IMD Alert for Farmers: पिछले 24 से 48 घंटों में उत्तर भारत के कई प्रमुख कृषि क्षेत्रों में हुई अचानक और बेमौसम बारिश तथा ओलावृष्टि यानी हेलस्टॉर्म ने किसानों की चिंता और परेशानी को कई गुना बढ़ा दिया है। रबी सीजन की मुख्य फसलें जैसे गेहूं और सरसों जो कटाई के बिल्कुल करीब थीं, अचानक मौसम की मार से गंभीर रूप से प्रभावित हुई हैं। इसके साथ ही आम, अंगूर और अन्य फलों के बाग भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं जहां फूल और कच्चे फल ओलों की मार से जमीन पर बिछ गए हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने तुरंत संज्ञान लेते हुए सभी प्रभावित राज्य सरकारों को फसलों के नुकसान का विस्तृत और त्वरित आकलन करने के सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने राज्य सरकारों से कहा है कि जल्द से जल्द क्षति का सही आंकलन किया जाए और प्रभावित किसानों को राहत और मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू की जाए। किसानों के लिए यह इस समय सबसे बड़ी चिंता और चर्चा का विषय है क्योंकि पूरे साल की मेहनत पर पानी फिर जाने का खतरा मंडरा रहा है।
मार्च का महीना जो आमतौर पर रबी फसलों की कटाई और फलों के बागों में फूल आने का समय होता है, इस साल किसानों के लिए आफत बनकर आया है। पिछले दो दिनों में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड और दिल्ली-NCR सहित कई राज्यों में अचानक तेज बारिश और भयंकर ओलावृष्टि हुई है। कई जगहों पर गोल्फ बॉल के आकार के ओले गिरे हैं। इस बेमौसम मौसम ने खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। आइए विस्तार से जानते हैं इस आपदा के बारे में और सरकार क्या कदम उठा रही है।
IMD Alert for Farmers: किन क्षेत्रों में हुई बारिश और ओलावृष्टि
पिछले 24 से 48 घंटों में उत्तर भारत के व्यापक भूभाग में मौसम ने अचानक करवट ली। उत्तर प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों जैसे मेरठ, मुजफ्फरनगर, बागपत, शामली, सहारनपुर और आगरा में भारी ओलावृष्टि हुई। मध्य प्रदेश में इंदौर, उज्जैन, मंदसौर और रतलाम जिलों में गेहूं और चना की फसलें प्रभावित हुईं। राजस्थान के अलवर, भरतपुर, जयपुर और कोटा क्षेत्रों में भी तेज हवाओं के साथ ओले गिरे। पंजाब और हरियाणा के कुछ हिस्सों में भी हल्की से मध्यम ओलावृष्टि दर्ज की गई। महाराष्ट्र के नासिक और सांगली जिलों में अंगूर के बागों को नुकसान हुआ। दिल्ली-NCR में भी कई इलाकों में बारिश और ओले गिरे। मौसम विभाग के अनुसार यह पश्चिमी विक्षोभ और गर्म हवाओं के मिलने से बना अस्थिर मौसम तंत्र था।
IMD Alert for Farmers: गेहूं की फसल को कितना नुकसान
गेहूं जो रबी सीजन की सबसे महत्वपूर्ण फसल है, इस बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से सबसे अधिक प्रभावित हुआ है। मार्च के अंत में गेहूं की फसल दूध भरने यानी Milking Stage और पकने की शुरुआत यानी Dough Stage में होती है। यह सबसे नाजुक अवस्था है। इस समय तेज हवा, बारिश और खासकर ओलावृष्टि से गेहूं की बालियां टूट जाती हैं, दाने झड़ जाते हैं और फसल जमीन पर गिर जाती है जिसे Lodging कहते हैं। एक बार फसल गिर गई तो उसकी गुणवत्ता बहुत खराब हो जाती है और कटाई भी मुश्किल हो जाती है। कई जगहों पर 30 से 50 प्रतिशत तक फसल क्षतिग्रस्त होने की खबरें आ रही हैं। पंजाब और हरियाणा जहां देश का बड़ा हिस्सा गेहूं आता है वहां भी कुछ इलाकों में नुकसान हुआ है। उत्तर प्रदेश के पश्चिमी जिलों में तो स्थिति और भी गंभीर है।
IMD Alert for Farmers: सरसों और अन्य तिलहन फसलों को नुकसान
