Pyaj Mandi Bhav 24 Feb 2026: प्याज भारतीय व्यंजनों का अभिन्न अंग है तथा इसके मूल्य में उतार-चढ़ाव प्रत्येक घर के बजट को प्रभावित करता है। फरवरी 2026 के तीसरे सप्ताह में देश की प्रमुख मंडियों में प्याज के भाव में व्यापक विविधता देखी जा रही है। महाराष्ट्र जैसे उत्पादक राज्यों में अत्यधिक आपूर्ति के कारण मूल्य ₹600-950 प्रति क्विंटल तक गिर गए हैं, जबकि झारखंड तथा पूर्वोत्तर राज्यों में सीमित आपूर्ति के कारण ₹1600-1700 प्रति क्विंटल तक पहुंच गए हैं। यह व्यापक रिपोर्ट 8 प्रमुख राज्यों के 25 से अधिक शहरों में आज के थोक बाजार दरों, आवक स्थिति, गुणवत्तानुसार मूल्य विभेद तथा भविष्य के रुझान का संपूर्ण विश्लेषण प्रस्तुत करती है।
Pyaj Mandi Bhav 24 Feb 2026: प्रमुख 25 शहरों में प्याज मंडी भाव विस्तृत सारणी (24 फरवरी 2026)
| क्रम | राज्य | शहर/मंडी | न्यूनतम (₹/क्विं) | अधिकतम (₹/क्विं) | औसत (₹/क्विं) | आवक (टन) | मुख्य किस्म |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| 1 | महाराष्ट्र | नासिक (लासलगांव) | 600 | 950 | 775 | 5500 | लाल प्याज |
| 2 | महाराष्ट्र | पुणे | 650 | 1000 | 825 | 450 | लाल प्याज |
| 3 | महाराष्ट्र | मुंबई (वाशी) | 750 | 1100 | 925 | 800 | लाल/सफेद |
| 4 | मध्य प्रदेश | इंदौर | 800 | 1200 | 1000 | 450 | लाल प्याज |
| 5 | मध्य प्रदेश | नीमच | 750 | 1100 | 925 | 350 | लाल/सफेद |
| 6 | मध्य प्रदेश | भोपाल | 850 | 1250 | 1050 | 280 | लाल प्याज |
| 7 | मध्य प्रदेश | उज्जैन | 780 | 1150 | 965 | 320 | लाल प्याज |
| 8 | उत्तर प्रदेश | लखनऊ | 900 | 1400 | 1150 | 380 | लाल/सफेद |
| 9 | उत्तर प्रदेश | आगरा | 950 | 1450 | 1200 | 420 | लाल प्याज |
| 10 | उत्तर प्रदेश | कानपुर | 880 | 1380 | 1130 | 340 | लाल प्याज |
| 11 | उत्तर प्रदेश | वाराणसी | 920 | 1420 | 1170 | 280 | लाल प्याज |
| 12 | दिल्ली | आजादपुर मंडी | 1100 | 1600 | 1350 | 2200 | लाल/सफेद/हरी |
| 13 | दिल्ली | गाजीपुर मंडी | 1080 | 1580 | 1330 | 1800 | लाल/सफेद |
| 14 | राजस्थान | जयपुर | 820 | 1280 | 1050 | 400 | लाल प्याज |
| 15 | राजस्थान | कोटा | 800 | 1250 | 1025 | 320 | लाल प्याज |
| 16 | राजस्थान | अजमेर | 850 | 1300 | 1075 | 280 | लाल/सफेद |
| 17 | राजस्थान | अलवर | 870 | 1320 | 1095 | 350 | लाल प्याज |
| 18 | हरियाणा | गुरुग्राम | 950 | 1450 | 1200 | 500 | लाल/सफेद |
| 19 | हरियाणा | करनाल | 920 | 1420 | 1170 | 420 | लाल प्याज |
| 20 | हरियाणा | हिसार | 900 | 1400 | 1150 | 360 | लाल प्याज |
| 21 | बिहार | पटना | 1050 | 1550 | 1300 | 320 | लाल प्याज |
| 22 | बिहार | मुजफ्फरपुर | 1020 | 1520 | 1270 | 280 | लाल प्याज |
