FMD Vaccination Gujrat News: गुजरात सरकार ने पशुपालकों और किसानों के हित में एक बड़ा और सराहनीय कदम उठाया है। राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम यानी NADCP के तहत राज्यभर में 1 मार्च से 15 अप्रैल 2026 तक फुट एंड माउथ डिजीज यानी खुरपका-मुंहपका रोग के खिलाफ व्यापक टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। इस बीमारी से गाय, भैंस, भेड़ और बकरियों का दूध उत्पादन काफी कम हो जाता है जिससे पशुपालकों को भारी आर्थिक नुकसान होता है। इस अभियान में पशुओं के कान में टैग लगाकर उनकी जानकारी INAPH पोर्टल पर अपलोड की जा रही है।
FMD Vaccination Gujrat News: गुजरात FMD वैक्सीनेशन अभियान 2026 – मुख्य तथ्य
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| राज्य | गुजरात |
| बीमारी | फुट एंड माउथ डिजीज (FMD) |
| हिंदी नाम | खुरपका-मुंहपका रोग |
| अभियान शुरू | 1 मार्च 2026 |
| अभियान समाप्त | 15 अप्रैल 2026 |
| कार्यक्रम | NADCP (राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण) |
| डिजिटल सिस्टम | INAPH पोर्टल |
| साल में टीकाकरण | दो बार (मार्च और सितंबर) |
| लोदरा गांव में स्थिति | 750 पशुओं में से 40% टीकाकरण पूरा |
FMD Vaccination Gujrat News: खुरपका-मुंहपका रोग क्या है – पूरी जानकारी
खुरपका-मुंहपका रोग यानी फुट एंड माउथ डिजीज एक बेहद खतरनाक और तेजी से फैलने वाली वायरल बीमारी है। यह मुख्य रूप से खुर वाले पशुओं को प्रभावित करती है।
| बीमारी का पहलू | विवरण |
|---|---|
| बीमारी का प्रकार | वायरल संक्रमण |
| फैलने की गति | बहुत तेज |
| प्रभावित पशु | गाय, भैंस, भेड़, बकरी |
| मुख्य लक्षण | बुखार, मुंह में छाले, अधिक लार |
| आर्थिक नुकसान | दूध उत्पादन में भारी कमी |
| बचाव | साल में दो बार टीकाकरण |
इस बीमारी में पशुओं को तेज बुखार आता है, मुंह और खुरों में दर्दनाक छाले हो जाते हैं और मुंह से अत्यधिक लार बहने लगती है। इससे पशु ठीक से खाना नहीं खा पाते और दूध उत्पादन बुरी तरह प्रभावित होता है।
FMD Vaccination Gujrat News: डिजिटल टीकाकरण – INAPH पोर्टल का उपयोग
इस अभियान की सबसे खास बात यह है कि इसे पूरी तरह डिजिटल तरीके से संचालित किया जा रहा है।
टीकाकरण के दौरान पशुओं के कान में विशेष टैग लगाए जाते हैं जिससे उनकी पहचान होती है। इसके बाद उनकी पूरी जानकारी INAPH यानी Information Network for Animal Productivity and Health पोर्टल पर अपलोड की जाती है।
इस डिजिटल सिस्टम से अधिकारी किसी भी समय यह देख सकते हैं कि कितने पशुओं का टीकाकरण हो चुका है और उनके स्वास्थ्य की स्थिति क्या है। यह पशुपालन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करता है।
FMD Vaccination Gujrat News: साल में दो बार टीकाकरण क्यों जरूरी है?
