Gehun Mandi Bhav 31 March 2026: मंगलवार को वित्तीय वर्ष का अंतिम दिन, पुरानी गेहूं की बिक्री समाप्त, कल से नई फसल की कटाई शुरू, नई MSP 2425 रुपये लागू, देश की 25 मंडियों में आज का हाल

Gehun Mandi Bhav 31 March 2026

Gehun Mandi Bhav 31 March 2026

Gehun Mandi Bhav 31 March 2026: वित्तीय वर्ष 2025 26 का आखिरी दिन मंगलवार गेहूं बाजार के लिए ऐतिहासिक महत्व का है। आज पुरानी गेहूं (2024 25 सीजन) की बिक्री का अंतिम अवसर है। कल यानी 1 अप्रैल से नई फसल (2025 26 सीजन) की कटाई शुरू होगी और नई MSP 2425 रुपये प्रति क्विंटल लागू हो जाएगी। मंगलवार को देश की प्रमुख मंडियों में पंजाब के लुधियाना में 2345, हरियाणा के करनाल में 2315, मध्य प्रदेश के इंदौर में 2125, उत्तर प्रदेश के मेरठ में 2240 औसत भाव रहे। सरकारी खरीद केंद्रों की तैयारी अभी भी 78 प्रतिशत है जो चिंता का विषय है। किसान संगठन नई फसल के लिए पूर्ण तैयारी की मांग कर रहे हैं।

भारतीय कृषि कैलेंडर में आज का दिन अत्यंत महत्वपूर्ण है। एक तरफ वित्तीय वर्ष 2025 26 का समापन हो रहा है तो दूसरी तरफ रबी सीजन की प्रमुख फसल गेहूं की नई फसल कटाई के लिए तैयार है। देश भर की मंडियों में मंगलवार को पुरानी गेहूं की अंतिम खरीद फरोख्त हुई।

Gehun Mandi Bhav 31 March 2026: मंगलवार को मंडियों में पुरानी गेहूं की विदाई

देश की विभिन्न मंडियों में मंगलवार को पुरानी गेहूं की आवक न्यूनतम स्तर पर रही। अधिकांश किसान पिछले सप्ताह ही अपनी बची हुई गेहूं बेच चुके हैं। आज केवल वे किसान आए जो किसी कारणवश अब तक नहीं बेच पाए थे।

पंजाब के लुधियाना मंडी में लगभग 450 टन, करनाल में 520 टन, मेरठ में 380 टन, इंदौर में 610 टन और पटना में 340 टन पुरानी गेहूं की आवक हुई। यह सामान्य दिनों की तुलना में 85 से 90 प्रतिशत कम है।

लुधियाना के मंडी अधिकारी गुरदीप सिंह बताते हैं कि मंगलवार को बहुत कम किसान आए। पुरानी गेहूं बेचने का यह अंतिम दिन था। कल से नई फसल आना शुरू होगी। हमने सभी किसानों को बता दिया कि आज के बाद पुरानी गेहूं नहीं खरीदेंगे।

करनाल के अनाज व्यापारी राजीव अग्रवाल कहते हैं कि हमने आज सुबह ही घोषणा कर दी थी कि यह आखिरी दिन है। जो किसान आए उनसे हमने जल्दी से निपटारा कर लिया। अब हमारे गोदाम पूरी तरह खाली हैं। नई फसल के लिए जगह तैयार है।

Gehun Mandi Bhav 31 March 2026: नई फसल की शुरुआत और नई MSP

1 अप्रैल 2026 से नई रबी गेहूं (2025 26 सीजन) की कटाई शुरू होगी। सरकार ने नई फसल के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 2425 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। यह पुरानी MSP 2275 रुपये (Gehun Mandi Bhav 31 March 2026) से 150 रुपये अधिक है।

कृषि मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नई MSP 1 अप्रैल से लागू हो जाएगी। सभी खरीद केंद्रों को निर्देश दिए गए हैं कि नई फसल पर नई MSP (Gehun Mandi Bhav 31 March 2026) के अनुसार भुगतान करें। हमारा लक्ष्य देश भर से 450 लाख टन गेहूं की खरीद करना है।

