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Farmers News: संसद में पंजाब के किसानों के लिए 50 हजार करोड़ रुपये के विशेष पैकेज की मांग, किसान आंदोलन शहीदों के परिवारों को मुआवजा और पराली पर 5000 रुपये प्रति किसान प्रोत्साहन राशि का प्रस्ताव, कृषि मंत्रालय की अनुदान मांगों पर गरमाई बहस

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Farmers News: संसद में कृषि मंत्रालय की अनुदान मांगों पर हुई चर्चा के दौरान सत्तापक्ष और विपक्षी दोनों ओर के सांसदों ने किसानों से जुड़े गंभीर और महत्वपूर्ण मुद्दों को बहुत जोरदार तरीके से उठाया। पंजाब से कांग्रेस सांसद अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने राज्य के किसानों की आर्थिक हालत को अत्यंत गंभीर और चिंताजनक बताते हुए उनके लिए 50 हजार करोड़ रुपये के विशेष राहत पैकेज की व्यापक मांग की। उन्होंने जोर देकर कहा कि लंबे समय से भारी आर्थिक दबाव और कर्ज के बोझ तले दबे किसानों को तत्काल और ठोस राहत देने की सख्त जरूरत है। वडिंग ने किसान आंदोलन का विशेष जिक्र करते हुए कहा कि आंदोलन के दौरान सैकड़ों किसानों की दुखद रूप से जान गई थी लेकिन उनके परिवारों को अब तक उचित और पर्याप्त मुआवजा नहीं मिल सका है। इसके साथ ही उन्होंने पराली जलाने की पुरानी समस्या के स्थायी समाधान के लिए हर किसान को 5 हजार रुपये की विशेष प्रोत्साहन राशि देने का ठोस सुझाव भी रखा ताकि प्रदूषण की गंभीर समस्या को प्रभावी रूप से कम किया जा सके।

लोकसभा में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की वार्षिक अनुदान मांगों पर हुई विस्तृत चर्चा मंगलवार 18 मार्च 2026 को काफी गर्मागर्म और व्यापक रही। विभिन्न राज्यों और राजनीतिक दलों के सांसदों ने अपने अपने क्षेत्रों के किसानों की समस्याओं को सदन के सामने रखा। पंजाब के किसान पिछले कई वर्षों से कर्ज, फसल की कम कीमत, बढ़ती लागत और प्राकृतिक आपदाओं से जूझ रहे हैं। कांग्रेस सांसद अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने इन सभी समस्याओं को विस्तार से उठाते हुए केंद्र सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि पंजाब कृषि के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य है और देश की खाद्य सुरक्षा में सबसे बड़ा योगदान देता है। लेकिन विडंबना यह है कि वहां के किसान सबसे अधिक परेशानी में हैं। आइए विस्तार से जानते हैं कि संसद में क्या क्या मुद्दे उठाए गए।

Farmers News: 50 हजार करोड़ रुपये के विशेष पैकेज की मांग

कांग्रेस सांसद अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने अपने संसदीय भाषण में पंजाब के किसानों की आर्थिक स्थिति का विस्तृत ब्यौरा देते हुए कहा कि राज्य के लाखों किसान गहरे कर्ज में डूबे हुए हैं। बैंक और साहूकारों से लिए गए कर्ज का बोझ इतना अधिक बढ़ गया है कि किसान अपनी जमीन बेचने को मजबूर हो रहे हैं। कई किसान आत्महत्या भी कर रहे हैं। फसल की लागत लगातार बढ़ रही है लेकिन उपज का दाम उतना नहीं बढ़ रहा। डीजल, खाद, बीज, कीटनाशक सब महंगे हो गए हैं। मजदूरी भी बढ़ गई है। लेकिन गेहूं और धान का एमएसपी बहुत कम है। इसके अलावा पंजाब में बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से भी काफी नुकसान हुआ है। इन सभी समस्याओं को देखते हुए वडिंग ने केंद्र सरकार से पंजाब के किसानों के लिए विशेष रूप से 50 हजार करोड़ रुपये का आर्थिक राहत पैकेज देने की जोरदार मांग की।

