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Dhan Bonus Kab Milega 2026: धान किसानों को होली से पूर्व मिलेगा एमएसपी अंतर का भुगतान, 10 हजार करोड़ की राशि सीधे खातों में

Dhan Bonus Kab Milega 2026
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Dhan Bonus Kab Milega 2026: छत्तीसगढ़ के धान उत्पादक किसानों के लिए होलिकोत्सव से पूर्व राहत भरा समाचार आया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में संपन्न मंत्रिमंडल बैठक में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए यह तय किया गया है कि धान न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर विक्रय करने वाले कृषकों को 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से अंतर राशि का भुगतान होलिकोत्सव से पूर्व एकमुश्त उनके बैंक खातों में प्रेषित किया जाएगा। इस निर्णय से प्रदेश के 25 लाख से अधिक कृषकों को प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा।

राज्य सरकार के अनुसार, इस नीतिगत निर्णय के अंतर्गत लगभग 10,000 करोड़ रुपये की राशि कृषकों के खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से जमा की जाएगी। होलिकोत्सव से पूर्व इतनी विशाल राशि का भुगतान होने से कृषकों को पर्व के समय आर्थिक सुदृढ़ता प्राप्त होगी तथा ग्रामीण बाजारों में नकदी प्रवाह में उल्लेखनीय वृद्धि परिलक्षित होगी। यह कदम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

Dhan Bonus Kab Milega 2026: उप मुख्यमंत्री द्वारा मंत्रिमंडल निर्णयों की घोषणा

महानदी भवन स्थित मंत्रालय में आयोजित मंत्रिमंडल बैठक के पश्चात उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने प्रेस वार्ता में निर्णयों की विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार कृषक हितों के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है तथा समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। सरकार का मत है कि एमएसपी अंतर राशि का समयानुकूल भुगतान कृषकों की आर्थिक परिस्थिति को सुदृढ़ करेगा।

उप मुख्यमंत्री ने उल्लेख किया कि सरकार ने पूर्व में भी कृषकों से किए गए वचनों को सम्यक रूप से निर्वहित किया है तथा भविष्य में भी उनके हितों की रक्षा हेतु समस्त आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। होलिकोत्सव से पूर्व भुगतान की व्यवस्था इस उद्देश्य से की गई है ताकि कृषकों को पर्व के समय किसी प्रकार की आर्थिक विपन्नता का सामना न करना पड़े। यह निर्णय कृषक कल्याण के प्रति सरकार की संवेदनशीलता को प्रदर्शित करता है।

Dhan Bonus Kab Milega 2026: विपुल मात्रा में धान क्रय की उपलब्धि

मंत्रिमंडल बैठक में प्रस्तुत जानकारी के अनुसार, खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में राज्य के 25 लाख 24 हजार 339 कृषकों से कुल 141.04 लाख मीट्रिक टन धान का क्रय किया गया है। यह भुगतान कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत संपन्न किया जा रहा है, जिसके माध्यम से धान के समर्थन मूल्य एवं घोषित दर के मध्य के अंतर की राशि कृषकों को प्रदान की जाती है।

सरकार ने विवरण दिया कि विगत दो वर्षों में इसी योजना के अंतर्गत कृषकों को 25,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्रदान की जा चुकी है। होलिकोत्सव से पूर्व प्रस्तावित 10,000 करोड़ रुपये के भुगतान के पश्चात यह आंकड़ा 35,000 करोड़ रुपये को पार कर जाएगा। यह तथ्य स्पष्टतः दर्शाता है कि राज्य सरकार धान उत्पादक कृषकों को निरंतर आर्थिक सहयोग प्रदान कर रही है तथा उनकी समृद्धि के लिए प्रतिबद्ध है।

Dhan Bonus Kab Milega 2026: प्रत्यक्ष लाभ अंतरण से पारदर्शिता

एमएसपी अंतर राशि का प्रत्यक्ष कृषकों के बैंक खातों में अंतरण किया जाएगा। जिन कृषकों ने सरकारी क्रय केंद्रों पर पंजीकरण कराकर धान विक्रय किया है, उन्हें इस योजना का लाभ प्राप्त होगा। सरकार की इस व्यवस्था से मध्यस्थों की भूमिका समाप्त होगी तथा राशि प्रत्यक्ष कृषक तक पहुंचेगी। यह डिजिटल भुगतान प्रणाली पारदर्शिता एवं उत्तरदायित्व सुनिश्चित करती है।

कृषि अर्थशास्त्रियों का मत है कि इस भुगतान से ग्रामीण अंचलों में आर्थिक गतिविधियों में तीव्रता आएगी। पर्व के समय कृषकों के पास नकदी की उपलब्धता से बाजारों में क्रय-विक्रय में वृद्धि होगी तथा स्थानीय व्यापार को भी लाभ प्राप्त होगा। यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सर्वांगीण विकास में सहायक होगा।

