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  • Mahindra Tractor Sales Record: नवंबर 2025 में 42,273 यूनिट्स की 33% Growth

    Mahindra Tractor Sales Record: नवंबर 2025 में 42,273 यूनिट्स की 33% Growth

    महिंद्रा ने तोड़ दिए ट्रैक्टर बिक्री के सारे रिकॉर्ड! नवंबर 2025 में 42,273 यूनिट्स की घरेलू बिक्री, 33% की जबरदस्त ग्रोथ 

    Mahindra Tractor Sales Record: नवंबर 2025 में 42,273 यूनिट्स की 33% Growth


    भारत के ट्रैक्टर बाजार में नवंबर 2025 का महीना महिंद्रा एंड महिंद्रा फार्म इक्विपमेंट बिज़नेस (FEB) के लिए किसी फसल उत्सव से कम नहीं रहा। कंपनी ने आधिकारिक रूप से घोषणा की है कि नवंबर 2025 में महिंद्रा ने घरेलू बाजार में 42,273 ट्रैक्टर बेचे, जो पिछले साल नवंबर 2024 की 31,746 यूनिट्स की तुलना में 33% की तेज़तर्रार वृद्धि दर्ज करता है। यह प्रदर्शन न सिर्फ बिक्री के नए मानक तय करता है, बल्कि भारत के ट्रैक्टर उद्योग में महिंद्रा की मजबूत पकड़ को भी फिर से स्थापित करता है।

    कंपनी की कुल बिक्री (Domestic + Exports) नतीजे भी उतने ही दमदार रहे। नवंबर 2025 में महिंद्रा की कुल ट्रैक्टर बिक्री 44,048 यूनिट्स तक पहुंच गई, जो पिछले साल की 33,378 यूनिट्स की तुलना में 32% की शानदार ग्रोथ है। वहीं एक्सपोर्ट्स ने भी धीमी रफ्तार को पीछे छोड़ते हुए नई ऊर्जा के साथ 1,775 यूनिट्स छू लीं, जो पिछले साल की तुलना में 9% की बढ़त है।
    यह प्रदर्शन साबित करता है कि महिंद्रा भारत ही नहीं, बल्कि वैश्विक कृषि मशीनरी बाजार में भी अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है।


    किसानों का भरोसा ही महिंद्रा की असली ताकत

    महिंद्रा FEB के प्रेसिडेंट वीजय नाकरा ने बिक्री के इन शानदार आंकड़ों पर खुशी जताते हुए कहा कि कंपनी ने नवंबर 2025 में घरेलू बाजार में 42,273 ट्रैक्टर बेचे, जो कि बीते वर्ष की तुलना में 33% अधिक है। उन्होंने बताया कि यह सफलता सितंबर–अक्टूबर 2025 के त्योहारों के सीजन में 27% की मजबूत ग्रोथ के बाद दर्ज हुई है, जो बाजार की सकारात्मक भावना का ही नतीजा है।

    उन्होंने आगे कहा कि इस साल किसानों का मनोबल बेहद ऊँचा है, क्योंकि

    • कहरिफ सीजन में रिकॉर्ड उत्पादन हुआ है,
    • रबी की बुवाई में भी तेजी देखने को मिल रही है,
    • सरकार द्वारा GST दरों में कटौती और
    • MSP में बढ़ोतरी ने किसानों की आमदनी और नकदी प्रवाह को बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाई है।

    इन सभी कारकों की वजह से देशभर में ट्रैक्टर और कृषि उपकरणों की मांग में जबरदस्त उछाल आया है। महिंद्रा का कहना है कि आने वाले महीनों में भी बाजार में इसी तरह की मजबूत मांग बने रहने की उम्मीद है।


    वैश्विक बाजार में भी दम दिखा रहा है महिंद्रा

    महिंद्रा ने सिर्फ घरेलू बाजार में ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी अपनी उपस्थिति को और मजबूत किया है। नवंबर 2025 में कंपनी ने कुल 1,775 ट्रैक्टर निर्यात किए, जो पिछले साल की तुलना में 9% की ग्रोथ है। यह वृद्धि बताती है कि भारतीय ट्रैक्टर तकनीक और महिंद्रा की विश्वसनीयता को दुनिया भर के किसान और डीलर तेजी से अपना रहे हैं।

    कंपनी का कहना है कि वैश्विक मांग में बढ़ोतरी और भारत में बने मजबूत, टिकाऊ और ईंधन-किफायती ट्रैक्टरों की पहचान बढ़ने से आने वाले महीनों में एक्सपोर्ट सेगमेंट में और तेजी देखने को मिलेगी।


    सालभर का प्रदर्शन भी शानदार – YTD आंकड़े बताते हैं बड़ी कहानी

    महिंद्रा के वित्तीय वर्ष 2025-26 (YTD November) के आंकड़े भी उतने ही प्रभावशाली हैं।

    • घरेलू बिक्री: 3,61,680 यूनिट्स (20% की बढ़त)
    • एक्सपोर्ट्स: 13,053 यूनिट्स (15% की वृद्धि)
    • कुल बिक्री: 3,74,733 यूनिट्स (19% की ग्रोथ)

    ये आंकड़े बताते हैं कि महिंद्रा लगातार देश के सबसे भरोसेमंद कृषि ब्रांड की अपनी पहचान को और मजबूत कर रहा है। भारत के हर राज्य में किसानों के बीच महिंद्रा ट्रैक्टरों के प्रति भरोसा तेजी से बढ़ रहा है।


    किसानों की जरूरतें समझना ही महिंद्रा की सबसे बड़ी सफलता

    आज भारत में खेती आधुनिक और तकनीक-आधारित हो रही है। ऐसे में किसानों को

    • ज्यादा पावर वाले,
    • कम ईंधन खर्च वाले,
    • और टिकाऊ ट्रैक्टरों की जरूरत होती है।
    महिंद्रा ने लगातार यही कोशिश की है कि वह किसानों की बदलती जरूरतों को समझे और उन्हें ऐसे उपकरण दे जो खेती को आसान, तेज और अधिक फायदेमंद बनाएं।
    कंपनी की यही रणनीति उसे भारत का नंबर 1 ट्रैक्टर निर्माता बनाए हुए है।


