Gehun Mandi Bhav 10 March 2026: देशभर की मंडियों में इस समय गेहूं के किसान गहरी निराशा में डूबे हैं। एक तरफ रिकॉर्ड उत्पादन की खबरें हैं तो दूसरी तरफ बाजार में दाम लगातार गिरते जा रहे हैं। एगमार्कनेट पोर्टल के ताजा आंकड़ों के अनुसार मार्च 2026 के पहले हफ्ते यानी 1 से 8 मार्च के बीच देश में गेहूं की औसत थोक कीमत (Gehun Mandi Bhav 10 March 2026) 2,566 रुपये प्रति क्विंटल से घटकर 2,458 रुपये प्रति क्विंटल पर आ गई। यानी सिर्फ सात दिनों में 107 रुपये प्रति क्विंटल की गिरावट दर्ज हुई। यह गिरावट (Gehun Mandi Bhav 10 March 2026) इसलिए और भी चिंताजनक है क्योंकि अभी नई फसल की आवक भी शुरू नहीं हुई है। जब नई फसल मंडियों में आएगी तो दाम (Gehun Mandi Bhav 10 March 2026) और नीचे जा सकते हैं। ऐसे में किसानों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि उनकी मेहनत का उचित मूल्य कहां से मिलेगा।
साप्ताहिक गिरावट – राज्यवार तस्वीर (Gehun Mandi Bhav 10 March 2026)
मार्च के पहले हफ्ते में अलग-अलग राज्यों में गेहूं के दामों में जो गिरावट आई वह नीचे दी गई तालिका में देखी जा सकती है।
| राज्य | साप्ताहिक गिरावट (प्रतिशत में) | स्थिति |
|---|---|---|
| छत्तीसगढ़ | 26.1% | सर्वाधिक गिरावट |
| दिल्ली | 10.2% | बड़ी गिरावट |
| महाराष्ट्र | 4.7% | मध्यम गिरावट |
| राजस्थान | 3.9% | मध्यम गिरावट |
| मध्य प्रदेश | 3.4% | मध्यम गिरावट |
| उत्तर प्रदेश | हल्की गिरावट | दबाव में |
| बिहार | हल्की गिरावट | दबाव में |
| पश्चिम बंगाल | हल्की गिरावट | दबाव में |
| कर्नाटक | +2.3% | एकमात्र सुधार |
इस तालिका से साफ है कि छत्तीसगढ़ में सबसे ज्यादा 26.1 फीसदी की भारी गिरावट (Gehun Mandi Bhav 10 March 2026) आई जो किसानों के लिए बेहद चिंताजनक है। दिल्ली में भी 10 फीसदी से अधिक की गिरावट दर्ज हुई। कर्नाटक एकमात्र राज्य रहा जहां मामूली बढ़त देखी गई।
Gehun Mandi Bhav 10 March 2026: मासिक गिरावट – फरवरी की तुलना में भी नरमी
सिर्फ एक हफ्ते ही नहीं बल्कि मासिक आधार पर भी गेहूं के दामों (Gehun Mandi Bhav 10 March 2026) की स्थिति चिंताजनक रही है। फरवरी 2026 में देश में गेहूं का औसत थोक भाव 2,622 रुपये प्रति क्विंटल रहा जबकि जनवरी 2026 में यह 2,672 रुपये था। यानी एक महीने में 50 रुपये प्रति क्विंटल की गिरावट आई।
| राज्य | मासिक गिरावट (प्रतिशत में) |
|---|---|
| महाराष्ट्र | 9.7% |
| गुजरात | 5.9% |
| राजस्थान | 6.1% |
| मध्य प्रदेश | 5.8% |
| हरियाणा | 4 से 5% |
| बिहार | 4 से 5% |
यह आंकड़े बताते हैं कि गेहूं के दामों में गिरावट कोई एक हफ्ते की बात नहीं है बल्कि यह सिलसिला कई महीनों से जारी है।
Gehun Mandi Bhav 10 March 2026: MSP से भी नीचे गिरे दाम – किसानों की दोहरी मार
रबी मार्केटिंग सीजन 2025-26 के लिए सरकार ने गेहूं का न्यूनतम समर्थन (Gehun Mandi Bhav 10 March 2026) मूल्य यानी MSP 2,425 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है। लेकिन देश के कई राज्यों में बाजार भाव इस स्तर के आसपास या उससे भी नीचे खिसक चुके हैं। जब बाजार में MSP से कम दाम मिलता है तो किसान को खुले बाजार में फसल बेचने पर नुकसान उठाना पड़ता है।