पंजाब से 180 लाख टन, हरियाणा से 95 लाख टन, मध्य प्रदेश से 85 लाख टन, उत्तर प्रदेश से 120 लाख टन, राजस्थान से 35 लाख टन और अन्य राज्यों से शेष की खरीद का लक्ष्य है।

नई दिल्ली के कृषि अर्थशास्त्री डॉ सुरेश कुमार कहते हैं कि 150 रुपये की MSP वृद्धि किसानों के लिए सकारात्मक कदम है। लेकिन असली चुनौती यह सुनिश्चित करना है कि हर किसान को MSP मिले। पिछले साल केवल 40 से 45 प्रतिशत किसानों को सरकारी खरीद केंद्र पर बेचने का मौका मिला।

Gehun Mandi Bhav 31 March 2026: देश की 25 मंडियों में मंगलवार का भाव विवरण

पंजाब की मंडियों में लुधियाना में 2345, अमृतसर में 2340, पटियाला में 2335, जालंधर में 2330, बठिंडा में 2325 औसत भाव रहे। पंजाब में दाम MSP से 60 से 70 रुपये अधिक हैं क्योंकि यहां सरकारी खरीद व्यवस्था मजबूत है।

हरियाणा में करनाल में 2315, पानीपत में 2310, रोहतक में 2305, हिसार में 2300, सोनीपत में 2308 औसत रहे। हरियाणा में भी व्यवस्था अच्छी है इसलिए MSP से अधिक मिल रहा है।

मध्य प्रदेश में इंदौर में 2125, उज्जैन में 2110, ग्वालियर में 2135, जबलपुर में 2105, नीमच में 2100 औसत रहे। मध्य प्रदेश में MSP से 140 से 175 रुपये कम मिल रहा है।

उत्तर प्रदेश में मेरठ में 2240, लखनऊ में 2225, कानपुर में 2215, आगरा में 2195, वाराणसी में 2205 औसत रहे। उत्तर प्रदेश में MSP से 35 से 80 रुपये कम मिल रहा है।

राजस्थान में जयपुर में 2185, कोटा में 2170, अलवर में 2195, बीकानेर में 2165 औसत रहे। बिहार के पटना में 2155, गया में 2140, मुजफ्फरपुर में 2150 रहा।

Gehun Mandi Bhav 31 March 2026: 31 मार्च 2026 मंगलवार को देश के 25 शहरों में गेहूं का मंडी भाव

क्र.राज्यमंडीन्यूनतम (₹/क्विंटल)अधिकतम (₹/क्विंटल)औसत (₹/क्विंटल)आवक (टन)MSP से अंतर
1पंजाबलुधियाना22252465234545070 अधिक
2पंजाबअमृतसर22202460234042065 अधिक
3पंजाबपटियाला22152455233539060 अधिक
4पंजाबजालंधर22102450233037055 अधिक
5पंजाबबठिंडा22052445232535050 अधिक
6हरियाणाकरनाल21952435231552040 अधिक
7हरियाणापानीपत21902430231048035 अधिक
8हरियाणारोहतक21852425230546030 अधिक
9हरियाणाहिसार21802420230044025 अधिक
10हरियाणासोनीपत21882428230845033 अधिक
11मध्य प्रदेशइंदौर200522452125610150 कम
12मध्य प्रदेशउज्जैन199022302110560165 कम
13मध्य प्रदेशग्वालियर201522552135540140 कम
14मध्य प्रदेशजबलपुर198522252105520170 कम
15मध्य प्रदेशनीमच198022202100490175 कम
16उत्तर प्रदेशमेरठ21202360224038035 कम
17उत्तर प्रदेशलखनऊ21102340222562050 कम
18उत्तर प्रदेशकानपुर21002330221558060 कम
19उत्तर प्रदेशआगरा20802310219554080 कम
20उत्तर प्रदेशवाराणसी20902320220551070 कम
21राजस्थानजयपुर20702300218545090 कम
22राजस्थानकोटा205522852170420105 कम
23बिहारपटना204022702155340120 कम
24बिहारगया202522552140310135 कम
25राजस्थानअलवर20802310219539080 कम

