Posted in

Iran War: खाड़ी युद्ध की आग में जलेंगे सूखे मेवे, पिस्ता-अंजीर के दाम आसमान पर, सिर्फ अखरोट ही बचाएगा आपकी जेब?

Iran War
Iran War

Iran War: खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव का असर अब भारतीय बाजारों पर भी दिखने लगा है। खास तौर पर पिस्ता, अंजीर और किशमिश जैसे सूखे मेवे महंगे हो सकते हैं। भारत बड़ी मात्रा में पिस्ता ईरान और अमेरिका के कैलिफोर्निया से आयात करता है। मौजूदा संकट के कारण ईरान से सप्लाई रुक गई है, जिससे पिस्ता के दाम बढ़ गए हैं। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, पिस्ता की कीमतों में ₹40 से ₹100 प्रति किलो तक की बढ़ोतरी हो चुकी है। पहले पिस्ता के दाने लगभग ₹1,500-1,600 प्रति किलो और छिलके वाला पिस्ता ₹1,200-1,300 प्रति किलो बिक रहा था, लेकिन अब इसमें तेजी देखी जा रही है।

Iran War: ईरान के बंदरगाह बंद होने से सप्लाई प्रभावित

ईरान के बंदर अब्बास और चाबहार बंदरगाह बंद होने के कारण वहां से होने वाला निर्यात पूरी तरह प्रभावित हुआ है। भारत के लिए समुद्री रास्ता ही मुख्य विकल्प था, लेकिन बंदरगाह बंद होने से सूखे मेवों की खेप अटक गई है। पहले से ही भारत-पाकिस्तान तनाव के कारण अफगानिस्तान से आने वाली खेप पर असर पड़ा था। ऐसे में अब ईरान से सप्लाई रुकने से बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई है।

Iran War: होली के कारण उत्तर भारत में असर कम

दिल्ली और उत्तर भारत के बाजारों में फिलहाल असर थोड़ा कम दिखा है क्योंकि होली के त्योहार के कारण कई दिन बाजार बंद रहे। व्यापारियों का कहना है कि छुट्टियों के कारण खरीद-फरोख्त कम रही, इसलिए अचानक ज्यादा उतार-चढ़ाव नहीं दिखा। हालांकि, अगर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थिति जल्दी नहीं सुधरी तो आने वाले दिनों में कीमतें और बढ़ सकती हैं।

Iran War: अंजीर और किशमिश भी होंगी महंगी

अंजीर और किशमिश की कीमतों में भी तेजी आने की संभावना है। अंजीर ज्यादातर अफगानिस्तान से आती है, और मौजूदा हालात में वहां से भी सप्लाई प्रभावित हो सकती है। अंजीर के दाम में करीब ₹100 प्रति किलो तक की बढ़ोतरी की खबर है। किशमिश की घरेलू आवक लगभग खत्म हो चुकी है और आयात पर निर्भरता बढ़ गई है। ऐसे में सप्लाई कम होने पर किशमिश भी महंगी हो सकती है।

Iran War: अखरोट की कीमतें फिलहाल स्थिर

हालांकि सभी सूखे मेवों में तेजी नहीं है। अखरोट की कीमतें फिलहाल स्थिर बनी हुई हैं। व्यापारियों के पास पर्याप्त स्टॉक मौजूद है, जिससे अगले एक-दो महीने तक बाजार में कोई बड़ी कमी नहीं आएगी। इसके अलावा, कश्मीर से आने वाले अखरोट भी घरेलू बाजार की जरूरतों को पूरा करने में मदद कर सकते हैं। इसलिए फिलहाल उपभोक्ताओं को अखरोट की कीमतों को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है।

Iran War: आयात शुल्क और व्यापार समझौते का असर

भारत अखरोट पर 100 प्रतिशत आयात शुल्क लगाता है, जबकि अन्य सूखे मेवों पर 30 प्रतिशत से अधिक टैक्स है। हालांकि अफगानिस्तान से आने वाले मेवों पर दक्षिण एशियाई मुक्त व्यापार समझौते के तहत शून्य शुल्क की सुविधा है। लेकिन मौजूदा संकट और परिवहन समस्याओं के कारण इस सुविधा का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है।

