UP News: उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए यह होली वाकई खास है। योगी आदित्यनाथ सरकार ने खरीफ क्रय सत्र 2025-26 में धान खरीद का नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया है। सरकार ने इस सत्र में 60 लाख मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य रखा था लेकिन वास्तविक खरीद 62.30 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच गई जो निर्धारित लक्ष्य से काफी अधिक है। प्रदेश के 4869 क्रय केंद्रों के माध्यम से 10 लाख 53 हजार से अधिक किसानों से यह धान खरीदा गया और उन्हें लगभग 14 हजार 886 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। खास बात यह है कि यह भुगतान सीएम योगी के निर्देश पर 48 घंटे के भीतर सीधे किसानों के बैंक खातों में डीबीटी के जरिए किया गया।
पिछले साल का रिकॉर्ड भी टूटा
इस बार की धान खरीद न सिर्फ तय लक्ष्य से आगे निकली बल्कि पिछले साल 2024-25 के आंकड़े को भी पीछे छोड़ दिया। 2024-25 में 7 लाख 97 हजार 500 किसानों से 57 लाख 70 हजार 671 मीट्रिक टन धान खरीदा गया था और उन्हें 13 हजार 370 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया था। इस बार किसानों की संख्या करीब 2.56 लाख बढ़ी, खरीद में लगभग 4.60 लाख मीट्रिक टन की वृद्धि हुई और भुगतान में भी करीब 1516 करोड़ रुपये अधिक दिए गए। क्रय केंद्रों की संख्या भी 4372 से बढ़कर 4869 हो गई।
MSP पर हुई खरीद, बिचौलियों से मिली मुक्ति
इस पूरी खरीद प्रक्रिया में धान की कीमत सामान्य श्रेणी के लिए 2369 रुपये प्रति कुंतल और ग्रेड ए के लिए 2389 रुपये प्रति कुंतल तय की गई थी। धान बिक्री के लिए ओटीपी आधारित सिंगल पंजीकरण व्यवस्था लागू की गई थी जिसमें 12 लाख 82 हजार 892 किसानों ने पंजीकरण कराया। डीबीटी के माध्यम से सीधे बैंक खातों में भुगतान होने से बिचौलियों की भूमिका पूरी तरह समाप्त हो गई और किसानों को उनका पैसा समय पर मिला।
किस क्षेत्र में कब तक हुई खरीद
राज्य के अलग-अलग हिस्सों में धान खरीद की समयसीमा अलग रही। पश्चिम उत्तर प्रदेश के संभागों और हरदोई, लखीमपुर खीरी तथा सीतापुर जिलों में 31 जनवरी तक खरीद हुई। वहीं चित्रकूट, कानपुर, अयोध्या, गोरखपुर, देवीपाटन, बस्ती, आजमगढ़, वाराणसी, मीरजापुर और प्रयागराज संभाग के साथ लखनऊ, रायबरेली और उन्नाव में 28 फरवरी तक धान खरीद की प्रक्रिया पूरी हुई।
इस रिकॉर्ड तोड़ उपलब्धि ने यह साबित कर दिया है कि योगी सरकार की किसान-हितैषी नीतियां जमीन पर असर दिखा रही हैं। होली के इस पावन मौके पर प्रदेश के लाखों किसानों के खातों में पहुंचा यह पैसा उनके जीवन में खुशियों का रंग भर रहा है।
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