| 23 | झारखंड | रांची | 1100 | 1650 | 1375 | 180 | लाल/सफेद |
| 24 | झारखंड | जमशेदपुर | 1080 | 1600 | 1340 | 150 | लाल प्याज |
| 25 | झारखंड | धनबाद | 1120 | 1680 | 1400 | 120 | लाल प्याज |
Pyaj Mandi Bhav 24 Feb 2026: गुणवत्ता के आधार पर प्याज मूल्य वर्गीकरण (प्रमुख मंडियों में)
| मंडी | उत्कृष्ट गुणवत्ता (₹/क्विं) | उत्तम गुणवत्ता (₹/क्विं) | मध्यम गुणवत्ता (₹/क्विं) | निम्न गुणवत्ता (₹/क्विं) |
|---|---|---|---|---|
| नासिक (लासलगांव) | 900-950 | 750-850 | 650-700 | 600-650 |
| इंदौर | 1150-1200 | 1000-1100 | 850-950 | 800-850 |
| नीमच | 1050-1100 | 900-1000 | 800-850 | 750-800 |
| भोपाल | 1200-1250 | 1050-1150 | 900-1000 | 850-900 |
| लखनऊ | 1350-1400 | 1150-1250 | 950-1050 | 900-950 |
| आजादपुर (दिल्ली) | 1550-1600 | 1350-1450 | 1150-1250 | 1100-1150 |
| जयपुर | 1230-1280 | 1050-1150 | 900-1000 | 820-870 |
| गुरुग्राम | 1400-1450 | 1200-1300 | 1000-1100 | 950-1000 |
| पटना | 1500-1550 | 1300-1400 | 1100-1200 | 1050-1100 |
| रांची | 1600-1650 | 1400-1500 | 1200-1300 | 1100-1150 |
Pyaj Mandi Bhav 24 Feb 2026: देश की प्याज राजधानी का बाजार विश्लेषण
महाराष्ट्र भारत का सबसे बड़ा प्याज उत्पादक राज्य है, जो देश के कुल उत्पादन का लगभग 30% योगदान करता है। नासिक जिले की लासलगांव मंडी एशिया की सबसे बड़ी प्याज मंडियों में से एक है। आज यहां प्याज का न्यूनतम भाव ₹600 प्रति क्विंटल तथा अधिकतम ₹950 प्रति क्विंटल रहा, जिससे औसत मूल्य ₹775 प्रति क्विंटल बनता है।
लासलगांव मंडी में आज 5,500 टन प्याज की आवक हुई, जो असाधारण रूप से उच्च है। यह अत्यधिक आपूर्ति ही मूल्यों के गिरने का मुख्य कारण है। रबी सीजन की फसल का संग्रहण पूर्ण गति पर है तथा किसान अपनी उपज शीघ्र बेचने के लिए विवश हैं क्योंकि भंडारण सुविधाओं की कमी है।
पुणे मंडी में औसत ₹825 प्रति क्विंटल (₹650-1000 की सीमा में) भाव रहा। यहां 450 टन आवक हुई। मुंबई की वाशी मंडी में औसत ₹925 प्रति क्विंटल दर रही, जो नासिक से ₹150 अधिक है। यह अंतर परिवहन लागत तथा शहरी मांग को दर्शाता है।
महाराष्ट्र के किसानों के लिए वर्तमान मूल्य अत्यंत चिंताजनक हैं। प्याज उत्पादन की औसत लागत ₹800-1000 प्रति क्विंटल है, जबकि बाजार मूल्य कई बार इससे कम हो जाता है। लघु तथा सीमांत किसान विशेष रूप से प्रभावित हो रहे हैं।
Pyaj Mandi Bhav 24 Feb 2026: मालवा क्षेत्र की प्रमुख मंडियों का विवरण
मध्य प्रदेश का मालवा क्षेत्र प्याज उत्पादन का दूसरा सबसे बड़ा क्षेत्र है। इंदौर मंडी – जो राज्य की सबसे बड़ी कृषि मंडी है – में आज औसत ₹1000 प्रति क्विंटल भाव रहा। यहां न्यूनतम ₹800 तथा अधिकतम ₹1200 प्रति क्विंटल दर रिकॉर्ड की गई। आज की आवक 450 टन रही।