Iran War: उपभोक्ताओं पर सीधा असर

खाड़ी संकट का सीधा असर आम उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ेगा। त्योहारों और शादी के सीजन में सूखे मेवों की मांग बढ़ जाती है, ऐसे में कीमतों में वृद्धि से खर्च बढ़ेगा। अगर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव कम होता है तो बाजार धीरे-धीरे सामान्य हो सकता है। फिलहाल पिस्ता, अंजीर और किशमिश की कीमतों में तेजी बनी रहने की संभावना है, जबकि अखरोट कुछ समय तक स्थिर रह सकते हैं।

Iran War: बाजार विशेषज्ञों की राय

बाजार विश्लेषक बताते हैं कि सूखे मेवों की कीमतों में उतार-चढ़ाव अक्सर अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीतिक स्थितियों से प्रभावित होता है। भारत का 70 प्रतिशत से अधिक पिस्ता आयात विदेशी स्रोतों से होता है, जिससे देश पूरी तरह आयात पर निर्भर है। जब भी अंतरराष्ट्रीय तनाव बढ़ता है, भारत के आयात मार्ग प्रभावित होते हैं और घरेलू बाजार में कीमतें बढ़ जाती हैं।

Iran War: भविष्य के रुझान और संभावना

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर खाड़ी क्षेत्र में तनाव लंबे समय तक जारी रहता है, तो यह समस्या और बढ़ सकती है। पिस्ता के अलावा अन्य सूखे मेवे जो अफगानिस्तान और मध्य पूर्व से आते हैं, उनकी सप्लाई भी बाधित हो सकती है। ऐसे में सरकार को आयात के वैकल्पिक स्रोत खोजने और घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने के कदम उठाने पड़ सकते हैं।

Iran War: निष्कर्ष

खाड़ी संकट ने भारतीय सूखे मेवे बाजार को दो हिस्सों में विभाजित कर दिया है। पिस्ता, अंजीर और किशमिश जैसे मेवे जहां महंगे हो रहे हैं, वहीं अखरोट ने फिलहाल राहत दी है। उपभोक्ताओं को आने वाले दिनों में सूखे मेवों के लिए अधिक खर्च करने की तैयारी करनी चाहिए, जब तक कि अंतरराष्ट्रीय स्थिति सामान्य न हो जाए।

Iran War: सूखे मेवों का बाजार भाव (अनुमानित वृद्धि)

मेवे का नामसंभावित वृद्धि (प्रति किलो)वर्तमान स्थिति
पिस्ता (बिना छिलका)₹40 – ₹100📈 तेजी
अंजीर₹80 – ₹100📈 तेजी
किशमिश₹30 – ₹50📈 तेजी
अखरोट₹0⚖️ स्थिर

Read More Here

Tractor Implement Selection: ट्रैक्टर खरीदना ही काफी नहीं, सही कृषि यंत्र का चुनाव भी जरूरी, जानें क्या है पूरा गणित

Electric Tractor: भारतीय खेती में इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर की एंट्री, 2026 में होगा बड़ा बदलाव, डीजल की जगह बिजली से चलेंगे ट्रैक्टर

Kisan Credit Card: किसानों के लिए बड़ी राहत, RBI ने किसान क्रेडिट कार्ड की अवधि बढ़ाने का दिया प्रस्ताव, जानें क्या होंगे फायदे

Crop Price: एमएसपी बन रही छलावा, कागजों में बढ़ रहे दाम, किसानों की जेब हो रही खाली

SBI Report: भारतीय कृषि निर्यात को बड़ा बूस्ट, अमेरिकी बाजार में 75% उत्पादों पर शून्य शुल्क, SBI रिपोर्ट में खुलासा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »