Agro Bihar 2026: पटना के गांधी मैदान में 12 से 15 मार्च 2026 तक आयोजित एग्रो बिहार 2026 कृषि यंत्रीकरण मेला सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। बिहार कृषि विभाग और भारतीय उद्योग परिसंघ यानी CII के सहयोग से आयोजित इस चार दिवसीय मेले में 395 कृषि यंत्रों की बिक्री हुई जिनकी कुल कीमत लगभग ₹4.78 करोड़ थी। सरकार ने किसानों को ₹1.85 करोड़ से अधिक का अनुदान दिया। 35,000 से अधिक किसानों और आम लोगों ने इस मेले में भाग लिया। यह मेला 2011 से लगातार आयोजित हो रहा है और पूर्वी भारत का सबसे बड़ा कृषि यंत्रीकरण मेला माना जाता है।
Agro Bihar 2026 – मुख्य उपलब्धियां एक नजर में
| विवरण | आंकड़ा |
|---|---|
| मेले का स्थान | गांधी मैदान, पटना |
| आयोजन तिथि | 12 से 15 मार्च 2026 |
| कुल अवधि | 4 दिन |
| आयोजक | बिहार कृषि विभाग और CII |
| कुल कृषि यंत्र बिके | 395 |
| यंत्रों की कुल कीमत | ₹4.78 करोड़ |
| सरकारी अनुदान | ₹1.85 करोड़ से अधिक |
| कुल भागीदार किसान | 35,000 से अधिक |
| अंतिम दिन भागीदारी | 1,840 किसान |
| मेले की शुरुआत | 2011 से लगातार |
Agro Bihar 2026: 395 कृषि यंत्रों की बिक्री और ₹1.85 करोड़ की सब्सिडी
चार दिनों के इस मेले में किसानों ने बड़ी संख्या में आधुनिक कृषि यंत्र खरीदे। कुल 395 कृषि यंत्रों की बिक्री हुई जिनकी कुल कीमत लगभग ₹4.78 करोड़ रही। सरकार ने किसानों को इन यंत्रों की खरीद पर ₹1.85 करोड़ से अधिक का अनुदान दिया।
इस योजना से किसानों को कम कीमत पर आधुनिक मशीनें मिल सकीं। बिहार कृषि विभाग का कहना है कि जब किसान मशीनों का उपयोग करते हैं तो खेत का काम जल्दी पूरा होता है, मजदूरी का खर्च कम होता है और किसान को अधिक लाभ मिल सकता है।
Agro Bihar 2026: 35,000 से अधिक किसानों की भागीदारी
Agro Bihar 2026 में किसानों की भारी भीड़ उमड़ी। चार दिनों में 35,000 से अधिक किसान और आम लोग इस मेले में पहुंचे। केवल अंतिम दिन रविवार को 1,840 किसानों ने मेले में भाग लिया।
मेले में न केवल बिहार से बल्कि कई अन्य राज्यों से भी किसान, कंपनियां और कृषि विशेषज्ञ पहुंचे। मेले में आए किसानों ने विभिन्न कंपनियों के स्टॉल पर जाकर मशीनों को देखा, उनकी जानकारी ली और कई किसानों ने नई मशीनें खरीदने का भी फैसला किया।
Agro Bihar 2026: पूर्वी भारत का सबसे बड़ा कृषि यंत्रीकरण मेला
कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल ने बताया कि एग्रो बिहार मेला पूर्वी भारत का सबसे बड़ा कृषि यंत्रीकरण मेला माना जाता है। यह मेला 2011 से लगातार आयोजित किया जा रहा है।
इसका मुख्य उद्देश्य किसानों को नई तकनीक और आधुनिक कृषि यंत्रों की जानकारी देना है ताकि खेती को आसान, तेज और कम खर्च वाला बनाया जा सके।
Agro Bihar 2026: विभिन्न विभागों ने भी लगाए स्टॉल
मेले में खेती से जुड़े कई विभागों ने भी अपने स्टॉल लगाए और किसानों को जानकारी दी।
| विभाग | जानकारी का विषय |
|---|---|
| खाद्य प्रसंस्करण | उत्पाद बनाने की तकनीक |
| पशुपालन | पशु नस्ल सुधार और देखभाल |
| मत्स्य पालन | आधुनिक मछली पालन |
| गव्य विकास | दुग्ध उत्पादन वृद्धि |
| गन्ना उद्योग | गन्ना खेती की नई विधियां |
| उद्योग विभाग | कृषि आधारित उद्योग |
| सहकारिता विभाग | सहकारी समितियों की योजनाएं |
Agro Bihar 2026: कृषि मंत्री का संदेश – तकनीक है खेती का भविष्य
