Skip to content
-
Subscribe to our newsletter & never miss our best posts. Subscribe Now!
Land Levellers tractor logo
Land Levellers tractor logo
  • about us
  • Contact Us
  • Privacy policy
  • Term And Condition
  • Disclaimer
  • about us
  • Contact Us
  • Privacy policy
  • Term And Condition
  • Disclaimer
Close

Search

  • https://www.facebook.com/
  • https://twitter.com/
  • https://t.me/
  • https://www.instagram.com/
  • https://youtube.com/
Subscribe
Bharat Band
Features

Bharat Band: 30 करोड़ श्रमिकों की हड़ताल से पूरे देश में अफरातफरी, किसान संगठन भी सड़कों पर

By Sudhanshu Tiwari
February 12, 2026 6 Min Read
0

Bharat Band: केंद्र सरकार की श्रम और आर्थिक नीतियों के खिलाफ बुधवार को पूरे देश में भारत बंद का आह्वान किया गया है। दस केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और किसान संगठनों ने मिलकर यह विरोध प्रदर्शन आयोजित किया है। संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) सहित कई किसान संगठनों ने भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते का विरोध करते हुए इस बंद में शामिल होने की घोषणा की है। आयोजकों का दावा है कि इस हड़ताल में देशभर से 30 करोड़ से अधिक कामगार हिस्सा लेंगे।

Bharat Band के पीछे क्या है मुख्य मुद्दे?

इस राष्ट्रव्यापी हड़ताल (Bharat Band) के पीछे दो प्रमुख कारण हैं। पहला, केंद्र सरकार द्वारा लागू किए जा रहे चार श्रम संहिताएं (लेबर कोड्स) और दूसरा, भारत-अमेरिका के बीच हाल ही में हुआ अंतरिम व्यापार समझौता। ट्रेड यूनियनों का आरोप है कि नए श्रम कानून मजदूरों की सुरक्षा और नौकरी की स्थिरता को कमजोर करते हैं। वहीं किसान संगठनों का कहना है कि अमेरिकी व्यापार समझौते से भारतीय किसानों को भारी नुकसान हो सकता है।

संयुक्त किसान मोर्चा के संयोजक हन्नान मूला ने ANI से बातचीत में कहा, “सस्ते अमेरिकी आयात से भारतीय कृषि और संस्कृति को गंभीर खतरा है। यह समझौता किसानों के हितों के खिलाफ है।” उन्होंने केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के इस्तीफे की भी मांग की है।

ट्रेड यूनियनों की प्रमुख मांगें

केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच ने चार श्रम संहिताओं के विरोध (Bharat Band) में यह हड़ताल बुलाई है। यूनियनों का कहना है कि ये नए कानून श्रमिकों के अधिकारों को कमजोर करते हैं और उनकी नौकरी की सुरक्षा खत्म करते हैं। इस बंद के पीछे सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन (CITU), ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (AITUC), लेबर प्रोग्रेसिव फेडरेशन (LPF), यूनाइटेड ट्रेड यूनियन कांग्रेस (UTUC), और हिंद मजदूर सभा (HMS) जैसे दस प्रमुख संगठन शामिल हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आयोजकों का दावा है कि इस हड़ताल में 30 करोड़ से अधिक कामगार भाग ले रहे हैं। यह संख्या देश के कुल कार्यबल का एक बड़ा हिस्सा है। ट्रेड यूनियनों ने सरकार से मांग की है कि श्रम सुधारों पर फिर से विचार किया जाए और मजदूरों के हितों की रक्षा की जाए।

किसानों की चिंता “भारत-अमेरिका व्यापार समझौता”

संयुक्त किसान मोर्चा ने भारत-अमेरिका के बीच हुए अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर गंभीर चिंता जताई है। किसान संगठनों का आरोप है कि इस समझौते के तहत अमेरिकी कृषि उत्पादों के सस्ते आयात से भारतीय किसानों की आजीविका खतरे में पड़ जाएगी। विशेष रूप से मक्का, सोयाबीन, कपास और डेयरी उत्पादों के आयात को लेकर किसानों में भारी असंतोष है।

हिमाचल प्रदेश के सेब किसानों ने भी इस विरोध प्रदर्शन(Bharat Band)  में शामिल होने की घोषणा की है। उनका कहना है कि अमेरिकी सेब के आयात पर शुल्क में कमी से स्थानीय सेब उत्पादकों को भारी नुकसान होगा। किसान नेताओं ने सरकार पर आरोप लगाया है कि यह समझौता अमेरिका के दबाव में किया गया है और इसमें भारतीय किसानों के हितों की अनदेखी की गई है।

Bharat Band: सरकार का पक्ष – वाणिज्य मंत्री का बयान

किसानों और ट्रेड यूनियनों के आरोपों के जवाब में केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने व्यापार समझौते का बचाव किया है। उन्होंने कहा कि इस समझौते में भारतीय किसानों और डेयरी उत्पादकों के हितों का पूरा ध्यान रखा गया है। कुछ संवेदनशील कृषि उत्पादों को टैरिफ रियायत से बाहर रखा गया है ताकि घरेलू उत्पादकों को नुकसान न हो।

सरकार का तर्क है कि यह व्यापार समझौता भारत के निर्यात को बढ़ावा देगा और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा। हालांकि, विरोधी पक्ष और किसान संगठन इस दावे को खारिज करते हुए कह रहे हैं कि यह समझौता एकतरफा है और अमेरिका के पक्ष में है।

किन सेवाओं पर पड़ेगा असर?