    कुल मिलाकर…

    नवंबर 2025 महिंद्रा ट्रैक्टरों के लिए उपलब्धियों से भरा महीना साबित हुआ है। घरेलू और वैश्विक दोनों बाजारों में दो अंकों की ग्रोथ, मजबूत किसान भावना, सरकारी नीतियों की सकारात्मकता और महिंद्रा की भरोसेमंद तकनीक—इन सभी ने मिलकर एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि भारतीय कृषि मशीनरी उद्योग में महिंद्रा की बराबरी करना आसान नहीं।

    कृषि क्षेत्र में बढ़ते अवसरों और आधुनिक खेती की ओर किसानों के बढ़ते रुझान के साथ, आने वाले समय में महिंद्रा अपने प्रदर्शन को और ऊँचा ले जाने के लिए पूरी तरह तैयार है।

    इस शानदार ग्रोथ के साथ महिंद्रा ने साफ संकेत दे दिया है—

    भारत के खेतों में ट्रैक्टरों की आवाज़ गूंजेगी, और उस आवाज़ में महिंद्रा का दम और भी तेज़ सुनाई देगा। 🚜🌾

  • Case IH ने शुरू किए Ethanol Tractor के फील्ड टेस्ट, किसानों को बड़ा फायदा

    Case IH ने शुरू किए Ethanol Tractor के फील्ड टेस्ट, किसानों को बड़ा फायदा

    Case IH ने शुरू किया Ethanol-Powered Tractor का लाइव फील्ड टेस्ट, São Martinho के साथ मिलकर बना कृषि डिकार्बोनाइजेशन का नया मॉडल 

    Case IH ने शुरू किए Ethanol Tractor के फील्ड टेस्ट, किसानों को बड़ा फायदा


    वैश्विक कृषि तकनीक तेजी से बदल रही है, और इसी बदलाव को नई गति देने के लिए Case IH ने अपने Puma 230 Ethanol-Powered Tractor का फील्ड ट्रायल शुरू कर दिया है। यह परीक्षण ब्राज़ील की जानी-मानी एग्रोटेक कंपनी São Martinho के साथ साझेदारी में किया जा रहा है, जिसे दुनिया के सबसे बड़े चीनी, इथेनॉल और बायोएनर्जी उत्पादकों में गिना जाता है। यह पूरा परीक्षण प्रडोपोलिस के खेतों में चल रहा है, जहां यह विशेष ट्रैक्टर Austoft 9000 Ethanol Harvester के साथ मिलकर काम कर रहा है—यानी पूरी मशीनरी एक ही स्वच्छ ईंधन पर आधारित है।

    यह प्रयोग सिर्फ एक तकनीकी प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि कृषि के भविष्य की दिशा तय करने वाली एक निर्णायक कोशिश है। CNH ब्रांड का फोकस कृषि डिकार्बोनाइजेशन, कार्बन उत्सर्जन में कमी और low-carbon economy को बढ़ावा देने पर है। ऐसे समय में जब पूरी दुनिया इलेक्ट्रिक और स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों की ओर बढ़ रही है, कृषि क्षेत्र में Ethanol एक व्यवहारिक, सस्ता और तुरंत अपनाई जाने वाली तकनीक के रूप में उभर रहा है।

    Case IH का यह ट्रायल खास है क्योंकि इसमें इस्तेमाल होने वाला N67 Otto cycle engine (FPT Industrial द्वारा निर्मित) 234 hp की दमदार पावर देता है और इसकी तकनीक काफी हद तक ऑटोमोबाइल इंजनों जैसी है। इस वजह से यह न केवल प्रदूषण को कम करता है बल्कि मशीन ऑपरेशन के दौरान शोर भी कम पैदा करता है, जो किसानों और मशीन ऑपरेटर्स के लिए बड़ा लाभ है। लंबे समय तक मशीन चलाने वाले ऑपरेटर्स के लिए शांत और स्मूद ऑपरेशन एक तरह की राहत जैसा होता है।

    इस Ethanol-powered ट्रैक्टर को फील्ड में उतारने से पहले Case IH ने इसे 100 घंटे से अधिक Bench Testing पर चलाया। कंपनी के Latin America Director लेआंड्रो कोंडे के अनुसार, सभी शुरुआती परिणाम बेहद सकारात्मक रहे हैं। उन्होंने कहा कि São Martinho की विशेषज्ञता और बड़ी कृषि भूमि वास्तविक परिस्थितियों में इस मशीन की क्षमता को परखने के लिए बिल्कुल आदर्श हैं।

    यह साझेदारी Clean Fuel Revolution की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जो आने वाले समय में कृषि के ऊर्जा ढांचे को बदल सकती है।

    São Martinho के CEO फाबियो वेंचुरेली ने भी इसे कृषि स्थिरता की दिशा में क्रांतिकारी पहल बताया। उन्होंने कहा कि ethanol सिर्फ एक वैकल्पिक ईंधन नहीं, बल्कि एक ऐसी तकनीक है जो कृषि क्षेत्र को अधिक टिकाऊ, किफायती और पर्यावरण के अनुकूल बना सकती है। Ethanol की उपलब्धता, लागत और स्वच्छता इसे किसानों के लिए एक भरोसेमंद विकल्प बनाती है।
    उनके अनुसार, यह नवाचार कृषि क्षेत्र के पर्यावरणीय लक्ष्यों में भी सीधा योगदान देगा और जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौतियों से निपटने में मदद करेगा।

    फिलहाल यह ट्रैक्टर गन्ना कटाई के दौरान अपनी क्षमता दिखा रहा है, लेकिन यह यहीं तक सीमित नहीं रहेगा। कटाई के बाद इसे भूमि तैयार करने, रोपाई, और मक्का आधारित इथेनॉल उत्पादन जैसे अन्य कामों में भी आज़माया जाएगा। इससे कंपनी को यह समझने में मदद मिलेगी कि विभिन्न मौसमों और परिस्थितियों में ethanol-powered तकनीक कितनी कारगर साबित होती है

    Case IH का प्लान आगे चलकर इस तकनीक को और विस्तार देने का है। यदि परिणाम उम्मीद के अनुसार रहे, तो यही ethanol तकनीक भविष्य में—

    • ग्रेन हार्वेस्टर,
    • स्प्रेयर,
    • और अन्य भारी कृषि मशीनरी**
    में भी लागू की जाएगी।
    यह बड़ा कदम कृषि जगत में ग्रीन एनर्जी मशीनरी के युग की शुरुआत कर सकता है।

