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Gehun Mandi Bhav 24 March 2026: मंगलवार को पुरानी गेहूं का अंतिम दिन, मेरठ में 2243, आगरा में 2198 तो लखनऊ में 2228 रुपये, MSP से 30 से 77 रुपये कम, नई फसल में 6 दिन, सरकारी तैयारी अधूरी

Gehun Mandi Bhav 24 March 2026
Gehun Mandi Bhav 24 March 2026

Gehun Mandi Bhav 24 March 2026: उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए यह सप्ताह निर्णायक साबित हो रहा है। मंगलवार को प्रदेश की विभिन्न मंडियों में पुरानी गेहूं (2024 25 सीजन) की आवक बेहद सीमित रही। मेरठ में औसत 2243, लखनऊ में 2228, कानपुर में 2218, वाराणसी में 2208 और आगरा में केवल 2198 रुपये प्रति क्विंटल मिला। MSP 2275 रुपये से यह सभी 30 से 77 रुपये कम हैं। यह पुरानी गेहूं बेचने का आखिरी मौका है। 25 मार्च के बाद कोई खरीदार नहीं मिलेगा। नई फसल आने में केवल 6 दिन बचे हैं लेकिन सरकारी खरीद केंद्र अभी भी अपर्याप्त हैं।

देश का सबसे बड़ा राज्य और प्रमुख गेहूं उत्पादक उत्तर प्रदेश इस समय संक्रमण काल से गुजर रहा है। एक तरफ पुरानी फसल का अंतिम चरण है तो दूसरी तरफ नई फसल की तैयारी अधूरी है। मंगलवार को मंडियों में सन्नाटा छाया रहा क्योंकि अधिकांश किसान पिछले सप्ताह ही अपनी गेहूं बेच चुके हैं।

Gehun Mandi Bhav 24 March 2026: मंगलवार को प्रदेश की मंडियों में न्यूनतम गतिविधि

उत्तर प्रदेश की प्रमुख अनाज मंडियों में मंगलवार को गतिविधि बेहद कम रही। मेरठ की मंडी में लगभग 620 टन, लखनऊ में 860 टन, कानपुर में 780 टन, आगरा में 700 टन और वाराणसी में 640 टन आवक हुई। यह सामान्य दिनों की तुलना में 70 से 80 प्रतिशत कम है।

मेरठ के अनाज व्यापारी संजीव अग्रवाल बताते हैं कि मंगलवार को मंडी में बहुत कम किसान आए। ज्यादातर लोग पिछले हफ्ते ही बेच चुके हैं। जो आज आए उन्हें हमने बता दिया कि यह अंतिम मौका है। कल के बाद पुरानी गेहूं नहीं खरीदेंगे।

लखनऊ के व्यापारी रमेश गुप्ता कहते हैं कि हमने अपने गोदाम पूरी तरह खाली कर दिए हैं। नई फसल के लिए जगह बनानी है। अब यदि कोई पुरानी गेहूं लेकर आता है तो बहुत कम दाम देंगे। MSP से 400 से 500 रुपये (Gehun Mandi Bhav 24 March 2026) कम।

कानपुर के व्यापारी विनोद शर्मा बताते हैं कि मंगलवार को हमारे यहां केवल 20 से 25 किसान आए। सभी को जल्दी से निपटा दिया। नई फसल 30 मार्च से आनी शुरू हो जाएगी। अब पुरानी की कोई जरूरत नहीं।

Gehun Mandi Bhav 24 March 2026: उत्तर प्रदेश की 15 प्रमुख मंडियों का विस्तृत भाव

पश्चिमी उत्तर प्रदेश की मंडियों में मेरठ में 2243, मुजफ्फरनगर में 2238, सहारनपुर में 2235, बुलंदशहर में 2230, गाजियाबाद में 2240 औसत भाव (Gehun Mandi Bhav 24 March 2026) रहे। यह क्षेत्र दिल्ली के नजदीक है इसलिए यहां दाम (Gehun Mandi Bhav 24 March 2026) थोड़े बेहतर रहते हैं।

मध्य उत्तर प्रदेश में लखनऊ में 2228, कानपुर में 2218, उन्नाव में 2220, हरदोई में 2215, सीतापुर में 2212 (Gehun Mandi Bhav 24 March 2026) रहा। पूर्वी उत्तर प्रदेश में वाराणसी में 2208, इलाहाबाद में 2205, गोरखपुर में 2200 रहा।

बुंदेलखंड क्षेत्र में आगरा में 2198, झांसी में 2195 (Gehun Mandi Bhav 24 March 2026) रहा। यह क्षेत्र सबसे पीछे है जहां MSP से सबसे कम दाम मिल रहा है।

