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Shankar Napier Ghas: पशुओं की सेहत और दूध उत्पादन बढ़ाने वाला सुपर चारा

Shankar Napier Ghas

Shankar Napier Ghas

Shankar Napier Ghas क्या है?

आज के समय में पशुपालकों के सामने सबसे विकट समस्या हरे चारे की कमी है। बढ़ते खर्च और घटती जमीन के कारण किसानों को अपने पशुओं के लिए पौष्टिक चारा जुटाना बड़ा मुश्किल हो रहा है। ऐसे में Shankar Napier Ghas पशुपालकों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। यह घास न केवल पशुओं को खाने मै बेहद पसंद है, बल्कि इसमें भरपूर विटामिन व मिनरल होने के कारण यह दूध उत्पादन बढ़ाने में भी मदद करती है।

विशेषज्ञों के अनुसार, अगर किसान एक बार Shankar Napier Ghas की खेती करता, तो अगले 4 से 5 वर्षों तक उसे दोबारा हरा चारा लगाने की कोई जरूरत नहीं है। यही वजह है कि अब धीरे-धीरे किसान इस घास की खेती की ओर आकर्षित हो रहे हैं।

पशुओं को क्यों पसंद आती है Shankar Napier Ghas?

पशुपालन वैज्ञानिकों के मुताबिक, Shankar Napier Ghas अच्छी खासी रसदार और मुलायम होती है। यही कारण है कि गाय, भैंस और अन्य दुधारू पशु इसे बड़े चाव से खाते हैं। यह घास भूतबआसानी से पच जाती है और पशुओं के पाचन तंत्र को भी मजबूत बनाती है।

इस घास के नियमित सेवन से पशुओं में कई लाभ देखने को मिलते हैं:

दूध उत्पादन में बढ़ोतरी

पशुओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत

शरीर में ताकत और ऊर्जा बढ़ना

पशुओं का वजन और स्वास्थ्य बेहतर होना

चारे की लागत में कमी


Shankar Napier Ghas में पाए जाते हैं भरपूर पोषक तत्व

अगर पोषण की बात करें तो Shankar Napier Ghas किसी दूसरी घास से कई गुना लाभदायक मानी जाती है। इसमें भरपूर मात्रा में प्रोटीन, कैल्शियम और फास्फोरस पाया जाता है।

इस घास में मौजूद प्रमुख पोषक तत्व

पोषक तत्वमात्राशुष्क पदार्थ16 से 17 प्रतिशतक्रूड प्रोटीन9 से 14 प्रतिशतकैल्शियमअच्छी मात्राफास्फोरसपर्याप्त मात्रा

इन सभी पोषक तत्वों के वजह से यह घास दुधारू पशुओं के लिए बेहद फायदेमंद साबित होती है।

बंजर जमीन पर भी आसानी से होती है खेती

कई किसान सोचते हैं कि अच्छी घास उगाने के लिए उपजाऊ मिट्टी जरूरी होती है, लेकिन Shankar Napier Ghas की बहुत बड़ी खासियत यही है कि इसे बंजर और कम उपजाऊ जमीन पर भी आसानी से उगाया जा सकता है।

जिन किसानों के पास अगर खाली पड़ी जमीन है, वे भी इसकी खेती से अच्छा चारा उत्पादन कर सकते हैं। इससे बेकार पड़ी जमीन का भी सही उपयोग हो जाता है।

एक बार लगाएं, 5 साल तक चारा पाएं

Shankar Napier Ghas की खेती किसानों के लिए काफी  बेहतर मानी जाती है। इसकी एक बार बुवाई करने के बाद किसान लगातार 4 से 5 वर्षों तक चारा मिलता रहता है।

बार-बार बीज खरीदने और खेत तैयार करने की जरूरत नहीं पड़ती व पैसे और समय की भी बचत होती है। यही वजह है कि यह घास पशुपालकों के खर्च को काफी कम कर देती है।

Shankar Napier Ghas की खेती कैसे करें?

