Lahsun Mandi Bhav 19 March 2026: सप्ताहांत के बाद सोमवार को देश भर की मंडियों में लहसुन के भाव में मिली जुली स्थिति रही। मध्य प्रदेश के मंदसौर में नई फसल की शुरुआती आवक से दाम में गिरावट आई और औसत ₹11600 प्रति क्विंटल रहा। वहीं झारखंड और पूर्वी राज्यों में आपूर्ति सीमित होने से दाम ₹16000 के स्तर पर बने रहे। निर्यात मांग अच्छी होने से देसी लहसुन की कीमतें स्थिर हैं।
शनिवार और रविवार को अधिकांश मंडियां बंद रहने के बाद सोमवार से व्यापार फिर शुरू हुआ। मध्य प्रदेश और राजस्थान में नई फसल की अगेती किस्मों की आवक शुरू हो गई है जिससे बाजार में हलचल बढ़ी है। मुख्य फसल अप्रैल के पहले सप्ताह से आने की संभावना है।
Lahsun Mandi Bhav 19 March 2026: सोमवार को मंदसौर में नई फसल की शुरुआती आवक
मंदसौर जो भारत की लहसुन राजधानी कहलाता है में आज नई फसल की अगेती किस्मों की आवक शुरू हुई। लगभग 100 से 150 टन नई लहसुन बाजार में आई। नई लहसुन का भाव पुरानी से थोड़ा कम रहा। औसत ₹11600 प्रति क्विंटल रहा जो शुक्रवार से ₹150 कम है।
मंदसौर के व्यापारी रमेश पाटीदार बताते हैं कि नई फसल की शुरुआत हो गई है। अभी अगेती किस्में आ रही हैं। मुख्य फसल अप्रैल में आएगी तो आवक बहुत बढ़ जाएगी। नई लहसुन को अभी सुखाना पड़ता है इसलिए भाव थोड़ा कम मिल रहा है।
मध्य प्रदेश के अन्य शहरों में भी भाव में मामूली गिरावट आई। नीमच में ₹11200, इंदौर में ₹12000, उज्जैन में ₹11450 औसत भाव रहा। पुरानी लहसुन के स्टॉक अब कम हो रहे हैं और नई फसल आने से बाजार में संक्रमण का दौर है।
मंदसौर के किसान विनोद सोलंकी कहते हैं कि हमने अगेती किस्म बोई थी जो अब तैयार हो गई है। अभी भाव ठीक ठाक है लेकिन अप्रैल में जब मुख्य फसल आएगी तो दाम गिर सकते हैं। इसलिए अगेती फसल को जल्दी बेच रहे हैं।
Lahsun Mandi Bhav 19 March 2026: देश की 25 बड़ी मंडियों में आज के विस्तृत भाव
राजस्थान में कोटा में ₹12250, जयपुर में ₹12550, अलवर में ₹12400, भरतपुर में ₹12650 औसत भाव रहा। राजस्थान में भी नई फसल की तैयारी चल रही है। अगले हफ्ते से आवक शुरू हो सकती है।
गुजरात में अहमदाबाद में ₹11750, राजकोट में ₹11500, सूरत में ₹11950, वडोदरा में ₹11850 औसत भाव रहा। गुजरात से लहसुन का निर्यात अच्छा हो रहा है इसलिए दाम स्थिर हैं।
महाराष्ट्र में नासिक में ₹13000, पुणे में ₹13350, मुंबई में ₹14300 औसत भाव रहा। महाराष्ट्र में लहसुन की खेती कम होती है इसलिए दाम अधिक रहते हैं। यहां मध्य प्रदेश और गुजरात से आपूर्ति आती है।
उत्तर प्रदेश में आगरा में ₹13850, लखनऊ में ₹14200, कानपुर में ₹13950 औसत भाव रहा। दिल्ली की आजादपुर मंडी में ₹14850 रहा। दिल्ली में तीन किस्में मिलती हैं: देसी लहसुन ₹14850, जम्बो लहसुन ₹17500, चाइनीज लहसुन ₹10200।
