Organic Farming Subsidy 2026 — जैविक खेती पर ₹31,500 प्रति हेक्टेयर सरकारी सब्सिडी

Organic Farming Subsidy 2026 | ₹31,500 प्रति हेक्टेयर पाएं


Organic Farming Subsidy 2026 | जैविक खेती पर सरकार दे रही है ₹31,500 प्रति हेक्टेयर

Highlight 1: Organic Farming Subsidy 2026 के तहत PKVY योजना में किसानों को ₹31,500 प्रति हेक्टेयर 3 साल तक दिए जाते हैं — इसमें जैविक खाद, प्रमाणीकरण, प्रशिक्षण और मार्केटिंग सब शामिल है।

Highlight 2: PM-PRANAM योजना में राज्य सरकारों को रासायनिक खाद की बचत का 50% अनुदान मिलता है — जिसे वे किसानों में जैविक खेती बढ़ावा देने में लगाती हैं।

Highlight 3: भारतीय प्राकृतिक कृषि पद्धति (BPKP) योजना में देशी गाय खरीदने पर 50% सब्सिडी (अधिकतम ₹25,000) और गाय के रखरखाव के लिए ₹900 प्रतिमाह अलग से मिलते हैं।


मध्यप्रदेश के सागर जिले के किसान दिनेश पटेल 12 साल से रासायनिक खाद और कीटनाशक का इस्तेमाल करते थे। हर साल लागत बढ़ती जा रही थी और मुनाफा घटता जा रहा था। जमीन भी धीरे-धीरे बंजर होने लगी थी।

2023 में उन्होंने जैविक खेती अपनाई — और सरकार की Organic Farming Subsidy 2026 का फायदा उठाया। आज उनकी उपज की कीमत बाजार में 30% ज्यादा मिलती है। खर्च घटा, आमदनी बढ़ी।

दिनेश जी कहते हैं — “पहले सोचता था कि जैविक खेती महंगी होगी। लेकिन सरकारी सब्सिडी ने शुरुआत आसान कर दी।”

यही कहानी लाखों किसानों की बन सकती है। आइए जानते हैं Organic Farming Subsidy 2026 की पूरी जानकारी।


Organic Farming Subsidy 2026 — क्यों जरूरी है जैविक खेती?

भारत में रासायनिक खाद और कीटनाशकों के अंधाधुंध इस्तेमाल से —

  • मिट्टी की उर्वरता तेजी से घट रही है
  • भूजल दूषित हो रहा है
  • किसानों की सेहत पर बुरा असर पड़ रहा है
  • उत्पादन लागत साल-दर-साल बढ़ रही है

इसीलिए सरकार ने Organic Farming Subsidy 2026 के जरिए किसानों को जैविक खेती की तरफ मोड़ने के लिए कई बड़ी योजनाएं शुरू की हैं। इन योजनाओं में पैसा, प्रशिक्षण, प्रमाणीकरण और मार्केटिंग — सब कुछ शामिल है।


Organic Farming Subsidy 2026 — कौन-कौन सी योजनाएं हैं?

1. PKVY — परंपरागत कृषि विकास योजना

यह Organic Farming Subsidy 2026 की सबसे बड़ी और सबसे लोकप्रिय योजना है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय इसे सीधे लागू करता है।

इस योजना में किसानों को मिलता है —

  • ₹31,500 प्रति हेक्टेयर — 3 साल के लिए
  • जैविक खाद और जैव-उर्वरक की व्यवस्था
  • जैविक प्रमाणीकरण (Organic Certification) का खर्च सरकार उठाती है
  • किसान समूह (Cluster) बनाकर मिलकर आवेदन कर सकते हैं
  • उत्पाद की मार्केटिंग और ब्रांडिंग में भी मदद

न्यूनतम 20 किसानों का समूह बनाकर 50 एकड़ जमीन पर आवेदन किया जा सकता है।

आवेदन: pgsindia-ncof.gov.in पर जाएं


2. BPKP — भारतीय प्राकृतिक कृषि पद्धति योजना

यह योजना नवंबर 2024 में शुरू हुई है और Organic Farming Subsidy 2026 में सबसे नई और चर्चित योजना है।

