Wheat Procurement: मध्य प्रदेश के किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर आई है। रबी सीजन 2026-27 के लिए गेहूं की सरकारी खरीदी की तारीखों का ऐलान हो गया है। खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने मंगलवार को विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश के चार प्रमुख डिवीजन इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम में 1 अप्रैल 2026 से ही गेहूं खरीदी की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। यह तारीख इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इन क्षेत्रों में गेहूं की कटाई पहले शुरू हो जाती है और फसल जल्दी तैयार हो जाती है। मौसम की अनुकूल परिस्थितियों के कारण इन इलाकों में गेहूं मार्च के अंत तक पक जाता है। वहीं प्रदेश के अन्य सभी डिवीजनों में 7 अप्रैल 2026 से खरीदी की प्रक्रिया शुरू होगी। यह व्यवस्था इसलिए की गई है ताकि सभी क्षेत्रों में फसल की परिपक्वता के अनुसार खरीदी हो सके। किसानों को सुविधा देते हुए सरकार ने खरीदी का समय सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक रखा है। यानी किसान पूरे 12 घंटे में किसी भी समय अपनी फसल खरीदी केंद्रों पर ले जा सकते हैं। यह व्यवस्था केवल सरकारी कामकाज के दिनों में लागू होगी। रविवार और अन्य सरकारी छुट्टियों को छोड़कर सभी दिन खरीदी केंद्र खुले रहेंगे।
Wheat Procurement: 19 लाख से अधिक किसानों ने कराया रजिस्ट्रेशन
मध्य प्रदेश में गेहूं खरीदी के लिए किसानों का पंजीयन यानी रजिस्ट्रेशन 7 फरवरी 2026 से शुरू हुआ था जो शुरुआत में 7 मार्च तक था। बाद में किसानों की मांग और सुविधा को देखते हुए इसे बढ़ाकर 10 मार्च 2026 कर दिया गया। इस पूरी अवधि में कुल 19 लाख 4 हजार 651 किसानों ने अपना पंजीयन कराया है। यह संख्या पिछले वर्ष 2025 के 15 लाख 44 हजार किसानों की तुलना में काफी अधिक और उत्साहवर्धक है। लगभग 3.60 लाख अधिक किसानों ने इस बार रजिस्ट्रेशन कराया है जो 23 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। यह बढ़ोतरी कई कारणों से हुई है। निजी बाजार या मंडी में गेहूं के गिरते दामों के बीच बड़ी संख्या में किसान सरकारी एमएसपी यानी न्यूनतम समर्थन मूल्य की ओर झुकाव दिखा रहे हैं। निजी व्यापारी कई बार 2000 से 2200 रुपये प्रति क्विंटल भी दे रहे हैं जबकि सरकार 2625 रुपये दे रही है। यही वजह है कि खरीदी प्रक्रिया में किसानों की भागीदारी इस साल काफी बढ़ी है। किसान अब सरकारी खरीदी को अधिक सुरक्षित और लाभदायक मानते हैं।
Wheat Procurement: इन जिलों में सबसे ज्यादा रजिस्ट्रेशन हुए
जिलेवार आंकड़ों पर नजर डालें तो उज्जैन जिले में सबसे अधिक 1 लाख 23 हजार 281 किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। यह प्रदेश का सबसे बड़ा गेहूं उत्पादक जिला है। दूसरे नंबर पर सीहोर जिला है जहां 1 लाख 1 हजार 793 किसानों ने पंजीयन कराया। तीसरे स्थान पर राजगढ़ जिला है जहां 98 हजार 537 किसान रजिस्टर हुए। चौथे नंबर पर विदिशा जिला है जहां 86 हजार 479 किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया। पांचवें स्थान पर देवास जिला है जहां 76 हजार 442 किसानों ने पंजीयन कराया। इसके अलावा रायसेन में 76 हजार 264, सागर में 75 हजार 791, शाजापुर में 73 हजार 878, नर्मदापुरम में 71 हजार 831, इंदौर में 71 हजार 713 किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया। वहीं मंदसौर में 65 हजार 195, सिवनी में 53 हजार 288, कटनी में 52 हजार 126, जबलपुर में 49 हजार 642, रीवा में 46 हजार 923, रतलाम में 45 हजार 912, धार में 44 हजार 466, आगर मालवा में 42 हजार 446 और हरदा में 40 हजार 273 किसानों ने पंजीयन कराया है। ये सभी जिले मध्य प्रदेश के प्रमुख गेहूं उत्पादक क्षेत्र हैं।
Wheat Procurement: 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस से किसानों को फायदा
केंद्र सरकार ने रबी सीजन 2026-27 के लिए गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है। लेकिन मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों को प्रोत्साहित करने और उनकी आय बढ़ाने के लिए इस पर 40 रुपये प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस देने का निर्णय लिया है। इस बोनस के साथ मध्य प्रदेश में गेहूं की कुल खरीदी दर 2625 रुपये प्रति क्विंटल हो गई है। यह देश में सबसे अच्छी दर है। अगर कोई किसान 100 क्विंटल गेहूं बेचता है तो उसे बोनस के रूप में 4000 रुपये अतिरिक्त मिलेंगे। अगर 500 क्विंटल बेचता है तो 20000 रुपये का अतिरिक्त लाभ होगा। बड़े किसानों के लिए यह राशि और भी अधिक होगी। यह बोनस सीधे किसानों के बैंक खाते में ट्रांसफर किया जाएगा। पिछले साल भी मध्य प्रदेश सरकार ने बोनस दिया था जो किसानों के लिए बहुत फायदेमंद साबित हुआ था।