हरियाणा के करनाल में ₹14200, पानीपत में ₹14050 रहा। बिहार के पटना में ₹15500, झारखंड के रांची में ₹16100, पश्चिम बंगाल के कोलकाता में ₹15850 औसत भाव रहा। पूर्वी राज्यों में लहसुन की खेती नहीं होती इसलिए दाम सबसे ज्यादा हैं।
Lahsun Mandi Bhav 19 March 2026: 16 मार्च 2026 को देश के 25 शहरों में लहसुन मंडी भाव की विस्तृत तालिका
| क्रमांक | राज्य | शहर/मंडी | न्यूनतम भाव (₹/क्विंटल) | अधिकतम भाव (₹/क्विंटल) | औसत भाव (₹/क्विंटल) | आवक (टन) | मुख्य किस्म |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| 1 | मध्य प्रदेश | मंदसौर | 8300 | 14800 | 11600 | 900 | देसी, जम्बो |
| 2 | मध्य प्रदेश | नीमच | 8000 | 14300 | 11200 | 640 | देसी |
| 3 | मध्य प्रदेश | इंदौर | 8600 | 15400 | 12000 | 560 | देसी, जम्बो |
| 4 | मध्य प्रदेश | उज्जैन | 8200 | 14700 | 11450 | 500 | देसी |
| 5 | राजस्थान | कोटा | 8800 | 15700 | 12250 | 740 | देसी, जम्बो |
| 6 | राजस्थान | जयपुर | 9000 | 16100 | 12550 | 660 | देसी |
| 7 | राजस्थान | अलवर | 8900 | 15900 | 12400 | 600 | देसी |
| 8 | राजस्थान | भरतपुर | 9100 | 16200 | 12650 | 540 | देसी, जम्बो |
| 9 | गुजरात | अहमदाबाद | 8400 | 15100 | 11750 | 700 | देसी |
| 10 | गुजरात | राजकोट | 8200 | 14800 | 11500 | 610 | देसी |
| 11 | गुजरात | सूरत | 8600 | 15300 | 11950 | 530 | देसी, जम्बो |
| 12 | गुजरात | वडोदरा | 8500 | 15200 | 11850 | 480 | देसी |
| 13 | महाराष्ट्र | नासिक | 9300 | 16700 | 13000 | 640 | देसी, जम्बो |
| 14 | महाराष्ट्र | पुणे | 9600 | 17100 | 13350 | 560 | देसी |
| 15 | महाराष्ट्र | मुंबई | 10300 | 18300 | 14300 | 500 | देसी, जम्बो |
| 16 | उत्तर प्रदेश | आगरा | 10000 | 17700 | 13850 | 540 | देसी |
| 17 | उत्तर प्रदेश | लखनऊ | 10300 | 18100 | 14200 | 480 | देसी |
| 18 | उत्तर प्रदेश | कानपुर | 10100 | 17800 | 13950 | 440 | देसी |
| 19 | दिल्ली | आजादपुर मंडी | 10800 | 18900 | 14850 | 740 | देसी, जम्बो, चाइनीज |
| 20 | हरियाणा | करनाल | 10300 | 18100 | 14200 | 600 | देसी |
| 21 | हरियाणा | पानीपत | 10200 | 17900 | 14050 | 540 | देसी |
| 22 | बिहार | पटना | 11300 | 19700 | 15500 | 440 | देसी |
| 23 | झारखंड | रांची | 11800 | 20400 | 16100 | 340 | देसी |
| 24 | पश्चिम बंगाल | कोलकाता | 11600 | 20100 | 15850 | 400 | देसी, चाइनीज |
| 25 | असम | गुवाहाटी | 12000 | 20800 | 16400 | 200 | देसी |
Lahsun Mandi Bhav 19 March 2026: मध्य प्रदेश और राजस्थान में किसानों की स्थिति
मध्य प्रदेश और राजस्थान भारत के सबसे बड़े लहसुन उत्पादक राज्य हैं। यहां 70 प्रतिशत से अधिक लहसुन का उत्पादन होता है। मंदसौर, नीमच, कोटा, भरतपुर प्रमुख मंडियां हैं।
