Pyaj Mandi Bhav 22 April 2026: प्याज का मंडी भाव पूरी तरह से बदलाव के साथ सामने आया है। इस दिन देश भर की मंडियों में प्याज की कीमतें औसतन 1553 रुपये (Pyaj Mandi Bhav 22 April 2026) प्रति क्विंटल के आसपास दर्ज की गईं। किसान और व्यापारी दोनों ही इस स्थिति पर नजर रखे हुए हैं क्योंकि प्याज एक ऐसी फसल है जो रोजमर्रा की रसोई से लेकर बड़े स्तर पर व्यापार तक प्रभावित करती है। आज हम इस लेख में 22 अप्रैल 2026 के प्याज बाजार (Pyaj Mandi Bhav 22 April 2026) का विस्तृत विश्लेषण करेंगे। हम राज्यवार कीमतों की चर्चा करेंगे प्रमुख मंडियों का हाल बताएंगे और साथ ही उन कारकों पर भी प्रकाश डालेंगे जो इन भावों को प्रभावित कर रहे हैं।
Pyaj Mandi Bhav 22 April 2026: औसत भाव और कीमतों में भारी अंतर
प्याज की खेती भारत में बड़े पैमाने पर होती है और महाराष्ट्र जैसे राज्य इसका मुख्य उत्पादक माने जाते हैं। लेकिन 22 अप्रैल 2026 को देखा जाए तो बाजार में उतार चढ़ाव साफ नजर आ रहा है। कुछ राज्यों में कीमतें काफी कम हो गई हैं जबकि कुछ जगहों पर वे ऊंची बनी हुई हैं। औसत मूल्य 1553 रुपये (Pyaj Mandi Bhav 22 April 2026) प्रति क्विंटल है जो पिछले कुछ दिनों की तुलना में स्थिर दिख रहा है। न्यूनतम मूल्य 100 रुपये प्रति क्विंटल तक गिर गया है और अधिकतम 6000 रुपये (Pyaj Mandi Bhav 22 April 2026) प्रति क्विंटल तक पहुंच गया है। यह विस्तार बताता है कि बाजार कितना असमान हो सकता है। किलो के हिसाब से औसत 15.53 रुपये (Pyaj Mandi Bhav 22 April 2026) के आसपास है जो आम उपभोक्ता के लिए थोड़ा राहत भरा है लेकिन किसानों के लिए चुनौतीपूर्ण भी हो सकता है।
Pyaj Mandi Bhav 22 April 2026: उत्तर से दक्षिण तक प्याज की कीमतों का अंतर
अब राज्यवार स्थिति पर नजर डालें। गुजरात में प्याज की कीमतें सबसे कम 6.05 रुपये (Pyaj Mandi Bhav 22 April 2026) प्रति किलो यानी 605 रुपये (Pyaj Mandi Bhav 22 April 2026) प्रति क्विंटल के आसपास हैं। यहां स्थानीय उत्पादन अच्छा होने और आपूर्ति ज्यादा होने के कारण भाव दबे हुए हैं। किसान यहां जल्दी फसल बेचने को मजबूर दिख रहे हैं। वहीं केरल में स्थिति उलट है जहां कीमतें 61 रुपये (Pyaj Mandi Bhav 22 April 2026) प्रति किलो यानी 6100 रुपये (Pyaj Mandi Bhav 22 April 2026) प्रति क्विंटल तक पहुंच गई हैं। दक्षिण भारत के इस राज्य में मांग ज्यादा है और आपूर्ति सीमित होने से भाव बढ़े हुए हैं। महाराष्ट्र जहां प्याज का बड़ा बाजार है वहां औसत 16 रुपये प्रति किलो यानी 1600 रुपये (Pyaj Mandi Bhav 22 April 2026) प्रति क्विंटल है। नासिक, पुणे जैसे इलाकों में लोकल और नासिक किस्म के प्याज की कीमतें 450 से 1052 रुपये प्रति क्विंटल तक देखी गईं।
मध्य प्रदेश में 9.5 रुपये (Pyaj Mandi Bhav 22 April 2026) प्रति किलो यानी 950 रुपये प्रति क्विंटल का स्तर है। यहां भी आपूर्ति मजबूत है। उत्तर प्रदेश में 11 रुपये प्रति किलो यानी 1100 रुपये (Pyaj Mandi Bhav 22 April 2026) प्रति क्विंटल है। दिल्ली एनसीटी में 27 रुपये प्रति किलो यानी 2700 रुपये प्रति क्विंटल तक भाव हैं। तमिलनाडु 27.5 रुपये (Pyaj Mandi Bhav 22 April 2026) प्रति किलो यानी 2750 रुपये प्रति क्विंटल पर है। आंध्र प्रदेश में 32 रुपये प्रति किलो यानी 3200 रुपये (Pyaj Mandi Bhav 22 April 2026) प्रति क्विंटल दर्ज किया गया। छत्तीसगढ़ 33 रुपये प्रति किलो यानी 3300 रुपये पर मजबूत है।