उन्होंने कहा कि यह राशि कर्ज माफी, बीज और खाद पर सब्सिडी, सिंचाई सुविधाओं के विकास और आधुनिक कृषि यंत्रों की खरीद में मदद के लिए दी जानी चाहिए। इससे किसानों को तत्काल राहत मिलेगी और वे फिर से खेती की ओर प्रोत्साहित होंगे।

Farmers News: किसान आंदोलन शहीदों के परिवारों को मुआवजा

सांसद वडिंग ने संसद में 2020-21 के ऐतिहासिक किसान आंदोलन का विशेष जिक्र किया। उन्होंने कहा कि तीन कृषि कानूनों के विरोध में जो किसान आंदोलन हुआ था वह भारत के इतिहास में सबसे बड़े और सबसे लंबे आंदोलनों में से एक था। दिल्ली की सीमाओं पर किसान एक साल से अधिक समय तक डटे रहे। इस आंदोलन के दौरान सैकड़ों किसानों की जान गई थी। कुछ की मौत ठंड और बीमारी से हुई। कुछ दुर्घटनाओं में मारे गए। लखीमपुर खीरी में तो किसानों को गाड़ी से कुचल दिया गया था। वडिंग ने कहा कि उन सभी शहीद किसानों के परिवारों को अब तक उचित मुआवजा नहीं मिला है। कुछ को कुछ राशि मिली भी है तो वह बहुत कम है। कई परिवारों को तो कुछ भी नहीं मिला। उन्होंने मांग की कि केंद्र सरकार को ऐसे सभी प्रभावित परिवारों की एक पूरी सूची बनानी चाहिए और उन्हें सीधे आर्थिक सहायता और मुआवजा देना चाहिए। हर परिवार को कम से कम 10 से 20 लाख रुपये का मुआवजा मिलना चाहिए। साथ ही एक परिवार के सदस्य को सरकारी नौकरी भी दी जानी चाहिए। यह शहीदों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

Farmers News: पराली समस्या के समाधान के लिए प्रोत्साहन राशि

पंजाब और हरियाणा में हर साल अक्टूबर नवंबर में पराली जलाने की समस्या गंभीर रूप ले लेती है। इससे दिल्ली और NCR में भयंकर प्रदूषण होता है। हवा की गुणवत्ता खतरनाक स्तर तक गिर जाती है। सरकार किसानों को पराली न जलाने के लिए कहती है लेकिन कोई ठोस विकल्प नहीं देती। पराली प्रबंधन की मशीनें बहुत महंगी हैं जो छोटे किसान नहीं खरीद सकते। सांसद वडिंग ने इस समस्या का एक व्यावहारिक समाधान सुझाया। उन्होंने कहा कि सरकार को हर किसान को पराली न जलाने पर 5000 रुपये की प्रोत्साहन राशि देनी चाहिए। यह राशि सीधे किसान के बैंक खाते में ट्रांसफर की जा सकती है। इस पैसे से किसान पराली को खेत में ही मिट्टी में मिलाने की व्यवस्था कर सकता है या फिर सामूहिक रूप से मशीन किराए पर ले सकता है। इससे पराली जलाने की घटनाओं में बड़ी कमी आएगी और प्रदूषण भी कम होगा। यह एक दोतरफा फायदे का प्रस्ताव है।

Farmers News: केंद्र और पंजाब सरकार के टकराव का मुद्दा

सांसद वडिंग ने केंद्र और पंजाब सरकार के बीच चल रहे राजनीतिक टकराव और तनाव का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि इस राजनीतिक खींचतान की वजह से किसानों को आपदा राहत फंड के तहत मिलने वाली बाढ़ सहायता भी समय पर नहीं मिल पाई। पंजाब में 2023 और 2024 में बाढ़ से भारी नुकसान हुआ था। हजारों हेक्टेयर में फसल बर्बाद हो गई थी। घर और मवेशी भी नष्ट हुए। केंद्र सरकार से मदद मांगी गई लेकिन राजनीतिक कारणों से राशि जारी नहीं की गई। इससे किसानों की मुश्किलें और भी बढ़ गई हैं। वडिंग ने कहा कि राजनीति से ऊपर उठकर किसानों की मदद की जानी चाहिए। आपदा राहत में देरी नहीं होनी चाहिए।

