न्यू हॉलैंड इंडिया का विस्तार: दूसरा ट्रैक्टर मैन्युफैक्चरिंग प्लांट स्थापित करने की तैयारी

New Holland बनाएगी भारत में दूसरा ट्रैक्टर प्लांट | CNH Industrial का बड़ा निवेश और डबल मार्केट शेयर लक्ष्य

भारत के कृषि और निर्माण उपकरण क्षेत्र में बड़ा निवेश करने जा रही है CNH इंडस्ट्रियल, जिसने घोषणा की है कि वह भारत में अपना दूसरा न्यू हॉलैंड ट्रैक्टर निर्माण संयंत्र (Plant) स्थापित करेगी। यह नया प्लांट मौजूदा ग्रेटर नोएडा फैक्ट्री से भी बड़ा होगा और कंपनी का लक्ष्य आने वाले वर्षों में भारतीय ट्रैक्टर बाजार में अपनी हिस्सेदारी को दोगुना करना है।

वैश्विक स्तर पर $19.8 बिलियन का कारोबार करने वाली यह इटालियन-अमेरिकन कंपनी पहले से ही भारत में कृषि एवं निर्माण उपकरण निर्माण में सक्रिय है। वर्तमान में इसका 60 एकड़ में फैला ग्रेटर नोएडा संयंत्र प्रति वर्ष 60,000 ट्रैक्टरों का उत्पादन करने में सक्षम है, जिसे आवश्यकता पड़ने पर 70,000 तक बढ़ाया जा सकता है। साल 2024 में यहीं से 51,000 ट्रैक्टर बने, जिनमें से 37,000 घरेलू बाजार में बेचे गए और शेष 14,000 ट्रैक्टर अमेरिका, यूरोप और अन्य अंतरराष्ट्रीय बाजारों में निर्यात किए गए।

CNH के ग्लोबल सीईओ गेरिट मार्क्स ने कहा:
“भारत अब केवल एशिया-पैसिफिक का हिस्सा नहीं, बल्कि हमारी ग्लोबल स्ट्रेटेजी का केंद्र है। यहां मजबूत सप्लायर बेस, कुशल कार्यबल और किफायती निर्माण क्षमता हमें वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाती है। हमारा उद्देश्य आने वाले 5 वर्षों में भारतीय ट्रैक्टर बाजार में अपनी हिस्सेदारी को दहाई अंकों (Double Digit) तक ले जाना है।”

प्रमुख आकर्षण:

  • भारत में दूसरा न्यू हॉलैंड ट्रैक्टर प्लांट – मौजूदा संयंत्र से भी बड़ा
  • 5 वर्षों में बाजार हिस्सेदारी दोगुनी करने का लक्ष्य
  • 2024 में ग्रेटर नोएडा प्लांट से 51,000 ट्रैक्टरों का उत्पादन
  • भारतीय बाजार में बिक्री: 37,000 यूनिट, निर्यात: 14,000 यूनिट
  • शुगरकेन हार्वेस्टर और स्मॉल स्क्वायर बेलर सेगमेंट में 60% मार्केट शेयर के साथ अग्रणी
  • पहला ‘मेड-इन-इंडिया कॉम्पैक्ट ट्रैक्टर’ (35-55 HP) लॉन्च, यूरोप और उत्तरी अमेरिका को निर्यात के लिए

कंपनी ने हाल ही में अपने कॉम्पैक्ट फोर-व्हील ड्राइव ट्रैक्टर (35-55 हॉर्सपावर रेंज) पेश किए हैं, जिन्हें विशेष रूप से यूरोपीय और उत्तरी अमेरिकी बाजारों के लिए बनाया गया है।

CNH का भारत में वार्षिक कारोबार लगभग $1 बिलियन है, जिसमें 65% कृषि क्षेत्र से, 32% निर्माण उपकरण से और शेष 3% वित्तीय सेवाओं से आता है। कंपनी के पास भारत में ग्रेटर नोएडा का ट्रैक्टर संयंत्र, पुणे में कंबाइन हार्वेस्टर यूनिट, पिथमपुर (मध्य प्रदेश) में बैकहो लोडर और निर्माण उपकरण यूनिट तथा गुरुग्राम में तकनीक एवं प्रोडक्ट डेवलपमेंट सेंटर मौजूद है।

वैश्विक निर्माण और निर्यात क्षमता

CNH का यह निर्णय भारत को न केवल कृषि मशीनरी उत्पादन का केंद्र बनाएगा, बल्कि देश की वैश्विक निर्माण और निर्यात क्षमता को भी नई दिशा देगा। भारतीय किसानों और उद्योग जगत के लिए यह खबर कृषि उपकरणों की नई संभावनाओं और रोजगार अवसरों का मार्ग प्रशस्त करती है।

अस्वीकरण: यह जानकारी द्वितीयक शोध के माध्यम से एकत्र की गई है और landlevellers इसमें किसी भी त्रुटि के लिए जिम्मेदार नहीं है।

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