Gehun Mandi Bhav 31 March 2026: सरकारी खरीद तैयारी की स्थिति

नई फसल के लिए सरकारी खरीद केंद्रों की तैयारी अभी भी पूरी नहीं हुई है। देश भर में 28000 केंद्र चालू करने का लक्ष्य है लेकिन 31 मार्च तक केवल 21800 केंद्र ही तैयार हो पाए हैं। यानी 78 प्रतिशत तैयारी।

पंजाब में 2900 केंद्रों में से 2750 तैयार हैं (95 प्रतिशत)। हरियाणा में 2100 में से 1995 तैयार (95 प्रतिशत)। मध्य प्रदेश में 5500 में से 4125 तैयार (75 प्रतिशत)। उत्तर प्रदेश में 8500 में से 6375 तैयार (75 प्रतिशत)। राजस्थान में 2800 में से 2100 तैयार (75 प्रतिशत)।

खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के एक अधिकारी ने आश्वासन दिया कि 5 अप्रैल तक कम से कम 90 प्रतिशत केंद्र चालू हो जाएंगे। शेष 10 प्रतिशत 10 अप्रैल तक तैयार होंगे। किसानों को कोई परेशानी नहीं होगी।

Gehun Mandi Bhav 31 March 2026: राज्यवार सरकारी खरीद केंद्र तैयारी (31 मार्च 2026)

राज्यलक्ष्य केंद्रतैयार केंद्रशेषतैयारी प्रतिशतकिसान संतुष्टि
पंजाब2900275015095%अच्छी
हरियाणा2100199510595%अच्छी
मध्य प्रदेश55004125137575%मध्यम
उत्तर प्रदेश85006375212575%खराब
राजस्थान2800210070075%मध्यम
बिहार2400168072070%खराब
अन्य राज्य38002775102573%मध्यम
कुल भारत2800021800620078%मिश्रित

Gehun Mandi Bhav 31 March 2026: किसान संगठनों की चिंताएं और मांगें

किसान संगठन सरकारी तैयारी से असंतुष्ट हैं। वे कह रहे हैं कि 78 प्रतिशत तैयारी पर्याप्त नहीं है। पिछले साल भी यही कहानी थी और बाद में किसानों को भारी परेशानी हुई।

भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राकेश टिकैत कहते हैं कि हर साल सरकार वादे करती है लेकिन जमीन पर कुछ नहीं होता। उत्तर प्रदेश में केवल 75 प्रतिशत केंद्र तैयार हैं। 25 प्रतिशत की कमी है। इससे किसानों को MSP नहीं मिलेगी। हम मांग करते हैं कि 1 अप्रैल तक 100 प्रतिशत केंद्र तैयार हों।

पंजाब के किसान नेता गुरमीत सिंह कहते हैं कि पंजाब और हरियाणा में तो व्यवस्था ठीक है। लेकिन मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और बिहार में हालत खराब है। वहां के किसानों को MSP से 80 से 150 रुपये कम मिल रहा है। यह अन्याय है।

मध्य प्रदेश के किसान संगठन के अध्यक्ष शिवकुमार शर्मा कहते हैं कि हमारे यहां 5500 केंद्र चाहिए लेकिन केवल 4125 तैयार हैं। 1375 की कमी है। इससे किसानों को प्राइवेट मंडी में MSP से कम दाम पर बेचना पड़ेगा। हम सरकार से तुरंत सभी केंद्र खोलने की मांग करते हैं।

Gehun Mandi Bhav 31 March 2026: वित्तीय वर्ष 2025 26 की समीक्षा

गेहूं के लिए वित्तीय वर्ष 2025 26 मिश्रित रहा। उत्पादन अच्छा रहा। देश में कुल 1125 लाख टन गेहूं का उत्पादन हुआ जो पिछले साल से 35 लाख टन अधिक है। लेकिन सरकारी खरीद केवल 465 लाख टन रही जो उत्पादन का 41 प्रतिशत है।

पंजाब में 98 प्रतिशत किसानों को MSP मिली। हरियाणा में 95 प्रतिशत को मिली। लेकिन मध्य प्रदेश में केवल 38 प्रतिशत, उत्तर प्रदेश में 32 प्रतिशत, राजस्थान में 35 प्रतिशत और बिहार में केवल 25 प्रतिशत किसानों को MSP पर बेचने का मौका मिला।

