Pyaj Mandi Bhav 5 May 2026: देश के विभिन्न मंडियों में प्याज की कीमतों में आज उल्लेखनीय उतार चढ़ाव दर्ज किया गया है। मंगलवार को प्याज मंडी भाव की जानकारी के मुताबिक राष्ट्रीय स्तर पर औसत मूल्य 2369 रुपये (Pyaj Mandi Bhav 5 May 2026) प्रति क्विंटल रहा जबकि प्रति किलो भाव 23.69 रुपये (Pyaj Mandi Bhav 5 May 2026) तक पहुंच गया। न्यूनतम कीमत 700 रुपये प्रति क्विंटल और अधिकतम 5500 रुपये (Pyaj Mandi Bhav 5 May 2026) प्रति क्विंटल रही। यह स्थिति बाजार में आपूर्ति और मांग के संतुलन को दर्शाती है जहां कुछ राज्यों में भारी गिरावट तो कुछ में तेजी दिख रही है।
Pyaj Mandi Bhav 5 May 2026: राष्ट्रीय स्तर पर प्याज बाजार की वर्तमान स्थिति
प्याज मंडी भाव आज पूरे भारत में मिश्रित संकेत दे रहा है। सुबह के व्यापार में कई प्रमुख मंडियों में कीमतें स्थिर रहीं लेकिन दोपहर तक कुछ क्षेत्रों में मांग बढ़ने से भाव बढ़ गए। औसतन 2369 रुपये (Pyaj Mandi Bhav 5 May 2026) प्रति क्विंटल का स्तर पिछले कुछ दिनों की तुलना में थोड़ा ऊपर है। यह बदलाव मुख्य रूप से मौसम की स्थिति उत्पादन क्षेत्रों में नई फसल की आवक और निर्यात की संभावनाओं से जुड़ा है।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान में प्याज की कुल उपलब्धता अच्छी है लेकिन क्षेत्रीय असमानता के कारण कीमतें अलग अलग बनी हुई हैं। जहां उत्तरी और पश्चिमी राज्यों में भाव (Pyaj Mandi Bhav 5 May 2026) अपेक्षाकृत कम हैं वहीं दक्षिणी राज्यों में मांग अधिक होने से कीमतें ऊंची चल रही हैं। इस स्थिति का असर थोक बाजार से लेकर खुदरा दुकानों तक देखा जा रहा है। उपभोक्ता अभी औसतन 25 से 30 रुपये प्रति किलो की दर पर प्याज खरीद रहे हैं।
Pyaj Mandi Bhav 5 May 2026: विभिन्न राज्यों में प्याज की कीमतों का विश्लेषण
प्याज मंडी भाव में राज्य स्तर पर काफी विविधता है। कुछ राज्यों में कीमतें बहुत कम हैं तो कुछ में काफी ऊंची। उदाहरण के लिए गुजरात और मध्य प्रदेश जैसे उत्पादक राज्यों में भाव नीचे हैं जबकि केरल और तेलंगाना में ऊंचे स्तर पर बने हुए हैं। महाराष्ट्र में औसत 1600 रुपये प्रति क्विंटल के आसपास है जो कि नासिक और अन्य उत्पादक क्षेत्रों की अच्छी आवक के कारण है।
उत्तर प्रदेश और बिहार में भी 1100 से 2800 रुपये (Pyaj Mandi Bhav 5 May 2026) प्रति क्विंटल के बीच कीमतें घूम रही हैं। दिल्ली एनसीटी क्षेत्र में औसत 2700 रुपये (Pyaj Mandi Bhav 5 May 2026) प्रति क्विंटल है जो राजधानी की मजबूत मांग को दिखाता है। तमिलनाडु में बेल्लारी किस्म के प्याज की कीमतें 2200 से 3000 रुपये (Pyaj Mandi Bhav 5 May 2026) प्रति क्विंटल तक पहुंच गई हैं।
नीचे दी गई तालिका में प्रमुख राज्यों के औसत प्याज मंडी भाव (Pyaj Mandi Bhav 5 May 2026) को दर्शाया गया है।
| राज्य | किलो मूल्य (रुपये) | क्विंटल मूल्य (रुपये) |
|---|---|---|
| गोवा | 9 से 30 | 900 से 3000 |
| चंडीगढ़ | 11 | 1100 |
| झारखंड | 13.5 | 1350 |
| आंध्र प्रदेश | 32 | 3200 |
| छत्तीसगढ़ | 33 | 3300 |
| दिल्ली एनसीटी | 27 | 2700 |
| तमिलनाडु | 27.5 | 2750 |
| नगालैंड | 30 | 3000 |
| मणिपुर | 27.5 | 2750 |
| गुजरात | 6.05 | 605 |
| हिमाचल प्रदेश | 18 | 1800 |
| त्रिपुरा | 21 | 2100 |
| तेलंगाना | 50 | 5000 |
| केरल | 61 | 6100 |
| महाराष्ट्र | 16 | 1600 |
| पश्चिम बंगाल | 11.5 | 1150 |
| उत्तर प्रदेश | 11 | 1100 |
