Crop Damage: देश के कई राज्यों और क्षेत्रों में बुधवार को मौसम का मिजाज अचानक पूरी तरह बदल गया। सुबह से दिनभर गर्मी और उमस का माहौल रहा लेकिन दोपहर के बाद से आसमान में बादल छाने लगे। शाम होते होते कई जगहों पर मौसम पूरी तरह सक्रिय हो गया। तेज हवाएं चलीं, बारिश हुई और कुछ इलाकों में ओले भी गिरे। यह अचानक बदलाव किसानों के लिए चिंता का कारण बन गया है क्योंकि इस समय रबी की फसलें पकने और कटाई के अंतिम चरण में हैं। गेहूं, सरसों, चना और अन्य फसलें खेतों में तैयार खड़ी हैं। ऐसे में बारिश और खासकर ओलावृष्टि से भारी नुकसान हो सकता है।
मौसम विभाग ने भी कई राज्यों के लिए चेतावनी जारी की है। आइए विस्तार से जानते हैं कि किन क्षेत्रों में मौसम बदला और फसलों पर क्या असर (Crop Damage) पड़ सकता है।
Crop Damage: दिल्ली-NCR में तेज हवा और बारिश से राहत
दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र में बुधवार की देर शाम अचानक मौसम में नाटकीय बदलाव देखने को मिला। करीब शाम 6 बजे के आसपास तेज हवाएं चलनी शुरू हुईं। हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई। कुछ जगहों पर झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक तेज रहे। इन तेज हवाओं के कारण पेड़ों की शाखाएं टूटीं, कुछ जगहों पर बिजली के तार गिरे और होर्डिंग्स उखड़ गए। तेज हवाओं के तुरंत बाद बारिश शुरू हो गई। यह बारिश हल्की से मध्यम तीव्रता की थी जो लगभग 30 से 40 मिनट तक जारी रही। दिनभर की गर्मी और उमस से परेशान लोगों को इस बारिश से राहत मिली। तापमान में तुरंत 4 से 5 डिग्री की गिरावट महसूस हुई। दिल्ली में अधिकतम तापमान जो दोपहर में 32 डिग्री के आसपास था, शाम तक 27 से 28 डिग्री पर आ गया। नोएडा, गुरुग्राम, फरीदाबाद और गाजियाबाद में भी यही स्थिति रही।
हालांकि तेज हवाओं ने यातायात में कुछ असुविधा पैदा की और कुछ इलाकों में जलभराव भी हुआ। लेकिन समग्र रूप से यह बारिश लोगों के लिए सुखद रही।
Crop Damage: महाराष्ट्र में फसलों को गंभीर नुकसान की आशंका
महाराष्ट्र के कई जिलों विशेष रूप से नासिक, लातूर और छत्रपति संभाजीनगर में बुधवार को बारिश और ओलावृष्टि की गंभीर घटनाएं सामने आई हैं। यह मौसम की गतिविधि किसानों के लिए बहुत चिंताजनक और नुकसानदायक साबित हुई है। नासिक जिला महाराष्ट्र में प्याज उत्पादन का सबसे बड़ा केंद्र है। यहां लाखों हेक्टेयर में प्याज की खेती होती है। इस समय प्याज की फसल पूरी तरह तैयार है और कटाई का काम चल रहा था। लेकिन अचानक हुई तेज बारिश और ओलावृष्टि से खेतों में खड़ी प्याज की फसल (Crop Damage) को भारी नुकसान हुआ है। जानकारी के अनुसार हजारों हेक्टेयर में फसल क्षतिग्रस्त हो गई है। प्याज के पौधे (Crop Damage) गिर गए हैं। जो प्याज निकलने वाले थे वे खेत में ही सड़ सकते हैं। पहले से ही प्याज के किसान कम भाव मिलने से परेशान थे।
पिछले कुछ महीनों से प्याज के दाम बहुत कम हैं। मंडी में 500 से 800 रुपये प्रति क्विंटल तक भाव मिल रहे थे जो उत्पादन लागत से भी कम है। ऐसे में यह नुकसान किसानों के लिए दोहरी मार है। लातूर और संभाजीनगर में भी सरसों, चना और अन्य रबी फसलों को नुकसान (Crop Damage) की खबरें हैं। कई जगह ओलों के कारण फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है।
Crop Damage: गेहूं और सरसों की तैयार फसल पर खतरा