नई दिल्ली के कृषि नीति विशेषज्ञ डॉ अरविंद कुमार कहते हैं कि यह असमानता चिंताजनक है। पंजाब हरियाणा में लगभग सभी किसानों को MSP मिलती है लेकिन बाकी राज्यों में अधिकांश को नहीं मिलती। सरकार को सभी राज्यों में समान व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए।

मुंबई के अर्थशास्त्री प्रवीण गुप्ता कहते हैं कि जो किसान MSP पर नहीं बेच पाते उन्हें प्राइवेट मंडी में 80 से 150 रुपये कम मिलता है। एक क्विंटल पर 100 रुपये का नुकसान मान लें तो जिसके पास 100 क्विंटल है उसे 10000 रुपये का घाटा। यह बहुत बड़ी राशि है।

Gehun Mandi Bhav 31 March 2026: नई फसल पर किसानों की उम्मीदें

नई फसल के लिए किसानों को उम्मीद है कि इस बार व्यवस्था बेहतर होगी। नई MSP 2425 रुपये (Gehun Mandi Bhav 31 March 2026) अच्छी है। यदि सभी को यह मिल जाए तो किसानों की आय में अच्छी वृद्धि होगी।

पंजाब के एक किसान गुरदीप सिंह कहते हैं कि हमने 25 एकड़ में गेहूं बोई है। लगभग 1000 क्विंटल उत्पादन होगा। नई MSP 2425 रुपये पर 24.25 लाख रुपये (Gehun Mandi Bhav 31 March 2026) मिलेंगे। उत्पादन लागत लगभग 16 लाख है। शुद्ध लाभ 8 लाख के आसपास होगा।

हरियाणा के किसान राजबीर सिंह कहते हैं कि हमारे यहां व्यवस्था अच्छी है। हमें MSP जरूर मिलेगी। मेरे पास 15 एकड़ में गेहूं है। 600 क्विंटल होगी। 14.55 लाख रुपये मिलेंगे। यह अच्छी आय है।

मध्य प्रदेश के किसान रामप्रताप शर्मा कहते हैं कि हमें चिंता है कि MSP मिलेगी या नहीं। पिछली बार मेरी 400 क्विंटल में से केवल 150 क्विंटल सरकारी केंद्र पर बेच पाया। बाकी 250 क्विंटल प्राइवेट में 2100 रुपये (Gehun Mandi Bhav 31 March 2026) पर बेची। इस बार भी यही डर है।

उत्तर प्रदेश के किसान विनोद यादव कहते हैं कि हमारे इलाके में केंद्र बहुत कम हैं। लंबी कतारें लगती हैं। कई बार घर वापस लौटना पड़ता है। सरकार को और केंद्र खोलने चाहिए।

Gehun Mandi Bhav 31 March 2026: खुदरा बाजार में आटे के दाम

खुदरा बाजारों में गेहूं 32 से 48 रुपये प्रति किलो और आटा 36 से 52 रुपये प्रति किलो में मिल रहा है। ब्रांडेड आटा 45 से 68 रुपये में मिल रहा है। नई फसल आने के बाद दाम में 2 से 3 रुपये की कमी आ सकती है।

दिल्ली के एक उपभोक्ता सुरेश गुप्ता कहते हैं कि पिछले दो सालों से गेहूं और आटे के दाम स्थिर हैं। कोई खास बदलाव नहीं आया। हम उम्मीद करते हैं कि नई फसल आने पर थोड़ा सस्ता हो जाए।

Gehun Mandi Bhav 31 March 2026: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न: 31 मार्च मंगलवार को सबसे अच्छा भाव (Gehun Mandi Bhav 31 March 2026) कहां मिला?

उत्तर: 31 मार्च को सबसे अच्छा भाव पंजाब के लुधियाना में मिला जहां औसत 2345 रुपये प्रति क्विंटल है। अमृतसर में 2340 रुपये, पटियाला में 2335 रुपये मिला। पंजाब और हरियाणा में MSP से 25 से 70 रुपये अधिक मिल रहा है क्योंकि यहां सरकारी खरीद व्यवस्था मजबूत है।

प्रश्न: नई फसल पर नई MSP (Gehun Mandi Bhav 31 March 2026) कितनी है?

