Godhan Samgam 2026: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आज 23 फरवरी 2026 सोमवार को गौ-सेवा और पशुपालन के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक और भव्य कार्यक्रम का आयोजन होने जा रहा है। गोमती नगर स्थित इन्दिरा गांधी प्रतिष्ठान में ‘गोधन समागम-2026’ का यह भव्य महाकुंभ पशुपालन विभाग और दुग्ध विकास विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है। पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग के कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह सुबह 10:30 बजे इस कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे। इस समारोह में वर्ष 2024-25 के लिए कुल 63 ‘गोकुल पुरस्कार’ और 49 ‘नन्द बाबा पुरस्कार’ प्रदान किए जाएंगे। इसके साथ ही प्रदेश की 5 सबसे उत्कृष्ट निराश्रित गौ-आश्रय स्थलों और गौशालाओं को भी विशेष सम्मान पत्र और पुरस्कार राशि से नवाजा जाएगा। यह आयोजन उत्तर प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एक नई दिशा और नई ऊर्जा प्रदान करेगा।
Godhan Samgam 2026: कौन-कौन होंगे शामिल और क्या है कार्यक्रम का उद्देश्य
गोधन समागम-2026 में अपर मुख्य सचिव मुकेश कुमार मेश्राम और दुग्ध आयुक्त धनलक्ष्मी के.जी. सहित पशुपालन विभाग के निदेशक डॉ. मेघपाल सिंह भी उपस्थित रहेंगे और अपने विचार साझा करेंगे। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में गौ-वंश के संरक्षण और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने में उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों, गौ-पालकों और अधिकारियों को प्रोत्साहित करना है। इस समारोह में गौपालकों के साथ-साथ उन जिलों के अधिकारियों को भी पुरस्कृत किया जाएगा जिन्होंने गौ-सेवा के क्षेत्र में अनुकरणीय कार्य किया है।
Godhan Samgam 2026: कड़े मानकों पर हुआ जिलों का चयन
पुरस्कार के लिए चयनित जिलों के जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी और मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को उनके समर्पण और नवाचारों के लिए सम्मानित किया जाएगा। इन जिलों का चयन बेहद कड़े मानकों और गहन जमीनी जांच के आधार पर किया गया है। इन जिलों के प्रशासन ने न केवल गौ-आश्रय स्थलों का कुशलतापूर्वक संचालन किया बल्कि सरकार द्वारा आवंटित बजट का शत-प्रतिशत और समय पर सदुपयोग भी सुनिश्चित किया। यह पुरस्कार उन सभी लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा जो गौ-संरक्षण के महान कार्य में जुटे हैं।
पहला सत्र: आधुनिक डेयरी तकनीक और गोधन प्रदर्शनी (Godhan Samgam 2026)
गोधन समागम-2026 का पहला सत्र पूरी तरह से आधुनिक तकनीक और प्रोत्साहन पर केंद्रित रहेगा। इसमें एक विशाल ‘गोधन प्रदर्शनी’ आयोजित की जाएगी जहां किसान और पशुपालक आधुनिक पशुपालन तकनीकों को प्रत्यक्ष रूप से देख और समझ सकेंगे। दुग्ध उत्पादन बढ़ाने की नई और वैज्ञानिक तकनीकों पर विस्तृत प्रस्तुतिकरण दिया जाएगा। इस सत्र का मुख्य लक्ष्य एक ऐसा प्रेरणादायक वातावरण तैयार करना है जहां प्रदेश के अन्य जिले भी इन सफल मॉडलों से सीखकर अपने यहां गौ-वंश प्रबंधन और दूध उत्पादन में सुधार कर सकें। इससे जिलों के बीच एक सकारात्मक और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का माहौल बनेगा जिसका सीधा लाभ उत्तर प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा।
दूसरा सत्र: किसानों के ज्ञानवर्धन के लिए विशेष संगोष्ठी (Godhan Samgam 2026)
कार्यक्रम का दूसरा सत्र किसानों और गौ-पालकों के ज्ञानवर्धन के लिए समर्पित होगा। इसमें एक विशेष संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा जिसमें पशु आहार, हरे चारे की उपलब्धता और पशु पोषण जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा होगी। विशेषज्ञ बताएंगे कि किस तरह गौशालाओं को आत्मनिर्भर और उत्पादक बनाया जा सकता है। स्वदेशी नस्ल के गौ-पालन के फायदों और नस्ल सुधार कार्यक्रमों पर भी विशेष जोर दिया जाएगा। विशेषज्ञ यह भी समझाएंगे कि गौ-पालन केवल दूध तक सीमित नहीं है बल्कि यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। गोबर और गोमूत्र से बनने वाले उत्पादों के माध्यम से किसान अपनी आय को दोगुना कर सकते हैं।
Godhan Samgam 2026: स्वदेशी नस्ल के गौ-पालन पर विशेष जोर
गोधन समागम-2026 (Godhan Samgam 2026) में स्वदेशी नस्ल के पशुओं के पालन को विशेष महत्व दिया जा रहा है। दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए स्वदेशी नस्लों को प्रोत्साहित किया जा रहा है क्योंकि ये नस्लें भारतीय जलवायु के लिए अधिक अनुकूल हैं और लंबे समय तक उत्पादन देती हैं। सरकार की कोशिश है कि हर पात्र किसान तक योजनाओं की जानकारी पहुंचे और वे बिना किसी बाधा के इनका पूरा लाभ उठा सकें।
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार का लक्ष्य है कि किसान केवल पारंपरिक फसलों की खेती पर निर्भर न रहें बल्कि पशुपालन, बकरी पालन, मुर्गी पालन और मछली पालन जैसे सहायक व्यवसायों को अपनाकर अपनी आय कई गुना बढ़ाएं। इसके लिए सरकार कम ब्याज पर लोन, सब्सिडी और उन्नत प्रशिक्षण उपलब्ध करा रही है। गोधन समागम-2026 इस दिशा में एक महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक कदम है।
Read More Here
Crop Price: एमएसपी बन रही छलावा, कागजों में बढ़ रहे दाम, किसानों की जेब हो रही खाली