आने वाले रबी मार्केटिंग सीजन 2026-27 के लिए सरकार ने नया MSP 2,585 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया है जो पिछले MSP से 160 रुपये अधिक है। लेकिन मौजूदा बाजार भाव इस नए MSP से भी काफी नीचे हैं। यानी नई फसल आने पर भी किसानों को खुले बाजार में उचित दाम मिलने की उम्मीद कम है।
| सीजन | MSP (रुपये प्रति क्विंटल) | वर्तमान बाजार भाव |
|---|---|---|
| RMS 2025-26 | 2,425 | 2,458 (मार्च पहला हफ्ता) |
| RMS 2026-27 | 2,585 | बाजार भाव अभी नीचे |
| फरवरी 2026 औसत | — | 2,622 |
| जनवरी 2026 औसत | — | 2,672 |
| फरवरी 2025 औसत | — | 2,830 |
Gehun Mandi Bhav 10 March 2026: सालाना आधार पर भी बुरा हाल
अगर पिछले साल से तुलना करें तो तस्वीर और भी निराशाजनक है। फरवरी 2025 में देश की औसत थोक कीमत 2,830 रुपये प्रति क्विंटल थी जो फरवरी 2026 में घटकर 2,622 रुपये रह गई। यानी एक साल में ही 208 रुपये प्रति क्विंटल की गिरावट आई।
| राज्य | सालाना गिरावट का स्तर |
|---|---|
| मध्य प्रदेश | दो अंकों तक |
| राजस्थान | दो अंकों तक |
| गुजरात | दो अंकों तक |
| बिहार | दो अंकों तक |
| दिल्ली | दो अंकों तक |
| उत्तर प्रदेश | दो अंकों तक |
Gehun Mandi Bhav 10 March 2026: निर्यात की अनुमति के बाद भी राहत नहीं
यह हालत तब है जब सरकार ने फरवरी की शुरुआत में ही गेहूं के भंडारण पर लगी सीमा हटा दी थी और 13 फरवरी को 25 लाख टन गेहूं के निर्यात की अनुमति भी जारी कर दी थी। यह उम्मीद थी कि निर्यात खुलने से घरेलू बाजार में मांग बढ़ेगी और दाम सुधरेंगे। लेकिन मध्य-पूर्व में जारी युद्ध और वैश्विक अनिश्चितता के कारण निर्यात उतना नहीं हो पाया जितनी उम्मीद थी। परिणामस्वरूप घरेलू बाजार में गेहूं की आपूर्ति अधिक बनी रही और दाम गिरते रहे।
Gehun Mandi Bhav 10 March 2026: आगे और दबाव की आशंका
इस साल गेहूं का रिकॉर्ड उत्पादन होने का अनुमान है। अनुमान है कि उत्पादन 12 करोड़ टन यानी 120 मिलियन टन तक पहुंच सकता है जो अब तक का सर्वाधिक होगा। जब इतनी बड़ी मात्रा में उत्पादन हो और नई फसल मंडियों में आए तो कीमतों पर और अधिक दबाव पड़ना स्वाभाविक है। मार्च के बाकी दिनों में और अप्रैल में जैसे-जैसे पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश जैसे प्रमुख उत्पादक राज्यों में कटाई तेज होगी और मंडियों में नई फसल की आवक बढ़ेगी, दामों पर दबाव और गहरा सकता है।
Gehun Mandi Bhav 10 March 2026: सरकारी खरीद ही एकमात्र सहारा
इन तमाम मुश्किलों के बीच किसानों के लिए एकमात्र राहत सरकारी खरीद केंद्रों से आ सकती है जहां उन्हें कम से कम MSP तो मिलेगा। राजस्थान में जल्द सरकारी खरीद शुरू होने वाली है और मध्य प्रदेश में 10 मार्च तक किसान पंजीकरण का काम चल रहा है। उम्मीद है कि जल्द ही मध्य प्रदेश में खरीद की तारीख का ऐलान भी हो जाएगा।
मध्य प्रदेश के किसानों के लिए एक अच्छी खबर यह है कि उन्हें MSP (Gehun Mandi Bhav 10 March 2026) के ऊपर 40 रुपये प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस भी मिलेगा। किसानों को सलाह है कि वे निजी व्यापारियों को कम दाम (Gehun Mandi Bhav 10 March 2026) पर फसल बेचने की जगह सरकारी खरीद केंद्रों पर पंजीकरण कराएं और MSP का पूरा लाभ उठाएं।
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