    यह पूरा प्रोजेक्ट उन किसानों के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण संदेश देता है जो सस्टेनेबल खेती, कम प्रदूषण, कम ईंधन लागत और अधिक दक्षता वाली मशीनरी** की तलाश में हैं। Ethanol एक ऐसा ईंधन है जिसे कई देशों में आसानी से उपलब्ध कराया जा सकता है, और इससे किसान ऊर्जा लागत कम करते हुए पर्यावरण की रक्षा भी कर सकते हैं।

    यह कहा जा सकता है कि Case IH और São Martinho की यह पहल सिर्फ एक मशीनरी ट्रायल नहीं, बल्कि कृषि के भविष्य की बुनियाद रखने वाली हरित यात्रा की शुरुआत है—जहां ट्रैक्टर और हार्वेस्टर साफ ऊर्जा से चलकर खेतों में नई उम्मीद और नई ऊर्जा लेकर आएँगे। 

  • मोंट्रा E-27 इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर लॉन्च: भारत का पहला ARAI सर्टिफाइड EV ट्रैक्टर

    मोंट्रा E-27 इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर लॉन्च: भारत का पहला ARAI सर्टिफाइड EV ट्रैक्टर

     खेती में नई क्रांति: मोंट्रा ने पेश किया ARAI-सर्टिफाइड E-27 इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर

    मोंट्रा E-27 इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर लॉन्च: भारत का पहला ARAI सर्टिफाइड EV ट्रैक्टर


    भारत की कृषि दुनिया में एक नया चमकता अध्याय जुड़ गया है। मोंट्रा इलेक्ट्रिक, जो मुरुगप्पा ग्रुप का ई-मोबिलिटी ब्रांड है, ने किसानों के लिए भविष्य की खेती की दिशा तय करते हुए अपना पहला ARAI-प्रमाणित E-27 इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर लॉन्च कर दिया है। इसे EIMA Agrimach India 2025 के 9वें संस्करण में पेश किया गया, जहां इसकी तकनीक, शक्ति और पर्यावरण-अनुकूल डिजाइन ने सबका ध्यान खींच लिया। उत्तरी भारत में अपनी पकड़ मजबूत करते हुए कंपनी ने इस ट्रैक्टर को किसानों के लिए एक नए युग की शुरुआत बताया है—एक ऐसा युग जहां खेती होगी शांत, किफायती और आधुनिक तकनीक से लैस।

    भारत में इलेक्ट्रिक खेती उपकरणों की मांग लगातार बढ़ रही है, ऐसे में Montra E-27 Electric Tractor का लॉन्च किसानों के लिए एक बड़ा बदलाव साबित होने जा रहा है। यह न सिर्फ भारत का पहला ARAI-सर्टिफाइड इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर है, बल्कि कृषि क्षेत्र में स्वच्छ, टिकाऊ और लागत-कम कृषि मशीनरी की दिशा में उठाया गया सबसे बड़ा कदम भी है। कंपनी का कहना है कि इसे खास तौर पर भारतीय खेती की जरूरतों को समझकर डिजाइन किया गया है, ताकि किसान कम खर्च में अधिक उत्पादकता हासिल कर सकें।

    इस इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर का 27 HP समकक्ष पावर आउटपुट और 90 Nm टॉर्क देने वाली PMSM मोटर इसे श्रेणी में सबसे पावरफुल और सक्षम बनाती है। यह 2WD और 4WD—दोनों वेरिएंट में आता है, जिससे किसान अपनी जरूरत के हिसाब से मॉडल चुन सकते हैं। ट्रैक्टर में 22.37 kWh की LFP प्रिज़्मैटिक सेल बैटरी दी गई है, जो लगभग 4.5 घंटे का रनटाइम प्रदान करती है। यही नहीं, इसका डुअल स्पीड PTO (540 और 1000 RPM) खेत के विभिन्न कार्यों को आसान बनाता है। 8F + 2R साइड-शिफ्ट गियरबॉक्स और 720 किलोग्राम की लिफ्टिंग क्षमता इसे हर तरह के कृषि कार्यों के लिए उपयुक्त बनाती है।

    चार्जिंग के मामले में भी यह ट्रैक्टर किसानों को काफी राहत देता है। फास्ट चार्जिंग सुविधा के साथ E-27 को लगभग 2.15 घंटे में फुल चार्ज किया जा सकता है, जबकि स्टैंडर्ड चार्जिंग में यह कार्य लगभग 5 घंटे में पूरा होता है। पूरी तरह चार्ज होने पर यह खेत में करीब 8 घंटे तक लगातार काम करता है और सड़क पर लगभग 100 किलोमीटर की दूरी तय कर सकता है। यह खासियत किसानों को डीजल निर्भरता से मुक्ति दिलाने में बड़ी भूमिका निभाएगी।

    इलेक्ट्रिक तकनीक का सबसे बड़ा लाभ है—कम शोर, कम वाइब्रेशन और अधिक आराम। खेती का काम अक्सर लंबे समय तक चलता है, ऐसे में ट्रैक्टर चालक को थकान जल्दी होती है। लेकिन Montra E-27 Electric Tractor में इलेक्ट्रिक मोटर की बदौलत बेहद स्मूथ और शांत संचालन मिलता है, जिससे चालक की थकान कम होती है और लंबे समय तक काम करना आसान हो जाता है। कई किसान पहले से ही इसकी शांत आवाज़ को एक बड़ा लाभ बता रहे हैं, क्योंकि इससे पशुओं और आसपास के वातावरण में भी शांति बनी रहती है।

    किसानों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात—लागत। मोंट्रा इलेक्ट्रिक का दावा है कि E-27 ट्रैक्टर की ऑपरेटिंग कॉस्ट डीजल ट्रैक्टरों से 70% तक कम है। यह ट्रैक्टर पूरे लाइफसाइकिल में किसानों को लगभग 10 लाख रुपये तक की बचत करा सकता है। डीजल, इंजन ऑयल, फिल्टर, नियमित सर्विसिंग जैसे खर्च बेहद कम हो जाते हैं, जो इसे भविष्य का सबसे किफायती विकल्प बनाते हैं। इन सभी कारणों से किसानों में इस ट्रैक्टर को लेकर उत्सुकता साफ दिख रही है।

    मोंट्रा इलेक्ट्रिक, जो पहले से ही इलेक्ट्रिक तीन-पहिया वाहन, LCVs और अन्य ई-मोबिलिटी उत्पादों के क्षेत्र में मजबूत उपस्थिति रखता है, अब कृषि सेगमेंट में भी तेजी से विस्तार कर रहा है। कंपनी का कहना है कि E-27 के लॉन्च के साथ वे अगले चरण के लिए तैयार हैं। फिलहाल यह ट्रैक्टर 10 राज्यों में 17 डीलरशिप पर उपलब्ध है और आने वाले समय में कंपनी अपने नेटवर्क को तेजी से बढ़ाने की योजना बना रही है। मोंट्रा इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर्स के CEO हरीश प्रसाद ने कहा कि उत्तरी भारत में विस्तार कंपनी के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। उनका यह भी कहना है कि “हमारा लक्ष्य है कि हर किसान तक स्वच्छ और किफायती तकनीक पहुंचाई जाए, ताकि वे बेहतर उत्पादकता प्राप्त कर सकें।”

    जहां तक कीमत की बात है, कंपनी ने स्पष्ट किया है कि E-27 इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर की कीमत किसानों के बजट को ध्यान में रखकर तय की गई है, जिससे इसे अधिक से अधिक किसान आसानी से खरीद सकें। जैसे-जैसे कंपनी अधिक राज्यों में अपनी डीलरशिप और आफ्टर-सेल्स सेवा बढ़ाएगी, E-27 की पहुंच भी लगातार बढ़ती जाएगी।

    कृषि जगत में Montra E-27 का आगमन एक महत्वपूर्ण संकेत है—भारत की खेती अब इलेक्ट्रिक युग में तेजी से प्रवेश कर रही है। यह ट्रैक्टर सुरक्षा, तकनीक, पावर और किफायत का ऐसा सम्मिश्रण प्रस्तुत करता है, जो इसे आने वाले समय का सबसे उन्नत कृषि उपकरण बनाता है। ARAI सर्टिफिकेशन, आधुनिक फीचर्स, कम संचालन लागत और पर्यावरण-अनुकूलता इसे किसानों के लिए एक शानदार विकल्प बनाती है।

    ट्रैक्टर जंक्शन किसानों को ऐसे ही नए मॉडलों की अपडेट, कृषि तकनीक, इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर, कृषि उपकरण, और ट्रैक्टर कंपनियों की मासिक सेल्स रिपोर्ट लगातार उपलब्ध कराता है। अगर आप भी अपना नया ट्रैक्टर, पुराना ट्रैक्टर या कृषि उपकरण बेचना या खरीदना चाहते हैं, तो अपनी जानकारी ट्रैक्टर जंक्शन पर शेयर कर अधिकतम खरीदारों तक पहुंच सकते हैं।

  • Sonalika ने लॉन्च किया अपना पहला CNG-CBG ट्रैक्टर | कम खर्च, ज्यादा बचत

    Sonalika ने लॉन्च किया अपना पहला CNG-CBG ट्रैक्टर | कम खर्च, ज्यादा बचत

    Sonalika ने लॉन्च किया अपना पहला CNG-CBG ट्रैक्टर, किसानों के लिए सस्ती और पर्यावरण-हितैषी खेती का नया विकल्प

    Sonalika ने लॉन्च किया अपना पहला CNG-CBG ट्रैक्टर | कम खर्च, ज्यादा बचत


    Sonalika Tractors International ने Agro Vision Nagpur में अपना पहला CNG-CBG ट्रैक्टर पेश कर भारतीय कृषि क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव ला दिया है। बढ़ती ईंधन कीमतों और टिकाऊ कृषि समाधान की लगातार बढ़ती मांग के बीच कंपनी का यह कदम किसानों के लिए एक सस्ती, पर्यावरण-अनुकूल और भविष्य-सिद्ध तकनीक लेकर आया है। यह ट्रैक्टर न सिर्फ प्रदूषण कम करता है बल्कि खेती की लागत को भी उल्लेखनीय रूप से घटाता है।

    कंपनी द्वारा लॉन्च किया गया यह नया मॉडल 50 HP की मजबूत क्षमता के साथ आता है, जो पारंपरिक डीज़ल ट्रैक्टरों की तुलना में बेहतर परफॉर्मेंस और ज्यादा बचत प्रदान करता है। इसमें इस्तेमाल होने वाला CNG/CBG ईंधन करीब 95% मीथेन पर आधारित होता है, जिससे इंजन अधिक स्मूथ चलता है और उत्सर्जन स्तर काफी कम हो जाता है। खेती में बढ़ते ग्रीन एनर्जी उपयोग को देखते हुए यह ट्रैक्टर किसानों को आधुनिक और टिकाऊ विकल्प प्रदान करता है।

    Sonalika का यह CNG-CBG ट्रैक्टर किसानों के लिए कई मायनों में क्रांतिकारी है। सबसे बड़ा लाभ है कम ऑपरेशनल कॉस्ट, क्योंकि CNG और CBG दोनों ही डीज़ल की तुलना में काफी सस्ते विकल्प हैं। इसके अलावा इंजन में कम कार्बन जमा होता है, जिससे इसकी मेंटेनेंस लागत भी काफी कम रहती है। किसान जो अक्सर ईंधन खर्च के कारण चिंतित रहते हैं, उनके लिए यह ट्रैक्टर एक किफायती और दीर्घकालिक समाधान के रूप में सामने आया है।

    लॉन्च के मौके पर Sonalika ने बताया कि यह नया मॉडल न केवल किफायती है, बल्कि पर्यावरण की सुरक्षा और टिकाऊ कृषि के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है। भारत में तेजी से बढ़ रहे क्लीन फ्यूल के उपयोग को देखते हुए कंपनी का उद्देश्य किसानों को ऐसे ट्रैक्टर उपलब्ध कराना है जो उत्सर्जन में कमी (Low Emission) की दिशा में देश के प्रयासों को मजबूत करें। CNG-CBG ट्रैक्टर से कार्बन फुटप्रिंट काफी कम होता है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में प्रदूषण नियंत्रण में भी मदद मिलती है।