ओडिशा राज्य में प्याज की कई मंडियों में कीमतें 1100 से 3100 रुपये (Pyaj Mandi Bhav 22 April 2026) प्रति क्विंटल के बीच हैं। उदाहरण के लिए बीरमहराजपुर मंडी में 1800 से 2000 रुपये बौध मंडी में 2000 से 2500 रुपये (Pyaj Mandi Bhav 22 April 2026) और ढेंकनाल में 3100 रुपये (Pyaj Mandi Bhav 22 April 2026) तक पहुंच गए। महाराष्ट्र के पिंपलगांव बसवंत में 450 से 1052 रुपये पुणे मोशी और पिंपरी में 500 से 1000 रुपये (Pyaj Mandi Bhav 22 April 2026) के बीच लोकल किस्म के प्याज मिल रहे हैं। त्रिपुरा के दसदा मंडी में 2000 से 2100 रुपये का भाव है। ये आंकड़े दिखाते हैं कि देश भर में कितना विविधता भरा बाजार है।
Pyaj Mandi Bhav 22 April 2026: प्रमुख राज्यों के प्याज भाव की विस्तृत तालिका
अब हम एक टेबल के जरिए प्रमुख राज्यों की कीमतों (Pyaj Mandi Bhav 22 April 2026) को स्पष्ट रूप से समझते हैं। यह टेबल 22 अप्रैल 2026 बुधवार की स्थिति को दर्शाती है।
| राज्य | प्रति किलो मूल्य रुपये | प्रति क्विंटल मूल्य रुपये |
| गोवा | 10 से 30 | 1000 से 3000 |
| चंडीगढ़ | 11 | 1100 |
| झारखंड | 13.5 | 1350 |
| आंध्र प्रदेश | 32 | 3200 |
| छत्तीसगढ़ | 33 | 3300 |
| दिल्ली एनसीटी | 27 | 2700 |
| तमिलनाडु | 27.5 | 2750 |
| नगालैंड | 30 | 3000 |
| मणिपुर | 27.5 | 2750 |
| गुजरात | 6.05 | 605 |
| हिमाचल प्रदेश | 18 | 1800 |
| त्रिपुरा | 21 | 2100 |
| तेलंगाना | 50 | 5000 |
| केरल | 61 | 6100 |
| महाराष्ट्र | 16 | 1600 |
| पश्चिम बंगाल | 11.5 | 1150 |
| अंडमान निकोबार | 40 | 4000 |
| उत्तर प्रदेश | 11 | 1100 |
| कर्नाटक | 17.5 | 1750 |
| उत्तराखंड | 20 | 2000 |
| असम | 24 | 2400 |
| मेघालय | 33 | 3300 |
| ओडिशा | 30 | 3000 |
| बिहार | 28 | 2800 |
| जम्मू कश्मीर | 34 | 3400 |
| राजस्थान | 21 | 2100 |
| पंजाब | 22 | 2200 |
| हरियाणा | 15 | 1500 |
| मध्य प्रदेश | 9.5 | 950 |
यह टेबल साफ तौर पर राज्यवार अंतर को दिखाती है। अब हम इन राज्यों के बारे में और गहराई से चर्चा करेंगे ताकि पूरा चित्र आपके सामने आए। महाराष्ट्र भारत का सबसे बड़ा प्याज उत्पादक राज्य है। यहां नासिक, लासलगांव जैसी मंडियों का अपना महत्व है। 22 अप्रैल 2026 को यहां भाव 1600 रुपये (Pyaj Mandi Bhav 22 April 2026) प्रति क्विंटल के आसपास हैं। किसान पिछले साल की तुलना में बेहतर उत्पादन की उम्मीद कर रहे थे लेकिन मौसम की अनियमितता ने कुछ प्रभाव डाला। फिर भी आपूर्ति अच्छी बनी हुई है जिससे कीमतें नियंत्रित हैं। व्यापारी यहां से बड़े शहरों जैसे दिल्ली, मुंबई को प्याज भेज रहे हैं।
