कृषि यंत्र अनुदान योजना 2025: लॉटरी लिस्ट जारी, जानें कैसे देखें नाम और कितना मिलेगा अनुदान

कृषि यंत्र अनुदान योजना के तहत चयनित किसानों की सूची जारी – जानें कैसे करें अपना नाम चेक, कितना मिलेगा अनुदान



भोपाल, 09 अक्टूबर 2025:
मध्यप्रदेश सरकार द्वारा किसानों को आधुनिक कृषि उपकरणों की सुविधा सुलभ कराने और कृषि उत्पादन में तकनीकी सुधार को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से चलाई जा रही ई–कृषि यंत्र अनुदान योजना (E–Krishi Yantra Anudan Yojana) के तहत चयनित किसानों की लॉटरी सूची जारी कर दी गई है। इस योजना के माध्यम से राज्य सरकार किसानों को विभिन्न कृषि यंत्रों पर आकर्षक सब्सिडी (Subsidy on Krishi Yantra) प्रदान कर रही है, जिससे किसान सस्ती दरों पर उन्नत मशीनरी खरीदकर अपनी खेती को अधिक लाभकारी बना सकें।

राज्य के किसानों से हैप्पी सीडर, सुपर सीडर, स्मार्ट सीडर, श्रेडर, बेलर, हे रेक, स्ट्रॉ रेक और स्लेशर जैसे यंत्रों के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए थे। सरकार द्वारा प्राप्त आवेदनों में से योग्य किसानों का चयन लॉटरी प्रक्रिया (Krishi Yantra Subsidy Lottery 2025) के माध्यम से किया गया है। चयनित किसानों को अब निर्धारित सब्सिडी का लाभ प्रदान किया जाएगा।


🌾 योजना का उद्देश्य

ई–कृषि यंत्र अनुदान योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को खेती के लिए आवश्यक आधुनिक यंत्र सुलभ दरों पर उपलब्ध कराना है ताकि वे समय, श्रम और लागत की बचत कर सकें। इस पहल से खेती में उत्पादकता बढ़ेगी, कृषि कार्यों में दक्षता आएगी और किसानों की आय में वृद्धि होगी।


🚜 किन कृषि यंत्रों पर मिलेगा अनुदान

इस योजना के तहत किसानों को निम्नलिखित कृषि यंत्रों पर सब्सिडी दी जा रही है –

इन सभी यंत्रों के लिए आवेदन के साथ किसानों को धरोहर राशि के रूप में डिमांड ड्राफ्ट (DD) जमा करना अनिवार्य था। उदाहरण के लिए:

जिन किसानों ने डीडी नहीं लगाया, उनके आवेदन स्वीकार नहीं किए गए और उन्हें लॉटरी में शामिल नहीं किया गया।


📋 कैसे करें चयनित किसानों की सूची में नाम चेक

राज्य के जिन किसानों ने आवेदन किया था, वे अब ई–कृषि यंत्र अनुदान पोर्टल पर जाकर यह जांच सकते हैं कि उनका नाम लॉटरी में चयनित लाभार्थियों की सूची में शामिल है या नहीं।

कदम इस प्रकार हैं:

  1. सबसे पहले https://farmer.mpdage.org/ वेबसाइट पर जाएं।
  2. वहां दो विभागों के कॉलम दिखाई देंगे –
    • संचालनालय कृषि अभियांत्रिकी विभाग
    • संचालनालय किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग
  3. आपको कृषि अभियांत्रिकी विभाग वाले कॉलम पर क्लिक करना है।
  4. इसके बाद “लॉटरी परिणाम (Lottery Result)” विकल्प पर क्लिक करें।
  5. अब एक नया पेज खुलेगा, जिसमें आपको कुछ जानकारी जैसे —
    वित्तीय वर्ष (2025–26), विभाग का नाम, जिला, कृषि यंत्र का नाम, कृषक वर्ग, जोत श्रेणी, जेंडर और लॉटरी दिनांक भरनी होगी।
  6. सभी जानकारी भरने के बाद सबमिट बटन पर क्लिक करें।
  7. आपके जिले या गांव की लाभार्थी सूची स्क्रीन पर प्रदर्शित हो जाएगी।

इस सूची में आप अपना नाम देख सकते हैं। यदि आपका नाम सूची में है, तो आपको योजना के तहत निर्धारित सब्सिडी प्राप्त होगी।


💰 कितनी मिलेगी सब्सिडी

योजना के तहत सब्सिडी की दरें किसान वर्ग और यंत्र के प्रकार के अनुसार भिन्न–भिन्न रखी गई हैं:

किसान ई–कृषि यंत्र पोर्टल पर उपलब्ध सब्सिडी कैलकुलेटर की सहायता से यह पता लगा सकते हैं कि उन्हें कितनी राशि का लाभ मिलेगा।


🔁 जिन किसानों का नाम सूची में नहीं है

जिन किसानों के नाम लॉटरी सूची में शामिल नहीं हुए हैं, उन्हें चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि जिन किसानों का चयन नहीं हुआ है, उनकी जमा की गई धरोहर राशि (DD) नियमानुसार वापस लौटा दी जाएगी। यदि कोई किसान प्रतीक्षा सूची में है और वह भी अपनी राशि वापस चाहता है, तो उसे भी यह राशि वापस कर दी जाएगी।


📑 सत्यापन के लिए आवश्यक दस्तावेज

लॉटरी में चयन के बाद विभाग द्वारा किसानों का सत्यापन (Verification) किया जाएगा। इसके बाद ही यंत्र की खरीद की स्वीकृति दी जाएगी। सत्यापन के समय किसानों को निम्नलिखित दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे:


🕒 कब मिलेगी सब्सिडी की राशि

लाभार्थी किसानों को यंत्र की खरीद और विभागीय सत्यापन के बाद 30 से 45 दिनों के भीतर सब्सिडी की राशि सीधे उनके बैंक खाते में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से भेजी जाएगी। इसके लिए किसानों को अधिकृत डीलर से यंत्र खरीदना होगा, जिसके बाद अधिकारी भौतिक सत्यापन करेंगे। सत्यापन पूर्ण होते ही सब्सिडी राशि किसानों को भेज दी जाएगी।


📞 अतिरिक्त जानकारी के लिए

किसान योजना से जुड़ी विस्तृत जानकारी, सब्सिडी दरों और प्रक्रिया की जानकारी के लिए ई–कृषि यंत्र पोर्टल (E–Krishi Yantra Portal) पर जा सकते हैं या अपने जिले के कृषि अभियांत्रिकी विभाग कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।


🌱 निष्कर्ष

मध्यप्रदेश सरकार की यह पहल न केवल किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक से जोड़ने का काम करेगी, बल्कि खेती को और अधिक कुशल, लागत–सक्षम और पर्यावरण–अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

ई–कृषि यंत्र अनुदान योजना से किसानों को खेती में आत्मनिर्भरता, समय की बचत और बेहतर उत्पादन का अवसर मिलेगा, जिससे राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।

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