    Agro Vision Nagpur 2025 में इस ट्रैक्टर की मौजूदगी ने किसानों में खास उत्साह पैदा किया। कई किसानों ने इसे आधुनिक तकनीक और बचत का बेहतरीन संयोजन बताया। कंपनी का दावा है कि CNG-CBG ट्रैक्टर उन किसानों के लिए बेहद लाभकारी साबित होगा जो रोजाना खेती में अधिक घंटे मशीनरी का उपयोग करते हैं और ईंधन पर होने वाले खर्च को कम करना चाहते हैं।

    Sonalika हमेशा से भारतीय कृषि के आधुनिकीकरण में अग्रणी रही है, और यह नई पहल उसकी इनोवेशन-ड्रिवन एप्रोच को फिर से साबित करती है। कंपनी का यह कदम न सिर्फ किसानों के उत्पादन लागत को कम करेगा, बल्कि देश के ग्रीन फ्यूचर की दिशा में भी मजबूत योगदान देगा। आने वाले समय में CNG और CBG जैसे स्वच्छ ईंधन ग्रामीण भारत के लिए मुख्य ऊर्जा स्रोत बन सकते हैं, और इस दिशा में Sonalika का यह ट्रैक्टर एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है।

    भारत में बढ़ती पर्यावरणीय चुनौतियों और सतत कृषि की मांग के बीच Sonalika का यह CNG-CBG ट्रैक्टर किसानों को नई उम्मीद देता है। उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में ऐसे क्लीन एनर्जी ट्रैक्टर देश भर में किसानों के लिए पसंदीदा विकल्प बन जाएंगे और भारतीय कृषि को एक नई दिशा प्रदान करेंगे।

  • Mahindra ने लॉन्च किए CNG/CBG, Ethanol Flex Fuel और Electric Tractors

    Mahindra ने लॉन्च किए CNG/CBG, Ethanol Flex Fuel और Electric Tractors

    Mahindra ने किया भविष्य की खेती का प्रदर्शन: CNG/CBG, Ethanol Flex Fuel और Electric Tractors के साथ नई तकनीकें पेश

    Mahindra ने लॉन्च किए CNG/CBG, Ethanol Flex Fuel और Electric Tractors


    महिंद्रा एंड महिंद्रा ने आधुनिक और टिकाऊ खेती की दिशा में एक बड़ा कदम बढ़ाते हुए अपनी उन्नत ट्रैक्टर तकनीकों का भव्य प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शनी में CNG/CBG ट्रैक्टर, Ethanol Flex Fuel Tractor Engine, और Electric Tractor जैसी आधुनिक तकनीकें शामिल थीं, जो कृषि क्षेत्र में क्रांति लाने के लिए तैयार हैं। कंपनी का लक्ष्य है किसानों को कम लागत वाली, पर्यावरण-अनुकूल और उच्च प्रदर्शन देने वाली तकनीकों से सशक्त बनाना, ताकि खेती अधिक लाभदायक और टिकाऊ बन सके।

    महिंद्रा द्वारा प्रदर्शित इन तकनीकों का उद्देश्य बदलते कृषि परिदृश्य में किसानों की जरूरतों को समझते हुए उन्हें बेहतर विकल्प देना है। आज खेती में बढ़ती लागत, प्रदूषण बढ़ने की चुनौती और ऊर्जा की बढ़ती मांग को देखते हुए ग्रीन टेक्नोलॉजी, स्वच्छ ईंधन, और इलेक्ट्रिक समाधान अत्यधिक प्रासंगिक हो गए हैं। महिंद्रा ने इन्हीं जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अपनी नई श्रृंखला पेश की है।

    सबसे पहले बात करते हैं Mahindra CNG/CBG और Dual Fuel Tractors की। यह ट्रैक्टर उन किसानों के लिए खास तौर पर उपयोगी होंगे, जो ईंधन की बढ़ती कीमतों से परेशान हैं और कम लागत में अधिक कार्यक्षमता चाहते हैं। CNG और CBG जैसे स्वच्छ ईंधन न सिर्फ किफायती होते हैं, बल्कि प्रदूषण भी काफी कम करते हैं। महिंद्रा का दावा है कि उनका CNG/CBG ट्रैक्टर बेहतर माइलेज, कम ऑपरेटिंग कॉस्ट, और उच्च प्रदर्शन प्रदान करता है। CBG यानी बायोगैस का उपयोग इसे और अधिक टिकाऊ बनाता है, क्योंकि किसान अपने खेतों से उत्पन्न अपशिष्ट से ही CBG तैयार कर सकते हैं। इससे किसानों को ऊर्जा स्वतंत्रता मिलेगी और खेती और भी किफायती बन जाएगी। Dual Fuel सिस्टम की बदौलत यह ट्रैक्टर जरूरत पड़ने पर दो अलग-अलग ईंधन पर भी चलाया जा सकता है, जो किसानों को लचीलापन देता है।

    इसके बाद बात आती है कंपनी के Ethanol Flex Fuel Tractor Engine की, जो भविष्य की ग्रीन खेती के लिए एक और महत्वपूर्ण नवाचार है। पेट्रोल और एथेनॉल ब्लेंड पर चलने वाला यह इंजन न सिर्फ पर्यावरण अनुकूल है, बल्कि यह किसानों को बढ़ते पेट्रोल के दामों का बेहतर विकल्प भी देता है। एथेनॉल भारत में तेजी से बढ़ता स्वदेशी ईंधन है, जिसे गन्ना, मक्का और कई अन्य फसलों से तैयार किया जा सकता है। ऐसे में Ethanol Flex Fuel Technology किसानों को ऊर्जा स्वतंत्रता देती है और सरकार द्वारा एथेनॉल उत्पादन पर मिलने वाले प्रोत्साहन भी किसानों की आय बढ़ाने में मदद करेंगे। महिंद्रा का यह इंजन कम उत्सर्जन, बेहतर ईंधन दक्षता, और आसान रखरखाव जैसी खूबियों के साथ कृषि को अधिक पर्यावरण-अनुकूल और आर्थिक रूप से लाभदायक बनाने का लक्ष्य रखता है।

