Vegetable Seed Kit: जायद ऋतु के आगमन के साथ ही नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में गृह उद्यान तथा टेरेस गार्डनिंग की लोकप्रियता में उल्लेखनीय वृद्धि परिलक्षित हो रही है। इस बढ़ती हुई मांग को दृष्टिगत रखते हुए राष्ट्रीय बीज निगम ने गृह कृषकों एवं शौकिया बागवानी प्रेमियों के लिए विशेष सब्जी बीज किट का संग्रह प्रारंभ किया है। यह किट ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ONDC) के ऑनलाइन मंच के माध्यम से उपलब्ध है, जिससे उपभोक्ता सुगमता से घर बैठे इसे क्रय कर सकते हैं।
गृह उद्यान की संकल्पना शहरी जीवनशैली में स्वास्थ्यवर्धक एवं रासायनिक मुक्त खाद्य उत्पादन का माध्यम बनती जा रही है। व्यावसायिक कृषि में रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से उत्पादित सब्जियों की गुणवत्ता एवं पोषक तत्वों में ह्रास होने के कारण उपभोक्ता अब अपने आवासीय परिसर में ही ताजी एवं जैविक सब्जियों का उत्पादन करने की ओर प्रवृत्त हो रहे हैं। राष्ट्रीय बीज निगम की यह पहल इसी दिशा में एक सराहनीय कदम है।
Vegetable Seed Kit: बीज किट की संरचना एवं उपलब्धता
राष्ट्रीय बीज निगम द्वारा प्रस्तावित इस बीज किट में तीन प्रमुख सब्जियों के उच्च गुणवत्तापूर्ण बीज सम्मिलित हैं – रसीला टमाटर, तीव्र स्वाद वाली हरी एवं लाल मिर्च, तथा कोमल बैंगन। ये सभी फसलें जायद अथवा ग्रीष्मकालीन मौसम के लिए विशेष रूप से उपयुक्त हैं। 12 ग्राम भार के इस बीज पैकेट को वर्तमान में 20 प्रतिशत की आकर्षक छूट के साथ मात्र 80 रुपये में उपलब्ध कराया जा रहा है। यह मूल्य निर्धारण आर्थिक रूप से सुगम है तथा सामान्य उपभोक्ता की क्रय क्षमता के अनुरूप है।
ONDC प्लेटफॉर्म के माध्यम से इन बीजों को ऑनलाइन क्रय करने की सुविधा से उपभोक्ताओं को बाजार में भटकने की आवश्यकता नहीं रहती। घर बैठे आर्डर देकर डोरस्टेप डिलीवरी प्राप्त की जा सकती है। यह डिजिटल व्यवस्था विशेष रूप से नगरीय निवासियों के लिए अत्यंत सुविधाजनक है जहां पारंपरिक बीज विक्रेता सुगमता से उपलब्ध नहीं होते।
Vegetable Seed Kit: गृह उद्यान में शुद्ध सब्जी उत्पादन का महत्व
व्यावसायिक कृषि में शीघ्र एवं अधिकतम उत्पादन के लक्ष्य से रासायनिक उर्वरकों, कीटनाशकों तथा वृद्धिवर्धक रसायनों का व्यापक उपयोग किया जाता है। इन रासायनिक पदार्थों का अवशेष सब्जियों में बना रहता है, जो दीर्घकालिक स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। इसके विपरीत, गृह उद्यान में उत्पादित सब्जियां पूर्णतः जैविक विधि से उगाई जा सकती हैं, जिससे स्वास्थ्यवर्धक एवं पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य प्राप्त होता है।
गृह उद्यान की एक अन्य विशेषता यह है कि उपभोक्ता को परम ताजगी प्राप्त होती है। बाजार में उपलब्ध सब्जियां प्रायः कई दिनों पुरानी होती हैं तथा परिवहन एवं भंडारण के दौरान उनकी पोषक गुणवत्ता में ह्रास हो जाता है। स्वयं उगाई गई सब्जियां तोड़ने के तुरंत पश्चात उपभोग की जा सकती हैं, जिससे सर्वोत्तम स्वाद एवं पोषण सुनिश्चित होता है।
टेरेस गार्डनिंग: सब्जी उत्पादन की तकनीकी प्रक्रिया (Vegetable Seed Kit)
टमाटर उत्पादन विधि: टेरेस गार्डन में टमाटर उत्पादन के लिए बृहद आकार के गमले का चयन अनिवार्य है। गमले में बलुई दोमट मिट्टी तथा जैविक खाद का समुचित मिश्रण तैयार किया जाना चाहिए। बलुई दोमट मिट्टी में जल निकासी की उत्कृष्ट व्यवस्था होती है तथा पौधे की जड़ों का विकास सुगमता से होता है। टमाटर के पौधों को प्रतिदिन न्यूनतम 6-8 घंटे सूर्य प्रकाश की आवश्यकता होती है, अतः गमले को ऐसे स्थान पर रखा जाना चाहिए जहां पर्याप्त प्रकाश उपलब्ध हो।
मिर्च की खेती पद्धति: गमले में मिर्च उगाने हेतु प्रथमतः रसोई से लाल मिर्च के शुष्क बीज लेकर उन्हें एक दिवस तक जल में भिगोना चाहिए। तत्पश्चात उपयुक्त आकार का गमला तैयार करें जिसमें उत्तम जल निकासी व्यवस्था वाली मिट्टी तथा जैविक खाद अथवा वर्मीकंपोस्ट का संयोजन हो। बीजों को लगभग एक इंच की गहराई पर बोकर हल्की मिट्टी से आच्छादित करें तथा नियमित रूप से सिंचाई करें। मिर्च के पौधे अपेक्षाकृत कम रखरखाव में भी उत्तम उत्पादन देते हैं।