उत्तर भारत में उत्तर प्रदेश और बिहार की स्थिति थोड़ी अलग है। उत्तर प्रदेश में 1100 रुपये (Pyaj Mandi Bhav 22 April 2026) प्रति क्विंटल का स्तर है। यहां छोटे किसान ज्यादा हैं और वे स्थानीय मंडियों में प्याज बेचते हैं। बिहार में 2800 रुपये (Pyaj Mandi Bhav 22 April 2026) प्रति क्विंटल है जो मांग के कारण ऊंचा है। पूर्वी भारत में ओडिशा और पश्चिम बंगाल में मिश्रित रुख है। ओडिशा में कुछ मंडियों में 3100 (Pyaj Mandi Bhav 22 April 2026) तक पहुंचने से किसानों को थोड़ी राहत मिली है।
दक्षिण भारत के राज्य जैसे केरल, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में कीमतें ऊंची हैं। केरल में 6100 रुपये (Pyaj Mandi Bhav 22 April 2026) का स्तर उपभोक्ताओं के लिए चिंता का विषय है। यहां प्याज का आयात ज्यादा होता है लेकिन मौजूदा समय में सप्लाई चेन में कुछ देरी हुई है। तेलंगाना 5000 रुपये (Pyaj Mandi Bhav 22 April 2026) पर है। इन राज्यों में प्याज की खपत ज्यादा है क्योंकि स्थानीय व्यंजनों में इसका इस्तेमाल बढ़ा हुआ है।
पश्चिमी और उत्तरी राज्य जैसे गुजरात, राजस्थान और पंजाब में कीमतें अपेक्षाकृत कम हैं। गुजरात में 605 रुपये (Pyaj Mandi Bhav 22 April 2026) प्रति क्विंटल किसानों को निराश कर सकता है लेकिन उपभोक्ताओं के लिए अच्छा है। राजस्थान 2100 रुपये पर है। हरियाणा 1500 रुपये (Pyaj Mandi Bhav 22 April 2026) पर संतुलित दिख रहा है।
Pyaj Mandi Bhav 22 April 2026: बाजार के उतार-चढ़ाव को प्रभावित करने वाले मुख्य कारक
अब हम उन कारकों पर विचार करें जो 22 अप्रैल 2026 को प्याज के भाव (Pyaj Mandi Bhav 22 April 2026) को प्रभावित कर रहे हैं। सबसे पहले मौसम का रोल महत्वपूर्ण है। अप्रैल महीना फसल कटाई का समय है। कुछ क्षेत्रों में बारिश हुई जिससे प्याज की गुणवत्ता पर असर पड़ा। भंडारण की सुविधाएं भी सीमित हैं। महाराष्ट्र में कई कोल्ड स्टोरेज हैं लेकिन छोटे राज्यों में ऐसा नहीं है। इससे आपूर्ति में उतार चढ़ाव आता है।
दूसरा कारक निर्यात है। भारत प्याज निर्यात करता है लेकिन सरकार कभी कभी प्रतिबंध लगाती है ताकि घरेलू बाजार प्रभावित न हो। 2026 में भी ऐसी नीतियां लागू हैं जिससे भाव स्थिर रहें। तीसरा कारक परिवहन है। सड़क और रेल नेटवर्क के जरिए प्याज एक राज्य से दूसरे में जाता है। ईंधन की कीमतें और लेबर उपलब्धता भी प्रभाव डालती हैं।
किसानों के लिए यह स्थिति मिश्रित है। जहां कुछ राज्यों में अच्छे भाव मिल रहे हैं वहां वे खुश हैं लेकिन कम भाव वाले क्षेत्रों में वे घाटा उठा रहे हैं। सरकार को चाहिए कि सब्सिडी या न्यूनतम समर्थन मूल्य पर ध्यान दे। उपभोक्ताओं के लिए औसत 15 रुपये प्रति किलो थोड़ी राहत है लेकिन केरल जैसे जगहों पर महंगा प्याज रसोई का बजट बढ़ा रहा है।
प्याज की किस्मों पर भी नजर डालें। नासिक किस्म महाराष्ट्र में पॉपुलर है। लोकल किस्में ओडिशा और उत्तर प्रदेश में ज्यादा हैं। इनकी गुणवत्ता और स्टोरेज क्षमता अलग अलग होती है। अच्छी किस्में ज्यादा दाम पर बिकती हैं।
बाजार के भविष्य पर सोचें तो अगले हफ्ते में भाव स्थिर रह सकते हैं लेकिन अगर नई फसल आ गई तो गिरावट संभव है। किसानों को सलाह है कि वे मंडी की जानकारी नियमित चेक करें। व्यापारियों को भी सावधानी बरतनी चाहिए।
आर्थिक प्रभाव और किसान-उपभोक्ता हेतु विशेष सुझाव
