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Animal Shed: पशु शेड और नांद का सही डिजाइन है जरूरी, चारा खाते वक्त गाय-भैंस की गर्दन की सही स्थिति से तय होती है सेहत, जानें नांद बनाने के सभी मानक और विशेषज्ञों की सलाह

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Animal Shed: पशुपालन में दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए अक्सर किसान अच्छे चारे, दाने और दवाइयों पर ध्यान देते हैं लेकिन एक बेहद जरूरी पहलू जिसे अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है वह है पशु शेड और नांद का सही डिजाइन। पशु विशेषज्ञों के अनुसार जब गाय या भैंस चारा-भूसा खाती है तो उस दौरान उसकी गर्दन कितनी झुक रही है और शरीर पर कितना जोर पड़ रहा है यह सीधे तौर पर उसकी सेहत और उत्पादन क्षमता को प्रभावित करता है। यह सुनने में भले ही अजीब लगे लेकिन इसके लिए वैज्ञानिक मानक तय किए गए हैं। अगर नांद का डिजाइन सही नहीं है तो कितनी भी अच्छी खुराक दे दें गाय-भैंस का दूध उत्पादन नहीं बढ़ेगा और स्वास्थ्य भी नहीं बनेगा। खासतौर पर गाभिन भैंसों में गलत डिजाइन की नांद गर्भपात जैसी गंभीर समस्या को भी जन्म दे सकती है।

Animal Shed: नांद का गलत डिजाइन क्यों है खतरनाक

पशु विशेषज्ञों का कहना है कि नांद में खाने के लिए गाय-भैंस को न तो बहुत नीचे गर्दन झुकानी पड़े और न ही बहुत ऊपर उठाकर खाना पड़े। दोनों ही स्थितियां पशु के लिए हानिकारक हैं। अत्यधिक नीचे झुककर खाने से पशु की गर्दन, रीढ़ और पेट पर अनावश्यक दबाव पड़ता है जो गाभिन पशु के लिए विशेष रूप से खतरनाक हो सकता है और गर्भपात का कारण बन सकता है। इसी तरह यदि नांद बहुत ऊंची हो तो पशु को असहजता होती है और वह पूरा चारा नहीं खा पाता जिससे उत्पादन प्रभावित होता है। शेड और नांद का सही डिजाइन गर्मी की लहर यानी हीट वेव के दौरान भी भैंस को सुरक्षित रखता है और उत्पादन में गिरावट को रोकता है।

Animal Shed: नांद की ऊंचाई और गहराई के मानक

पशु विशेषज्ञों द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार नांद की ऊंचाई और गहराई पशु की उम्र और आकार के अनुसार अलग-अलग होनी चाहिए। जवान और पूर्ण विकसित भैंस के लिए नांद की जमीन से ऊंचाई 50 सेंटीमीटर रखी जानी चाहिए। छोटे बछड़ों के लिए यह ऊंचाई घटाकर 20 से 25 सेंटीमीटर के बीच रखनी चाहिए ताकि वे आसानी से खाना खा सकें। नांद की गहराई के मामले में भी मानक तय हैं। वयस्क भैंस के लिए नांद की गहराई 40 सेंटीमीटर से अधिक नहीं होनी चाहिए जबकि बछड़ों की नांद की गहराई 20 सेंटीमीटर से ज्यादा नहीं रखनी चाहिए।

Animal Shed: शेड की दिशा और नांद की स्थिति

एक अच्छे पशु शेड में नांद हमेशा उत्तर दिशा में बनानी चाहिए। यह वैज्ञानिक और व्यावहारिक दोनों दृष्टिकोणों से उचित माना जाता है। नांद जहां बनाई जाए उस तरफ शेड में दीवार नहीं होनी चाहिए ताकि चारा डालना और नांद की सफाई करना आसान रहे। नांद का डिजाइन इस प्रकार होना चाहिए कि पशुपालक बिना किसी कठिनाई के उसमें चारा डाल सके और रोजाना की सफाई भी सुविधाजनक रहे।

Animal Shed: शेड की दीवार और फर्श के मानक

एक आदर्श पशु शेड तीन तरफ से पांच फीट ऊंची दीवार से घिरा होना चाहिए। इससे पशु तेज हवा, बारिश और ठंड से सुरक्षित रहते हैं। शेड के अंदर नांद के पास पांच फीट चौड़ा फर्श बनाया जाना चाहिए जो बिना फिसलन वाला हो, आसानी से साफ किया जा सके और उसमें थोड़ी ढलान हो ताकि पानी जल्दी बाह जाए। शेड का ढका हुआ यानी कवर्ड एरिया का फर्श शेड की खुली जमीन से थोड़ा ऊंचा होना चाहिए। शेड की छत पाइप और एंगल आयरन पर एस्बेस्टस शीट के साथ हल्की ढलान वाली बनाई जानी चाहिए ताकि बरसात का पानी आसानी से बह जाए। अगर कम लागत में काम करना हो तो छप्पर की छत एस्बेस्टस और टिन की चादरों की तुलना में सस्ती पड़ती है।

Animal Shed: एक पशु के लिए कितना स्थान जरूरी

शेड में प्रत्येक वयस्क भैंस के लिए कवर्ड एरिया 30 से 40 वर्ग फुट और खुला यानी ओपन एरिया 800 से 1000 वर्ग फुट होना चाहिए। नांद के पास कवर्ड एरिया में प्रत्येक भैंस के लिए ढाई से तीन फीट की जगह होनी चाहिए। बछड़ों के लिए कवर्ड एरिया 20 से 25 वर्ग फुट और ओपन एरिया 50 से 60 वर्ग फुट रखना उचित माना जाता है। बछड़ों की नांद के पास कवर्ड एरिया में डेढ़ फीट की जगह पर्याप्त होती है।

Animal Shed: पानी और स्वच्छता के इंतजाम

शेड के खुले क्षेत्र में पशुओं के पीने के लिए एक अलग पानी की टंकी जरूर बनानी चाहिए। शेड की सभी नालियां ढकी हुई होनी चाहिए ताकि पशु का पैर उनमें फंसने का खतरा न रहे और मक्खी-मच्छरों का प्रजनन भी न हो। पशु शेड में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए क्योंकि गंदगी से पशुओं में बीमारियां फैलने का खतरा रहता है।

सही डिजाइन का पशु शेड और मानकों के अनुसार बनाई गई नांद पशुपालकों के लिए एक दीर्घकालिक निवेश है जो दूध उत्पादन बढ़ाने, पशुओं को स्वस्थ रखने और गर्भपात जैसी महंगी समस्याओं से बचाने में निर्णायक भूमिका निभाती है।

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