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ट्रैक्टर की मरम्मत कब करानी चाहिए, जानें वो 10 जरूरी संकेत जो बताते हैं कि आपका ट्रैक्टर मांग रहा है ध्यान, समय पर सर्विस से बचेगा बड़ा नुकसान

Tractor Repair and Maintenance
Tractor Repair and Maintenance

Tractor Repair and Maintenance: खेती-किसानी में ट्रैक्टर किसान का सबसे भरोसेमंद साथी होता है। चाहे खेत जोतना हो, बुवाई करनी हो, फसल की कटाई के बाद माल ढोना हो या सिंचाई का काम हो, हर जगह ट्रैक्टर काम आता है। लेकिन इस मेहनती मशीन की देखभाल न की जाए तो यही ट्रैक्टर किसान के लिए मुसीबत बन सकता है। tractor repair and maintenance का सही समय पर न होना न केवल खेती के काम को बाधित करता है बल्कि मरम्मत का खर्च भी कई गुना बढ़ा देता है। इसलिए हर किसान को यह जानना बेहद जरूरी है कि ट्रैक्टर की मरम्मत कब करानी चाहिए और इसके क्या संकेत होते हैं। आज हम आपको वे सभी जरूरी बातें बताएंगे जो एक समझदार किसान को अपने ट्रैक्टर के बारे में पता होनी चाहिए।

Tractor Repair and Maintenance: इंजन से आवाज आना, पहला और सबसे बड़ा संकेत

जब भी आपके ट्रैक्टर का इंजन असामान्य आवाजें करने लगे जैसे खटखटाने की आवाज, घर्र-घर्र की आवाज या किसी धातु के रगड़ने की आवाज तो इसे कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यह इंजन की अंदरूनी खराबी का साफ संकेत है। tractor repair and maintenance में इंजन की जांच सबसे पहले होती है क्योंकि इंजन ट्रैक्टर का दिल होता है। अगर समय रहते इंजन की मरम्मत नहीं कराई गई तो छोटी सी खराबी बड़ी और महंगी समस्या बन सकती है।

Tractor Repair and Maintenance: इंजन ऑयल का समय पर बदलाव जरूरी

ट्रैक्टर में इंजन ऑयल यानी मोबिल वह जरूरी चीज है जो इंजन के सभी पुर्जों को घर्षण से बचाती है। अगर इंजन ऑयल काला पड़ जाए, गाढ़ा हो जाए या उसकी मात्रा कम हो जाए तो तुरंत tractor repair and maintenance कराना जरूरी है। सामान्यतः हर 200 से 250 घंटे की कार्य अवधि के बाद या निर्माता कंपनी के निर्देशानुसार इंजन ऑयल बदलवाना चाहिए। बासी और गंदा ऑयल इंजन को अंदर से खराब कर देता है।

Tractor Repair and Maintenance: काला या नीला धुआं निकलना

अगर आपके ट्रैक्टर की एग्जॉस्ट पाइप से काला, नीला या सफेद धुआं सामान्य से अधिक निकल रहा है तो यह खतरे की घंटी है। काला धुआं डीजल के अधूरे जलने का संकेत देता है जो एयर फिल्टर की बंद होने या इंजेक्टर की खराबी से होता है। नीला धुआं इंजन में तेल जलने की निशानी है। सफेद धुआं कूलेंट के इंजन में मिलने का संकेत हो सकता है। तीनों ही स्थितियों में तुरंत tractor repair and maintenance के लिए किसी अनुभवी मैकेनिक के पास जाना चाहिए।

Tractor Repair and Maintenance: ओवरहीटिंग यानी इंजन का जरूरत से ज्यादा गर्म होना

ट्रैक्टर काम करते वक्त एक निश्चित तापमान पर चलता है। अगर बार-बार रेडिएटर में पानी डालना पड़ रहा है, तापमान गेज सामान्य से ऊपर जा रहा है या इंजन से भाप निकल रही है तो यह ओवरहीटिंग की समस्या है। इसकी वजह कूलिंग सिस्टम में खराबी, रेडिएटर का बंद होना या थर्मोस्टेट का खराब होना हो सकती है। tractor repair and maintenance में कूलिंग सिस्टम की जांच बेहद जरूरी है क्योंकि ओवरहीटिंग से इंजन स्थायी रूप से खराब हो सकता है।

Tractor Repair and Maintenance: हाइड्रोलिक सिस्टम में दिक्कत

आधुनिक ट्रैक्टरों में हाइड्रोलिक सिस्टम बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इससे कल्टीवेटर, हल, लोडर और अन्य कृषि उपकरण ऊपर-नीचे होते हैं। अगर हाइड्रोलिक लिफ्ट धीरे उठने लगे, बीच में रुक जाए या बिल्कुल काम न करे तो हाइड्रोलिक ऑयल की जांच करें। अगर ऑयल कम हो गया है या लीकेज हो रही है तो तुरंत tractor repair and maintenance करवाएं। हाइड्रोलिक फिल्टर भी समय पर बदलना जरूरी है।