इस पूरे विश्लेषण से पता चलता है कि 22 अप्रैल 2026 बुधवार को प्याज बाजार (Pyaj Mandi Bhav 22 April 2026) विविधता भरा है। राज्यवार अंतर बड़े हैं लेकिन कुल मिलाकर औसत स्तर पर है। इन आंकड़ों को समय पर उपलब्ध कराया है जो किसानों व्यापारियों और उपभोक्ताओं के लिए उपयोगी है।
अब हम और विस्तार से प्रत्येक राज्य को समझते हैं। महाराष्ट्र के बारे में और जानें। यहां नासिक जिले की मंडियां देश की प्याज सप्लाई का 40 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा संभालती हैं। 22 अप्रैल को पिंपलगांव बसवंत मंडी में भाव 450 रुपये (Pyaj Mandi Bhav 22 April 2026) न्यूनतम से शुरू होकर 1052 तक गए। किसान सुबह जल्दी पहुंचकर अपनी फसल बेच रहे थे। पुणे की मोशी मंडी में लोकल प्याज 500 से 1000 रुपये (Pyaj Mandi Bhav 22 April 2026) में कारोबार कर रहा था। यहां व्यापारी दिल्ली, मुंबई के खरीदारों से संपर्क में थे। महाराष्ट्र सरकार ने इस साल सिंचाई सुविधाएं बढ़ाई थीं जिससे उत्पादन अच्छा हुआ लेकिन बाजार दबाव भी बना।
उत्तर प्रदेश में कानपुर, लखनऊ और गाजियाबाद जैसी मंडियों में 1100 रुपये का औसत है। यहां छोटे किसान ट्रैक्टर ट्रॉली से प्याज लाते हैं। बिहार में पटना और भागलपुर मंडियों में 2800 रुपये तक भाव ने किसानों को थोड़ी खुशी दी। ओडिशा के बीरमहराजपुर में 1800 से 2000 रुपये (Pyaj Mandi Bhav 22 April 2026) का कारोबार हुआ। बौध मंडी में 2000 से 2500 रुपये (Pyaj Mandi Bhav 22 April 2026) देखे गए। ढेंकनाल 3100 पर मजबूत रहा।
केरल में कोच्चि और तिरुवनंतपुरम मंडियों में 6100 रुपये (Pyaj Mandi Bhav 22 April 2026) का स्तर मांग के कारण है। तेलंगाना हैदराबाद मंडी में 5000 रुपये (Pyaj Mandi Bhav 22 April 2026) पर ट्रेडिंग हुई। गुजरात के सूरत और अहमदाबाद में 605 रुपये कम भाव ने उपभोक्ताओं को फायदा पहुंचाया।
पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में 1500 से 2200 रुपये के बीच संतुलन है। इन राज्यों में प्याज का उपयोग सब्जी मंडियों में ज्यादा है। हिमाचल प्रदेश 1800 रुपये पर है जहां पहाड़ी इलाकों से आ रही फसल अच्छी क्वालिटी की है।
असम, मेघालय और नगालैंड जैसे पूर्वोत्तर राज्यों में 2400 से 3300 रुपये तक भाव हैं। यहां परिवहन लागत ज्यादा होने से कीमतें बढ़ जाती हैं।
अंडमान निकोबार में 4000 रुपये (Pyaj Mandi Bhav 22 April 2026) का स्तर द्वीपों की अलग स्थिति के कारण है।
प्याज की कीमतें मुद्रास्फीति को भी प्रभावित करती हैं। अगर भाव बढ़ें तो रसोई का खर्चा बढ़ता है। सरकार इसे नियंत्रित करने के लिए बफर स्टॉक रखती है। 2026 में भी ऐसी व्यवस्था काम कर रही है।
किसान उत्पादन लागत जैसे बीज उर्वरक और मजदूरी पर नजर रखते हैं। अगर भाव कम हों तो वे घाटे में रह जाते हैं। इसलिए सहकारी समितियां महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
उपभोक्ता स्तर पर प्याज की कीमत 15 रुपये प्रति किलो औसत पर रहने से घरेलू बजट संभल रहा है। लेकिन केरल जैसे हाई प्राइस वाले राज्यों में लोग वैकल्पिक सब्जियों की ओर मुड़ रहे हैं।
प्याज निर्यात बाजार भी देखें। बांग्लादेश और मलेशिया जैसे देशों में भारतीय प्याज की मांग है। लेकिन घरेलू जरूरत पहले पूरी की जाती है।