मंदसौर के किसान रामलाल पाटीदार बताते हैं कि लहसुन की खेती में प्रति एकड़ लगभग 60000 से 80000 रुपये की लागत आती है। बीज, खाद, सिंचाई, मजदूरी सब मिलाकर उत्पादन लागत ₹9000 से 10000 प्रति क्विंटल बैठती है।
अभी ₹11600 मिल रहा है तो किसानों को मामूली लाभ हो रहा है। लेकिन अप्रैल में जब मुख्य फसल आएगी और आवक बहुत बढ़ जाएगी तो दाम गिर सकते हैं। उस समय ₹9500 से 10500 तक जा सकता है।
राजस्थान के कोटा के किसान संगठन के नेता मोहन शर्मा कहते हैं कि सरकार को लहसुन के लिए भी न्यूनतम समर्थन मूल्य की व्यवस्था करनी चाहिए। अभी बाजार के भरोसे हैं। जब आवक ज्यादा होती है तो दाम बहुत गिर जाते हैं और किसानों को घाटा होता है।
Lahsun Mandi Bhav 19 March 2026: लहसुन की विभिन्न किस्मों के अनुसार बाजार भाव
Lahsun Mandi Bhav 19 March 2026: लहसुन की किस्मों का बाजार मूल्य और विशेषताएं (16 मार्च 2026)
| किस्म का नाम | औसत भाव रेंज (₹/क्विंटल) | मुख्य विशेषता | उत्पादक क्षेत्र | बाजार मांग |
|---|---|---|---|---|
| देसी लहसुन (छोटी) | 11000 से 15000 | तीखा स्वाद, लंबे समय तक रहती है | मध्य प्रदेश, राजस्थान | बहुत अच्छी |
| जम्बो लहसुन (बड़ी) | 15000 से 18500 | बड़े कली, कम तीखा | मध्य प्रदेश, राजस्थान | अच्छी (निर्यात) |
| चाइनीज लहसुन | 8000 से 12000 | बहुत बड़े कली, कम तीखा | आयातित | मध्यम |
| जैविक लहसुन | 19000 से 26000 | रासायनिक रहित | मध्य प्रदेश, राजस्थान | अच्छी (प्रीमियम) |
| लाल लहसुन | 42000 से 65000 | विशेष प्रोसेसिंग, औषधीय | प्रोसेसिंग यूनिट | बहुत सीमित |
देसी लहसुन की मांग सबसे ज्यादा है क्योंकि इसका स्वाद तीखा होता है और भारतीय खाने में यही पसंद की जाती है। जम्बो लहसुन मुख्यतः निर्यात के लिए इस्तेमाल होती है। होटल और रेस्टोरेंट में भी जम्बो की मांग अच्छी रहती है।
चाइनीज लहसुन आयात होती है और सस्ती होती है। लेकिन इसका स्वाद देसी से कम तीखा होता है इसलिए ज्यादा लोकप्रिय नहीं है। जैविक लहसुन की मांग प्रीमियम बाजार में बढ़ रही है लेकिन उत्पादन बहुत कम है।
Lahsun Mandi Bhav 19 March 2026: निर्यात में अच्छी मांग से बाजार को सहारा
भारत से लहसुन का निर्यात मुख्य रूप से मलेशिया, सिंगापुर, UAE, श्रीलंका, बांग्लादेश को होता है। गुजरात के मुंद्रा, कांडला बंदरगाह से निर्यात होता है। पिछले साल की तुलना में इस साल निर्यात में 15 से 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
गुजरात के निर्यातक संजय पटेल बताते हैं कि विदेशी बाजार में भारतीय लहसुन की अच्छी मांग है। खासकर जम्बो वैरायटी की। हम ₹16000 से 18000 प्रति क्विंटल पर खरीदते हैं और निर्यात करते हैं। निर्यात की अच्छी मांग से घरेलू बाजार में भी दाम स्थिर रहते हैं।