इंदौर मंडी में मूल्य गुणवत्ता के आधार पर भिन्न होते हैं। उत्कृष्ट गुणवत्ता (बड़े आकार, चमकदार, क्षति-रहित) की प्याज ₹1150-1200 प्रति क्विंटल पर बिकी। मध्यम गुणवत्ता ₹850-950 तथा निम्न गुणवत्ता (छोटे आकार, दाग युक्त) ₹800-850 प्रति क्विंटल पर गई।
नीमच मंडी में औसत ₹925 प्रति क्विंटल भाव रहा। यहां 350 टन आवक हुई। नीमच में लाल तथा सफेद दोनों किस्मों की अच्छी आवक है। सफेद प्याज की मांग अधिक होने के कारण इसका भाव लाल प्याज से ₹100-150 प्रति क्विंटल अधिक रहता है।
भोपाल मंडी में औसत ₹1050 प्रति क्विंटल दर रही। यहां आवक अपेक्षाकृत कम – 280 टन – होने के कारण मूल्य इंदौर से अधिक हैं। उज्जैन में औसत ₹965 प्रति क्विंटल भाव रहा।
मध्य प्रदेश में विगत सप्ताह की तुलना में मूल्यों में 5-7% की गिरावट आई है। व्यापारियों के अनुसार, महाराष्ट्र से आपूर्ति बढ़ने पर आगामी सप्ताह में और गिरावट संभव है।
Pyaj Mandi Bhav 24 Feb 2026: देश के सबसे बड़े उपभोक्ता राज्य की मंडियां
उत्तर प्रदेश 23 करोड़ की जनसंख्या के साथ देश का सबसे बड़ा प्याज उपभोक्ता राज्य है। लखनऊ मंडी – जो पूर्वी UP की मुख्य थोक मंडी है – में आज औसत ₹1150 प्रति क्विंटल भाव रहा। यहां न्यूनतम ₹900 तथा अधिकतम ₹1400 प्रति क्विंटल दर रही। आवक 380 टन रही।
लखनऊ में लाल प्याज का भाव ₹1100-1350 प्रति क्विंटल रहा जबकि सफेद प्याज ₹1250-1400 प्रति क्विंटल पर बिकी। यहां आवक मुख्यतः हरदोई, उन्नाव, सीतापुर, लखीमपुर खीरी जिलों से आ रही है। महाराष्ट्र से भी कुछ मात्रा आ रही है।
आगरा मंडी में औसत ₹1200 प्रति क्विंटल भाव रहा, जो लखनऊ से ₹50 अधिक है। आगरा से दिल्ली-NCR को आपूर्ति होती है इसलिए यहां मांग अधिक है। 420 टन आवक हुई।
कानपुर में औसत ₹1130 प्रति क्विंटल तथा वाराणसी में ₹1170 प्रति क्विंटल भाव रहा। वाराणसी में पूर्वी UP तथा बिहार की सीमा के कारण दोनों राज्यों से व्यापार होता है।
UP में स्थानीय उत्पादन फरुखाबाद, इटावा, मैनपुरी, कानपुर देहात जैसे जिलों में होता है। परंतु राज्य की विशाल मांग के कारण महाराष्ट्र, MP, गुजरात से भी बड़ी मात्रा में आयात होता है।
Pyaj Mandi Bhav 24 Feb 2026: राष्ट्रीय राजधानी की प्रमुख थोक मंडियों का विश्लेषण
दिल्ली की आजादपुर मंडी एशिया की सबसे बड़ी फल-सब्जी थोक मंडियों में से एक है। आज यहां प्याज का औसत भाव ₹1350 प्रति क्विंटल रहा। न्यूनतम ₹1100 तथा अधिकतम ₹1600 प्रति क्विंटल दर रिकॉर्ड की गई। उत्कृष्ट गुणवत्ता की सफेद प्याज ₹1600 तक पहुंची। आज की आवक 2,200 टन रही।
आजादपुर में तीन मुख्य किस्में आती हैं – लाल प्याज (सबसे अधिक), सफेद प्याज तथा हरी प्याज (spring onion)। लाल प्याज का भाव ₹1100-1450 प्रति क्विंटल, सफेद प्याज ₹1350-1600 प्रति क्विंटल तथा हरी प्याज ₹2000-2500 प्रति क्विंटल रहा।