मौसम के इस अचानक और अप्रत्याशित बदलाव का सबसे बड़ा और गंभीर असर उन क्षेत्रों की खेती पर पड़ने की आशंका है जहां गेहूं और सरसों की फसल पककर पूरी तरह तैयार हो चुकी है। मार्च का महीना रबी फसलों की कटाई का समय है। गेहूं अपने अंतिम चरण में है। दाने पूरी तरह भर चुके हैं और फसल सुनहरे रंग की हो गई है। कई जगहों पर कटाई शुरू भी हो गई थी। ऐसे में अगर तेज बारिश होती है तो गेहूं की बालियां गीली (Crop Damage) हो जाती हैं। फसल गिर जाती है। दाने अंकुरित हो सकते हैं। अंकुरित गेहूं की गुणवत्ता बहुत खराब हो जाती है और बाजार में अच्छा दाम नहीं मिलता। सरसों की स्थिति और भी नाजुक है। सरसों की फलियां पक चुकी (Crop Damage) हैं।
अगर इस समय तेज हवा या बारिश होती है तो फलियां फट जाती हैं और दाने जमीन पर गिर जाते हैं। इससे उपज में भारी कमी (Crop Damage) आती है। उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में गेहूं और सरसों की व्यापक खेती है। इन राज्यों में अगर बारिश और ओलावृष्टि होती है तो करोड़ों रुपये का नुकसान हो सकता है।
Crop Damage: बागवानी फसलों और आम के बागानों पर असर
रबी की अनाज फसलों के अलावा बागवानी फसलों पर भी मौसम के इस बदलाव का गंभीर असर पड़ने की प्रबल संभावना है। खासकर आम के बागानों के लिए यह समय बहुत संवेदनशील और महत्वपूर्ण है। इस समय आम के पेड़ों पर बौर यानी फूल आए हुए हैं। कुछ जगहों पर छोटे छोटे फल भी लगने शुरू हो गए हैं। यह बहुत नाजुक अवस्था है। अगर इस समय तेज हवा, बारिश या ओलावृष्टि होती है तो बौर और छोटे फल झड़ जाते हैं। इससे आम की फसल बहुत प्रभावित होती है और उत्पादन में भारी कमी आ जाती है। उत्तर प्रदेश, बिहार, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक आम उत्पादन के प्रमुख राज्य हैं।
इन राज्यों के बागवान बहुत चिंतित हैं। इसके अलावा लीची, अमरूद और अन्य फलों की फसलें भी प्रभावित हो सकती हैं। सब्जियों की खेती पर भी असर पड़ सकता है। टमाटर, बैंगन, मिर्च जैसी फसलें इस मौसम से प्रभावित होती हैं।
Crop Damage: कर्नाटक में दोपहर को ओलावृष्टि दर्ज
दिल्ली और महाराष्ट्र से पहले दोपहर के समय कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भी बारिश के साथ ओलावृष्टि दर्ज की गई थी। बेंगलुरु और आसपास के कुछ इलाकों में अचानक मौसम बदला और ओले गिरने लगे। यह ओलावृष्टि लगभग 10 से 15 मिनट तक जारी रही। ओलों का आकार मटर के दाने जितना था। इससे खड़ी फसलों को कुछ नुकसान हुआ है।
कर्नाटक में इस समय तुअर दाल, सब्जियां और बागवानी फसलों की खेती चल रही है। स्थानीय किसानों ने नुकसान की शिकायत की है। मौसम विभाग ने आगे भी बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई है।
Crop Damage: पूर्वोत्तर राज्यों में भी तेज बारिश की रिपोर्ट
पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों विशेष रूप से असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और मणिपुर में भी बुधवार को तेज बारिश और कुछ जगहों पर ओले गिरने की खबरें सामने आईं। इन इलाकों में मौसम का मिजाज बहुत तेजी से बदला। सुबह धूप निकली थी लेकिन दोपहर तक घने बादल छा गए और तेज बारिश शुरू हो गई। स्थानीय स्तर पर फसलों और बागानों को असर देखने को मिला। पूर्वोत्तर में इस समय चाय के बागान, धान की खेती और विभिन्न सब्जियां उगाई जाती हैं। अचानक मौसम बदलने से इन फसलों को नुकसान हो सकता है। कुछ इलाकों में बिजली गिरने की भी रिपोर्ट आई है।
Crop Damage: मौसम विभाग का पूर्वानुमान और चेतावनी
