश्य: किसानों के लिए भरोसेमंद समाधान

    VST Tillers Tractors Limited के CEO एंटनी चेरुकारा ने लॉन्च के दौरान कहा कि कंपनी का लक्ष्य ऐसे ट्रैक्टर तैयार करना है जो शक्तिशाली होने के साथ-साथ चलाने में आसान हों। उन्होंने बताया कि FENTM सीरीज को इस तरह डिजाइन किया गया है कि किसान कम ईंधन में अधिक काम कर सकें और लंबे समय तक इन पर भरोसा कर सकें।

    उनके अनुसार, यह सीरीज उन किसानों के लिए फायदेमंद है जो कम HP में ज्यादा आउटपुट चाहते हैं और जिनके खेतों का आकार छोटा या मध्यम है।


    गुजरात की प्रमुख फसलों के लिए उपयुक्त ट्रैक्टर

    VST की FENTM कॉम्पैक्ट ट्रैक्टर सीरीज को खास तौर पर गुजरात की कृषि परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए उतारा गया है। कंपनी के अनुसार, ये ट्रैक्टर इन फसलों के लिए उपयुक्त हैं:

    • अनार
    • आम
    • बाजरा
    • कपास
    • मूंगफली
    • अरंडी
    • मक्का
    • गन्ना
    • विभिन्न सब्जियां

    गुजरात में इन फसलों की खेती बड़े पैमाने पर होती है और कॉम्पैक्ट ट्रैक्टरों की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में FENTM सीरीज को Best Tractor for Orchard Farming और Small Farmer Tractor के रूप में देखा जा रहा है।


    कॉम्पैक्ट ट्रैक्टर सेगमेंट में VST की मजबूत एंट्री

    गुजरात से शुरुआत करना VST की एक रणनीतिक चाल मानी जा रही है। सौराष्ट्र जैसे क्षेत्रों में बागवानी और नकदी फसलों का चलन अधिक है, जहां छोटे, मजबूत और फ्यूल एफिशिएंट ट्रैक्टरों की जरूरत होती है।

    FENTM सीरीज के लॉन्च के साथ ही VST ने साफ संकेत दे दिया है कि कंपनी आने वाले समय में कॉम्पैक्ट ट्रैक्टर मार्केट में अपनी हिस्सेदारी तेजी से बढ़ाने की तैयारी में है।


    निष्कर्ष

    VST की नई FENTM ट्रैक्टर सीरीज उन किसानों के लिए एक मजबूत विकल्प बनकर सामने आई है, जो कम HP में ज्यादा पावर, बेहतर माइलेज और आसान संचालन चाहते हैं। आधुनिक तकनीक, कॉम्पैक्ट डिजाइन और फसल-अनुकूल फीचर्स के साथ यह सीरीज भारतीय किसानों की बदलती जरूरतों के अनुरूप नजर आती है।

  • Republic Day 2026 पर Mahindra ने तिरंगे रंगों में Limited-Edition ट्रैक्टर लॉन्च

    Republic Day 2026 पर Mahindra ने तिरंगे रंगों में Limited-Edition ट्रैक्टर लॉन्च

    गणतंत्र दिवस पर महिंद्रा ट्रैक्टर्स का खास तोहफा, लॉन्च हुए तिरंगे रंगों में लिमिटेड-एडिशन ट्रैक्टर

    Republic Day 2026 पर Mahindra ने तिरंगे रंगों में Limited-Edition ट्रैक्टर लॉन्च


    भारत के किसानों के लिए गणतंत्र दिवस 2026 और भी खास बन गया है। देश की अग्रणी ट्रैक्टर निर्माता कंपनी Mahindra Tractors ने इस राष्ट्रीय पर्व पर तिरंगे से प्रेरित लिमिटेड-एडिशन ट्रैक्टर्स लॉन्च करने की घोषणा की है। यह खास सीरीज़ भारतीय किसानों के सम्मान, देशभक्ति और आधुनिक कृषि तकनीक का प्रतीक मानी जा रही है।

    महिंद्रा ग्रुप की ओर से पेश किए गए ये ट्रैक्टर न सिर्फ दमदार परफॉर्मेंस के लिए जाने जाएंगे, बल्कि इनका यूनिक ट्राइकलर डिजाइन इन्हें आम ट्रैक्टर्स से अलग पहचान देगा।


     Mahindra Yuvo Tech+ 585 DI 4WD पर आधारित लिमिटेड-एडिशन मॉडल

    महिंद्रा की यह नई पेशकश Mahindra Yuvo Tech+ 585 DI 4WD पर आधारित है, जो पहले से ही भारत के लोकप्रिय नेक्स्ट-जेनरेशन ट्रैक्टर्स में शामिल है। अब इसे लिमिटेड-एडिशन अवतार में उतारा गया है, जिससे किसानों को तकनीक के साथ-साथ खास एक्सक्लूसिव फील भी मिलेगा।