भारत बंद (Bharat Band) के कारण देशभर में कई सेवाओं पर असर पड़ने की संभावना है। बैंकिंग कार्य, सार्वजनिक परिवहन और सरकारी कार्यालयों में काम प्रभावित हो सकता है। कई राज्यों में बस और ट्रेन सेवाएं बाधित हो सकती हैं। हालांकि, आवश्यक सेवाओं जैसे अस्पताल, चिकित्सा सुविधाएं, हवाई अड्डे, निजी कार्यालय और एटीएम के खुले रहने की उम्मीद है।

विभिन्न शहरों में बाजार और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रह सकते हैं। ट्रेड यूनियनों ने शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है और लोगों से अपील की है कि वे हिंसा से बचें। सुरक्षा एजेंसियों ने भी विभिन्न स्थानों पर सतर्कता बढ़ा दी है।

Bharat Band: राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया

विपक्षी दलों ने भारत बंद (Bharat Band) का समर्थन किया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सरकार पर आरोप लगाया है कि वह विदेशी दबाव में भारतीय किसानों और मजदूरों के हितों की बलि दे रही है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी मक्का और सोयाबीन के लिए दरवाजे खोलना देश के किसानों के साथ विश्वासघात है।

ओडिशा कांग्रेस ने भी इस हड़ताल का समर्थन करते हुए निजीकरण, ठेके पर काम, ग्रामीण रोजगार योजनाओं में बदलाव और बिजली विधेयक 2025 का विरोध किया है। अन्य विपक्षी दल भी सरकार की नीतियों की आलोचना कर रहे हैं।

कृषि उत्पादों पर विशेष चिंता

किसान संगठनों की मुख्य चिंता कुछ विशेष कृषि उत्पादों के आयात को लेकर है। शून्य शुल्क पर अमेरिकी कपास के आयात से भारतीय कपास उत्पादकों को नुकसान हो सकता है। इसी तरह, सस्ते अमेरिकी डेयरी उत्पाद, मक्का और सोयाबीन के आयात से घरेलू किसानों की आय प्रभावित होगी।

कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिकी किसानों को भारी सब्सिडी मिलती है, जिससे उनके उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में सस्ते हो जाते हैं। ऐसे में भारतीय किसान प्रतिस्पर्धा में पिछड़ सकते हैं। किसान संगठनों ने मांग की है कि सरकार इस समझौते पर पुनर्विचार करे और किसानों के साथ विस्तृत परामर्श करे।

Bharat Band: श्रम सुधारों का विरोध

ट्रेड यूनियनों का कहना है कि सरकार के चार श्रम संहिताएं मजदूरों के मौलिक अधिकारों को कमजोर करती हैं। इन कानूनों में काम के घंटे बढ़ाने, ठेके पर काम को बढ़ावा देने और यूनियन बनाने के अधिकार को सीमित करने जैसे प्रावधान हैं। यूनियन नेताओं का आरोप है कि ये सुधार केवल उद्योगपतियों के हित में हैं और मजदूरों को नुकसान पहुंचाएंगे।

श्रमिक संगठनों ने सरकार से मांग की है कि इन कानूनों को लागू करने से पहले मजदूरों और यूनियनों के साथ व्यापक चर्चा (Bharat Band) की जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो आने वाले दिनों में और भी बड़े विरोध प्रदर्शन होंगे।

देशभर में प्रदर्शन की तैयारी

विभिन्न राज्यों में किसान और मजदूर संगठनों ने विरोध प्रदर्शन की व्यापक तैयारी (Bharat Band) की है। पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, ओडिशा और अन्य राज्यों में बड़े पैमाने पर रैलियां और धरने आयोजित होने की उम्मीद है। कई स्थानों पर सड़क जाम की भी आशंका है।

प्रशासन ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। पुलिस बलों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। आयोजकों ने भी प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करने की अपील की है।

Bharat Band: आगे क्या?