Farmers News: बीजेपी सांसद ने दालों का MSP बढ़ाने की मांग

चर्चा में शामिल बीजेपी सांसद कोंडा विश्वेश्वर रेड्डी ने तेलंगाना के किसानों की समस्याओं को उठाया। उन्होंने कहा कि तेलंगाना में तुअर दाल, उड़द दाल और अन्य दालों की व्यापक खेती होती है। लेकिन दालों का न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP बहुत कम है। किसानों को उत्पादन लागत भी नहीं मिल पाती। इसलिए किसान दालों की खेती छोड़कर दूसरी फसलें लगाने लगे हैं। इससे देश में दालों का उत्पादन कम हो रहा है और फिर आयात करना पड़ता है। रेड्डी ने मांग की कि सरकार को दालों विशेष रूप से तुअर और उड़द का MSP तत्काल बढ़ाना चाहिए। कम से कम उत्पादन लागत से 50 प्रतिशत अधिक MSP होना चाहिए। इससे किसानों की आमदनी में सुधार होगा और खेती को प्रोत्साहन मिलेगा। दालों का उत्पादन बढ़ेगा और देश आत्मनिर्भर बनेगा।

Farmers News: सपा सांसद ने उठाया आयात का मुद्दा

समाजवादी पार्टी के सांसद नरेश चंद्र उत्तम पटेल ने कृषि उत्पादों के बढ़ते आयात पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि सरकार एक तरफ किसानों से अधिक उत्पादन करने को कहती है लेकिन दूसरी तरफ विदेश से सस्ते कृषि उत्पादों का आयात होने देती है। इससे घरेलू बाजार में कीमतें गिर जाती हैं और किसानों को नुकसान होता है। पटेल ने विशेष रूप से सोयाबीन, डेयरी उत्पादों और पशु चारे के आयात पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। उन्होंने कहा कि भारत में सोयाबीन का पर्याप्त उत्पादन होता है फिर भी विदेश से सस्ता सोयाबीन आ रहा है। इससे किसानों को उचित दाम नहीं मिल रहा। डेयरी सेक्टर भी प्रभावित हो रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में भी सुधार की मांग करते हुए कहा कि बीमा कवर को मौजूदा 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये किया जाना चाहिए। आजकल फसल की लागत बहुत बढ़ गई है इसलिए बीमा राशि भी बढ़नी चाहिए।

Farmers News: तृणमूल कांग्रेस सांसद ने उठाए सवाल

तृणमूल कांग्रेस की सांसद प्रतिमा मंडल ने किसानों की समग्र आर्थिक स्थिति को लेकर सरकार पर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार किसानों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रही है। न तो उचित नीतियां बनाई जा रही हैं और न ही मौजूदा योजनाओं का सही तरीके से क्रियान्वयन हो रहा है। इसी कारण किसानों की हालत लगातार कमजोर होती जा रही है। उन्होंने किसान आंदोलन के दौरान हुई घटनाओं का भी जिक्र करते हुए कहा कि अभी तक किसी की जवाबदेही तय नहीं की गई है। जिन अधिकारियों या नेताओं की वजह से किसानों को नुकसान हुआ उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। मंडल ने पश्चिम बंगाल के किसानों की समस्याओं का भी जिक्र किया।

Farmers News: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

पंजाब के किसानों के लिए कितने रुपये के पैकेज की मांग की गई? संसद में कांग्रेस सांसद ने पंजाब के किसानों के लिए 50 हजार करोड़ रुपये के विशेष आर्थिक राहत पैकेज की मांग की है।

पराली समस्या के समाधान के लिए क्या सुझाव दिया गया? हर किसान को पराली न जलाने पर 5000 रुपये की प्रोत्साहन राशि सीधे बैंक खाते में देने का सुझाव दिया गया है।

किसान आंदोलन शहीदों के परिवारों के लिए क्या मांग की गई? किसान आंदोलन में जान गंवाने वाले सभी किसानों के परिवारों को उचित मुआवजा और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की गई।

फसल बीमा कवर को कितना बढ़ाने की मांग है? प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा कवर को वर्तमान 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने की मांग की गई है।

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