सरकार ने इसके लिए ₹2,481 करोड़ का बजट रखा है। इस योजना का लक्ष्य है —

  • 1 करोड़ किसानों को प्राकृतिक खेती से जोड़ना
  • 7.5 लाख हेक्टेयर जमीन पर प्राकृतिक खेती

इस योजना में किसान को मिलता है —

  • देशी गाय खरीदने पर 50% सब्सिडी — अधिकतम ₹25,000
  • गाय के रखरखाव के लिए ₹900 प्रतिमाह
  • प्राकृतिक खेती किट के लिए ₹1,248 अलग से
  • मुफ्त प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता

खास बात: इस योजना में गोबर से जीवामृत और बीजामृत बनाने की तकनीक सिखाई जाती है — जिससे किसान खुद खाद बना सकते हैं।


3. PM-PRANAM योजना

PM Programme for Restoration, Awareness, Nourishment and Amelioration of Mother Earth — यह योजना मिट्टी को रासायनिक खादों से बचाने के लिए बनाई गई है।

इस योजना में —

  • राज्य सरकारें जितनी रासायनिक खाद की बचत करती हैं — उसका 50% अनुदान सीधे राज्य को मिलता है
  • यह पैसा राज्य किसानों में जैविक खेती को बढ़ावा देने में लगाते हैं
  • Fermented Organic Manure (FOM) के लिए ₹1,500 प्रति मीट्रिक टन की Market Development Assistance भी दी जाती है

4. NPOF — National Project on Organic Farming

NABARD और National Centre of Organic Farming (NCOF) मिलकर इस योजना को लागू करते हैं।

इसके तहत जैविक खाद और जैव-उर्वरक उत्पादन इकाइयां लगाने पर पूंजी निवेश सब्सिडी मिलती है —

  • सरकारी संस्थाओं को फल-सब्जी कचरे से खाद बनाने की यूनिट पर 100% सहायता (अधिकतम ₹190 लाख)
  • व्यक्तिगत और निजी संस्थाओं को 33% सब्सिडी (अधिकतम ₹63 लाख)

आवेदन: nabard.org पर जाएं


5. पूर्वोत्तर राज्यों के लिए विशेष योजना

पूर्वोत्तर भारत के 8 राज्यों के किसानों के लिए Organic Farming Subsidy 2026 में अलग और ज्यादा सहायता है —

  • ₹46,500 प्रति हेक्टेयर — 3 साल के लिए
  • जैविक बीज, पौध सामग्री और value chain विकास में मदद
  • यह सामान्य PKVY से ₹15,000 ज्यादा है

Organic Farming Subsidy 2026 के लिए आवेदन कैसे करें?

Organic Farming Subsidy 2026 पाना अब पहले से बहुत आसान हो गया है। Step by Step प्रक्रिया —


Step 1 — सरकारी पोर्टल पर जाएं

  • PKVY और BPKP के लिए — pgsindia-ncof.gov.in
  • NPOF के लिए — nabard.org
  • राज्य स्तरीय योजनाओं के लिए — अपने राज्य के कृषि विभाग की वेबसाइट देखें

Step 2 — किसान समूह बनाएं

PKVY योजना में अकेले आवेदन नहीं होता। कम से कम 20 किसान मिलकर एक Cluster बनाएं। 50 एकड़ से ज्यादा जमीन हो तो बेहतर।


Step 3 — जरूरी दस्तावेज तैयार करें

  • आधार कार्ड
  • जमीन के कागज (खतौनी)
  • बैंक पासबुक (Aadhaar-linked)
  • मिट्टी जांच रिपोर्ट (Soil Health Card)
  • किसान समूह का पंजीकरण प्रमाण
  • बुवाई और फसल का विवरण

Step 4 — आवेदन जमा करें

पोर्टल पर सारी जानकारी भरें और दस्तावेज अपलोड करें। आवेदन की स्थिति ऑनलाइन ट्रैक कर सकते हैं।


Step 5 — प्रमाणीकरण करवाएं

जैविक खेती की सब्सिडी पाने के लिए PGS-India (Participatory Guarantee System) से प्रमाणीकरण जरूरी है। यह प्रमाणीकरण किसान समूह आपस में मिलकर करते हैं — और इसका खर्च भी सरकार उठाती है।