| कर्नाटक | 17.5 | 1750 |
| उत्तराखंड | 20 | 2000 |
| असम | 24 | 2400 |
| मेघालय | 33 | 3300 |
| ओडिशा | 30 | 3000 |
| बिहार | 28 | 2800 |
| राजस्थान | 21 | 2100 |
| पंजाब | 22 | 2200 |
| हरियाणा | 15 | 1500 |
| मध्य प्रदेश | 9.5 | 950 |
यह तालिका बाजार की वास्तविक तस्वीर प्रस्तुत करती है।
Pyaj Mandi Bhav 5 May 2026: उत्पादक राज्यों में प्याज मंडी भाव की विस्तृत समीक्षा
महाराष्ट्र प्याज का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य है। यहां नासिक मंडी में आज कीमतें 1600 रुपये (Pyaj Mandi Bhav 5 May 2026) प्रति क्विंटल के आसपास स्थिर हैं। किसान अच्छी फसल की उम्मीद में स्टॉक रख रहे हैं जिससे थोक भाव पर दबाव बना हुआ है। गुजरात में 605 रुपये (Pyaj Mandi Bhav 5 May 2026) प्रति क्विंटल का बहुत कम स्तर किसानों के लिए चिंता का विषय है। यहां अतिरिक्त उत्पादन और कम मांग के कारण दबाव है।
मध्य प्रदेश में भी 950 रुपये (Pyaj Mandi Bhav 5 May 2026) प्रति क्विंटल के आसपास भाव चल रहे हैं। उत्तरी राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश और हरियाणा में 1100 से 1500 रुपये प्रति क्विंटल की रेंज में व्यापार हो रहा है। इन क्षेत्रों में स्थानीय मांग और निर्यात की कमी ने कीमतों को नियंत्रित रखा है।
Pyaj Mandi Bhav 5 May 2026: दक्षिणी राज्यों में तेजी का कारण क्या है?
दक्षिण भारत में प्याज मंडी भाव काफी ऊंचा है। तेलंगाना में 5000 रुपये (Pyaj Mandi Bhav 5 May 2026) और केरल में 6100 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंचने के पीछे मुख्य कारण स्थानीय उत्पादन की कमी और अन्य राज्यों से आने वाले परिवहन खर्च हैं। तमिलनाडु की अम्मापेट और अंडिपट्टी मंडियों में बेल्लारी किस्म 2200 से 3000 रुपये (Pyaj Mandi Bhav 5 May 2026) प्रति क्विंटल बिक रही है।
यहां उपभोक्ता मांग लगातार बनी हुई है और त्योहारों के मौसम के चलते स्टॉक बढ़ाने की प्रवृत्ति भी देखी जा रही है। आंध्र प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी 3200 से 3300 रुपये (Pyaj Mandi Bhav 5 May 2026) प्रति क्विंटल के स्तर ने बाजार को ऊंचा रखा है।
Pyaj Mandi Bhav 5 May 2026: प्याज मंडी भाव का किसानों पर क्या प्रभाव पड़ रहा है
किसान समुदाय के लिए वर्तमान प्याज मंडी भाव मिश्रित अनुभव दे रहा है। जहां कम कीमत वाले राज्यों में उत्पादकों को नुकसान हो रहा है वहीं ऊंचे भाव वाले क्षेत्रों में अच्छा मुनाफा हो रहा है। महाराष्ट्र और गुजरात के किसान कम भाव (Pyaj Mandi Bhav 5 May 2026) से निराश हैं और सरकार से न्यूनतम समर्थन मूल्य की मांग कर रहे हैं।
उत्तर भारत के किसानों को 1100 से 1500 रुपये (Pyaj Mandi Bhav 5 May 2026) प्रति क्विंटल का भाव मिल रहा है जो उत्पादन लागत को मुश्किल से कवर करता है। वहीं दक्षिणी राज्यों के किसान अच्छा लाभ कमा रहे हैं। कुल मिलाकर इस मौसम में प्याज उत्पादन अच्छा रहा है लेकिन बाजार की अनियमितता ने आय को प्रभावित किया है। किसानों के लिए इस स्थिति पर विस्तृत रिपोर्ट जारी की है।
Pyaj Mandi Bhav 5 May 2026: उपभोक्ताओं और खुदरा बाजार पर असर
