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MSP Kharif 2026-27 Fasal Ka Bhav: 14 फसलों के नए रेट जारी

MSP Kharif 2026-27 Fasal Ka Bhav: 14 फसलों का नया समर्थन मूल्य जारी, जानें पूरी लिस्ट

हर किसान के मन में एक ही सवाल होता है — इस बार मेरी फसल का भाव क्या मिलेगा? और इस बार सरकार ने खरीफ सीजन शुरू होने से पहले ही यह जवाब दे दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (CCEA) ने 13 मई 2026 को MSP Kharif 2026-27 Fasal Ka Bhav की घोषणा कर दी है।

इस बार 14 खरीफ फसलों के समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी की गई है। सूरजमुखी में सबसे ज़्यादा ₹622 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी हुई, कपास में ₹557 और धान का नया MSP ₹2,441 प्रति क्विंटल हो गया है। यह फैसला करोड़ों किसानों की आमदनी बढ़ाने और फसल विविधता को बढ़ावा देने के लिए लिया गया है।


MSP Kharif 2026-27 Fasal Ka Bhav क्या होता है?

MSP यानी Minimum Support Price — वह न्यूनतम कीमत जिस पर सरकार किसानों से फसल खरीदती है। इसे हिंदी में न्यूनतम समर्थन मूल्य कहते हैं। अगर बाज़ार में फसल की कीमत इससे कम हो जाए, तो सरकार खुद इस तय भाव पर खरीदती है — ताकि किसान को नुकसान न हो।

सरकार हर साल खरीफ और रबी सीजन से पहले MSP घोषित करती है। यह काम Commission for Agricultural Costs and Prices (CACP) करती है, जो Ministry of Agriculture and Farmers Welfare के अंतर्गत काम करती है।

इस बार MSP Kharif 2026-27 Fasal Ka Bhav इस formula के आधार पर तय किया गया है — A2+FL यानी खेती की कुल लागत पर कम से कम 50% का मुनाफा। यह Union Budget 2018-19 की घोषणा के अनुरूप है।


MSP Kharif 2026-27 Fasal Ka Bhav — पूरी लिस्ट

यहाँ 14 खरीफ फसलों का नया समर्थन मूल्य देखें:

अनाज (Cereals):
धान (Common) — ₹2,441 प्रति क्विंटल (पिछले साल ₹2,369, बढ़ोतरी ₹72)
धान (Grade A) — ₹2,461 प्रति क्विंटल (बढ़ोतरी ₹72)
ज्वार (Hybrid) — ₹4,023 प्रति क्विंटल (बढ़ोतरी ₹324)
बाजरा — ₹2,900 प्रति क्विंटल (बढ़ोतरी ₹125)
रागी — नई दर घोषित (बढ़ोतरी ₹319 प्रति क्विंटल)
मक्का — नई दर (बढ़ोतरी ₹10 प्रति क्विंटल)

दलहन (Pulses):
तुअर/अरहर — ₹8,000+ प्रति क्विंटल (उत्पादन लागत पर 54% मुनाफा)
उड़द — नई दर (50% मुनाफा)
मूंग — सबसे ज़्यादा 61% मुनाफा — किसानों के लिए सबसे फायदेमंद

तिलहन (Oilseeds):
मूंगफली — नई दर (50% मुनाफा)
सोयाबीन — नई दर (50% मुनाफा)
सूरजमुखी — ₹8,343 प्रति क्विंटल (बढ़ोतरी ₹622 — सबसे ज़्यादा)
तिल (Sesamum) — नई दर (बढ़ोतरी ₹500)
नाइजरसीड — नई दर (बढ़ोतरी ₹515)

कपास (Cotton):
कपास (Medium Staple) — नई दर (बढ़ोतरी ₹557 — दूसरी सबसे बड़ी बढ़ोतरी)


किस फसल में सबसे ज़्यादा फायदा हुआ?