    महिंद्रा के प्रदर्शनी का मुख्य आकर्षण रहा Mahindra Electric Tractor, जो वास्तव में भविष्य की खेती का प्रतीक है। इलेक्ट्रिक ट्रैक्टरों की मांग आने वाले वर्षों में तेजी से बढ़ेगी, क्योंकि किसान अब ऑपरेटिंग लागत को कम करना चाहते हैं और टिकाऊ खेती की ओर बढ़ रहे हैं। महिंद्रा का इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर शून्य उत्सर्जन, कम मेंटेनेंस, कम ऑपरेटिंग कॉस्ट, और उच्च प्रारंभिक टॉर्क जैसी विशेषताओं से लैस है। कंपनी के अनुसार, यह ट्रैक्टर किसी भी प्रकार के पावर ड्रॉप के बिना सुचारू संचालन प्रदान करता है। इसकी बैटरी फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है और इसका एक्सटेंडेड रेंज किसानों को लंबे समय तक बिना बाधा काम करने में सक्षम बनाता है। इसके साथ ही, फ्लेक्सिबल चार्जिंग विकल्प इसे गांवों में भी उपयोगी बनाते हैं, क्योंकि किसान घर या खेत में ही इसे चार्ज कर सकते हैं। इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर किसानों के लिए न सिर्फ लागत बचत का साधन है, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण में भी एक बड़ा योगदान है। यह तकनीक आने वाले वर्षों में कृषि की पूरी तस्वीर बदल सकती है।

    इन्हीं उन्नत तकनीकों के साथ महिंद्रा और स्वरोज ब्रांड की पारंपरिक डीजल 2WD और 4WD ट्रैक्टरों की भी एक विस्तृत रेंज प्रदर्शनी में शामिल की गई। ये ट्रैक्टर अपनी मजबूती, विश्वसनीयता और ईंधन दक्षता के लिए जाने जाते हैं। देशभर में किसान दशकों से इन पर भरोसा करते आए हैं। महिंद्रा ने इस अवसर पर अपने आधुनिक कृषि उपकरणों (farm implements) की भी पूरी श्रृंखला प्रदर्शित की, जिसमें रोटावेटर, कल्टीवेटर, सीडर और अन्य उन्नत यंत्र शामिल हैं, जो किसानों को खेती के प्रत्येक चरण में मदद कर सकते हैं। इससे किसान अपनी उत्पादकता बढ़ा सकते हैं और खेती को और अधिक आधुनिक बना सकते हैं।

    पूरी प्रदर्शनी का उद्देश्य किसानों को यह दिखाना था कि सस्टेनेबल फार्मिंग, ग्रीन एनर्जी, और किफायती कृषि तकनीक आने वाले समय की जरूरत हैं। महिंद्रा अपने इन नए नवाचारों के माध्यम से किसानों को ऊर्जा स्वतंत्रता, लागत में कमी और बेहतर उत्पादकता प्रदान करने का लक्ष्य रखता है। CNG/CBG जैसे स्वच्छ ईंधन, एथेनॉल-आधारित इंजन और इलेक्ट्रिक तकनीक तीनों अलग-अलग जरूरतों को पूरा करते हैं—किफायत, पर्यावरण की सुरक्षा और आधुनिक सुविधा। महिंद्रा का यह कदम भारत में कृषि के भविष्य को और अधिक टिकाऊ, आधुनिक और लाभदायक बनाने की दिशा में एक मजबूत प्रयास माना जा रहा है।

    कंपनी का कहना है कि आने वाले वर्षों में ग्रीन टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रिक फार्मिंग, और रिन्यूएबल एनर्जी आधारित ट्रैक्टर किसानों की प्राथमिकता बनेंगे। ऐसे में महिंद्रा की यह उन्नत ट्रैक्टर रेंज कृषि जगत में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकती है। इसके साथ ही, डीजल ट्रैक्टरों और आधुनिक उपकरणों की विस्तृत श्रृंखला सुनिश्चित करती है कि किसान अपनी जरूरतों के अनुसार सही विकल्प चुन सकें। कुल मिलाकर, महिंद्रा की यह प्रदर्शनी भविष्य की खेती के लिए एक रोडमैप है, जो किसानों को अधिक सक्षम, कुशल और पर्यावरण-अनुकूल कृषि की दिशा में प्रेरित करती है।

  • Escorts Kubota ने लॉन्च किए नए Rice Transplanters | KA6-KA8 Features

    Escorts Kubota ने लॉन्च किए नए Rice Transplanters | KA6-KA8 Features

    एस्कॉर्ट्स कुबोटा ने लॉन्च किए थर्ड-जनरेशन राइड-ऑन राइस ट्रांसप्लांटर्स, धान रोपाई में आएगी नई रफ्तार

    Escorts Kubota ने लॉन्च किए नए Rice Transplanters | KA6-KA8 Features

    भारत में बढ़ती फार्म मेकेनाइजेशन की मांग और धान रोपाई में तेजी की जरूरत को देखते हुए Escorts Kubota Ltd ने अपने थर्ड-जनरेशन राइड-ऑन राइस ट्रांसप्लांटर्स भारतीय बाजार में उतार दिए हैं। कंपनी द्वारा लॉन्च किए गए दो नए मॉडल – KA6 और KA8 – जापानी तकनीक से इंजीनियर किए गए हैं और इन्हें विशेष रूप से भारत के गीले एवं चुनौतीपूर्ण धान खेतों के लिए डिजाइन किया गया है। इन उन्नत मशीनों की एंट्री से किसानों को तेज़, कम मेहनत वाली और अधिक सटीक Paddy Transplantation का समाधान मिलेगा।

    कंपनी ने बताया कि नए ट्रांसप्लांटर्स को शुरुआती तौर पर तमिलनाडु, पंजाब, ओडिशा, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, केरल और तेलंगाना जैसे प्रमुख धान उत्पादक राज्यों में उपलब्ध कराया जा रहा है। इन राज्यों में लगातार बढ़ रही मजदूरों की कमी और श्रम लागत के चलते किसान Rice Transplanter Machines की मांग तेज़ी से बढ़ा रहे हैं।

    Escorts Kubota का कहना है कि इसके नए राइड-ऑन ट्रांसप्लांटर्स को खासकर Deep & Wet Field Conditions के लिए विकसित किया गया है, जहां पारंपरिक मशीनें अक्सर कठिनाई का सामना करती हैं। इन मॉडलों का मुख्य फोकस बेहतर planting accuracy और अधिक उत्पादन क्षमता प्रदान करना है, जिससे प्रति एकड़ धान की पैदावार पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

