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Sugarcane Supply: यूपी में गन्ना किसानों को बड़ी राहत, पर्ची डिग्रेड कर खरीद करने वाली चीनी मिलों पर कसेगा शिकंजा, शिकायत के लिए जारी हुआ टोल फ्री नंबर

Sugarcane Supply

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Sugarcane Supply: उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों के साथ चीनी मिलों द्वारा की जा रही एक बड़ी धांधली पर अब राज्य सरकार ने सख्त कदम उठाया है। गन्ना आयुक्त कार्यालय को लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ चीनी मिलें किसानों को जारी की गई गन्ना आपूर्ति पर्ची पर दर्ज प्रजाति को किसान की जानकारी और सहमति के बिना डिग्रेड यानी निम्न श्रेणी की प्रजाति में बदलकर गन्ने की तौल कर रही हैं। इस गड़बड़ी की वजह से किसानों को उनकी उपज की उचित कीमत नहीं मिल पाती थी और वे आर्थिक नुकसान उठाने पर मजबूर होते थे। अब प्रदेश की गन्ना (Sugarcane Supply) और चीनी मिल उद्योग कमिश्नर मिनिस्ती एस ने इस पर सख्त रोक लगाते हुए स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि किसान की लिखित सहमति के बिना किसी भी हालत में गन्ने की प्रजाति को डिग्रेड नहीं किया जाएगा। नियम तोड़ने वाली मिलों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

Sugarcane Supply: क्या है पर्ची डिग्रेड करने की समस्या?

उत्तर प्रदेश में गन्ना किसानों को चीनी मिल की तरफ से एक आपूर्ति पर्ची जारी की जाती है जिस पर किसान की गन्ने की प्रजाति दर्ज होती है। गन्ने की अलग-अलग प्रजातियों की कीमत और गुणवत्ता अलग होती है। कुछ प्रजातियां उच्च श्रेणी की मानी जाती हैं और उनके लिए किसान को अधिक मूल्य मिलता है जबकि निम्न श्रेणी यानी डिग्रेड प्रजातियों के लिए कम मूल्य निर्धारित होता है। शिकायतों में सामने आया है कि कुछ चीनी मिलें किसान द्वारा लाई गई उच्च श्रेणी की गन्ना प्रजाति को बिना उसकी जानकारी और अनुमति के निम्न श्रेणी में बदल देती हैं। इस तरह किसान को उसकी उपज की सही कीमत नहीं मिलती और मिल को अनुचित लाभ होता है। यह सीधे तौर पर किसानों के साथ धोखाधड़ी है।

Sugarcane Supply: गन्ना आयुक्त ने जारी किए सख्त निर्देश

प्रदेश की गन्ना (Sugarcane Supply) और चीनी मिल उद्योग कमिश्नर मिनिस्ती एस ने इस मामले में अत्यंत स्पष्ट और कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि अब से किसान की लिखित सहमति लिए बिना किसी भी परिस्थिति में गन्ना पर्ची डिग्रेड कर तौल नहीं की जाएगी। इसके साथ ही यह भी कहा गया है कि चीनी मिलें किसान द्वारा आपूर्ति के लिए लाए गए गन्ने को किसी भी कारण से वापस नहीं करेंगी। अगर प्रजाति परिवर्तन की जरूरत हो तो मिल को पहले किसान को इसकी संपूर्ण जानकारी देनी होगी और उसकी लिखित सहमति प्राप्त करने के बाद ही तौल की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

Sugarcane Supply: जिला एवं परिक्षेत्रीय अधिकारियों को भी मिले निर्देश

गन्ना आयुक्त ने केवल चीनी मिलों (Sugarcane Supply) को ही नहीं बल्कि जिला और परिक्षेत्रीय अधिकारियों को भी स्पष्ट निर्देश दिए हैं। इन अधिकारियों को कहा गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र में डिग्रेड कर गन्ना तौल करने के मामलों की जांच कराकर यह सुनिश्चित करें कि ऐसी कोई धांधली न हो। गन्ना विभाग की निगरानी अब और अधिक तेज कर दी गई है और पर्ची डिग्रेड करने के मामलों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

Sugarcane Supply: किसानों को मिला टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर

गन्ना विभाग ने किसानों की शिकायतें दर्ज करने के लिए एक टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800 121 3203 जारी किया है। यदि किसी किसान को गन्ना आपूर्ति के दौरान प्रजाति को डिग्रेड किए जाने की समस्या का सामना करना पड़े या मिल की तरफ से किसी प्रकार का दबाव डाला जाए तो वह इस नंबर पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है। यह नंबर पूरी तरह निःशुल्क है और विभाग का आश्वासन है कि शिकायत मिलने पर संबंधित चीनी मिल के खिलाफ तत्काल जांच और कठोर कार्रवाई की जाएगी।

Sugarcane Supply: जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा

गन्ना विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि भविष्य में किसानों को इस तरह की समस्याओं से बचाने के लिए विभाग प्रजाति परिवर्तन के बारे में जागरूकता फैलाने का काम भी करेगा। किसानों को उच्च श्रेणी की गन्ना प्रजातियों के बारे में जानकारी देकर उन्हें बेहतर किस्मों की खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा ताकि वे स्वयं अपने अधिकारों के प्रति सजग रहें और किसी भी धांधली का शिकार न बनें।

उत्तर प्रदेश में गन्ना किसानों की संख्या लाखों में है और चीनी उद्योग राज्य की अर्थव्यवस्था की एक महत्वपूर्ण धुरी है। ऐसे में गन्ना आयुक्त का यह कदम किसानों के हित में एक सराहनीय पहल है जो उन्हें उनकी मेहनत का उचित मूल्य दिलाने में मददगार साबित होगी।

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