Tractor Repair and Maintenance: क्लच और गियरबॉक्स की समस्या

अगर ट्रैक्टर का क्लच दबाने पर जल्दी छूट जाता है, गियर डालने में परेशानी होती है, गियर बदलते वक्त अजीब आवाज आती है या ट्रैक्टर अचानक झटके लेता है तो क्लच और गियरबॉक्स की जांच करवाना बेहद जरूरी है। खराब क्लच प्लेट या गियरबॉक्स की तेल की कमी इसकी मुख्य वजह होती है। समय पर tractor repair and maintenance न होने से गियरबॉक्स पूरी तरह खराब हो सकता है और इसकी मरम्मत बेहद महंगी पड़ती है।

Tractor Repair and Maintenance: टायर और ब्रेक की नियमित जांच

ट्रैक्टर के टायरों का घिसना एक स्वाभाविक प्रक्रिया है लेकिन अगर टायर असमान रूप से घिस रहे हैं, हवा जल्दी निकल जाती है या टायर में दरारें आ गई हैं तो तुरंत ध्यान देना जरूरी है। इसी तरह ब्रेक अगर देर से लगते हैं, एक तरफ खिंचाव आता है या ब्रेक पेडल नीचे तक दबाना पड़ता है तो यह ब्रेक पैड घिसने का संकेत है। tractor repair and maintenance में ब्रेक की जांच को कभी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए क्योंकि खराब ब्रेक दुर्घटना का कारण बन सकते हैं।

Tractor Repair and Maintenance: एयर फिल्टर और फ्यूल फिल्टर की सफाई

ट्रैक्टर के एयर फिल्टर और फ्यूल फिल्टर की नियमित सफाई और बदलाई बेहद जरूरी है। बंद एयर फिल्टर इंजन को पर्याप्त हवा नहीं मिलने देता जिससे डीजल की खपत बढ़ती है और इंजन की शक्ति घट जाती है। फ्यूल फिल्टर बंद होने पर डीजल का प्रवाह रुकता है और इंजन स्टार्ट होने में दिक्कत आती है। हर 500 घंटे पर या सीजन शुरू होने से पहले tractor repair and maintenance के तहत इन फिल्टरों की जांच और बदलाई जरूर करानी चाहिए।

Tractor Repair and Maintenance: बैटरी और इलेक्ट्रिकल सिस्टम

आधुनिक ट्रैक्टरों में इलेक्ट्रिकल सिस्टम बड़ी भूमिका निभाता है। अगर ट्रैक्टर सुबह स्टार्ट होने में दिक्कत देता है, लाइटें कमजोर पड़ रही हैं या बैटरी जल्दी डाउन हो जाती है तो बैटरी की जांच करवाएं। कभी-कभी अल्टरनेटर या वायरिंग में खराबी भी इसकी वजह होती है। इस तरह की इलेक्ट्रिकल समस्याओं को नजरअंदाज करने पर ट्रैक्टर खेत के बीच बंद हो सकता है। नियमित tractor repair and maintenance से इस तरह की परेशानी से आसानी से बचा जा सकता है।

Tractor Repair and Maintenance: सीजन से पहले करें पूरी सर्विसिंग

एक समझदार किसान वह होता है जो खेती का सीजन शुरू होने से पहले ही अपने ट्रैक्टर की पूरी सर्विसिंग करा लेता है। बुवाई, जुताई या कटाई का काम शुरू होने से पहले tractor repair and maintenance कराना बेहद फायदेमंद होता है। इसमें इंजन ऑयल, हाइड्रोलिक ऑयल, गियरबॉक्स ऑयल की जांच और बदलाई, सभी फिल्टरों की सफाई या बदलाई, टायर और ब्रेक की जांच, बैटरी की जांच और इंजन का पूरा परीक्षण शामिल होना चाहिए।

Tractor Repair and Maintenance: कितने घंटे काम के बाद करानी चाहिए सर्विस

सर्विस का प्रकारकितने घंटे पर
इंजन ऑयल बदलाई200-250 घंटे
एयर फिल्टर सफाई100-150 घंटे
फ्यूल फिल्टर बदलाई500 घंटे
हाइड्रोलिक ऑयल1000 घंटे
गियरबॉक्स ऑयल1000 घंटे
पूरी सर्विसिंगहर सीजन से पहले

tractor repair and maintenance को खर्च नहीं बल्कि एक जरूरी निवेश समझें। जो किसान अपने ट्रैक्टर की नियमित देखभाल करता है उसका ट्रैक्टर लंबे समय तक बिना किसी बड़ी खराबी के चलता रहता है। समय पर मरम्मत कराने से न केवल बड़े खर्च से बचाव होता है बल्कि खेती का काम भी बिना रुकावट के चलता रहता है। इसलिए अपने ट्रैक्टर के हर संकेत को गंभीरता से लें और जरा सी भी शंका होने पर किसी अनुभवी मैकेनिक से तुरंत जांच करवाएं।

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