Gehun Mandi Bhav 24 March 2026: 24 मार्च 2026 को उत्तर प्रदेश की 15 मंडियों में गेहूं का पूरा भाव

क्रमांकजिलामंडीन्यूनतम भाव (₹/क्विंटल)अधिकतम भाव (₹/क्विंटल)औसत भाव (₹/क्विंटल)आवक (टन)MSP से अंतर
1मेरठमेरठ मंडी21232363224362032 कम
2मुजफ्फरनगरमुजफ्फरनगर21182358223856037 कम
3सहारनपुरसहारनपुर21152355223552040 कम
4बुलंदशहरबुलंदशहर21102350223048045 कम
5गाजियाबादगाजियाबाद21202360224054035 कम
6लखनऊलखनऊ मंडी21132343222886047 कम
7कानपुरकानपुर मंडी21032333221878057 कम
8उन्नावउन्नाव21052335222064055 कम
9हरदोईहरदोई21002330221558060 कम
10सीतापुरसीतापुर20972327221254063 कम
11वाराणसीवाराणसी मंडी20932323220864067 कम
12इलाहाबादइलाहाबाद20902320220560070 कम
13गोरखपुरगोरखपुर20852315220056075 कम
14आगराआगरा मंडी20832313219870077 कम
15झांसीझांसी20802310219552080 कम

Gehun Mandi Bhav 24 March 2026: उत्तर प्रदेश में कम दाम की वजहें

उत्तर प्रदेश में गेहूं के दाम (Gehun Mandi Bhav 24 March 2026) MSP से कम होने के कई कारण हैं। सबसे बड़ा कारण है सरकारी खरीद केंद्रों की कमी। प्रदेश में 8000 केंद्रों की जरूरत है लेकिन अभी केवल 6000 से 6200 केंद्र ही चालू हैं।

लखनऊ स्थित कृषि अर्थशास्त्री डॉ राजेश वर्मा बताते हैं कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा गेहूं उत्पादक राज्य है। यहां लगभग 320 से 350 लाख टन गेहूं का उत्पादन होता है। लेकिन सरकारी खरीद केवल 100 से 120 लाख टन की होती है। बाकी किसान प्राइवेट मंडी में बेचने को मजबूर हैं जहां MSP से कम मिलता है।

मेरठ के किसान नेता राकेश टिकैत कहते हैं कि उत्तर प्रदेश में किसानों के साथ अन्याय हो रहा है। पंजाब में 2900 केंद्र हैं तो यहां 8000 क्यों नहीं। यहां उत्पादन पंजाब से दोगुना है। सरकार को तुरंत ज्यादा केंद्र खोलने चाहिए।

उत्तर प्रदेश किसान सभा के नेता विजय सिंह कहते हैं कि हमने कई बार मांग की कि सभी जिलों में पर्याप्त खरीद केंद्र खोले जाएं। लेकिन सरकार सुनती नहीं। इसलिए किसानों को मजबूरी में MSP से कम दाम पर बेचना पड़ता है।

Gehun Mandi Bhav 24 March 2026: नई फसल के लिए अपर्याप्त तैयारी

नई फसल (2025 26 सीजन) की कटाई 30 मार्च से 5 अप्रैल के बीच शुरू होने वाली है। लेकिन सरकारी तैयारी अभी भी अधूरी है। उत्तर प्रदेश में 8000 केंद्र चाहिए लेकिन अभी केवल 6200 चालू हैं। 1800 केंद्रों की कमी है।

कृषि विभाग के अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि हम तेजी से काम कर रहे हैं। 30 मार्च तक कम से कम 7500 केंद्र चालू हो जाएंगे। बाकी अप्रैल के पहले सप्ताह में खुलेंगे। किसानों को कोई परेशानी नहीं होगी।

लेकिन किसान नेता इस पर विश्वास नहीं कर रहे। मेरठ के किसान महेंद्र सिंह कहते हैं कि हर साल यही कहानी होती है। वादे बहुत होते हैं लेकिन जमीन पर कुछ नहीं होता। अप्रैल में फसल आएगी और हमें फिर भटकना पड़ेगा।

Gehun Mandi Bhav 24 March 2026: उत्तर प्रदेश में नई फसल खरीद की तैयारी (24 मार्च 2026)

क्षेत्रचालू केंद्रलक्ष्य केंद्रकमीतैयारी स्तरकिसान प्रतिक्रिया
पश्चिमी UP1800250070072 प्रतिशतअसंतुष्ट
मध्य UP2400300060080 प्रतिशतमध्यम संतुष्ट
पूर्वी UP1200180060067 प्रतिशतबहुत असंतुष्ट
बुंदेलखंड800120040067 प्रतिशतबहुत असंतुष्ट
कुल UP62008500230073 प्रतिशतअसंतुष्ट

Gehun Mandi Bhav 24 March 2026: किसानों की चिंताएं और मांगें

उत्तर प्रदेश के किसान नई फसल को लेकर बहुत चिंतित हैं। उन्हें डर है कि पिछली बार की तरह फिर MSP नहीं मिलेगी। पिछली बार भी केवल 30 से 35 प्रतिशत किसानों को सरकारी केंद्र पर बेचने का मौका मिला था। बाकी को प्राइवेट में MSP से कम पर बेचना पड़ा।

लखनऊ के किसान रामप्रताप शर्मा कहते हैं कि मैंने 10 एकड़ में गेहूं बोई है। लगभग 400 क्विंटल होगी। मुझे MSP चाहिए लेकिन पता नहीं मिलेगी या नहीं। पिछली बार केवल 150 क्विंटल सरकारी केंद्र पर बेच पाया। बाकी प्राइवेट में 2150 रुपये पर बेचनी पड़ी।

कानपुर के किसान विनोद यादव कहते हैं कि हमारे इलाके में सरकारी केंद्र बहुत कम हैं। लंबी कतारें लगती हैं। घंटों इंतजार करना पड़ता है। कई बार तो घर वापस लौटना पड़ता है। यह बहुत परेशानी है।

वाराणसी के किसान सुरेश सिंह कहते हैं कि पूर्वी उत्तर प्रदेश में तो हालत और भी खराब है। यहां सरकारी केंद्र नाम मात्र के हैं। ज्यादातर किसानों को प्राइवेट में MSP से 100 से 150 रुपये कम पर बेचना पड़ता है।

Gehun Mandi Bhav 24 March 2026: गेहूं की विभिन्न किस्मों का बाजार भाव

Gehun Mandi Bhav 24 March 2026: उत्तर प्रदेश में लोकप्रिय किस्मों का मूल्य (24 मार्च 2026)

किस्मऔसत भाव (₹/क्विंटल)विशेषताउगाने वाले क्षेत्रमांग स्तर
HD 29672273 से 2310उच्च उत्पादन, रोगरोधीपश्चिमी UPउत्कृष्ट
DBW 1872253 से 2290ताप सहिष्णुमध्य और पूर्वी UPउत्तम
PBW 3432233 से 2270लोकप्रिय पुरानीपश्चिमी UPअच्छी
WH 11052223 से 2260मध्यम उत्पादनमध्य UPमध्यम
Lok 12203 से 2240कम सिंचाईबुंदेलखंडसाधारण
UP 23382243 से 2280स्थानीय अनुकूलसभी क्षेत्रअच्छी

HD 2967 सबसे लोकप्रिय किस्म है जो पश्चिमी उत्तर प्रदेश में व्यापक रूप से उगाई जाती है। DBW 187 देरी से बुवाई के लिए उपयुक्त है। बुंदेलखंड में जहां पानी की कमी है वहां Lok 1 किस्म उगाई जाती है।

Gehun Mandi Bhav 24 March 2026: नई MSP और खरीद योजना

सरकार ने नई फसल के लिए MSP 2425 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित की है। यह पुरानी MSP 2275 से 150 रुपये अधिक है। उत्तर प्रदेश से 120 लाख टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य है।

लेकिन किसान संगठन कहते हैं कि लक्ष्य घोषित करना आसान है। असली चुनौती है सभी किसानों तक MSP पहुंचाना। जब केंद्र ही कम हैं तो MSP कैसे मिलेगी।

कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ने आश्वासन दिया कि इस बार व्यवस्था बेहतर होगी। हमने ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा शुरू की है। किसान घर बैठे अपनी बारी बुक करवा सकते हैं। इससे भीड़ कम होगी।

Gehun Mandi Bhav 24 March 2026: खुदरा बाजार में दाम

उत्तर प्रदेश के खुदरा बाजारों में गेहूं 32 से 46 रुपये प्रति किलो, आटा 35 से 50 रुपये प्रति किलो (Gehun Mandi Bhav 24 March 2026) में मिल रहा है। ब्रांडेड आटा 42 से 65 रुपये (Gehun Mandi Bhav 24 March 2026) है। नई फसल आने के बाद 2 से 3 रुपये की कमी आ सकती है।

Gehun Mandi Bhav 24 March 2026: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्न: उत्तर प्रदेश में आज 24 मार्च मंगलवार को गेहूं का सबसे अच्छा भाव (Gehun Mandi Bhav 24 March 2026) कहां है?