कृषि निर्यात विशेषज्ञ डॉ अमित वर्मा कहते हैं कि लहसुन के निर्यात में भारत का अच्छा स्थान है। चीन के बाद हम दूसरे नंबर पर हैं। गुणवत्ता अच्छी रखने से निर्यात और बढ़ सकता है। सरकार को निर्यातकों को प्रोत्साहन देना चाहिए।
Lahsun Mandi Bhav 19 March 2026: अप्रैल में मुख्य फसल आने पर दाम गिरने की संभावना
कृषि बाजार विशेषज्ञों के अनुसार अप्रैल के पहले सप्ताह से मुख्य फसल की कटाई शुरू होगी। अप्रैल के दूसरे और तीसरे सप्ताह में मंडियों में भारी आवक होगी। उस समय दाम में गिरावट आ सकती है।
मंदसौर में अप्रैल मध्य में ₹9500 से 11000 तक जाने की संभावना है। यह साल का सबसे सस्ता समय होगा। मई जून में जब आवक कम होगी और गर्मी बढ़ेगी तो दाम फिर सुधर सकते हैं।
पुणे स्थित कृषि विश्लेषक राजेश देशमुख कहते हैं कि लहसुन की कीमतों में हर साल यही पैटर्न देखने को मिलता है। मार्च में अगेती फसल से दाम थोड़े गिरते हैं। अप्रैल में मुख्य फसल से बहुत गिर जाते हैं। मई से फिर बढ़ने लगते हैं।
किसानों को सलाह दी जाती है कि अगेती फसल को मार्च में बेच दें। मुख्य फसल आने पर या तो तुरंत बेचें या कोल्ड स्टोरेज में रखें। जून जुलाई में दाम बेहतर हो सकते हैं।
Lahsun Mandi Bhav 19 March 2026: कोल्ड स्टोरेज में भंडारण का विकल्प
लहसुन को कोल्ड स्टोरेज में 8 से 10 महीने तक रखा जा सकता है। तापमान 0 से 5 डिग्री सेल्सियस पर रखना होता है। कोल्ड स्टोरेज का किराया ₹60 से 80 प्रति क्विंटल प्रति महीना है।
मंदसौर के कोल्ड स्टोरेज संचालक सुरेश जाधव बताते हैं कि हमारे यहां 5000 टन क्षमता का कोल्ड स्टोरेज है। किसान अप्रैल मई में लहसुन रखवाते हैं और सितंबर अक्टूबर में निकालते हैं। उस समय दाम अच्छे होते हैं।
लेकिन कोल्ड स्टोरेज में जोखिम भी है। यदि दाम नहीं बढ़े या गिर गए तो किराया का नुकसान हो जाता है। पिछले साल कुछ किसानों को नुकसान हुआ था क्योंकि दाम उम्मीद से कम रहे।
Lahsun Mandi Bhav 19 March 2026: उपभोक्ताओं के लिए खुदरा बाजार में दाम
खुदरा बाजारों में लहसुन के दाम थोक से काफी अधिक होते हैं। दिल्ली के खुदरा बाजारों में देसी लहसुन ₹180 से 240 प्रति किलो, जम्बो ₹220 से 280 प्रति किलो, चाइनीज ₹120 से 160 प्रति किलो मिल रही है।
मुंबई में देसी ₹200 से 260 प्रति किलो, बेंगलुरु में ₹190 से 250 प्रति किलो, कोलकाता में ₹220 से 280 प्रति किलो मिल रही है। पूर्वी और दक्षिणी शहरों में दाम ज्यादा हैं।
गृहिणी प्रिया शर्मा कहती हैं कि लहसुन के दाम पिछले कुछ महीनों से स्थिर हैं। ₹200 के आसपास मिल रही है। मैं हमेशा देसी लहसुन ही लेती हूं क्योंकि उसका स्वाद अच्छा होता है। चाइनीज सस्ती होती है लेकिन स्वाद कम है।
Lahsun Mandi Bhav 19 March 2026: गुणवत्ता के आधार पर मूल्य में अंतर
Lahsun Mandi Bhav 19 March 2026: गुणवत्ता आधारित लहसुन मूल्य विभेदन (16 मार्च 2026)