गाजीपुर मंडी में औसत ₹1330 प्रति क्विंटल भाव रहा। यहां 1,800 टन आवक हुई। गाजीपुर मंडी मुख्यतः पूर्वी दिल्ली तथा नोएडा-गाजियाबाद क्षेत्र को आपूर्ति करती है।
दिल्ली में उच्च मूल्य के कई कारण हैं – परिवहन लागत (महाराष्ट्र से 1400 किमी दूरी), मंडी शुल्क, मध्यस्थों का मार्जिन, उच्च मांग, तथा प्रीमियम गुणवत्ता की अपेक्षा। दिल्ली के खुदरा बाजारों में उपभोक्ताओं को ₹45-60 प्रति किलोग्राम (₹4500-6000 प्रति क्विंटल) में प्याज मिल रही है।
Pyaj Mandi Bhav 24 Feb 2026: राजस्थान की चार प्रमुख मंडियों का तुलनात्मक अध्ययन
राजस्थान में प्याज की खेती मुख्यतः अलवर, भरतपुर, टोंक, बूंदी जिलों में होती है। जयपुर मंडी – जो राजस्थान की राजधानी तथा सबसे बड़ी खपत केंद्र है – में आज औसत ₹1050 प्रति क्विंटल भाव रहा। न्यूनतम ₹820 तथा अधिकतम ₹1280 प्रति क्विंटल दर रही। आवक 400 टन रही।
कोटा मंडी में औसत ₹1025 प्रति क्विंटल भाव रहा। कोटा से मध्य प्रदेश को आपूर्ति होती है। 320 टन आवक हुई। अजमेर मंडी में औसत ₹1075 प्रति क्विंटल दर रही। यहां लाल तथा सफेद दोनों किस्मों की अच्छी आवक है। 280 टन आई।
अलवर मंडी – जो राजस्थान का प्रमुख उत्पादक जिला में औसत ₹1095 प्रति क्विंटल भाव रहा। अलवर से दिल्ली-NCR, हरियाणा तथा पंजाब को आपूर्ति होती है। 350 टन आवक हुई।
राजस्थान की मंडियों में मूल्य MP से अधिक परंतु दिल्ली-NCR से कम हैं। राजस्थान का उत्पादन स्थानीय मांग से कम होने के कारण महाराष्ट्र, गुजरात से भी आयात होता है।
Pyaj Mandi Bhav 24 Feb 2026: दिल्ली-NCR की मुख्य आपूर्ति केंद्र
हरियाणा दिल्ली-NCR के निकटता के कारण रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। गुरुग्राम मंडी में आज औसत ₹1200 प्रति क्विंटल भाव रहा। न्यूनतम ₹950 तथा अधिकतम ₹1450 प्रति क्विंटल दर रही। यहां उत्कृष्ट गुणवत्ता की विशेष मांग है। 500 टन आवक हुई।
करनाल मंडी – जो हरियाणा की प्रमुख कृषि मंडी है – में औसत ₹1170 प्रति क्विंटल दर रही। करनाल से पंजाब, हिमाचल, जम्मू-कश्मीर को भी आपूर्ति होती है। 420 टन आवक हुई।
हिसार मंडी में औसत ₹1150 प्रति क्विंटल भाव रहा। हिसार में स्थानीय उत्पादन कम होने से मुख्यतः राजस्थान तथा MP से आवक आती है। 360 टन आई।
हरियाणा में मूल्य उत्पादक राज्यों से अधिक होने का मुख्य कारण परिवहन लागत तथा दिल्ी-NCR की उच्च मांग है।
बिहार तथा झारखंड – पूर्वी भारत की उच्च मूल्य वाली मंडिया (Pyaj Mandi Bhav 24 Feb 2026)
बिहार की पटना मंडी में आज औसत ₹1300 प्रति क्विंटल भाव रहा। न्यूनतम ₹1050 तथा अधिकतम ₹1550 प्रति क्विंटल दर रही। 320 टन आवक हुई। बिहार में प्याज का उत्पादन अत्यंत सीमित होने के कारण UP, पश्चिम बंगाल, उड़ीसा से आयात पर निर्भरता है।
