Modi Era Urban Revolution: ₹28.5 Lakh Cr Investment in Cities

नए भारत के शहरी विकास का स्वर्णिम अध्याय: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की दूरदृष्टि से शहर बने गर्व और प्रगति के प्रतीक”


भारत के शहरी विकास की कहानी आज एक नए युग में प्रवेश कर चुकी है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने जिस दूरदृष्टि और संकल्प के साथ शहरों को देश के विकास एजेंडे के केंद्र में रखा है, वह ऐतिहासिक है। आज शहर केवल रहने के स्थान नहीं बल्कि विकास के इंजन, अवसरों के केंद्र और भारत की नई पहचान के प्रतीक बन चुके हैं।

शहरों को आधुनिक, सशक्त और आत्मनिर्भर, विकास की शक्ति

लंबे समय तक भारतीय शहरी क्षेत्रों को बोझ समझा जाता था। माना जाता था कि गाँव ही वास्तविक भारत हैं और शहर केवल समस्याओं का केंद्र हैं। लेकिन प्रधानमंत्री मोदी जी ने इस धारणा को बदल दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि “अगर भारत को विकसित राष्ट्र बनाना है, तो हमारे शहरों को आधुनिक, सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना होगा।” यही कारण है कि पिछले 10 वर्षों में शहरी विकास को राष्ट्र की प्राथमिकताओं के शीर्ष पर रखा गया।

ऐतिहासिक निवेश – 16 गुना वृद्धि

इस संकल्प को साकार करने के लिए केंद्र सरकार ने निवेश का अभूतपूर्व रिकॉर्ड बनाया है।

यह 16 गुना वृद्धि न केवल सरकार की गंभीरता को दर्शाती है बल्कि यह बताती है कि अब शहरों को विकास की धुरी बनाना राष्ट्रीय एजेंडे का अहम हिस्सा है।

जहाँ कभी जर्जरता थी, वहाँ अब आत्मविश्वास है

बीते दशकों में हमारे शहर अव्यवस्था, जाम, प्रदूषण, गंदगी और जर्जर ढाँचे का प्रतीक बन गए थे। लोगों में हताशा थी कि शहरों का भविष्य अंधकारमय है। लेकिन आज तस्वीर बदल चुकी है।

आज वही शहर, जो कभी जर्जरता और गंदगी से जूझते थे, अब महत्वाकांक्षा और आत्मविश्वास से भरे हैं।

शहरी परिवहन में क्रांति

प्रधानमंत्री मोदी जी का मानना है कि आधुनिक शहरी परिवहन ही शहरों की गति और उत्पादकता को बढ़ाता है।

आवास सबके लिए – ‘प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी)’

नगरीय गरीबों के लिए घर का सपना भी साकार किया गया है।

डिजिटल और स्मार्ट गवर्नेंस

शहरों को केवल भौतिक ढाँचे से नहीं बल्कि डिजिटल ताकत से भी सशक्त किया जा रहा है।

स्वच्छ और हरित शहर – पर्यावरणीय संतुलन की दिशा में

प्रधानमंत्री मोदी जी ने शहरी विकास को केवल इमारतों और सड़कों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि पर्यावरण और सतत विकास को केंद्र में रखा।

आत्मनिर्भर शहर – रोजगार और अवसरों का केंद्र

नए भारत के शहर अब केवल रहने की जगह नहीं बल्कि आर्थिक गतिविधियों के केंद्र भी हैं।

वैश्विक मंच पर भारत के शहर

आज हमारे शहर केवल देश में ही नहीं बल्कि दुनिया में भी नई पहचान बना रहे हैं।

प्रधानमंत्री मोदी जी की दृष्टि – भविष्य की ओर

प्रधानमंत्री का स्पष्ट संदेश है – “शहर भारत के सपनों को पूरा करने के केंद्र हैं। अगर हमें विकसित भारत बनाना है, तो हमारे शहरों को विश्वस्तरीय बनाना ही होगा।”
आगे की योजनाएँ इस दृष्टि को साकार करती हैं:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की नीतियों और दृष्टिकोण 

भारत के शहर आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की नीतियों और दृष्टि के कारण अभूतपूर्व परिवर्तन से गुजर रहे हैं। जहाँ कभी अंधकार, गंदगी और अव्यवस्था थी, वहाँ अब उजाला, स्वच्छता और आत्मविश्वास है।

₹1.57 लाख करोड़ से ₹28.5 लाख करोड़ तक का सफर केवल निवेश की कहानी नहीं, बल्कि यह ‘नए भारत के नए शहरों’ का निर्माण है।


अस्वीकरण: यह जानकारी द्वितीयक शोध के माध्यम से एकत्र की गई है और landlevellers इसमें किसी भी त्रुटि के लिए जिम्मेदार नहीं है।

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