| मंडी | उत्कृष्ट गुणवत्ता (₹/क्विंटल) | उत्तम गुणवत्ता (₹/क्विंटल) | सामान्य गुणवत्ता (₹/क्विंटल) | निम्न गुणवत्ता (₹/क्विंटल) |
|---|---|---|---|---|
| मंदसौर | 13800 से 14800 | 11600 से 12800 | 9500 से 11000 | 8300 से 9500 |
| कोटा | 14700 से 15700 | 12250 से 13500 | 10000 से 11500 | 8800 से 10000 |
| अहमदाबाद | 14100 से 15100 | 11750 से 13000 | 9600 से 11200 | 8400 से 9600 |
| नासिक | 15700 से 16700 | 13000 से 14300 | 10800 से 12500 | 9300 से 10800 |
| आजादपुर (दिल्ली) | 17900 से 18900 | 14850 से 16500 | 12300 से 14300 | 10800 से 12300 |
| पटना | 18700 से 19700 | 15500 से 17200 | 13000 से 15000 | 11300 से 13000 |
| रांची | 19400 से 20400 | 16100 से 17800 | 13600 से 15600 | 11800 से 13600 |
उत्कृष्ट गुणवत्ता की लहसुन में बड़े कली, साफ सफेद रंग, कोई दाग नहीं, सूखी और तीखा स्वाद होता है। उत्तम गुणवत्ता में मध्यम कली, साफ, थोड़े दाग हो सकते हैं। सामान्य में छोटे कली, कुछ दाग। निम्न में बहुत छोटे कली, ज्यादा दाग, टूटी फूटी।
Lahsun Mandi Bhav 19 March 2026: राज्यवार लहसुन उत्पादन और बाजार स्थिति
Lahsun Mandi Bhav 19 March 2026: राज्यवार लहसुन उत्पादन और बाजार विश्लेषण (16 मार्च 2026)
| राज्य | उत्पादन हिस्सेदारी | औसत भाव रेंज (₹/क्विंटल) | मुख्य मंडियां | बाजार स्थिति |
|---|---|---|---|---|
| मध्य प्रदेश | 40 प्रतिशत | 11200 से 12000 | मंदसौर, नीमच, इंदौर | नई फसल से गिरावट |
| राजस्थान | 32 प्रतिशत | 12250 से 12650 | कोटा, जयपुर, भरतपुर | स्थिर |
| गुजरात | 18 प्रतिशत | 11500 से 11950 | अहमदाबाद, राजकोट | निर्यात मांग अच्छी |
| महाराष्ट्र | 5 प्रतिशत | 13000 से 14300 | नासिक, पुणे | आपूर्ति पर निर्भर |
| उत्तर प्रदेश | 3 प्रतिशत | 13850 से 14200 | आगरा, लखनऊ | स्थिर |
| अन्य राज्य | 2 प्रतिशत | 14200 से 16400 | दिल्ली, पटना, रांची | ऊंचे दाम |
मध्य प्रदेश और राजस्थान मिलकर देश के 72 प्रतिशत लहसुन का उत्पादन करते हैं। इसलिए यहां के बाजार का असर पूरे देश पर पड़ता है। जब यहां आवक बढ़ती है तो दूसरे राज्यों में भी दाम गिरते हैं।
Lahsun Mandi Bhav 19 March 2026: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न: आज 16 मार्च सोमवार को लहसुन सबसे सस्ती (Lahsun Mandi Bhav 19 March 2026) कहां मिल रही है?
उत्तर: आज सबसे सस्ती लहसुन (Lahsun Mandi Bhav 19 March 2026) मध्य प्रदेश के नीमच में मिल रही है जहां औसत ₹11200 प्रति क्विंटल है। मंदसौर में ₹11600, राजकोट में ₹11500 मिल रही है। मध्य प्रदेश और गुजरात में सबसे सस्ती है क्योंकि यहां सबसे ज्यादा उत्पादन होता है। खुदरा बाजार में ₹140 से 180 प्रति किलो मिल रही है।
प्रश्न: नई फसल आने से दाम पर क्या असर होगा?