मुजफ्फरपुर में औसत ₹1270 प्रति क्विंटल भाव रहा। यहां 280 टन आवक हुई। बिहार की विशाल जनसंख्या (13 करोड़) तथा सीमित उत्पादन मूल्य ऊंचा रखने के मुख्य कारण हैं।
झारखंड में स्थिति और भी गंभीर है। रांची मंडी में औसत ₹1375 प्रति क्विंटल – देश की सबसे उच्च दरों में से एक। न्यूनतम ₹1100 तथा अधिकतम ₹1650 प्रति क्विंटल दर रही। आवक केवल 180 टन रही।
जमशेदपुर में औसत ₹1340 प्रति क्विंटल तथा धनबाद में ₹1400 प्रति क्विंटल भाव रहा। झारखंड में आवक मुख्यतः पश्चिम बंगाल, उड़ीसा तथा कुछ मात्रा बिहार से आती है। लंबी दूरी तथा खराब सड़क स्थिति परिवहन लागत को 25-30% बढ़ा देती है।
Pyaj Mandi Bhav 24 Feb 2026: अतिरिक्त राज्यों की प्रमुख मंडियां
| राज्य | शहर | औसत भाव (₹/क्विं) | आवक (टन) | मूल्य स्थिति |
|---|---|---|---|---|
| पंजाब | अमृतसर | 1180 | 280 | स्थिर |
| पंजाब | लुधियाना | 1150 | 240 | स्थिर |
| गुजरात | अहमदाबाद | 950 | 520 | गिरावट में |
| गुजरात | राजकोट | 920 | 450 | गिरावट में |
| गुजरात | सूरत | 980 | 380 | स्थिर |
| पश्चिम बंगाल | कोलकाता | 1250 | 420 | वृद्धि में |
| कर्नाटक | बेंगलुरु | 1100 | 650 | स्थिर |
| तमिलनाडु | चेन्नई | 1150 | 480 | स्थिर |
| तेलंगाना | हैदराबाद | 1080 | 550 | गिरावट में |
| आंध्र प्रदेश | विजयवाड़ा | 1050 | 420 | गिरावट में |
Pyaj Mandi Bhav 24 Feb 2026: सप्ताहवार मूल्य प्रवृत्ति विश्लेषण (जनवरी-फरवरी 2026)
| सप्ताह | महाराष्ट्र औसत | MP औसत | UP औसत | दिल्ली औसत | परिवर्तन % |
|---|---|---|---|---|---|
| 22-28 जनवरी | 950 | 1100 | 1250 | 1450 | आधार |
| 29 जन-4 फरवरी | 875 | 1050 | 1220 | 1420 | -7 से -8% |
| 5-11 फरवरी | 825 | 1020 | 1190 | 1390 | -6% |
| 12-18 फरवरी | 790 | 1000 | 1160 | 1360 | -4% |
| 19-21 फरवरी | 775 | 1000 | 1150 | 1350 | -2% |
Pyaj Mandi Bhav 24 Feb 2026: थोक से खुदरा, मूल्य वृद्धि की श्रृंखला
| मंडी | थोक भाव (₹/क्विं) | ट्रांसपोर्ट (₹/क्विं) | मंडी शुल्क (₹/क्विं) | मध्यस्थ मार्जिन (₹/क्विं) | खुदरा मूल्य (₹/किग्रा) |
|---|---|---|---|---|---|
| नासिक | 775 | – | 25 | 150 | ₹25-30 |
| इंदौर | 1000 | 50 | 30 | 200 | ₹32-38 |
| लखनऊ | 1150 | 100 | 35 | 250 | ₹38-45 |
| दिल्ली | 1350 | – | 40 | 300 | ₹45-60 |
| पटना | 1300 | 150 | 40 | 280 | ₹48-55 |
| रांची | 1375 | 180 | 45 | 300 | ₹50-65 |
Pyaj Mandi Bhav 24 Feb 2026: मूल्य में क्षेत्रीय विविधता के प्रमुख कारण
उत्पादन से दूरी: महाराष्ट्र, MP, गुजरात जैसे उत्पादक राज्यों में मूल्य न्यून जबकि पूर्वी राज्यों में उच्च।