लोदरा के पशु चिकित्सा अधिकारी भाविन कुमार ने बताया कि FMD वायरस की प्रकृति ऐसी है कि इससे बचाव के लिए साल में दो बार टीकाकरण करना जरूरी होता है।
| टीकाकरण का समय | महीना | उद्देश्य |
|---|---|---|
| पहला टीकाकरण | मार्च | गर्मी के मौसम से पहले |
| दूसरा टीकाकरण | सितंबर | बरसात के बाद |
समय पर टीकाकरण कराने से पशुओं को बीमारी से बचाया जा सकता है और दूध उत्पादन पर भी कोई असर नहीं पड़ता। इससे पशुपालकों को आर्थिक नुकसान से बचाने में बड़ी मदद मिलती है।
FMD Vaccination Gujrat News: किसानों की प्रतिक्रिया – जमीनी हकीकत
लोदरा गांव के किसान जिगरभाई पटेल जिनके पास 33 गाय और 2 भैंसें हैं उन्होंने इस अभियान का खुले दिल से स्वागत किया। उन्होंने बताया कि सरकारी अधिकारी गांव में आकर नियमित रूप से पशुओं को टीका लगा रहे हैं। यह अभियान पशुओं को स्वस्थ रखने के लिए बहुत जरूरी है।
लोदरा दुग्ध सहकारी समिति के सचिव महेंद्रभाई पटेल ने जानकारी दी कि गांव में करीब 750 पशु हैं जिनमें से लगभग 40 प्रतिशत का टीकाकरण पूरा हो चुका है।
FMD Vaccination Gujrat News: FMD वैक्सीनेशन के फायदे – पशुपालकों को क्या मिलेगा लाभ
| फायदा | विवरण |
|---|---|
| पशु स्वास्थ्य | बीमारी से पूर्ण सुरक्षा |
| दूध उत्पादन | बनाए रखा जाएगा |
| आर्थिक नुकसान | काफी हद तक कम होगा |
| बीमारी का प्रसार | नियंत्रित रहेगा |
| डिजिटल रिकॉर्ड | स्वास्थ्य इतिहास उपलब्ध |
| किसान आजीविका | सुरक्षित रहेगी |
NADCP – राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम
यह अभियान केंद्र सरकार के राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम यानी NADCP के तहत चलाया जा रहा है। इस कार्यक्रम का लक्ष्य 2030 तक भारत को FMD और ब्रुसेलोसिस जैसी बीमारियों से मुक्त करना है।
गुजरात देश के प्रमुख दुग्ध उत्पादक राज्यों में से एक है और अमूल जैसे विश्वप्रसिद्ध डेयरी ब्रांड का घर है। इसलिए यहां पशु स्वास्थ्य की रक्षा करना देश की खाद्य सुरक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण है।
पशु चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. मनोज शर्मा का कहना है कि FMD टीकाकरण अभियान पशुपालकों के लिए एक जीवनरक्षक कदम है। एक बार FMD का प्रकोप आने पर किसान का पूरा दुग्ध व्यवसाय बर्बाद हो सकता है। गुजरात सरकार द्वारा नियमित और व्यापक टीकाकरण से राज्य के डेयरी उद्योग को मजबूत आधार मिलेगा।
FMD Vaccination Gujrat News: पशुपालकों के लिए जरूरी सुझाव
जो पशुपालक इस अभियान का लाभ लेना चाहते हैं उन्हें कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए।
अपने गांव के पशु चिकित्सा अधिकारी से संपर्क करके टीकाकरण की तारीख पता करें। 15 अप्रैल से पहले अपने सभी पशुओं का टीकाकरण अवश्य करवाएं। पशुओं के कान में लगाए जाने वाले टैग को न हटाएं। INAPH पोर्टल पर अपने पशु की जानकारी दर्ज होने की पुष्टि करें। अगले टीकाकरण के लिए सितंबर तक का इंतजार न करें और समय पर कराएं।
FAQ – FMD Vaccination Gujrat News से जुड़े जरूरी सवाल
सवाल: गुजरात में FMD Vaccination Gujrat News कब से कब तक चल रहा है? जवाब: यह अभियान 1 मार्च 2026 से शुरू होकर 15 अप्रैल 2026 तक चलेगा। यह NADCP यानी राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत चल रहा है।
सवाल: खुरपका-मुंहपका रोग से कौन से पशु प्रभावित होते हैं? जवाब: यह बीमारी गाय, भैंस, भेड़ और बकरी जैसे खुर वाले जानवरों को प्रभावित करती है। इससे पशुओं में बुखार, मुंह में छाले और दूध उत्पादन में भारी कमी होती है।
सवाल: साल में FMD का टीका कितनी बार लगवाना चाहिए? जवाब: FMD से सुरक्षा के लिए साल में दो बार टीकाकरण जरूरी है। पहली बार मार्च में और दूसरी बार सितंबर में।
सवाल: INAPH पोर्टल क्या है? जवाब: INAPH यानी Information Network for Animal Productivity and Health एक सरकारी डिजिटल पोर्टल है जहां टीकाकरण के बाद पशुओं की पहचान और स्वास्थ्य की जानकारी ऑनलाइन दर्ज की जाती है।
FMD Vaccination Gujrat News: निष्कर्ष
गुजरात सरकार का FMD वैक्सीनेशन अभियान पशुपालकों की आजीविका की रक्षा के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है। 1 मार्च से 15 अप्रैल तक चलने वाले इस अभियान में डिजिटल टैगिंग और INAPH पोर्टल का उपयोग इसे और अधिक प्रभावी बना रहा है। लोदरा गांव में 40 प्रतिशत पशुओं का टीकाकरण पूरा होना अभियान की सफलता का प्रमाण है। जो पशुपालक अभी तक टीका नहीं करवाए हैं वे 15 अप्रैल से पहले अवश्य करवाएं और अपने पशुओं को इस खतरनाक बीमारी से बचाएं।
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