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धान की रोपाई के बाद कौन सी खाद डाले? सही समय और सही मात्रा (2026)

dhan ki ropai ke baad kaun si khad dale

dhan ki ropai ke baad sahi khad dalne ki jankari

धान की खेती भारत के अधिकांश किसानो की मुख्य फसल है , अच्छी उपज पाने के लिए केवल समय पर रोपाई करना ही काफी नहीं है बलि यह जानना भी जरुरी है की धान की रोपाई के बाद कौन सी खाद डाले ताकि पौधो को सही पोषण मिल सके| कई किसान भाइयो बिना जानकारी के जरुरत से ज्यादा उड़िया डाल देते है, जिससे फसल को नुकसान भी पहुँच सकता है|

यदि आप चाहते है की इस बार आपकी धान की फसल हरा भरा रहे और अधिक उत्पादन दे तो उर्वरको का प्रयोग सही समय और सही मात्रा में करना जरुरी है|

पहली बार खाद कब डालना चाहिए ?

धान कि रोपाई के लगभग 18 से 22 दिनों के बाद पहली टॉप ड्र्रेसिंग करना सबसे बेहतर माना जाता है , इस समय पौधो की जड़े मजबूत होने लगती है और उन्हें अतिरिक्त नाइट्रोजन की आवशयक्ता होती है |

जो किसान यह जानना चाहते है की धान की रोपाई के बाद कौन सी खाद डाले उन्हें सबसे पहले खेत की नमी पर ध्यान देना चाहिए | यदि खेत में अधिक पानी भर गया हो तो पहले पानी का स्तर काम करे , उसके बाद ही खाद डाले |

पहली बार कौन सी खाद डाले ?

पहली टॉप ड्रेसिंग में सामान्य तौर पर युड़िया का प्रयोग किया जाता है क्योकि यह नाइट्रोजन का अच्छा स्रोत है | नाइट्रोजन पौधो की अधिक पैदावार और पत्तियों को हरा बनाए रखने में मदद करती है|

लेकिन केवल यूरिया पर निर्भर नहीं रहा जा सकता है | यदि मिटटी की जाँच कराई गयी है तो उसी रिपोर्ट के अनुसार संतुलित उर्वरको का प्रयोग करे , यही तरीका लम्बे समय तक मिट्टी की गुणवक्ता बनाई रखती है |

इसलिए जब भी आपके मन में सवालआए की धान रोपाई के बाद कौन सी खाद डाले , तो सबसे पहले मिट्टी की स्थिति और फसल की जरुरत को समझे |

ज़िंक और पोटाश का महत्त्व :

कई बार धान की पत्तियां पीला पड़ने लगती है या पौधो की बढ़वार रुक जाती है | इसका कारन सिर्फ नाइट्रोजन की कमी नहीं बल्कि ज़िंक या अन्य छोटे पोषक तत्वों की कमी भी हो सकता है |

ऐसी स्थिति में अपने नजदीकी कृषि विज्ञान केंद्र या कृषि अधिकारी की सलाह लेके ज़िंकयुक्त उर्वरक का प्रयोग करे |

संतुलित पोषण देने से पौधे मजबूत होता है और भविष्य में बालियां भी अच्छी निकलती है |

दूसरी बार खाद कब डाले ?

रोपाई के लगभग 40 से 45 दिनों के बाद दूसरी बार नाइट्रोजन आधारित उर्वरक दिया जाता है | यह समय फसल के लिए बहुत जरुरी होता है , क्योकि इसी दौरान पौधे तेजी से बढ़ता है |

यदि आप सही समय पर खाद दोगे तो दानो का विकाश बेहतर होगा और उत्पादन बढ़ने की संभावना भी अधिक होगी |

इसी कारण किसान भाई कई बार पूंछते है की धान की रोपाई के बाद कौन सी खाद डाले, क्योकि सही समय पर सही उर्वरक की अच्छी पैदावार की कुंजी है |

खाद डालते समय इन बातो का रखे ख्याल

खाद डालने से पहले कुछ जरुरी बातो का ध्यान रखना चाहिए |

. खेत में हल्की नमी होनी चाहिए |
.तेज बारिश के समय खाद न डाले|
. जरुरत से ज्यादा यूरिया का उपयोग न करे |
.मिट्टी का परिक्षण के अनुसार उर्वरक का चयन करे |
. खेत में जल जमाव न होने दे |
.उर्वरक डालने के बाद खेत में नियमित निगरानी करे |

किसान भाइयो के लिए जरुरी सलाह

किसान भाई एक बात हमेशा याद रखे ज्यादा खाद डालने का मतलब ज्यादा पैदावार नहीं होता | अगर बिना जरुरत से ज्यादा यूरिया डालेंगे तो पौधे हरे दिखेंगे लेकिन दानों की गुणवक्ता पर असर पर सकता है |

भाई जितनी जरुरत हो उतनी ही खाद डालो , मिट्टी भी बची रहेगी और खर्च भी काम होगा और पैदावार भी अच्छी होगी | अगर संभव हो तो हर 2 से 3 सालो में मिट्टी की जाँच जरूर कराये | इससे आपको पता चलेगा की खेत में किस पोषक तत्वों की कमी है और कौन सी खाद डालनी चाहिए |

अच्छी पैदावार के लिए क्या करे ?

अगर आप अच्छा पैदावर चाहते है तो केवल खाद पर निर्भर न रहे |
.समय पर सिंचाई करे |
. खरपतवार नियंत्रण करे |
.रोग और कीटो की नियमित निगरानी करे |
.खेत में पानी का सही प्रबंध रखे।

जब किसान सही तरीके से खेती करते है तभी धान की रोपाई के बाद कौन सी खाद डाले जैसे सवालो का सही जवाब उनकी फसल में दीखता है |

निष्कर्ष

धान की अच्छी पैदावार के लिए सही समय पर संतुलित खाद देना जरुरी है यदि आप सोच रहे है की धान की रोपाई के बाद कौन सी खाद डाले तो सबसे पहले खेत की नमी, मिट्टी की स्थिति और पौधो की बढ़वार को ध्यान में रखे | पहली टॉप ड्रेसिंग सही समय पर करे , जरुरत पड़ने पर ज़िंक जैसे पोषक तत्वों का उपयोग करे और हमेशा संतुलित उर्वरक का प्रयोग करे| इससे आपकी फसल सवस्थ होगी और उत्पादन भी बेहतर होगा |

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