परिवहन लागत: महाराष्ट्र से झारखंड (1800 किमी) तक परिवहन में ₹150-200 प्रति क्विंटल व्यय। खराब सड़क स्थिति लागत बढ़ाती है।
स्थानीय उत्पादन: UP, MP में कुछ स्थानीय उत्पादन होने से पूर्ण आयात निर्भरता नहीं।
जनसंख्या घनत्व: बिहार, UP जैसे घने आबादी वाले राज्यों में मांग अधिक।
भंडारण सुविधाएं: कोल्ड स्टोरेज के अभाव में मौसमी मूल्य उतार-चढ़ाव अधिक।
मध्यस्थ श्रृंखला: लंबी मध्यस्थ श्रृंखला प्रत्येक स्तर पर मार्जिन जोड़ती है।
मंडी अवसंरचना: आधुनिक मंडी सुविधाओं के अभाव में नुकसान अधिक, मूल्य बढ़ते हैं।
Pyaj Mandi Bhav 24 Feb 2026: कृषकों तथा उपभोक्ताओं पर आर्थिक प्रभाव
महाराष्ट्र के किसान: ₹775 औसत मूल्य उत्पादन लागत (₹800-1000) से कम अथवा बराबर। लगभग 40% किसानों को हानि। छोटे किसान (2-3 एकड़) सबसे अधिक प्रभावित।
मध्य प्रदेश के किसान: ₹1000 औसत मूल्य उचित परंतु गिरावट प्रवृत्ति चिंताजनक। लगभग 25% किसानों को मामूली हानि।
उत्तर भारत के उपभोक्ता: ₹40-50 प्रति किग्रा खुदरा मूल्य मध्यम वर्ग के बजट पर दबाव। मासिक उपभोग 3-4 किग्रा प्रति परिवार, व्यय ₹150-200।
पूर्वी राज्यों के उपभोक्ता: ₹50-65 प्रति किग्रा मूल्य गरीब परिवारों के लिए बोझ। प्याज उपभोग में 15-20% कमी।
व्यापारियों का दृष्टिकोण: मूल्य अस्थिरता से व्यापारी भी प्रभावित। अचानक गिरावट से स्टॉक की हानि। अपर्याप्त मार्जिन।
Pyaj Mandi Bhav 24 Feb 2026: आगामी 4 सप्ताह के लिए मूल्य पूर्वानुमान
सप्ताह 1 (22-28 फरवरी): महाराष्ट्र में स्थिरता, उत्तर भारत में 3-5% गिरावट संभव।
सप्ताह 2 (1-7 मार्च): महाराष्ट्र से आपूर्ति चरम पर, 5-8% गिरावट संभव सभी मंडियों में।
सप्ताह 3 (8-14 मार्च): मूल्य सबसे निम्न स्तर पर, कृषकों के लिए संकट गहराएगा।
सप्ताह 4 (15-21 मार्च): संग्रहण समाप्ति की ओर, मूल्यों में हल्की वृद्धि प्रारंभ।
अप्रैल-मई पूर्वानुमान: गर्मी बढ़ने से भंडारण चुनौती। यदि भंडारण समस्या आती है तो मूल्य तेजी से बढ़ेंगे। अप्रैल में 15-20% वृद्धि संभव।
Pyaj Mandi Bhav 24 Feb 2026: सरकारी हस्तक्षेप की अत्यावश्यकता
न्यूनतम समर्थन मूल्य: कृषकों को हानि से बचाने हेतु ₹1000 प्रति क्विंटल MSP घोषित करें।
बफर स्टॉक: NAFED द्वारा मूल्य गिरने पर क्रय, बढ़ने पर विक्रय से स्थिरता।
कोल्ड स्टोरेज विस्तार: 50 लाख टन अतिरिक्त भंडारण क्षमता आवश्यक। कृषकों को सब्सिडी दर पर उपलब्ध हों।
निर्यात प्रोत्साहन: वर्तमान अत्यधिक उत्पादन को निर्यात द्वारा संतुलित करें।
परिवहन सब्सिडी: पूर्वी राज्यों को रेल द्वारा परिवहन पर 30-40% सब्सिडी।
मंडी सुधार: मध्यस्थों की संख्या कम करें, e-NAM को सुदृढ़ करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
प्रश्न 1: वर्तमान में देश के किन शहरों में प्याज सबसे सस्ती तथा सबसे महंगी है?