    👉 यह ट्रैक्टर सीमित संख्या (Limited Quantity) में उपलब्ध होगा, जिससे इसकी वैल्यू और भी खास हो जाती है।


     तीन तिरंगा प्रेरित रंगों में मिलेगा ट्रैक्टर

    इस लिमिटेड-एडिशन सीरीज़ को तीन विशेष रंगों में पेश किया गया है, जो सीधे भारत के राष्ट्रीय ध्वज से प्रेरित हैं:

    • मेटैलिक ऑरेंज (Metallic Orange)
    • एवरेस्ट व्हाइट (Everest White)
    • मेटैलिक ग्रीन (Metallic Green)

    🔰 खास बात यह है कि मेटैलिक ग्रीन वेरिएंट के साथ कंपनी की ओर से एक्सक्लूसिव लिमिटेड-एडिशन एक्सेसरीज़ भी दी जाएंगी, जिनमें रस्सी (Rope), जेरिकैन और महिंद्रा फ्लैग शामिल हैं।


     महिंद्रा ट्रैक्टर्स के वरिष्ठ अधिकारी का बयान

    महिंद्रा ट्रैक्टर्स के वाइस प्रेसिडेंट और हेड – मार्केटिंग एवं नेशनल बिजनेस ऑपरेशंस, परीक्षित घोष ने इस मौके पर कहा कि:

    “जब उद्देश्य और गर्व एक साथ आते हैं, तब कुछ असाधारण बनता है। इस गणतंत्र दिवस पर हमें अपने किसानों के लिए लिमिटेड-एडिशन Mahindra Yuvo Tech+ ट्रैक्टर पेश करते हुए गर्व महसूस हो रहा है। यह ट्रैक्टर न सिर्फ आधुनिक तकनीक से लैस है, बल्कि तिरंगे के रंगों में देश की प्रगति और किसानों की भूमिका को भी दर्शाता है।”

    उन्होंने यह भी बताया कि ये ट्रैक्टर 26 जनवरी 2026 से देशभर के चुनिंदा महिंद्रा ट्रैक्टर डीलरशिप्स पर उपलब्ध होंगे।


    दमदार इंजन और शानदार परफॉर्मेंस

    Mahindra Yuvo Tech+ 585 DI लिमिटेड-एडिशन को खासतौर पर भारी कृषि कार्यों के लिए डिजाइन किया गया है। इसमें मिलता है:

    • 🔹 4-सिलेंडर पावरफुल इंजन
    • 🔹 33.9 kW (45.4 HP) PTO पावर
    • 🔹 215 Nm पीक टॉर्क
    • 🔹 18% बैक-अप टॉर्क, जिससे कठिन मिट्टी और भारी काम भी आसानी से किए जा सकें

    यह ट्रैक्टर खेती के हर चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन में किसानों का भरोसेमंद साथी साबित होता है।


     2000 किलोग्राम लिफ्टिंग क्षमता और एडवांस फीचर्स

    इस लिमिटेड-एडिशन ट्रैक्टर की हाइड्रोलिक लिफ्ट क्षमता 2000 किलोग्राम है, जिससे भारी कृषि उपकरणों का इस्तेमाल बेहद आसान हो जाता है।

    इसके प्रमुख फीचर्स में शामिल हैं:

    • ✔️ ड्यूल क्लच सिस्टम
    • ✔️ MSPTO (Multi Speed PTO)
    • ✔️ ऑक्सिलरी वाल्व
    • ✔️ 12 फॉरवर्ड + 3 रिवर्स गियर, बेहतर कंट्रोल के लिए

    ये सभी फीचर्स इसे मल्टी-परपज़ और हाई-परफॉर्मेंस ट्रैक्टर बनाते हैं।


    किसानों की सुविधा के लिए आरामदायक डिजाइन

    लंबे समय तक खेतों में काम करने वाले किसानों को ध्यान में रखते हुए इसमें पावर स्टीयरिंग दी गई है, जिससे थकान कम होती है।

    टायर साइज भी इसे हर तरह के खेत के लिए उपयुक्त बनाता है:

    • 🔹 फ्रंट टायर: 9.5 x 20 इंच
    • 🔹 रियर टायर: 14.9 x 28 इंच

    यह सेटअप सूखे और गीले दोनों खेतों में बेहतर ग्रिप और स्थिरता प्रदान करता है।


     देशभक्ति और तकनीक का अनोखा संगम

    Mahindra Tractors की यह पहल न सिर्फ एक प्रोडक्ट लॉन्च है, बल्कि भारतीय किसानों के सम्मान और देशभक्ति का प्रतीक भी है। तिरंगे के रंगों में सजा यह लिमिटेड-एडिशन ट्रैक्टर उन किसानों को समर्पित है, जो देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाते हैं