Mitsubishi ने हासिल की Bioethanol में 99.5% शुद्धता, कम ऊर्जा खपत

मित्सुबिशी हेवी इंडस्ट्रीज़ ने हासिल की बड़ी सफलता: बायोएथेनॉल मेम्ब्रेन डिहाइड्रेशन सिस्टम्स में 99.5% से अधिक शुद्धता



टोक्यो, 12 सितंबर 2025: मित्सुबिशी हेवी इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड (MHI) ने अपनी उन्नत तकनीक मित्सुबिशी मेम्ब्रेन डिहाइड्रेशन सिस्टम (MMDS®) के ज़रिए बायोएथेनॉल उत्पादन में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। कंपनी ने नागासाकी डिस्ट्रिक्ट रिसर्च एंड इनोवेशन सेंटर में स्थापित अपने पायलट प्लांट पर 99.5% वॉल्यूम से अधिक शुद्धता वाला एथेनॉल सफलतापूर्वक तैयार किया है। यह उपलब्धि न केवल घरेलू ईंधन मानकों को पूरा करती है, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी ऊर्जा दक्ष और पर्यावरण-अनुकूल तकनीकों की दिशा में एक बड़ा कदम है।


बायोएथेनॉल क्यों है भविष्य का ईंधन?

बायोएथेनॉल पौधों से बनने वाला एक स्वच्छ ईंधन है जो पेट्रोल का विकल्प बन सकता है। यह गाड़ियों, उद्योगों और यहां तक कि सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (SAF) यानी टिकाऊ विमानन ईंधन के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकता है। दुनिया भर में ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करने और कार्बन न्यूट्रल भविष्य बनाने के लिए बायोएथेनॉल की अहमियत लगातार बढ़ रही है।

लेकिन बायोएथेनॉल को ईंधन के रूप में इस्तेमाल करने से पहले उसमें मौजूद नमी (पानी) को हटाना ज़रूरी होता है। यही प्रक्रिया डिहाइड्रेशन कहलाती है। पारंपरिक तरीकों से नमी हटाने में बहुत अधिक ऊर्जा खर्च होती है और यह प्रक्रिया महंगी भी होती है।


MHI का अभिनव समाधान – MMDS®

MHI द्वारा विकसित Mitsubishi Membrane Dehydration System (MMDS®) पारंपरिक तरीकों को बदलकर एक नई राह दिखाता है। इस तकनीक में मॉलिक्यूलर सीव सेपरेशन का उपयोग किया जाता है, जिससे उत्पादन की दक्षता बढ़ती है और ऊर्जा खपत में 30% से भी अधिक की बचत होती है।

MMDS® की खासियतें:


नागासाकी कार्बन न्यूट्रल पार्क – नवाचार की प्रयोगशाला

MHI ने यह सफलता नागासाकी डिस्ट्रिक्ट रिसर्च एंड इनोवेशन सेंटर के कार्बन न्यूट्रल पार्क में हासिल की। यह केंद्र भविष्य की ग्रीन टेक्नोलॉजीज और क्लीन एनर्जी समाधानों का केंद्र है, जहां ऊर्जा दक्षता और पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता दी जाती है।


अगला कदम – डेमोंस्ट्रेशन प्लांट

पायलट प्लांट पर मिली सफलता के बाद अब MHI अगले चरण की ओर बढ़ रहा है। कंपनी ने एलिमेंट टेस्ट पूरे कर लिए हैं और अब वह एक डेमोंस्ट्रेशन प्लांट बनाने की तैयारी कर रही है। इसका उद्देश्य इस तकनीक को व्यावसायिक स्तर पर तेजी से लागू करना है ताकि जल्द से जल्द बाजार में इसकी उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।


वैश्विक ऊर्जा संकट का समाधान

आज पूरी दुनिया बढ़ती ऊर्जा मांग और जलवायु परिवर्तन की चुनौती से जूझ रही है। पेट्रोलियम और कोयले जैसे पारंपरिक ईंधन पर्यावरण को नुकसान पहुँचा रहे हैं। ऐसे में बायोएथेनॉल जैसे विकल्प न केवल स्वच्छ ऊर्जा प्रदान करते हैं बल्कि किसानों और कृषि आधारित अर्थव्यवस्थाओं के लिए भी नए अवसर पैदा करते हैं।

MHI की MMDS® तकनीक इस दिशा में एक गेम-चेंजर साबित हो सकती है क्योंकि यह:


मित्सुबिशी हेवी इंडस्ट्रीज़ की प्रतिबद्धता

MHI लंबे समय से स्वच्छ ऊर्जा और कार्बन न्यूट्रल टेक्नोलॉजीज पर काम कर रही है। कंपनी का उद्देश्य है:

MHI का मानना है कि तकनीकी नवाचार ही एक सतत और सुरक्षित भविष्य की कुंजी है।


कृषि, उद्योग और विमानन क्षेत्रों में नई क्रांति

मित्सुबिशी हेवी इंडस्ट्रीज़ की यह उपलब्धि न केवल कंपनी के लिए, बल्कि पूरे विश्व के लिए एक प्रेरणादायक कदम है। 99.5% शुद्धता वाला बायोएथेनॉल तैयार कर और ऊर्जा खपत में 30% से अधिक की बचत करके, MHI ने साबित कर दिया है कि स्वच्छ ऊर्जा और आर्थिक व्यवहार्यता एक साथ संभव हैं।

यह पहल कृषि, उद्योग और विमानन क्षेत्रों में नई क्रांति ला सकती है और दुनिया को एक सस्टेनेबल, कार्बन-न्यूट्रल भविष्य की ओर ले जाने में अहम भूमिका निभा सकती है।


अस्वीकरण: यह जानकारी द्वितीयक शोध के माध्यम से एकत्र की गई है और landlevellers इसमें किसी भी त्रुटि के लिए जिम्मेदार नहीं है।

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