उत्तर: सबसे सस्ती प्याज महाराष्ट्र के नासिक (लासलगांव) में ₹600-950 प्रति क्विंटल (औसत ₹775) पर उपलब्ध है। पुणे (₹825) तथा गुजरात के राजकोट (₹920) में भी मूल्य कम हैं। सबसे महंगी प्याज झारखंड के धनबाद (₹1400), रांची (₹1375), दिल्ली के आजादपुर (₹1350), तथा बिहार के पटना (₹1300) में है। सबसे सस्ते तथा सबसे महंगे मूल्य में लगभग 80% का अंतर है, जो उत्पादन केंद्र से दूरी, परिवहन लागत तथा स्थानीय मांग को दर्शाता है।
प्रश्न 2: मध्य प्रदेश के इंदौर, नीमच तथा भोपाल में आज का विस्तृत प्याज भाव क्या है?
उत्तर: मध्य प्रदेश की प्रमुख मंडियों में आज का विस्तृत भाव: इंदौर में न्यूनतम ₹800, अधिकतम ₹1200, औसत ₹1000 प्रति क्विंटल, आवक 450 टन। गुणवत्ता अनुसार: उत्कृष्ट ₹1150-1200, मध्यम ₹850-950, निम्न ₹800-850। नीमच में न्यूनतम ₹750, अधिकतम ₹1100, औसत ₹925, आवक 350 टन। भोपाल में न्यूनतम ₹850, अधिकतम ₹1250, औसत ₹1050, आवक 280 टन। भोपाल में आवक कम होने से मूल्य इंदौर से अधिक हैं।
प्रश्न 3: दिल्ली, लखनऊ, जयपुर, पटना तथा रांची में प्याज के थोक तथा खुदरा मूल्यों में क्या अंतर है?
उत्तर: थोक बनाम खुदरा मूल्य तुलना: दिल्ली – थोक ₹1350/क्विंटल, खुदरा ₹45-60/किग्रा (333% वृद्धि)। लखनऊ – थोक ₹1150/क्विंटल, खुदरा ₹38-45/किग्रा (280% वृद्धि)। जयपुर – थोक ₹1050/क्विंटल, खुदरा ₹35-42/किग्रा (285% वृद्धि)। पटना – थोक ₹1300/क्विंटल, खुदरा ₹48-55/किग्रा (300% वृद्धि)। रांची – थोक ₹1375/क्विंटल, खुदरा ₹50-65/किग्रा (345% वृद्धि)। यह अंतर परिवहन, मंडी शुल्क, मध्यस्थ मार्जिन तथा खुदरा व्यापारी लाभ का योग है।
प्रश्न 4: विभिन्न गुणवत्ता की प्याज में मूल्य अंतर कितना है?
उत्तर: प्याज की गुणवत्ता मुख्यतः आकार, रंग, चमक, क्षति-रहितता पर आधारित होती है। प्रमुख मंडियों में गुणवत्ता आधारित मूल्य: उत्कृष्ट (बड़ा आकार, उज्ज्वल रंग, बिना दाग) औसत ₹200-250/क्विंटल अधिक। उत्तम (मध्यम आकार, अच्छा रंग) आधार मूल्य। मध्यम (छोटा आकार, कुछ दाग) ₹100-150/क्विंटल कम। निम्न (अत्यंत छोटा, अधिक क्षति) ₹200-300/क्विंटल कम। उदाहरण दिल्ली में: उत्कृष्ट ₹1550-1600, उत्तम ₹1350-1450, मध्यम ₹1150-1250, निम्न ₹1100-1150 प्रति क्विंटल।
प्रश्न 5: आगामी मार्च-अप्रैल महीने में प्याज के मूल्यों में क्या परिवर्तन संभावित है?
उत्तर: मार्च 2026: महाराष्ट्र में रबी फसल संग्रहण चरम पर होने से आपूर्ति अधिकतम रहेगी। मार्च दूसरे-तीसरे सप्ताह में मूल्य न्यूनतम स्तर – नासिक में ₹650-700, देश के अधिकांश भागों में 8-12% गिरावट। कृषकों के लिए सबसे कठिन समय। अप्रैल 2026: संग्रहण समाप्त होने पर आपूर्ति कम होगी। गर्मी बढ़ने से भंडारण चुनौती। मूल्य पुनः बढ़ना प्रारंभ – अप्रैल अंत तक 15-20% वृद्धि संभव। मई 2026: यदि भंडारण समस्या गंभीर हुई तो मूल्य तेजी से बढ़ सकते हैं – 30-40% वृद्धि संभव। खरीफ फसल जून-जुलाई में आने तक मूल्य ऊंचे बने रह सकते हैं।
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