समापन समारोह में बिहार के कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा कि यह मेला सिर्फ मशीनों की प्रदर्शनी नहीं था बल्कि किसानों के लिए सीखने का एक बड़ा मंच था। आज के समय में खेती को आगे बढ़ाने के लिए तकनीक का उपयोग बहुत जरूरी है। मशीनों से खेती करने पर समय की बचत होती है और काम भी बेहतर तरीके से होता है।
उन्होंने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में कृषि को मजबूत बनाने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। इनमें कृषि रोड मैप, बेहतर सिंचाई व्यवस्था, उन्नत बीज, बागवानी और कृषि यंत्रीकरण जैसी योजनाएं शामिल हैं।
Agro Bihar 2026: पुरस्कार विजेता कंपनियां
समापन समारोह में मेले में भाग लेने वाली कंपनियों और अधिकारियों को सम्मानित किया गया।
| पुरस्कार | कंपनी |
|---|---|
| प्रथम पुरस्कार | बिरला टायर्स |
| द्वितीय पुरस्कार | हैवल्स इंडिया |
| तृतीय पुरस्कार | शक्तिमान एग्रीकल्चरल इक्विपमेंट |
Agro Bihar 2026: बिहार में कृषि यंत्रीकरण योजना का लाभ कैसे उठाएं
बिहार के किसान SMAM यानी Sub-Mission on Agricultural Mechanisation योजना के तहत कृषि यंत्रों पर 40 से 80 प्रतिशत तक सब्सिडी प्राप्त कर सकते हैं।
आवेदन के लिए dbtagriculture.bihar.gov.in पर ऑनलाइन पंजीकरण कराना होगा। किसान पंजीकरण संख्या, आधार कार्ड, बैंक खाता विवरण और जमीन के कागजात जरूरी हैं।
कृषि विशेषज्ञ और यंत्रीकरण सलाहकार डॉ. राजेश कुमार सिंह का कहना है कि एग्रो बिहार 2026 ने साबित किया है कि बिहार के किसान अब आधुनिक तकनीक अपनाने के लिए तैयार हैं। 395 मशीनों की बिक्री और ₹1.85 करोड़ की सब्सिडी यह दर्शाती है कि जब सरकार सहयोग करती है तो किसान आगे बढ़ता है। इस मेले से मिली जागरूकता बिहार के कृषि क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी।
FAQ – Agro Bihar 2026 से जुड़े जरूरी सवाल
सवाल: Agro Bihar 2026 में कितने कृषि यंत्र बिके? \
जवाब: एग्रो बिहार 2026 में चार दिनों में कुल 395 कृषि यंत्रों की बिक्री हुई। इनकी कुल कीमत लगभग ₹4.78 करोड़ थी और सरकार ने ₹1.85 करोड़ से अधिक का अनुदान दिया।
सवाल: Agro Bihar 2026 का आयोजन कौन करता है?
जवाब: एग्रो बिहार मेले का आयोजन बिहार कृषि विभाग द्वारा भारतीय उद्योग परिसंघ यानी CII के सहयोग से किया जाता है। यह मेला 2011 से प्रतिवर्ष पटना के गांधी मैदान में आयोजित होता है।
सवाल: बिहार में कृषि यंत्र सब्सिडी के लिए कहां आवेदन करें?
जवाब: बिहार में कृषि यंत्र सब्सिडी के लिए dbtagriculture.bihar.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन करें। SMAM योजना के तहत 40 से 80 प्रतिशत तक सब्सिडी मिलती है।
सवाल: Agro Bihar 2026 में कितने किसान शामिल हुए?
जवाब: चार दिनों के मेले में 35,000 से अधिक किसान और आम लोग शामिल हुए। अंतिम दिन रविवार को 1,840 किसानों ने भाग लिया।
Agro Bihar 2026: निष्कर्ष
Agro Bihar 2026 ने बिहार के किसानों में कृषि यंत्रीकरण के प्रति बढ़ती जागरूकता और उत्साह को स्पष्ट रूप से दर्शाया। 395 मशीनों की बिक्री, ₹1.85 करोड़ की सब्सिडी और 35,000 से अधिक किसानों की भागीदारी इस मेले की सफलता की कहानी बयां करती है। कृषि मंत्री का यह संदेश बिल्कुल सही है कि आधुनिक खेती के लिए तकनीक अपनाना समय की जरूरत है। बिहार सरकार की कृषि योजनाओं और इस तरह के मेलों से किसानों की आय बढ़ेगी और बिहार का कृषि क्षेत्र नई ऊंचाइयों को छुएगा।
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