MSP Kharif 2026-27 Fasal Ka Bhav में इस बार तिलहन और दलहन किसानों को सबसे ज़्यादा फायदा हुआ है:

सूरजमुखी — ₹622 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी — यह सबसे बड़ी absolute increase है। मतलब अगर आपके पास 10 क्विंटल सूरजमुखी है तो पिछले साल के मुकाबले ₹6,220 ज़्यादा मिलेंगे।

कपास — ₹557 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी — कपास उगाने वाले महाराष्ट्र, गुजरात, तेलंगाना के किसानों के लिए बड़ी राहत।

नाइजरसीड — ₹515 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी — मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के आदिवासी किसानों के लिए खुशखबरी।

तिल — ₹500 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी।

मूंग — उत्पादन लागत पर 61% का मुनाफा — यानी अगर मूंग उगाने में ₹100 खर्च हुए तो ₹161 मिलेंगे।


धान किसानों के लिए क्या है नया भाव?

धान भारत की सबसे बड़ी खरीफ फसल है और करोड़ों किसान इसी पर निर्भर हैं। इस बार MSP Kharif 2026-27 Fasal Ka Bhav में धान के Common variety का MSP ₹2,369 से बढ़कर ₹2,441 प्रति क्विंटल हो गया है — यानी ₹72 की बढ़ोतरी।

Grade A धान का नया MSP ₹2,461 प्रति क्विंटल है।

पिछले एक दशक में धान की खरीद की बात करें तो 2014-15 से 2025-26 के बीच 8,418 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद हुई — जो उससे पहले के दशक (2004-05 से 2013-14) में हुई 4,590 लाख मीट्रिक टन से लगभग दोगुनी है। धान किसानों को पिछले एक दशक में ₹16.08 लाख करोड़ MSP के रूप में मिले।


किसानों को कुल कितना मिलेगा इस खरीफ सीजन में? MSP Kharif 2026-27 Fasal Ka Bhav

सरकार के अनुसार खरीफ 2026-27 सीजन में:

कुल 824 लाख मीट्रिक टन फसलों की खरीद होने का अनुमान है।

किसानों को MSP के रूप में कुल ₹2,60,000 करोड़ (2.6 लाख करोड़ रुपये) मिलने का अनुमान है।

पिछले एक दशक में 14 खरीफ फसलों का कुल MSP भुगतान ₹18.99 लाख करोड़ रहा — जबकि उससे पहले के दशक में यह सिर्फ ₹4.75 लाख करोड़ था।


MSP Kharif 2026-27 Fasal Ka Bhav का मकसद क्या है?

सरकार ने इस बार MSP बढ़ाने के पीछे तीन मुख्य उद्देश्य बताए हैं:

पहला — किसानों की आमदनी बढ़ाना:
हर फसल पर कम से कम 50% मुनाफा सुनिश्चित करना ताकि खेती फायदे का सौदा बने।

दूसरा — फसल विविधता बढ़ाना:
दलहन, तिलहन और मोटे अनाजों पर ज़्यादा MSP देकर किसानों को सिर्फ धान-गेहूं की खेती छोड़कर अन्य फसलें उगाने के लिए प्रोत्साहित करना। पानी की खपत कम करना भी इसका हिस्सा है।

तीसरा — आयात कम करना:
देश में तिलहन और दालों का उत्पादन बढ़ाकर विदेशों से आयात पर निर्भरता घटाना।


MSP पर फसल कैसे बेचें — पूरी जानकारी

MSP Kharif 2026-27 Fasal Ka Bhav का फायदा तभी मिलेगा जब आप सही तरीके से सरकारी मंडी में फसल बेचें:

धान के लिए: Food Corporation of India (FCI) और राज्य सरकार की एजेंसियाँ खरीद करती हैं। अपने नज़दीकी सरकारी खरीद केंद्र (Procurement Center) पर जाएं।

दालों और तिलहन के लिए: NAFED (National Cooperative Exports Limited) और NCCF (National Cooperative Exports Limited) खरीद करती हैं।