जैविक खेती से कमाई — एक प्रेरक उदाहरण

उत्तराखंड के पौड़ी जिले में “जय जवान जय किसान SHG” के 25 किसानों ने मिलकर PKVY योजना के तहत जैविक बासमती उगाई। 3 साल में सरकार से ₹15 लाख से ज्यादा की सब्सिडी मिली।

आज उनकी जैविक बासमती दिल्ली और मुंबई के बाजारों में सामान्य बासमती से दोगुने दाम पर बिकती है। हर किसान की सालाना आमदनी ₹40,000 से ₹60,000 तक बढ़ गई।

यही है Organic Farming Subsidy 2026 की असली ताकत — जो किसान की जमीन भी बचाती है और जेब भी भरती है।


जैविक खेती अपनाने के फायदे

Organic Farming Subsidy 2026 का फायदा उठाने के साथ जैविक खेती के दीर्घकालिक फायदे भी हैं —

  • मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है — रासायनिक खाद बंद होने से जमीन फिर से जीवंत होती है
  • उत्पाद की कीमत ज्यादा — जैविक उत्पाद बाजार में 20-50% महंगे बिकते हैं
  • लागत कम — खुद गोबर खाद और जीवामृत बनाने से खर्च घटता है
  • स्वास्थ्य सुरक्षा — किसान और उपभोक्ता दोनों के लिए बेहतर
  • निर्यात के मौके — जैविक प्रमाणित उत्पाद विदेशों में भी बिकते हैं

FAQ — Organic Farming Subsidy 2026

Q1. Organic Farming Subsidy 2026 के लिए कहाँ आवेदन करें?
PKVY योजना के लिए pgsindia-ncof.gov.in और NPOF के लिए nabard.org पर आवेदन करें। राज्य योजनाओं के लिए जिला कृषि विभाग से संपर्क करें।

Q2. PKVY योजना में कितना पैसा मिलता है?
₹31,500 प्रति हेक्टेयर — तीन साल तक। इसमें जैविक खाद, प्रमाणीकरण, प्रशिक्षण और मार्केटिंग सब शामिल है।

Q3. क्या अकेला किसान Organic Farming Subsidy 2026 के लिए आवेदन कर सकता है?
PKVY योजना में कम से कम 20 किसानों का समूह जरूरी है। BPKP योजना में व्यक्तिगत किसान भी आवेदन कर सकते हैं।

Q4. जैविक प्रमाणीकरण में कितना खर्च होता है?
सरकारी PGS-India प्रमाणीकरण में किसान को कोई खर्च नहीं होता। यह पूरी तरह मुफ्त है और PKVY के तहत कवर होता है।

Q5. BPKP योजना में देशी गाय पर कितनी सब्सिडी मिलती है?
देशी गाय खरीदने पर 50% सब्सिडी (अधिकतम ₹25,000) और रखरखाव के लिए ₹900 प्रतिमाह अलग से मिलते हैं।

Q6. जैविक खेती में कितने साल बाद मुनाफा होता है?
आमतौर पर पहले 1-2 साल संक्रमण काल (Transition Period) होता है। तीसरे साल से उत्पाद जैविक प्रमाणित होता है और दाम बढ़ने लगते हैं। सरकारी सब्सिडी इसी संक्रमण काल को आसान बनाती है।


याद रखें — जैविक खेती आज की जरूरत है

Organic Farming Subsidy 2026 एक सुनहरा मौका है हर उस किसान के लिए जो अपनी मिट्टी बचाना चाहता है, लागत घटाना चाहता है और कमाई बढ़ाना चाहता है।

pgsindia-ncof.gov.in पर आज ही जानकारी लें
✅ अपने गांव के 20 किसानों को जोड़ें और समूह बनाएं
✅ मिट्टी जांच (Soil Health Card) जरूर करवाएं
✅ जिला कृषि अधिकारी से मिलें — वे आवेदन में मदद करेंगे
✅ देशी गाय रखें — BPKP योजना से सब्सिडी और खाद दोनों मिलेंगे

रासायनिक खेती ने जमीन को बीमार किया — जैविक खेती उसे ठीक करेगी। और सरकार इस सफर में आपके साथ है। 🌱


यह लेख कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, NABARD और pgsindia-ncof.gov.in की आधिकारिक जानकारी के आधार पर लिखा गया है।