    उन्नत फीचर्स जो इन्हें बनाते हैं खास

    KA6 और KA8 दोनों मॉडलों में Kubota के फ्यूल-इफिशिएंट इंजन लगे हैं, जहां KA6 में 21 HP और KA8 में 24 HP की पावर मिलती है। ये इंजन न केवल शक्ति देते हैं बल्कि ईंधन की बचत भी सुनिश्चित करते हैं, जो किसानों के लिए किफायती Paddy Mechanisation का शानदार विकल्प है।

    इन मशीनों में दिया गया Smart Turning System खेतों में आसानी से मोड़ लेने में मदद करता है, जिससे कीचड़ और पानी भरे मैदानों में भी मशीनें फंसती नहीं हैं। साथ ही Automatic Lift Function और Redesigned Planting Claws पौधे लगाने की प्रक्रिया को अधिक सटीक बनाते हैं, जिससे missed planting की समस्या लगभग खत्म हो जाती है।

    किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मशीनों में Wider Platform और Ergonomic Controls दिए गए हैं। यह लंबे समय तक लगातार काम करने वाले ऑपरेटर्स के लिए खास तौर पर लाभदायक है, क्योंकि इससे थकान काफी कम होती है। लंबे समय तक चलने वाले रोपाई कार्य में यह फीचर्स किसानों की उत्पादकता बढ़ाते हैं।


    कंपनी की रणनीति और किसान हित

    Escorts Kubota Ltd के CFO और Wholetime Director भरत मदान के अनुसार, यह लॉन्च कंपनी की भारत में तेज़ी से बढ़ रही फार्म मैकेनाइजेशन की रणनीति को और मजबूत करता है। भारत में आधुनिक कृषि मशीनरी की मांग बढ़ रही है और किसानों को ऐसी मशीनों की जरूरत है जो कम खर्च में ज्यादा उत्पादन दे सकें।

    कंपनी के Agri Solutions Division के चीफ ऑफिसर रंजन चुघ ने बताया कि ये नए मॉडल आज के किसानों की प्रमुख समस्याओं – जैसे labour shortage, challenging field conditions और पैदावार बढ़ाने की आवश्यकता – को ध्यान में रखकर विकसित किए गए हैं। उनका मानना है कि आने वाले समय में ये उन्नत ट्रांसप्लांटर्स धान रोपाई का नया मानक बन सकते हैं।


    मार्केट का रेस्पॉन्स

    नए मॉडलों के लॉन्च से पहले ही बाज़ार ने सकारात्मक संकेत दिए। Escorts Kubota के शेयर BSE पर ₹3,622.60 पर बंद हुए, जो निवेशकों के भरोसे और कंपनी की नई रेंज पर उम्मीदों को दर्शाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, Agri Machinery Sector में यह लॉन्च कंपनी की स्थिति को और मजबूत करेगा।

    नई राइड-ऑन राइस ट्रांसप्लांटर रेंज के साथ Escorts Kubota भारत में आधुनिक खेती के लिए एक और बड़ा कदम बढ़ा रहा है। KA6 और KA8 न केवल किसानों की मेहनत और समय बचाएंगे, बल्कि तेज़, सटीक और उच्च-उत्पादक धान रोपाई को बढ़ावा देंगे। आने वाले खरीफ सीज़न में इन मशीनों की मांग और तेजी से बढ़ने की संभावना है, जिससे किसानों के लिए यह एक गेम-चेंजर साबित हो सकता है।

  • ITL ने Agritechnica 2025 में लॉन्च की नई Solis Tractor Range | Stage V Models

    ITL ने Agritechnica 2025 में लॉन्च की नई Solis Tractor Range | Stage V Models

     ITL ने Agritechnica 2025 में पेश की नई हाई-टेक ट्रैक्टर रेंज, यूरोपीय बाजार के लिए तैयार उन्नत तकनीक वाले मॉडल

    ITL ने Agritechnica 2025 में लॉन्च की नई Solis Tractor Range | Stage V Models



    जर्मनी के हनोवर में आयोजित Agritechnica 2025 में International Tractors Limited (ITL) ने अपनी नई और उन्नत ट्रैक्टर रेंज पेश कर वैश्विक कृषि जगत का ध्यान आकर्षित किया। भारत का अग्रणी ट्रैक्टर निर्यात ब्रांड ITL लगातार आधुनिक खेती के लिए हाई-परफॉर्मेंस मशीनरी विकसित कर रहा है, और इस बार कंपनी ने अपने Solis ब्रांड के तहत कई नए मॉडल लॉन्च किए हैं। ये सभी ट्रैक्टर यूरोपीय मानकों के अनुसार Stage V Emission Technology से लैस हैं, जो इन्हें ज्यादा पर्यावरण-अनुकूल और बेहतर परफॉर्मेंस देने वाला बनाता है।

    इस प्रदर्शनी में ITL ने खास तौर पर दो नए फ्लैगशिप मॉडल पेश किए—Solis S40 Shuttle XL और Solis EXTRA Series। दोनों ही सीरीज आधुनिक कृषि और लैंडस्केपिंग जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकसित की गई हैं और किसानों को अधिक शक्ति, आराम और दक्षता प्रदान करती हैं।

    सबसे पहले बात करें Solis S40 Shuttle XL की। 40 HP कैटेगरी में आने वाला यह मॉडल 3-सिलेंडर Stage V Yanmar इंजन से लैस है, जो इसे बेहद मजबूत और ईंधन कुशल बनाता है। इसमें 8F+8R Synchromesh Transmission का उपयोग किया गया है, जो स्मूद गियर शिफ्टिंग और बेहतर नियंत्रण प्रदान करता है। ट्रैक्टर में 1000 किलोग्राम की हाइड्रोलिक लिफ्टिंग क्षमता दी गई है, जिससे यह खेती से लेकर भारी खेत कार्यों तक हर जरूरत को आसानी से संभाल सकता है।
    कंपनी ने इसमें S-Command Center जैसा आधुनिक और एर्गोनोमिक डिजाइन जोड़ा है, जो ऑपरेटर को लंबे समय तक काम करने के दौरान भी आराम प्रदान करता है। यह ट्रैक्टर खेती, बागवानी, लैंडस्केपिंग और छोटी मशीनरी ऑपरेशन जैसे कई उपयोगों के लिए उपयुक्त है।

