Farmer Protest in Haryana: 12 अप्रैल 2026 को हरियाणा के कई जिलों में किसानों ने नई फसल खरीद नियमों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। सम्युक्त किसान मोर्चा (SKM) के आह्वान पर किसानों ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर चार घंटे तक शांतिपूर्ण धरना दिया और सड़क जाम किया। किसान नेता (Farmer Protest in Haryana) सरकार पर आरोप लगा रहे हैं कि नई नियमों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर फसल खरीद मुश्किल हो गई है और किसानों को परेशान किया जा रहा है।
प्रदर्शन Sirsa, Fatehabad, Hisar, Bhiwani, Rohtak, Jind, Kaithal, Palwal, Jhajjar, Rewari, Sonipat और Kurukshetra समेत कई जिलों में हुआ। किसानों ने एंबुलेंस और इमरजेंसी वाहनों को गुजरने दिया, लेकिन आम वाहनों की आवाजाही (Farmer Protest in Haryana) चार घंटे तक प्रभावित रही।
Farmer Protest in Haryana: नए नियम क्या हैं?
हरियाणा सरकार ने 2026-27 गेहूं खरीद सीजन के लिए सख्त (Farmer Protest in Haryana) नए नियम लागू किए हैं। इनमें शामिल हैं:
- ‘मेरी फसल मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर अनिवार्य रजिस्ट्रेशन
- आधार आधारित बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन
- वाहन नंबर का e-Kharid ऐप पर अनिवार्य रजिस्ट्रेशन
- गेट पास के लिए सख्त शर्तें
किसान नेता कह रहे हैं कि ये नियम प्रक्रिया को जटिल बना रहे हैं और असल में MSP देने से बचने का तरीका है। खासकर उन इलाकों में जहां बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसल को नुकसान हुआ है, वहां सरकार उदार रवैया नहीं दिखा रही है।
Farmer Protest in Haryana: किसानों का मुख्य आरोप
सम्युक्त किसान मोर्चा के नेता इंदरजीत सिंह, मास्टर बलवीर सिंह और सुमित सिंह ने कहा कि सरकार पारदर्शिता (Farmer Protest in Haryana) का नाम लेकर किसानों को परेशान कर रही है। हाल ही में हुई मल्टी-करोड़ की ‘घोस्ट पैडी’ घोटाले में असली दोषियों को बचाया जा रहा है और किसानों पर आरोप लगाए जा रहे हैं।
किसान नेता सरदारनंद राजली ने हिसार के लांधड़ी-चिकनवास टोल प्लाजा (Farmer Protest in Haryana) पर प्रदर्शन के दौरान कहा कि यह प्रदर्शन सिर्फ चेतावनी और रिहर्सल है। अगर भाजपा सरकार ने मनमानी नीतियां नहीं छोड़ीं तो SKM जल्द ही बड़ा और निर्णायक आंदोलन शुरू करेगा।
Farmer Protest in Haryana: प्रदर्शन की मुख्य बातें
- चार घंटे का शांतिपूर्ण सड़क जाम
- एंबुलेंस और इमरजेंसी वाहनों को पास
- SKM के तहत किसान और मजदूर संगठनों की भागीदारी
- सरकार से नए नियम तुरंत वापस लेने की मांग
Farmer Protest in Haryana: सरकार का पक्ष
हरियाणा सरकार (Farmer Protest in Haryana) का कहना है कि नए नियम खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने और घोटालों को रोकने के लिए हैं। लेकिन किसान नेता इसे “बेबुनियाद और धोखाधड़ी” बता रहे हैं।
Farmer Protest in Haryana: किसानों की मांगें
- नए सख्त नियम तुरंत वापस लिये जाएं
- बेमौसम बारिश से हुई फसल क्षति का उचित मुआवजा
- MSP पर बिना किसी बाधा के फसल खरीद
- घोटालों की सच्ची जांच और दोषियों पर कार्रवाई
Farmer Protest in Haryana: प्रदर्शन के प्रभाव
प्रदर्शन के कारण राष्ट्रीय राजमार्गों (Farmer Protest in Haryana) पर यातायात प्रभावित हुआ। हालांकि किसानों ने शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन किया और जरूरी वाहनों को गुजरने दिया। SKM ने प्रदर्शन को बड़ी सफलता बताया है और सरकार को चेतावनी दी है कि अगर बात नहीं मानी गई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
Farmer Protest in Haryana: कृषि विशेषज्ञों की राय
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि फसल खरीद (Farmer Protest in Haryana) में पारदर्शिता जरूरी है, लेकिन नियम इतने सख्त नहीं होने चाहिए कि किसानों को फसल बेचने में परेशानी हो। खासकर बेमौसम बारिश से नुकसान झेल रहे किसानों के लिए उदार नीति अपनानी चाहिए।
Farmer Protest in Haryana: हरियाणा में फसल स्थिति
हरियाणा में इस साल गेहूं की फसल पर बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि (Farmer Protest in Haryana) का असर पड़ा है। कई जिलों में फसल को नुकसान हुआ है। किसान MSP पर खरीद की मांग कर रहे हैं, लेकिन नए नियमों से प्रक्रिया जटिल हो गई है।
Farmer Protest in Haryana: आगे क्या?
