UP News: उत्तर प्रदेश में इस होली कुछ अलग और खास होने वाला है। रंगों के इस महापर्व पर प्रदेश की हजारों ग्रामीण महिलाएं न केवल अपने परिवार के साथ होली का आनंद लेंगी बल्कि अपने हाथों से बनाए हर्बल और प्राकृतिक गुलाल को बेचकर आर्थिक रूप से भी मजबूत होंगी। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन यानी UPSRLM ने होली पर्व के अवसर पर स्वयं सहायता समूह यानी SHG की दीदियों द्वारा निर्मित उत्पादों की बिक्री को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष और राज्यव्यापी अभियान की शुरुआत की है। इस अभियान के तहत राज्य स्तर पर 5 करोड़ रुपये की बिक्री का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह पहल केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘लखपति दीदी योजना’ से सीधे जुड़ी है जिसका उद्देश्य स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को आर्थिक रूप से इतना सशक्त बनाना है कि वे सालाना एक लाख रुपये से अधिक की आय अर्जित कर सकें। इस होली अभियान से न केवल SHG दीदियों की आय बढ़ेगी बल्कि ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना भी मजबूत होगी और लोगों को केमिकल-फ्री प्राकृतिक रंगों से होली खेलने का अवसर मिलेगा।
UP News: क्या है यह विशेष होली अभियान?
उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा शुरू किए गए इस विशेष अभियान के तहत प्रदेश भर की स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं होली से जुड़े और रोजमर्रा के कई उत्पाद तैयार कर रही हैं। इस अभियान में गुलाल और अबीर के अलावा पापड़, चिप्स, मिठाइयां, अगरबत्ती और विभिन्न प्रकार के हस्तशिल्प उत्पाद भी शामिल हैं। ये सभी उत्पाद पूरी तरह स्वयं सहायता समूह की दीदियों द्वारा हाथ से और परंपरागत तरीकों से बनाए जा रहे हैं। इन उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए मिशन की ओर से विशेष प्रशिक्षण और मार्गदर्शन भी दिया जा रहा है। होली जैसे बड़े और लोकप्रिय पर्व पर इन उत्पादों की मांग स्वाभाविक रूप से अधिक होती है इसलिए यह अभियान इन महिलाओं की आय बढ़ाने का एक सुनहरा अवसर है।
UP News: प्रदेश भर में लगेंगे बिक्री काउंटर और प्रदर्शनी स्टॉल
इस अभियान को सफल बनाने के लिए UPSRLM ने एक व्यापक और समन्वित कार्ययोजना तैयार की है। प्रदेश के सभी जनपदों में विकास भवन, कलेक्ट्रेट, तहसील और अन्य शासकीय परिसरों में SHG उत्पादों की विशेष प्रदर्शनी और बिक्री काउंटर स्थापित किए जा रहे हैं। यह एक बेहद स्मार्ट और प्रभावी रणनीति है क्योंकि सरकारी दफ्तरों में रोज हजारों लोगों का आना-जाना होता है और वहां बिक्री काउंटर लगाने से उत्पादों की अधिकतम पहुंच सुनिश्चित होती है। इसके अलावा जिला प्रशासन, नगर निकायों और संबंधित सरकारी विभागों के सहयोग से संस्थागत और सामूहिक खरीद को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। यानी सरकारी विभाग भी इन महिलाओं के बनाए उत्पाद खरीदेंगे जिससे उनकी बिक्री में बड़ा इजाफा होगा।
UP News: 5 करोड़ की बिक्री का बड़ा लक्ष्य, Google Sheet पर होगी निगरानी
इस अभियान के लिए राज्य स्तर पर 5 करोड़ रुपये की बिक्री का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह लक्ष्य हजारों स्वयं सहायता समूह की दीदियों को प्रत्यक्ष और ठोस आर्थिक लाभ पहुंचाएगा। इस लक्ष्य की प्राप्ति सुनिश्चित करने के लिए एक पारदर्शी और तकनीकी निगरानी व्यवस्था भी बनाई गई है। सभी जनपदों को निर्देश दिए गए हैं कि वे उत्पादों का विवरण, बिक्री स्थल, संपर्क संख्या और प्रतिदिन की बिक्री प्रगति एक Google Sheet पर नियमित रूप से अपडेट करते रहें। इससे राज्य स्तर पर पूरे अभियान की सतत निगरानी और समय-समय पर समीक्षा की जा सकेगी। यह डिजिटल और पारदर्शी निगरानी व्यवस्था इस अभियान को और अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाती है।
UP News: पलास, चुकंदर, गेंदे से बन रहा है हर्बल गुलाल
इस पूरे अभियान का सबसे आकर्षक और उल्लेखनीय पहलू है स्वयं सहायता समूह की दीदियों द्वारा तैयार किया जा रहा प्राकृतिक और हर्बल गुलाल। ये दीदियां पूरी तरह प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग करके यह विशेष गुलाल बना रही हैं। इसमें पलास के फूल, चुकंदर, गेंदे के फूल, पालक के रस और अन्य प्राकृतिक तत्वों का उपयोग किया जा रहा है। यह गुलाल पूरी तरह केमिकल-फ्री है और त्वचा को किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचाता। आजकल बाजार में मिलने वाले अधिकांश सिंथेटिक रंगों में हानिकारक रसायन होते हैं जो त्वचा में जलन, एलर्जी और आंखों में तकलीफ पैदा कर सकते हैं। ऐसे में SHG दीदियों का यह हर्बल गुलाल न केवल पूरी तरह सुरक्षित है बल्कि पर्यावरण के अनुकूल भी है। यह गुलाल उन लोगों के लिए भी आदर्श है जिनकी त्वचा संवेदनशील है या जो बच्चों के लिए सुरक्षित रंग खोज रहे हैं।
UP News: लखपति दीदी योजना से जुड़ी है यह पहल
यह होली अभियान केंद्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी ‘लखपति दीदी योजना’ से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है। इस योजना का लक्ष्य देशभर के स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को इतना आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है कि वे प्रति वर्ष कम से कम एक लाख रुपये की आय अर्जित कर सकें और ‘लखपति दीदी’ बन सकें। पर्व आधारित बिक्री, स्थानीय उत्पादों की व्यावसायिक ब्रांडिंग और संस्थागत विपणन के माध्यम से महिलाओं की आय में निरंतर वृद्धि सुनिश्चित की जा रही है। मिशन निदेशक राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ने कहा कि होली जैसे प्रमुख और लोकप्रिय पर्व पर स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराना ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक सशक्त और प्रभावी प्रयास है। यह अभियान ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना को मजबूत करते हुए ग्रामीण उद्यमिता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा।
UP News: 4 मार्च को मनाई जाएगी इस बार की होली
इस बार होली 4 मार्च 2026 को मनाई जाएगी। इस वर्ष होली पूर्वा फाल्गुनी और उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र के शुभ संयोग में मनाई जाएगी जो इसे और भी विशेष और शुभ बनाता है। होली के इस पावन अवसर पर अगर आप SHG दीदियों का बनाया हर्बल और प्राकृतिक गुलाल खरीदते हैं तो आप न केवल खुद केमिकल-फ्री और सुरक्षित होली खेलेंगे बल्कि एक ग्रामीण महिला की आजीविका में भी सहयोग करेंगे। यह ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना का सबसे सुंदर और व्यावहारिक उदाहरण है।
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