Wheat Procurement: खरीदी केंद्रों पर बेहतर व्यवस्था के निर्देश
राज्य सरकार ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि तय समय पर खरीदी शुरू होने और बोनस दिए जाने से किसानों को बड़ी राहत मिलेगी। गेहूं उपार्जन यानी खरीदी की प्रक्रिया सुचारू रूप से और बिना किसी रुकावट के पूरी हो सकेगी। साथ ही प्रशासन को भी सख्त निर्देश दिए गए हैं कि खरीदी केंद्रों पर सभी व्यवस्थाएं बेहतर और किसान अनुकूल रखी जाएं। पीने के पानी, शेड यानी छाया, बैठने की जगह और तौल की मशीनों की समुचित व्यवस्था होनी चाहिए। किसानों को किसी भी तरह की परेशानी न हो इसका विशेष ध्यान रखा जाएगा। भुगतान की प्रक्रिया तेज और पारदर्शी रहेगी। पिछली बार कुछ जगहों पर भुगतान में देरी की शिकायतें आई थीं। इस बार ऐसा न हो इसके लिए विशेष निगरानी रखी जाएगी। गेहूं की क्वालिटी जांच के मानक भी स्पष्ट किए गए हैं ताकि अच्छी फसल लाने वाले किसानों को कोई दिक्कत न हो।
Wheat Procurement: जिलेवार रजिस्ट्रेशन का पूरा डेटा
प्रदेश के सभी 55 जिलों में किसानों ने बड़े उत्साह से रजिस्ट्रेशन कराया है। इंदौर में 71713, झाबुआ में 7120, धार में 44466, अलीराजपुर में केवल 476, खंडवा में 35104, बुरहानपुर में 523, बड़वानी में 4724, खरगोन में 27557, शाजापुर में 73878, नीमच में 19445, उज्जैन में 123281, आगर मालवा में 42446, मंदसौर में 65195, देवास में 76442 और रतलाम में 45912 किसानों ने पंजीयन कराया। ग्वालियर संभाग में अशोक नगर में 16454, दतिया में 19118, शिवपुरी में 21312, ग्वालियर में 13763, गुना में 22914, भिंड में 12788, मुरैना में 10893 और श्योपुर में 17617 किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया। जबलपुर संभाग में डिंडोरी में 4478, मंडला में 19611, जबलपुर में 49642, कटनी में 52126, सिवनी में 53288, नरसिंहपुर में 38416, छिंदवाड़ा में 29163, बालाघाट में 4383 और पांढुर्णा में केवल 863 किसानों ने पंजीयन कराया। नर्मदापुरम संभाग में नर्मदापुरम में 71831, बैतूल में 18686 और हरदा में 40273 किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया। भोपाल संभाग में भोपाल में 37129, रायसेन में 76264, विदिशा में 86479, सीहोर में 101793 और राजगढ़ में 98537 किसानों ने पंजीयन कराया। रीवा संभाग में सीधी में 12813, सिंगरौली में 10970, मऊगंज में 8018, सतना में 56376, मैहर में 19787 और रीवा में 46923 किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया। शहडोल संभाग में अनूपपुर में केवल 882, शहडोल में 9479 और उमरिया में 13445 किसानों ने पंजीयन कराया। सागर संभाग में टीकमगढ़ में 15552, निवाड़ी में 4116, सागर में 75791, पन्ना में 30052, दमोह में 39938 और छतरपुर में 34378 किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया है।
Wheat Procurement: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
मध्य प्रदेश में गेहूं खरीदी कब शुरू (Wheat Procurement) होगी?
इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम डिवीजन में 1 अप्रैल 2026 से और बाकी डिवीजनों में 7 अप्रैल 2026 से गेहूं खरीदी (Wheat Procurement) शुरू होगी।
मध्य प्रदेश में गेहूं का रेट क्या है?
मध्य प्रदेश में 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस सहित गेहूं की खरीदी (Wheat Procurement) दर 2625 रुपये प्रति क्विंटल है जो केंद्र के एमएसपी 2585 रुपये से अधिक है।
गेहूं खरीदी (Wheat Procurement) का समय क्या है?
किसान सरकारी कामकाज के दिनों में सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक कुल 12 घंटे गेहूं बेच सकते हैं।
कितने किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया?
मध्य प्रदेश में कुल 19 लाख 4 हजार 651 किसानों ने गेहूं खरीदी के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है जो पिछले साल से 23 प्रतिशत अधिक है।
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