सम्युक्त किसान मोर्चा ने कहा है कि अगर सरकार नए नियम वापस (Farmer Protest in Haryana) नहीं लेती और किसानों की समस्याओं पर चर्चा नहीं करती तो वे जल्द ही बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे। किसान नेता पूरे राज्य में और प्रदर्शन की तैयारी कर रहे हैं।
Farmer Protest in Haryana: निष्कर्ष
हरियाणा में किसानों का यह प्रदर्शन फसल खरीद (Farmer Protest in Haryana) नीति को लेकर बढ़ते असंतोष को दिखाता है। सरकार को पारदर्शिता और किसान हित दोनों को ध्यान में रखकर नीति बनानी होगी। अगर सख्त नियम किसानों को परेशान कर रहे हैं तो उन्हें समीक्षा की जरूरत है।
किसान भाइयों की मांग है कि MSP पर बिना बाधा के फसल खरीदी जाए और बेमौसम बारिश से हुए नुकसान का उचित मुआवजा दिया जाए। सरकार और किसान संगठनों के बीच जल्द बातचीत हो और समस्या का समाधान निकले, यही सभी की उम्मीद है।
हरियाणा किसान प्रदर्शन से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (Farmer Protest in Haryana)
1. किसान किस बात के खिलाफ (Farmer Protest in Haryana) प्रदर्शन कर रहे हैं?
किसान हरियाणा सरकार द्वारा फसल खरीद के लिए लगाए गए नए सख्त नियमों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। इन नियमों में मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन, आधार बायोमेट्रिक और e-Kharid ऐप पर वाहन नंबर अनिवार्य किया गया है।
2. नए नियम (Farmer Protest in Haryana) क्या हैं?
नए नियमों में फसल खरीद के लिए ‘मेरी फसल मेरा ब्योरा’ रजिस्ट्रेशन, आधार बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन और गेट पास के लिए वाहन नंबर का e-Kharid ऐप पर अनिवार्य रजिस्ट्रेशन शामिल है।
3. प्रदर्शन कहां-कहां हुआ?
प्रदर्शन Sirsa, Fatehabad, Hisar, Bhiwani, Rohtak, Jind, Kaithal, Palwal, Jhajjar, Rewari, Sonipat और Kurukshetra समेत कई जिलों में हुआ।
4. किसान संगठन क्या कह रहा है?
सम्युक्त किसान मोर्चा (SKM) का कहना है कि नए नियम MSP देने में बाधा डाल रहे हैं और किसानों को परेशान किया जा रहा है। अगर नियम नहीं वापस लिए गए तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
5. सरकार का क्या कहना है?
सरकार का दावा है कि नए नियम खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए हैं। लेकिन किसान इसे किसानों को परेशान करने का तरीका बता रहे हैं।
नोट: स्थिति बदल सकती है। नवीनतम अपडेट के लिए स्थानीय समाचार या आधिकारिक सूत्रों से जानकारी लें।
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