सरसों जो रबी सीजन की मुख्य तिलहन फसल है, भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। मार्च में सरसों की फसल फली बनने और दाना भरने के चरण में होती है। ओलावृष्टि से फलियां टूट गई हैं और पौधे क्षतिग्रस्त हो गए हैं। राजस्थान जो देश का सबसे बड़ा सरसों उत्पादक राज्य है, वहां भरतपुर और अलवर जैसे जिलों में किसान रो रहे हैं। मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में भी सरसों को भारी नुकसान हुआ है। सरसों के अलावा चना और मसूर जैसी दलहनी फसलें भी प्रभावित हुई हैं। चने की फली अभी कच्ची होती है और ओलों की मार से वह नष्ट हो जाती है। कुल मिलाकर रबी तिलहन और दलहन उत्पादन में 10 से 15 प्रतिशत की कमी आ सकती है।
IMD Alert for Farmers: आम के बागों को भारी क्षति
आम का मौसम शुरू होने वाला था और बागों में बौर यानी फूल आए हुए थे या छोटे कच्चे फल लगे थे। ओलावृष्टि ने इन नाजुक फूलों और कच्चे फलों को बुरी तरह नष्ट कर दिया है। उत्तर प्रदेश जो देश का सबसे बड़ा आम उत्पादक राज्य है, के मलिहाबाद (लखनऊ), सहारनपुर, मेरठ, मुजफ्फरनगर और आगरा के आम बागों में भारी नुकसान हुआ है। दशहरी, चौसा, लंगड़ा और अल्फांसो जैसी प्रीमियम किस्मों के बाग प्रभावित हुए हैं। बाग मालिकों का अनुमान है कि 40 से 60 प्रतिशत तक उपज घट सकती है। इससे न केवल किसानों को आर्थिक नुकसान होगा बल्कि आम की कीमतें भी बढ़ेंगी। मध्य प्रदेश, बिहार और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी आम के बागों को क्षति पहुंची है।
IMD Alert for Farmers: अंगूर और अन्य फलों के बागों की स्थिति
महाराष्ट्र के नासिक, सांगली और सतारा जिलों में अंगूर की खेती बड़े पैमाने पर होती है। यहां बेमौसम बारिश और कहीं कहीं ओलावृष्टि ने अंगूर के गुच्छों को नुकसान पहुंचाया है। अंगूर बहुत नाजुक फल है और थोड़ी सी भी चोट से वह खराब हो जाता है। निर्यात गुणवत्ता का अंगूर अब बाजार में नहीं बिक पाएगा। इसके अलावा अमरूद, पपीता, केला और लीची के बागों को भी नुकसान हुआ है। उत्तर प्रदेश और बिहार में लीची के बागों में फूल आए हुए थे जो ओलों से झड़ गए हैं। फल उत्पादकों का अनुमान है कि इस साल फलों की कुल उपज में 15 से 20 प्रतिशत की कमी आ सकती है।
IMD Alert for Farmers: केंद्रीय कृषि मंत्री के निर्देश और सरकारी कदम
इस गंभीर स्थिति को देखते हुए केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने तुरंत कार्रवाई शुरू की है। उन्होंने सभी प्रभावित राज्यों के कृषि मंत्रियों और मुख्य सचिवों से बात की है। मंत्री जी ने राज्य सरकारों को निर्देश दिए हैं कि: पहला, तुरंत जिला स्तर पर टीमें भेजकर फसल क्षति का विस्तृत और सही आकलन किया जाए। दूसरा, प्रभावित किसानों की सूची तैयार की जाए। तीसरा, फसल बीमा योजना PMFBY के तहत दावे की प्रक्रिया तेज की जाए। चौथा, जो किसान बीमा के दायरे में नहीं हैं उनके लिए राज्य आपदा राहत कोष से मुआवजा देने की व्यवस्था की जाए। पांचवां, किसानों को तकनीकी सलाह दी जाए कि अब वे क्या कदम उठाएं। केंद्रीय मंत्री ने कहा है कि किसानों की मदद सरकार की पहली प्राथमिकता है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि कोई भी प्रभावित किसान मुआवजे से वंचित नहीं रहेगा।
IMD Alert for Farmers: बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि क्षेत्रवार नुकसान का अनुमान
| राज्य/क्षेत्र | प्रभावित जिले (उदाहरण) | प्रमुख प्रभावित फसलें | अनुमानित क्षति प्रतिशत | स्थिति की गंभीरता |
|---|---|---|---|---|
| उत्तर प्रदेश (पश्चिमी) | मेरठ, मुजफ्फरनगर, बागपत, आगरा | गेहूं, आम के बाग | 30-50% | बहुत गंभीर |
| मध्य प्रदेश | इंदौर, उज्जैन, मंदसौर, रतलाम | गेहूं, चना, सरसों | 25-40% | गंभीर |
| राजस्थान | अलवर, भरतपुर, जयपुर, कोटा | सरसों, गेहूं | 20-35% | गंभीर |
| पंजाब | कुछ पॉकेट्स | गेहूं | 10-20% | मध्यम |
| हरियाणा | कुछ जिले | गेहूं, सरसों | 15-25% | मध्यम से गंभीर |
| महाराष्ट्र | नासिक, सांगली, सतारा | अंगूर के बाग | 30-50% | बहुत गंभीर |
