FMD Disease: गाय, भैंस, भेड़, बकरी, सूअर प्रभावित। लक्षण – 104-106°F बुखार, भूख कम, मुंह से लार, जीभ-मसूड़ों पर फफोले, खुर में अल्सर, गर्भपात, थन सूजन, दूध गिरावट, बांझपन, मौत तक। फैलने के कारण: दूषित चारा-पानी, नए पशु, संक्रमित पशु संपर्क। रोकथाम: साल में दो बार मुफ्त सरकारी टीकाकरण, नए पशु संगरोध, पशुशाला स्वच्छ-सूखी, स्नान, खनिज मिश्रण।
Veterinary Advice
Animal Care in Summer: गर्मी में गाय-भैंस को रोगों से बचाने के आवश्यक उपाय, विशेषज्ञों की सलाह
Animal Care in Summer: ग्रीष्मकाल में बढ़ते तापमान से पशुधन (गाय-भैंस) में हीट स्ट्रेस, दुग्ध गिरावट और रोग (खुरपका-मुंहपका, थनैला, आंत्र परजीवी) का खतरा बढ़ता है। विशेषज्ञ सलाह: दोपहर में छाया, 60-80 लीटर ताजा पानी, प्रातः-संध्या स्नान, यूरिया उपचारित भूसा+खनिज मिश्रण (50-60 ग्राम), समयबद्ध टीकाकरण, कृमिनाशक औषधि, स्वच्छ पशुशाला (सुवातायित, कच्चा फर्श), गर्भाधान समयबद्ध, आफरा में सरसों+तारपीन तेल। स्मार्ट प्रबंधन से उत्पादकता बनी रहती है, आर्थिक हानि रुकती है।