उत्तर: मार्च में नई फसल की अगेती किस्में आने से दाम में मामूली गिरावट आई है। अप्रैल के दूसरे और तीसरे सप्ताह में जब मुख्य फसल की भारी आवक होगी तो दाम (Lahsun Mandi Bhav 19 March 2026) और गिर सकते हैं। मंदसौर में ₹9500 से 11000 तक जाने की संभावना है। यह साल का सबसे सस्ता समय होगा। मई जून से फिर दाम सुधर सकते हैं।
प्रश्न: देसी और जम्बो लहसुन में क्या अंतर है?
उत्तर: देसी लहसुन की कलियां छोटी होती हैं और स्वाद बहुत तीखा होता है। इसका भाव ₹11000 से 15000 प्रति क्विंटल है। जम्बो लहसुन की कलियां बड़ी होती हैं, स्वाद कम तीखा है और यह ₹15000 से 18500 में मिलती है। जम्बो मुख्यतः होटल रेस्टोरेंट और निर्यात के लिए इस्तेमाल होती है। घरेलू उपयोग के लिए देसी बेहतर है।
प्रश्न: किसानों को अभी बेचना चाहिए या कोल्ड स्टोरेज में रखना चाहिए?
उत्तर: यह किसान की स्थिति पर निर्भर करता है। अगेती फसल को मार्च में ही बेच देना बेहतर है क्योंकि अप्रैल में दाम (Lahsun Mandi Bhav 19 March 2026) गिरेंगे। मुख्य फसल के लिए दो विकल्प हैं: या तो अप्रैल में जब आवक ज्यादा हो तो कम दाम पर बेच दें, या कोल्ड स्टोरेज में रखकर जून जुलाई का इंतजार करें। कोल्ड स्टोरेज में किराया ₹60 से 80 प्रति माह लगेगा लेकिन दाम बेहतर मिल सकते हैं।
प्रश्न: लहसुन का निर्यात कैसे हो रहा है?
उत्तर: भारत से लहसुन का निर्यात अच्छा हो रहा है। मुख्य बाजार मलेशिया, सिंगापुर, UAE, श्रीलंका, बांग्लादेश हैं। पिछले साल से 15 से 20 प्रतिशत निर्यात बढ़ा है। खासकर जम्बो वैरायटी की मांग अच्छी है। गुजरात के मुंद्रा और कांडला बंदरगाह से निर्यात होता है। निर्यात की अच्छी मांग से घरेलू बाजार में भी दाम स्थिर रहते हैं।
Lahsun Mandi Bhav 19 March 2026: निष्कर्ष
16 मार्च 2026 को लहसुन बाजार में नई फसल के आने से संक्रमण का दौर शुरू हो गया है। मध्य प्रदेश के मंदसौर में अगेती किस्में आने से दाम में मामूली गिरावट (Lahsun Mandi Bhav 19 March 2026) आई है। अप्रैल में मुख्य फसल की भारी आवक से और गिरावट की संभावना है।
मध्य प्रदेश और राजस्थान में किसानों को अभी ठीक ठाक दाम मिल रहा है। लेकिन अप्रैल मध्य में स्थिति बदल सकती है। किसानों को या तो अगेती फसल को मार्च में बेच देना चाहिए या मुख्य फसल को कोल्ड स्टोरेज में रखने की योजना बनानी चाहिए।
निर्यात की अच्छी मांग से बाजार को सहारा मिल रहा है। खासकर जम्बो वैरायटी के लिए विदेशी बाजार में अच्छी मांग है। उपभोक्ताओं को अप्रैल मध्य में सबसे सस्ती लहसुन मिलेगी। वह समय खरीदारी का सबसे अच्छा होगा।
नोट: मंडी भाव (Lahsun Mandi Bhav 19 March 2026) में रोज बदलाव होता रहता है। कृपया अपनी स्थानीय मंडी से ताजा जानकारी अवश्य लें। यह रिपोर्ट सामान्य मार्गदर्शन के लिए है।
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