कपास के लिए: Cotton Corporation of India (CCI) खरीद करती है।

ज़रूरी दस्तावेज़: आधार कार्ड, बैंक passbook, ज़मीन के कागज़, फसल पंजीयन (e-girdawari / गिरदावरी)।

ऑनलाइन पंजीयन के लिए: अपने राज्य के agriculture portal पर जाएं या नज़दीकी CSC centre पर जाएं।


Shree Anna को मिला विशेष प्रोत्साहन

इस बार सरकार ने Shree Anna (Millet/मोटे अनाज) को विशेष प्रोत्साहन दिया है। बाजरा, ज्वार और रागी — इन तीनों में अच्छी बढ़ोतरी की गई है। ज्वार में ₹324 और रागी में ₹319 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी इसी नीति का हिस्सा है।

मोटे अनाजों में पोषण भी ज़्यादा होता है, पानी की खपत भी कम होती है और ये climate resilient crops हैं। इसीलिए सरकार इनके MSP में ज़्यादा बढ़ोतरी कर रही है। MSP Kharif 2026-27 Fasal Ka Bhav


अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

सवाल 1: MSP Kharif 2026-27 Fasal Ka Bhav कब घोषित हुआ?
13 मई 2026 को CCEA की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में यह फैसला हुआ।

सवाल 2: धान का नया MSP 2026-27 में क्या है?
Common धान का MSP ₹2,441 प्रति क्विंटल और Grade A धान का MSP ₹2,461 प्रति क्विंटल है — पिछले साल से ₹72 की बढ़ोतरी।

सवाल 3: इस बार सबसे ज़्यादा MSP किस फसल में बढ़ा?
सूरजमुखी में सबसे ज़्यादा ₹622 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी हुई। उसके बाद कपास में ₹557, नाइजरसीड में ₹515 और तिल में ₹500 की बढ़ोतरी

सवाल 4: मूंग उगाने पर कितना मुनाफा मिलेगा?
मूंग में उत्पादन लागत पर 61% का मुनाफा मिलेगा — यह सभी 14 खरीफ फसलों में सबसे ज़्यादा है।

सवाल 5: MSP पर फसल बेचने के लिए क्या करना होगा?
अपने राज्य के कृषि विभाग या नज़दीकी सरकारी खरीद केंद्र पर जाएं। आधार, बैंक passbook और ज़मीन के कागज़ साथ रखें। NAFED, FCI या CCI के ज़रिए फसल बिकेगी।

सवाल 6: MSP तय करने का formula क्या है?
A2+FL formula — यानी खेती की कुल paid-out लागत और परिवार की मेहनत को जोड़कर उस पर 50% मुनाफा जोड़ा जाता है। यह CACP तय करती है।

सवाल 7: खरीफ 2026-27 में किसानों को कुल कितना MSP मिलेगा?
इस सीजन में कुल ₹2,60,000 करोड़ (2.6 लाख करोड़ रुपये) किसानों को MSP के रूप में मिलने का अनुमान है।


निष्कर्ष

MSP Kharif 2026-27 Fasal Ka Bhav की घोषणा से करोड़ों किसानों को राहत मिली है। सूरजमुखी, कपास, दाल और मोटे अनाज उगाने वाले किसानों को इस बार सबसे ज़्यादा फायदा होगा। धान किसानों का भाव भी बढ़ा है। सरकार का लक्ष्य है कि किसान सिर्फ पारंपरिक फसलों तक सीमित न रहें — बल्कि मुनाफे वाली और पानी बचाने वाली फसलें भी उगाएं।

अगर आप खरीफ सीजन में फसल लगाने की तैयारी कर रहे हैं — तो इस बार मूंग, सूरजमुखी या बाजरा लगाने पर ज़रूर विचार करें। MSP अच्छा है, मुनाफा भी ज़्यादा है और पानी की खपत भी कम है।