आम उपभोक्ता के लिए प्याज की कीमत 23.69 रुपये (Pyaj Mandi Bhav 5 May 2026) प्रति किलो औसतन है लेकिन शहरों में यह 25 से 35 रुपये (Pyaj Mandi Bhav 5 May 2026) तक जा रही है। दिल्ली जैसे बड़े शहरों में 27 रुपये (Pyaj Mandi Bhav 5 May 2026) प्रति किलो का स्तर मध्यम वर्ग के बजट को प्रभावित कर रहा है। घरेलू रसोई में प्याज का इस्तेमाल बहुत ज्यादा होता है इसलिए भाव में किसी भी बदलाव का सीधा असर परिवारों की मासिक खर्च पर पड़ता है। हालांकि वर्तमान स्तर पिछले सालों की तुलना में नियंत्रित है।
Pyaj Mandi Bhav 5 May 2026: बाजार में उतार चढ़ाव के प्रमुख कारण
प्याज मंडी भाव (Pyaj Mandi Bhav 5 May 2026) आज कई कारकों से प्रभावित है। मौसम की अनियमितता कुछ क्षेत्रों में फसल को प्रभावित कर रही है। निर्यात नीति में बदलाव और अंतरराष्ट्रीय मांग भी कीमतों को प्रभावित कर रही है।
इसके अलावा परिवहन लागत बढ़ने और मंडी में आवक के समय पर निर्भरता ने भी बाजार को अस्थिर रखा है। व्यापारी स्टॉक करने की रणनीति अपना रहे हैं जिससे थोक और खुदरा भाव (Pyaj Mandi Bhav 5 May 2026) में अंतर बना हुआ है।
Pyaj Mandi Bhav 5 May 2026: सरकार की भूमिका और संभावित उपाय
केंद्र और राज्य सरकारें प्याज मंडी भाव (Pyaj Mandi Bhav 5 May 2026) पर नजर रखे हुए हैं। बफर स्टॉक की रिलीज और आयात निर्यात नीति के माध्यम से कीमतों को स्थिर करने के प्रयास जारी हैं। कई राज्यों में किसानों को सीधे मंडी पहुंचाने के लिए ई नेशनल एग्रीकल्चर मार्केट प्लेटफॉर्म को बढ़ावा दिया जा रहा है।
यह प्लेटफॉर्म मध्यस्थों को कम करके किसानों को बेहतर भाव दिलाने में मदद कर रहा है। आने वाले दिनों में और अधिक सुधार की उम्मीद है।
Pyaj Mandi Bhav 5 May 2026: भविष्य की संभावनाएं और बाजार आउटलुक
आने वाले हफ्तों में प्याज मंडी भाव में स्थिरता आने की संभावना है। नई फसल की आवक बढ़ने से कीमतें नीचे आ सकती हैं लेकिन मानसून की स्थिति पर निर्भर करेगा। निर्यात बढ़ने से भी सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
कुल मिलाकर किसान और व्यापारी दोनों को सतर्क रहना होगा। बाजार में मध्यम अवधि में 2000 से 2500 रुपये (Pyaj Mandi Bhav 5 May 2026) प्रति क्विंटल का रेंज संभव है।
Pyaj Mandi Bhav 5 May 2026: प्याज मंडी भाव से जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण बातें
देशभर में प्याज की खपत सालाना आधार पर बढ़ रही है। स्वास्थ्य लाभ जैसे एंटीऑक्सीडेंट गुणों के कारण इसकी मांग लगातार बनी हुई है। किसान नई किस्मों और बेहतर भंडारण तकनीकों को अपनाकर उत्पादन बढ़ा रहे हैं। मंडी सुधार और डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग से पारदर्शिता बढ़ी है। उपभोक्ता भी अब ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से भाव (Pyaj Mandi Bhav 5 May 2026) चेक करके खरीदारी कर रहे हैं।
Pyaj Mandi Bhav 5 May 2026: क्षेत्रीय विविधता और सांस्कृतिक महत्व
प्याज भारतीय रसोई का अभिन्न हिस्सा है। उत्तर से दक्षिण तक हर क्षेत्र में इसके उपयोग का अपना तरीका है। कीमतों में उतार चढ़ाव न सिर्फ अर्थव्यवस्था बल्कि दैनिक जीवन को भी प्रभावित करता है। इसलिए प्याज मंडी भाव (Pyaj Mandi Bhav 5 May 2026) पर नजर रखना हर किसी के लिए जरूरी है।
Pyaj Mandi Bhav 5 May 2026: निष्कर्ष और सलाह
5 मई 2026 को प्याज मंडी भाव की स्थिति संतुलित लेकिन क्षेत्रीय रूप से अलग अलग है। औसत 2369 रुपये प्रति क्विंटल का स्तर बाजार की गतिशीलता को दर्शाता है। किसानों को बेहतर भंडारण और विविधीकरण की सलाह दी जाती है जबकि उपभोक्ताओं को मौजूदा भाव में खरीदारी जारी रखनी चाहिए।
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