1. खेत की तैयारी

खेत की अच्छी तरह जुताई करें और मिट्टी को भुरभुरा बना लें। खेत में गोबर की सड़ी खाद डालने से उत्पादन बेहतर मिलता है।

2. बुवाई का सही समय

फरवरी से जुलाई तक का समय इसकी बुवाई के लिए सबसे अच्छा माना जाता है।

3. सिंचाई

गर्मी के मौसम में 10 से 15 दिन के बाद पर सिंचाई करें।

4. कटाई

बुवाई के लगभग 60 से 70 दिन बाद पहली कटाई की जा सकती है। इसके बाद हर 40 से 45 दिन में कटाई होती रहती है।

दूसरी चारा फसलों से क्यों बेहतर है Shankar Napier Ghas?

दूसरी हरी चारा फसलों की तुलना में Shankar Napier Ghas कई मायनों में बेहतर मानी जाती है।

इसकी खास बातें

अधिक उत्पादन

कम लागत

लंबे समय तक चारा उपलब्ध

कम पानी में भी अच्छी वृद्धि

पशुओं के लिए स्वादिष्ट और पौष्टिक

दूध उत्पादन बढ़ाने में सहायक


इसी मुख्य कारण से अब कई पशुपालक पारंपरिक चारे की जगह इस घास को अपनाने लगे हैं।

दूध उत्पादन बढ़ाने में कैसे मदद करती है?

दुधारू पशुओं को यदि संतुलित और पौष्टिक आहार मिले, तो उनका दूध उत्पादन स्वतः बढ़ने लगता है। Shankar Napier Ghas में मौजूद प्रोटीन और मिनरल्स पशुओं के शरीर को बेहतर पोषण देते हैं।

यह घास पशुओं की दुर्बलता को दूर करने के साथ-साथ दुग्ध उत्पादन को भी बेहतर बनाती है। कई पशुपालकों का अनुभव है कि इस घास के नियमित सेवन से दूध की मात्रा और गुणवत्ता दोनों बेहतर होता है।

छोटे किसानों के लिए फायदेमंद विकल्प

छोटे और सीमांत किसानों के लिए Shankar Napier Ghas काफी लाभदायक साबित हो सकती है। कम लागत में अधिक चारा मिलने से पशुपालन का खर्च घटता है और मुनाफा बढ़ता है।

जो किसान डेयरी व्यवसाय करते हैं, उनके लिए यह घास आय बढ़ाने का अच्छा माध्यम बन सकती है।

निष्कर्ष

अगर आप पशुपालक हैं और सालभर हरे चारे की समस्या से परेशान रहते हैं, तो Shankar Napier Ghas आपके लिए बेहतरीन विकल्प साबित हो सकती है। यह घास पौष्टिक होने के साथ-साथ कम खर्च में अधिक उत्पादन देती है। एक बार इसकी खेती करने के बाद कई वर्षों तक पशुओं को भरपूर चारा मिलता रहता है।

दूध उत्पादन बढ़ाने, पशुओं की सेहत सुधारने और चारे की लागत कम करने के लिए किसानों को इस घास की खेती जरूर करनी चाहिए।

FAQ

Q1. Shankar Napier Ghas क्या है?

Shankar Napier Ghas एक पौष्टिक हरा चारा है, जिसे दुधारू पशुओं के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है।

Q2. Shankar Napier Ghas कितने वर्षों तक चारा देती है?

एक बार बुवाई करने के बाद यह घास लगभग 4 से 5 वर्षों तक चारा देती रहती है।

Q3. क्या Shankar Napier Ghas बंजर जमीन पर उग सकती है?

हाँ, इसकी खेती बंजर और कम उपजाऊ जमीन पर भी आसानी से की जा सकती है।

Q4. Shankar Napier Ghas में कितना प्रोटीन पाया जाता है?

इस घास में लगभग 9 से 14 प्रतिशत तक क्रूड प्रोटीन पाया जाता है।

Q5. क्या Shankar Napier Ghas दूध उत्पादन बढ़ाती है?

हाँ, इसमें मौजूद पोषक तत्व पशुओं की सेहत सुधारने के साथ दूध उत्पादन बढ़ाने में मदद करते हैं।

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