भारतीय मौसम विभाग यानी IMD के अनुसार दिल्ली-NCR में यह मौसम परिवर्तन अगले 48 घंटों यानी 2 दिनों तक बना रह सकता है। इस अवधि में आसमान में बादल छाए रहने, हल्की से मध्यम बारिश, गरज चमक के साथ बिजली गिरने और तेज हवाओं की गतिविधि लगातार जारी रहने की संभावना है। पूर्वानुमान के मुताबिक 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की औसत रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं जो कुछ समय के लिए झोंकों में 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक भी पहुंच सकती हैं। इसके साथ ही अगले कुछ दिनों में अधिकतम तापमान में धीरे धीरे 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की उल्लेखनीय गिरावट दर्ज होने की प्रबल संभावना जताई गई है। इस गिरावट के कारण तापमान सामान्य या सामान्य से नीचे चला जा सकता है। यह स्थिति पूरे NCR क्षेत्र में यानी नोएडा, गुरुग्राम, फरीदाबाद और गाजियाबाद में भी देखने को मिल सकती है।
Crop Damage: येलो अलर्ट जारी, सतर्कता की सलाह
मौसम विभाग ने दिल्ली सहित आसपास के सभी क्षेत्रों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इस अलर्ट में लोगों को खासतौर पर शाम के समय तेज हवाओं और बिजली गिरने की संभावना को लेकर सतर्क और सावधान रहने की सलाह दी गई है। बाहर खुले में काम करने वालों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। पेड़ों के नीचे खड़े न हों। बिजली के खंभों और तारों से दूर रहें। वाहन चलाते समय सावधानी रखें। वहीं हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कुछ हिस्सों में भी हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाओं की गतिविधि लगातार जारी रहने का अनुमान जताया गया है। इन राज्यों के किसानों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
Crop Damage: उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत के लिए व्यापक चेतावनी
भारतीय मौसम विभाग के नवीनतम पूर्वानुमान के अनुसार उत्तर और उत्तर पश्चिम भारत के कई राज्यों में बारिश, तेज हवा और ओलावृष्टि की व्यापक संभावना बनी हुई है। दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे राज्यों में मौसम का यह असर अगले 3 से 4 दिनों तक जारी रह सकता है। यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ के कारण हो रहा है। पश्चिमी विक्षोभ भूमध्य सागर से आने वाली एक मौसम प्रणाली है जो उत्तर भारत में बारिश और बर्फबारी लाती है।
Crop Damage: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
बारिश से गेहूं की फसल को क्या नुकसान हो सकता है? इस समय बारिश से गेहूं की बालियां गीली हो सकती हैं, फसल गिर सकती है और दाने अंकुरित हो सकते हैं जिससे गुणवत्ता खराब हो जाती है और कम दाम मिलता है।
महाराष्ट्र में प्याज की फसल को कितना नुकसान हुआ? नासिक में हजारों हेक्टेयर में प्याज की फसल क्षतिग्रस्त हुई है। ओलावृष्टि से पौधे गिर गए हैं और प्याज सड़ने का खतरा है।
आम के बागानों पर क्या असर पड़ेगा? इस समय आम पर बौर और छोटे फल हैं। तेज हवा और बारिश से ये झड़ सकते हैं जिससे उत्पादन में भारी कमी आ सकती है।
मौसम विभाग ने क्या चेतावनी जारी की है? दिल्ली-NCR के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। अगले 48 घंटे तेज हवा, बारिश और बिजली गिरने की संभावना है।
Read More Here
Crop Price: एमएसपी बन रही छलावा, कागजों में बढ़ रहे दाम, किसानों की जेब हो रही खाली