Dhan Bonus Kab Milega 2026: कृषक समृद्धि सर्वोपरि

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने व्यक्त किया कि प्रदेश का कृषक ही राज्य की अर्थव्यवस्था की सुदृढ़ आधारशिला है। सरकार का उद्देश्य केवल धान क्रय तक सीमित नहीं है, अपितु कृषकों को उनके परिश्रम का उचित प्रतिफल प्रदान करना भी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अंतर राशि प्राप्त होने से कृषकों को आर्थिक सबलता मिलेगी तथा उनकी समृद्धि में वृद्धि होगी।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कृषक कल्याण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा इस दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार का दृष्टिकोण केवल तात्कालिक राहत प्रदान करना नहीं है, बल्कि कृषि क्षेत्र को दीर्घकालिक सुदृढ़ता प्रदान करना है। कृषकों की आय में वृद्धि ही समग्र राज्य के विकास की कुंजी है।

Dhan Bonus Kab Milega 2026: अतिरिक्त मंत्रिमंडल निर्णय

मंत्रिमंडल बैठक में इसके अतिरिक्त फरवरी-मार्च 2026 में प्रस्तावित विधानसभा सत्र के लिए राज्यपाल के अभिभाषण के प्रारूप को स्वीकृति प्रदान की गई। साथ ही बजट वर्ष 2026-27 के लिए छत्तीसगढ़ विनियोग विधेयक के प्रारूप को भी मंजूरी प्रदान की गई, ताकि बजट को विधानसभा में प्रस्तुत किया जा सके। ये निर्णय राज्य के नियमित प्रशासनिक कार्यों की निरंतरता सुनिश्चित करेंगे।

होलिकोत्सव से पूर्व एमएसपी अंतर राशि का भुगतान धान कृषकों के लिए अत्यंत राहतकारी सिद्ध होगा। सरकार के इस निर्णय से लाखों कृषक परिवारों के मुखमंडल पर पर्व से पूर्व प्रसन्नता के भाव परिलक्षित होने की प्रबल संभावना है। यह निर्णय कृषक कल्याणकारी राज्य की संकल्पना को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

प्रश्न 1: छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा धान किसानों को कितनी राशि का भुगतान होली से पहले किया जाएगा?

उत्तर: छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा धान किसानों को होलिकोत्सव से पूर्व लगभग 10,000 करोड़ रुपये की राशि का भुगतान किया जाएगा। यह राशि एमएसपी के अंतर के रूप में 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से कृषकों के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से जमा की जाएगी।

प्रश्न 2: इस योजना से कितने किसानों को लाभ प्राप्त होगा?

उत्तर: इस योजना से छत्तीसगढ़ राज्य के 25 लाख से अधिक धान उत्पादक किसानों को प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में कुल 25 लाख 24 हजार 339 किसानों से 141.04 लाख मीट्रिक टन धान का क्रय किया गया है, जिन सभी को इस भुगतान का लाभ मिलेगा।

प्रश्न 3: यह भुगतान किस योजना के अंतर्गत किया जा रहा है?

उत्तर: यह भुगतान कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत संपन्न किया जा रहा है। इस योजना के माध्यम से धान के केंद्रीय समर्थन मूल्य और राज्य सरकार द्वारा घोषित दर के मध्य के अंतर की राशि किसानों को प्रदान की जाती है। विगत दो वर्षों में इस योजना के तहत 25,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि दी जा चुकी है।

प्रश्न 4: किसानों को यह राशि कैसे प्राप्त होगी?

उत्तर: किसानों को यह राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में प्राप्त होगी। जिन किसानों ने सरकारी क्रय केंद्रों पर पंजीकरण कराकर धान विक्रय किया है, उनके पंजीकृत बैंक खातों में यह राशि स्वतः जमा हो जाएगी। इससे पारदर्शिता सुनिश्चित होती है तथा मध्यस्थों की भूमिका समाप्त हो जाती है।

प्रश्न 5: यह निर्णय ग्रामीण अर्थव्यवस्था को कैसे प्रभावित करेगा?

उत्तर: होलिकोत्सव से पूर्व 10,000 करोड़ रुपये का भुगतान ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण प्रभाव डालेगा। पर्व के समय किसानों के पास नकदी की उपलब्धता से ग्रामीण बाजारों में क्रय-विक्रय गतिविधियां बढ़ेंगी। स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा तथा ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिशीलता में तीव्रता आएगी। यह समग्र राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत है।

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