| उत्तराखंड | कुछ पहाड़ी क्षेत्र | गेहूं, फल | 20-30% | मध्यम |
| दिल्ली-NCR | गुड़गांव, नोएडा, फरीदाबाद | सब्जियां | 15-25% | मध्यम |
नोट: यह आंकड़े प्रारंभिक अनुमान हैं। वास्तविक क्षति का सही आकलन सरकारी टीमों द्वारा सर्वे के बाद ही हो पाएगा।
IMD Alert for Farmers: किसानों की मांगें और चिंताएं
प्रभावित किसान बहुत परेशान और चिंतित हैं। उनकी मुख्य मांगें हैं: पहली मांग है तुरंत और पर्याप्त मुआवजा। किसान कह रहे हैं कि सरकार जो ₹5000 से ₹10000 प्रति हेक्टेयर मुआवजा देती है वह बहुत कम है। वास्तविक नुकसान इससे कई गुना अधिक होता है। दूसरी मांग है फसल बीमा के दावों में देरी न हो। पिछले अनुभव से किसान कहते हैं कि PMFBY के तहत दावे आने में 6 महीने से 1 साल तक लग जाते हैं। तीसरी मांग है बैंक लोन पर ब्याज माफी। जिन किसानों की फसल बर्बाद हो गई है उन्हें लोन चुकाने में दिक्कत होगी। चौथी मांग है अगली फसल के लिए सब्सिडी पर बीज और खाद। पांचवीं मांग है पशुओं के चारे की व्यवस्था क्योंकि गेहूं और सरसों का भूसा नहीं मिलेगा।
IMD Alert for Farmers: मौसम विभाग का अलर्ट और आगे की संभावना
भारतीय मौसम विभाग यानी IMD ने चेतावनी जारी की है कि अगले 2 से 3 दिनों तक उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में और बारिश और ओलावृष्टि की संभावना है। एक नया पश्चिमी विक्षोभ आ रहा है जो 22 से 24 मार्च के बीच सक्रिय रहेगा। किसानों को सलाह दी गई है कि वे खेतों में न जाएं और अपनी सुरक्षा का ध्यान रखें। जो फसल खड़ी है उसे ढकने की कोशिश करें। फलों के बागों में जाल लगाएं। पशुओं को सुरक्षित जगह पर रखें। मौसम विभाग राज्य सरकारों और किसानों को समय समय पर अपडेट भेज रहा है। कृषि वैज्ञानिकों ने भी सलाह जारी की है कि अगर गेहूं की फसल गिर गई है तो उसे जल्द काट लें और सुखा लें ताकि और नुकसान न हो।
IMD Alert for Farmers: किसानों के लिए तकनीकी सलाह और आगे के कदम
कृषि विशेषज्ञों और सरकारी कृषि विभाग ने प्रभावित किसानों के लिए कुछ जरूरी सलाह जारी की है। गेहूं के लिए: अगर फसल 30 प्रतिशत से कम क्षतिग्रस्त है तो उसे खड़ा रहने दें और सामान्य समय पर काटें। अगर 30 से 50 प्रतिशत क्षति है तो जल्द काट लें। अगर 50 प्रतिशत से अधिक नुकसान है तो उसे चारे के काम में लें। सरसों के लिए: पानी की निकासी करें ताकि जड़ें सड़ें नहीं। कवकनाशी का स्प्रे करें। आम के बागों के लिए: झड़े फूलों और फलों को हटा दें। पेड़ों पर PGR यानी Plant Growth Regulator का स्प्रे करें। रोग और कीटों की निगरानी करें। अंगूर के लिए: क्षतिग्रस्त गुच्छों को हटा दें। फफूंदनाशक का स्प्रे करें। सभी फसलों के लिए: खेत में पानी न जमने दें। मिट्टी परीक्षण करवाएं। अगली फसल की योजना बनाएं।
IMD Alert for Farmers: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से कौन सी फसलें सबसे अधिक प्रभावित हुई हैं? गेहूं, सरसों, चना और आम के बाग सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। अंगूर, लीची और अन्य फलों को भी नुकसान हुआ है।
किसानों को मुआवजा कैसे और कब मिलेगा? फसल बीमा PMFBY के तहत बीमित किसानों को 3 से 6 महीने में दावा मिलेगा। गैर-बीमित किसानों को राज्य आपदा राहत कोष से मुआवजा मिलेगा।
कौन से राज्य सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं? उत्तर प्रदेश (पश्चिमी भाग), मध्य प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र सबसे अधिक प्रभावित राज्य हैं।
क्या आगे भी ऐसे मौसम की संभावना है? हां, मौसम विभाग ने 22 से 24 मार्च के बीच फिर से बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई है। किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
Read More Here
Crop Price: एमएसपी बन रही छलावा, कागजों में बढ़ रहे दाम, किसानों की जेब हो रही खाली