यह भारत बंद (Bharat Band) सरकार की आर्थिक और श्रम नीतियों के खिलाफ एक बड़ा विरोध प्रदर्शन है। 30 करोड़ से अधिक कामगारों की भागीदारी का दावा इसे हाल के वर्षों की सबसे बड़ी हड़तालों में से एक बनाता है। किसान और मजदूर संगठनों ने सरकार से बातचीत की मांग की है।

अब यह देखना होगा कि सरकार इस बड़े विरोध प्रदर्शन पर क्या प्रतिक्रिया देती है और क्या वह किसानों तथा मजदूरों की मांगों पर विचार करने को तैयार होती है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मुद्दा आने वाले समय में राजनीति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

Bharat Band: मुख्य बिंदु एक नजर में

  • 30 करोड़ से अधिक कामगारों की हड़ताल में भागीदारी का दावा

  • 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और किसान संगठनों का संयुक्त विरोध

  • भारत-अमेरिका व्यापार समझौते और श्रम कानूनों का विरोध

  • बैंकिंग, परिवहन और सरकारी सेवाओं पर असर की संभावना

  • हिमाचल के सेब किसान भी शामिल, आयात शुल्क पर चिंता

  • अस्पताल, एयरपोर्ट और आवश्यक सेवाएं सामान्य रहने की उम्मीद

  • विपक्षी दलों ने हड़ताल का समर्थन किया

  • शांतिपूर्ण विरोध का आह्वान, सुरक्षा एजेंसियां सतर्क

Read More Here

Profitable Kaddu Farming: 56 कद्दू की खेती से किसान कमा रहा लाखों, लागत 7 हजार तो मुनाफा 80 हजार, मल्चिंग तकनीक ने बदली किस्मत, पारंपरिक खेती छोड़कर सब्जियों से बंपर कमाई

CNH India ने अमेरिका को ट्रैक्टर निर्यात फिर शुरू किया, FTA के बाद कंपोनेंट्स एक्सपोर्ट $500 मिलियन का लक्ष्य, यूएस से 200 HP+ ट्रैक्टर आयात की योजना, भारत बना ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब

VISTAAR: भारत-विस्तार AI टूल से खेती में आएगी क्रांति, स्थानीय भाषा में मिलेगी वैज्ञानिक सलाह, बढ़ेगी किसानों की आमदनी, जानें पूरी जानकारी

Superfood for Animal: पराली से तैयार करें पशुओं के लिए सुपर फूड, यूरिया उपचार से बढ़ेगा दूध उत्पादन, जानें पूरी विधि और फायदे

Tags:

30 Crore Workers StrikeBharat BandBharat BandhBreaking NewsFarmers ProtestIndia NewsLabour MovementNationwide StrikePolitical ProtestTrade Unions Strike
Author

Sudhanshu Tiwari

Follow Me
Other Articles
Profitable Kaddu Farming
Previous

Profitable Kaddu Farming: 56 कद्दू की खेती से किसान कमा रहा लाखों, लागत 7 हजार तो मुनाफा 80 हजार, मल्चिंग तकनीक ने बदली किस्मत, पारंपरिक खेती छोड़कर सब्जियों से बंपर कमाई

India-US Trade Deal
Next

India-US Trade Deal: ट्रेड डील के बाद धड़ाम, सोयाबीन की कीमतों में भारी गिरावट, किसानों की चिंता बढ़ी

No Comment! Be the first one.

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • Agri Equipments (5)
  • Agriculture News (56)
  • Animal Husbandry News (2)
  • Features (5)
  • Implements News (9)
  • Others (13)
  • Pm kisan yojna (3)
  • Sarkari Yojana News (54)
  • Tractor News (257)

Subscribe

Email
The form has been submitted successfully!
There has been some error while submitting the form. Please verify all form fields again.

Recent Post

  • Makhana Cultivation: चंदौली में बनेगा 6 करोड़ का अत्याधुनिक मखाना केंद्र, किसानों की आमदनी बढ़ाने की तैयारी
  • Cotton Import: अमेरिकी कपास का शुल्क-मुक्त आयात, आंकड़ों की रोशनी में देखें किसानों की आशंका और सरकार का पक्ष
  • Retail Tractor Sales: जनवरी 2026 में ट्रैक्टर बिक्री में जबरदस्त उछाल, FADA रिपोर्ट में 22.90% की वृद्धि दर्ज
  • India-US Trade Deal: ट्रेड डील के बाद धड़ाम, सोयाबीन की कीमतों में भारी गिरावट, किसानों की चिंता बढ़ी
  • Bharat Band: 30 करोड़ श्रमिकों की हड़ताल से पूरे देश में अफरातफरी, किसान संगठन भी सड़कों पर

Archives

  • February 2026
  • January 2026
  • December 2025
  • November 2025
  • October 2025
  • September 2025
  • August 2025

There was an error trying to submit your form. Please try again.

This field is required.

There was an error trying to submit your form. Please try again.

Copyright 2026 — . All rights reserved. Blogsy WordPress Theme
Go to mobile version