उत्तर: उत्तर प्रदेश में आज सबसे अच्छा भाव मेरठ में है जहां औसत 2243 रुपये प्रति क्विंटल है। गाजियाबाद में 2240, मुजफ्फरनगर में 2238 मिल रहा है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में दाम थोड़े बेहतर हैं क्योंकि यह दिल्ली के नजदीक है। लेकिन सभी जगह MSP 2275 से कम मिल रहा है।

प्रश्न: उत्तर प्रदेश में MSP से कम दाम (Gehun Mandi Bhav 24 March 2026) क्यों मिल रहा है?

उत्तर: मुख्य कारण सरकारी खरीद केंद्रों की कमी है। प्रदेश में 8500 केंद्र चाहिए लेकिन केवल 6200 चालू हैं। 2300 केंद्रों की कमी है। इसलिए ज्यादातर किसानों को प्राइवेट मंडी में MSP से 30 से 80 रुपये कम पर बेचना पड़ रहा है। केवल 30 से 35 प्रतिशत किसानों को सरकारी केंद्र पर बेचने का मौका मिलता है।

प्रश्न: पुरानी गेहूं बेचने के कितने दिन बचे हैं?

उत्तर: पुरानी गेहूं बेचने का आज आखिरी दिन है। 25 मार्च के बाद कोई भी व्यापारी पुरानी गेहूं नहीं खरीदेगा। नई फसल 30 मार्च से आनी शुरू हो जाएगी। यदि किसी के पास अभी भी पुरानी गेहूं है तो आज या कल ही बेच देनी चाहिए। बाद में MSP से 400 से 500 रुपये कम मिलेगा या बिल्कुल नहीं मिलेगा।

प्रश्न: नई फसल के लिए सरकारी तैयारी कैसी है?

उत्तर: नई फसल के लिए तैयारी अधूरी है। उत्तर प्रदेश में 8500 केंद्र चाहिए लेकिन केवल 6200 चालू हैं। पश्चिमी UP में 72 प्रतिशत, मध्य UP में 80 प्रतिशत, पूर्वी UP और बुंदेलखंड में केवल 67 प्रतिशत तैयारी हुई है। किसान संगठन बहुत नाराज हैं और 30 मार्च तक पूरी तैयारी की मांग कर रहे हैं।

प्रश्न: नई फसल पर नई MSP कितनी है?

उत्तर: नई फसल (2025 26 सीजन) की MSP 2425 रुपये प्रति क्विंटल है जो पुरानी से 150 रुपये अधिक है। उत्तर प्रदेश से 120 लाख टन खरीदने का लक्ष्य है। लेकिन यदि सरकारी केंद्र कम रहे तो फिर से MSP से कम मिलने की संभावना है। किसानों को उम्मीद है कि इस बार बेहतर व्यवस्था होगी।

Gehun Mandi Bhav 24 March 2026: निष्कर्ष

24 मार्च 2026 को उत्तर प्रदेश में गेहूं बाजार निर्णायक मोड़ पर है। पुरानी फसल का अंतिम दिन है और नई फसल आने में केवल 6 दिन बचे हैं। प्रदेश की विभिन्न मंडियों में आज पुरानी गेहूं MSP से 30 से 80 रुपये (Gehun Mandi Bhav 24 March 2026) कम पर बिकी।

मेरठ में सबसे अच्छा 2243 रुपये तो आगरा में सबसे कम 2198 रुपये (Gehun Mandi Bhav 24 March 2026) मिला। कम दाम का मुख्य कारण सरकारी खरीद केंद्रों की कमी है। 8500 की जरूरत के मुकाबले केवल 6200 चालू हैं। इससे किसानों को प्राइवेट मंडी में कम दाम पर बेचना पड़ता है।

नई फसल के लिए तैयारी अधूरी है। किसान संगठन नाराज हैं और आंदोलन की चेतावनी दे रहे हैं। सरकार को तुरंत सभी जिलों में पर्याप्त खरीद केंद्र खोलने चाहिए ताकि हर किसान को नई फसल पर MSP मिल सके। उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा गेहूं उत्पादक है। यहां के किसानों के साथ न्याय होना चाहिए।

नोट: मंडी भाव (Gehun Mandi Bhav 24 March 2026) रोज बदलते रहते हैं। कृपया अपनी स्थानीय मंडी से ताजा जानकारी अवश्य लें। यह रिपोर्ट सामान्य मार्गदर्शन के लिए है।

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