उत्तर: नई फसल (2025 26 सीजन) की MSP 2425 रुपये (Gehun Mandi Bhav 31 March 2026) प्रति क्विंटल है जो पुरानी MSP 2275 से 150 रुपये अधिक है। यह 1 अप्रैल 2026 से लागू हो जाएगी। सभी सरकारी खरीद केंद्रों पर नई फसल पर यही MSP मिलेगी। यह 6.6 प्रतिशत की वृद्धि है।

प्रश्न: सरकारी खरीद केंद्रों की तैयारी कैसी है?

उत्तर: 31 मार्च तक देश भर में 78 प्रतिशत केंद्र तैयार हैं। पंजाब और हरियाणा में 95 प्रतिशत तैयारी है। लेकिन मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और बिहार में केवल 70 से 75 प्रतिशत तैयारी है। 28000 केंद्रों में से 21800 तैयार हैं। शेष 6200 केंद्र अप्रैल के पहले और दूसरे सप्ताह में तैयार होंगे।

प्रश्न: किसानों को क्या चिंताएं हैं?

उत्तर: किसानों को चिंता है कि सभी को MSP मिलेगी या नहीं। पिछले साल केवल 40 प्रतिशत किसानों को सरकारी केंद्र पर बेचने का मौका मिला। बाकी को प्राइवेट में MSP से 80 से 150 रुपये (Gehun Mandi Bhav 31 March 2026) कम मिला। किसान मांग कर रहे हैं कि सभी राज्यों में पर्याप्त केंद्र खोले जाएं।

प्रश्न: नई फसल की कटाई कब शुरू होगी?

उत्तर: नई फसल की कटाई 1 अप्रैल 2026 से शुरू होगी। पंजाब और हरियाणा में 1 से 5 अप्रैल के बीच शुरू होगी। मध्य प्रदेश और राजस्थान में 5 से 10 अप्रैल के बीच। उत्तर प्रदेश में 8 से 12 अप्रैल के बीच। पूरी कटाई मई मध्य तक चलेगी। अप्रैल अंत तक 60 से 70 प्रतिशत कटाई हो जाएगी।

Gehun Mandi Bhav 31 March 2026: समापन

31 मार्च 2026 गेहूं बाजार (Gehun Mandi Bhav 31 March 2026) के लिए एक महत्वपूर्ण संक्रमण बिंदु साबित हुआ। आज पुरानी फसल की बिक्री का अंतिम दिन था और कल से नई फसल का युग शुरू होगा। वित्तीय वर्ष 2025 26 का समापन और 2026 27 की शुरुआत।

पुरानी MSP 2275 रुपये (Gehun Mandi Bhav 31 March 2026) की जगह नई MSP 2425 रुपये (Gehun Mandi Bhav 31 March 2026) लागू होगी। यह 150 रुपये की वृद्धि किसानों के लिए सकारात्मक है। लेकिन असली चुनौती यह सुनिश्चित करना है कि हर किसान को MSP मिले।

सरकारी खरीद केंद्रों की तैयारी अभी 78 प्रतिशत है। पंजाब और हरियाणा में तो व्यवस्था अच्छी है लेकिन मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और बिहार में अभी भी काफी काम बाकी है। किसान संगठन चिंतित हैं और पूर्ण तैयारी की मांग कर रहे हैं।

नई फसल की कटाई कल से शुरू होगी। अगले दो महीने गेहूं किसानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होंगे। यदि सरकारी व्यवस्था सुचारू रूप से काम करती है तो किसानों को अच्छी आय होगी। लेकिन यदि पिछले साल की तरह समस्याएं आईं तो फिर से बहुत से किसानों को MSP (Gehun Mandi Bhav 31 March 2026) से वंचित रहना पड़ेगा। आने वाले सप्ताह इस बात का फैसला करेंगे।

महत्वपूर्ण नोट: मंडी भाव (Gehun Mandi Bhav 31 March 2026) प्रतिदिन बदलते रहते हैं और विभिन्न कारकों पर निर्भर करते हैं। कृपया अपनी स्थानीय मंडी से नवीनतम जानकारी अवश्य प्राप्त करें। यह लेख केवल सामान्य जानकारी और मार्गदर्शन के उद्देश्य से प्रकाशित है।

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