बैंगन की रोपण प्रक्रिया: टेरेस गार्डन में बैंगन उत्पादन के लिए सर्वप्रथम लघु गमले में पॉटिंग मिश्रण से भरना चाहिए। बैंगन के बीजों को मिट्टी में रोपकर उन्हें हल्की मिट्टी से आच्छादित करना चाहिए। तत्पश्चात जल का स्प्रे करें। गमले को ऐसे स्थान पर रखना चाहिए जहां प्रत्यक्ष सूर्य प्रकाश न पहुंचे। विशेष ध्यान रखें कि अतिरिक्त सिंचाई न हो, केवल आवश्यकतानुसार ही जल प्रदान करें।
Vegetable Seed Kit: आर्थिक एवं पर्यावरणीय लाभ
गृह उद्यान का अभ्यास न केवल आर्थिक दृष्टि से लाभकारी है, अपितु पर्यावरणीय संरक्षण में भी योगदान देता है। जब परिवार अपनी सब्जियों का उत्पादन स्वयं करता है तो बाजार से क्रय व्यय में कमी आती है। इसके अतिरिक्त, परिवहन के कारण होने वाले कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आती है। टेरेस गार्डनिंग से भवन के तापमान नियंत्रण में भी सहायता मिलती है तथा वायु गुणवत्ता में सुधार होता है।
मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी गृह उद्यान का महत्व है। पौधों की देखभाल एवं उनका विकास देखना मानसिक शांति प्रदान करता है तथा तनाव कम करने में सहायक होता है। बच्चों को भी प्रकृति से जोड़ने का यह उत्तम माध्यम है, जिससे उनमें कृषि एवं पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता विकसित होती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
प्रश्न 1: राष्ट्रीय बीज निगम की सब्जी बीज किट में कौन-कौन सी सब्जियों के बीज सम्मिलित हैं?
उत्तर: इस बीज किट में तीन प्रमुख सब्जियों के उच्च गुणवत्तापूर्ण बीज सम्मिलित हैं – टमाटर, मिर्च (हरी एवं लाल), तथा बैंगन। ये सभी फसलें जायद अथवा ग्रीष्मकालीन मौसम के लिए विशेष रूप से उपयुक्त हैं तथा टेरेस गार्डनिंग के लिए आदर्श मानी जाती हैं।
प्रश्न 2: इस बीज किट को कहां से एवं किस मूल्य पर क्रय किया जा सकता है?
उत्तर: यह बीज किट ONDC (ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स) के ऑनलाइन मंच से क्रय की जा सकती है। 12 ग्राम भार का पैकेट वर्तमान में 20 प्रतिशत की छूट के साथ मात्र 80 रुपये में उपलब्ध है। ऑनलाइन आर्डर देने पर घर तक डिलीवरी की सुविधा उपलब्ध है।
प्रश्न 3: टेरेस गार्डन में टमाटर उगाने के लिए कौन सी मिट्टी सर्वोत्तम है?
उत्तर: टमाटर उत्पादन के लिए बलुई दोमट मिट्टी सर्वोत्तम मानी जाती है। इस मिट्टी में उत्कृष्ट जल निकासी होती है तथा पौधे की जड़ों का विकास सुगमता से होता है। मिट्टी में जैविक खाद अथवा वर्मीकंपोस्ट मिलाने से पोषक तत्वों की उपलब्धता बढ़ती है। टमाटर के पौधों को प्रतिदिन 6-8 घंटे सूर्य प्रकाश की आवश्यकता होती है।
प्रश्न 4: गृह उद्यान में उत्पादित सब्जियां बाजार की सब्जियों से किस प्रकार भिन्न हैं?
उत्तर: गृह उद्यान में उत्पादित सब्जियां पूर्णतः जैविक होती हैं तथा रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों से मुक्त होती हैं। बाजार की सब्जियों में प्रायः रासायनिक अवशेष रहते हैं जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकते हैं। इसके अतिरिक्त, गृह उद्यान की सब्जियां परम ताजी होती हैं तथा उनमें पोषक तत्वों की अधिकतम मात्रा बनी रहती है।
प्रश्न 5: क्या टेरेस गार्डनिंग केवल नगरीय क्षेत्रों के लिए उपयुक्त है?
उत्तर: नहीं, टेरेस गार्डनिंग की संकल्पना नगरीय एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के लिए उपयुक्त है। नगरीय क्षेत्रों में जहां भूमि की सीमितता है, वहां छत पर सब्जियां उगाई जा सकती हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में भी जो परिवार व्यावसायिक कृषि नहीं करते, वे अपने आवास की छत अथवा आंगन में गृह उद्यान विकसित कर सकते हैं। यह स्वास्थ्यवर्धक एवं आर्थिक रूप से लाभदायक है।
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