भंडारण तकनीक पर भी ध्यान दें। आधुनिक गोदामों में प्याज छह महीने तक रखी जा सकती है लेकिन छोटे किसानों के पास ऐसी सुविधा नहीं। सरकार को इस पर और निवेश करना चाहिए।
22 अप्रैल 2026 को बाजार का रुख मिश्रित रहा। कुछ मंडियों में तेजी कुछ में स्थिरता और कुछ में गिरावट। कुल मिलाकर यह किसानों के लिए चुनौतीपूर्ण लेकिन प्रबंधनीय दिन था।
हम आगे बढ़कर प्याज की वैश्विक तुलना भी कर सकते हैं। भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक है। चीन पहले स्थान पर है। लेकिन भारत निर्यात में मजबूत है। 2026 में मौसम के अनुकूल होने से उत्पादन बढ़ सकता है।
किसानों को सलाह दी जाती है कि वे फसल की कटाई के बाद तुरंत बेचने की बजाय थोड़ा इंतजार करें अगर भाव अच्छे हों। लेकिन भंडारण लागत भी ध्यान में रखें।
व्यापारियों के लिए यह दिन अच्छा रहा क्योंकि विविधता से लाभ कमाने का मौका मिला।
उपभोक्ताओं को सलाह है कि वे थोक में खरीदें जहां भाव कम हों।
इस तरह हमने 22 अप्रैल 2026 बुधवार के प्याज मंडी भाव को हर पहलू से कवर किया।
Pyaj Mandi Bhav 22 April 2026: सामान्य रूप से पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
- 22 अप्रैल 2026 बुधवार को प्याज का औसत मंडी भाव (Pyaj Mandi Bhav 22 April 2026) क्या था? औसत भाव 1553 रुपये प्रति क्विंटल था जो किलो में लगभग 15.53 रुपये बैठता है।
- किस राज्य में प्याज सबसे सस्ता (Pyaj Mandi Bhav 22 April 2026) मिल रहा था 22 अप्रैल 2026 को? गुजरात में सबसे सस्ता 6.05 रुपये प्रति किलो यानी 605 रुपये प्रति क्विंटल था।
- केरल में प्याज की कीमत (Pyaj Mandi Bhav 22 April 2026) इतनी ऊंची क्यों थी? मांग ज्यादा और आपूर्ति सीमित होने के कारण 61 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई थी।
- महाराष्ट्र में नासिक, पुणे मंडियों का भाव क्या था? नासिक, पुणे जैसे इलाकों में 450 से 1052 रुपये प्रति क्विंटल के बीच कारोबार हुआ।
- प्याज के भाव को कौन से मुख्य कारक प्रभावित कर रहे थे? मौसम, निर्यात नीति, परिवहन लागत और भंडारण सुविधाएं मुख्य कारक थे।
- किसानों को 22 अप्रैल 2026 की स्थिति में क्या सलाह दी जा सकती है? मंडी भाव (Pyaj Mandi Bhav 22 April 2026) नियमित चेक करें और अगर संभव हो तो अच्छे भाव का इंतजार करें लेकिन भंडारण लागत ध्यान रखें।
- उपभोक्ताओं के लिए प्याज की औसत कीमत राहत भरी थी या नहीं? हां औसत 15 रुपये प्रति किलो पर थोड़ी राहत थी लेकिन केरल जैसे राज्यों में महंगा था।
- क्या सरकार प्याज के भाव को नियंत्रित करने के लिए कोई कदम उठा रही है? हां बफर स्टॉक और निर्यात प्रतिबंध जैसी नीतियां लागू हैं ताकि घरेलू बाजार स्थिर रहे।
- अगले हफ्ते प्याज के भाव में क्या बदलाव की उम्मीद है? भाव स्थिर रह सकते हैं लेकिन नई फसल आने पर गिरावट संभव है।
- प्याज की अच्छी किस्में कहां से ज्यादा उपलब्ध थीं 22 अप्रैल 2026 को? महाराष्ट्र में नासिक किस्म और ओडिशा, उत्तर प्रदेश में लोकल किस्में प्रमुख रूप से उपलब्ध थीं।
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