    अब बात करते हैं कंपनी की दूसरी मुख्य लॉन्च—Solis EXTRA Series की। यह सीरीज up to 26 HP कैटेगरी में आती है और छोटे तथा मझोले किसानों के लिए एक बेहतरीन समाधान है। इस सीरीज में दो प्रमुख मॉडल शामिल हैं—Solis 26 HST और Solis 26 (9+9) Variant

    इन ट्रैक्टरों में 775 किलोग्राम की हाइड्रोलिक लिफ्टिंग क्षमता तथा 640 किलोग्राम की लोडर कैपेसिटी दी गई है, जिससे ये विभिन्न कृषि कार्यों, बागवानी व लघु खेती के लिए बेहद उपयुक्त हैं। भारी-भरकम axle system और मजबूत बॉडी इन्हें लंबी अवधि तक टिकाऊ बनाती है।
    इसके साथ ही इस सीरीज में Auto Throttle, एडजस्टेबल सीटिंग, Bluetooth और USB Type-C जैसी आधुनिक कनेक्टिविटी सुविधाएँ जोड़कर ITL ने इसे भविष्य-उन्मुख बना दिया है। कंपनी इन ट्रैक्टरों पर 5 साल की वारंटी दे रही है, जो किसानों को भरोसेमंद उपयोग का वादा करती है।

    ITL ने Agritechnica 2025 में Solis S26+, Solis 26 HST Black Edition, Solis C48, Solis 90 NT Stage V, Solis S90 Shuttle XL और Electric Mowers भी प्रदर्शित किए। यह सभी मॉडल ITL की उच्च निर्माण क्षमता को दर्शाते हैं।
    कंपनी का हoshiarpur प्लांट दुनिया के सबसे बड़े ट्रैक्टर निर्माण संयंत्रों में से एक है, जहाँ हर दो मिनट में एक ट्रैक्टर तैयार होता है।

    ITL के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. दीपक मित्तल ने इस अवसर पर कहा कि कंपनी का लक्ष्य वैश्विक कृषि क्षेत्र के लिए नई तकनीकें, उत्कृष्ट उत्पादकता और आरामदायक मशीनरी उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि ITL विश्वभर के किसानों को टिकाऊ और प्रदर्शन-केंद्रित समाधान उपलब्ध कराने के लिए निरंतर काम कर रहा है।
    वहीं, ITL के इंटरनेशनल बिज़नेस के डायरेक्टर एवं CEO गौरव सक्सेना ने कहा कि कंपनी यूरोपीय बाजार की जरूरतों के अनुरूप तकनीक विकसित कर रही है। उन्होंने बताया कि Stage V emission norms को पूरा करने वाले ये मॉडल न सिर्फ पर्यावरण को कम नुकसान पहुंचाते हैं बल्कि खेत में बेहतर दक्षता भी प्रदान करते हैं।

    सभी ट्रैक्टरों में उन्नत हाइड्रोलिक सिस्टम, आधुनिक डिज़ाइन और ऑपरेटर कम्फर्ट को प्राथमिकता दी गई है। आज के दौर में जब किसान उच्च दक्षता, ईंधन बचत, और सस्टेनेबल फार्मिंग की ओर बढ़ रहे हैं, ऐसे में ITL की यह नई रेंज बड़ी भूमिका निभाने के लिए तैयार है।
    मजबूत Solis Technology, दमदार इंजन, आधुनिक फीचर्स और टिकाऊ निर्माण—ये सभी तत्व मिलकर ITL को वैश्विक कृषि उद्योग में और अधिक मजबूत स्थान प्रदान करेंगे।

    Agritechnica 2025 में ITL ने यह साफ कर दिया कि भविष्य की खेती स्मार्ट, कम्पैक्ट, और हाई-टेक मशीनरी पर आधारित होगी। कंपनी के नए ट्रैक्टर किसानों को कम मेहनत में ज़्यादा उपज देने में मदद करेंगे और वैश्विक बाजार में भारत की तकनीकी क्षमता को और मजबूती देंगे।

  • Sonalika ने बनाया Guinness World Record: 350 ट्रैक्टर की सबसे बड़ी डिलीवरी

    Sonalika ने बनाया Guinness World Record: 350 ट्रैक्टर की सबसे बड़ी डिलीवरी

     Sonalika ने रचा इतिहास: बांग्लादेश में एक ही दिन में 350 ट्रैक्टर डिलीवरी का ‘गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड’ दर्ज

    Sonalika ने बनाया Guinness World Record: 350 ट्रैक्टर की सबसे बड़ी डिलीवरी


    भारत की अग्रणी ट्रैक्टर निर्यात ब्रांड Sonalika Tractors ने वैश्विक मंच पर एक बार फिर अपना दबदबा साबित कर दिया है। कंपनी के बांग्लादेश डिस्ट्रीब्यूटर ACI Motors Ltd ने एक ही दिन में 350 ट्रैक्टरों की रिकॉर्ड डिलीवरी कर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। यह ऐतिहासिक उपलब्धि बांग्लादेश के दिनाजपुर में आयोजित एक भव्य समारोह में दर्ज की गई, जहाँ सिर्फ 4 घंटे के भीतर ट्रैक्टरों की सबसे बड़ी डिलीवरी की गई। कार्यक्रम का थीम था — “Sonalikar Bisshojoy”, जो प्रगति, उत्पादकता और साझेदारी के जश्न का प्रतीक बना।

    यह उपलब्धि न सिर्फ बांग्लादेश के कृषि क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है बल्कि यह इस बात का प्रमाण भी है कि भारतीय विशेषज्ञता और नवाचार दुनिया भर में किसानों की जरूरतों को नई दिशा दे रहे हैं। Sonalika ने अपने दमदार, टिकाऊ और किसानों की जरूरतों के अनुरूप तैयार किए गए ट्रैक्टरों से पिछले कई वर्षों में बांग्लादेश में एक भरोसेमंद और शीर्ष ब्रांड के रूप में पहचान बनाई है।

    International Tractors Limited के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. दीपक मित्तल ने इस रिकॉर्ड को कंपनी के लिए गर्व का क्षण बताते हुए कहा कि हर Sonalika ट्रैक्टर भारत की इंजीनियरिंग क्षमता और ‘किसान-प्रथम’ सोच की पहचान है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि उन सभी किसानों और साझेदारों को समर्पित है, जिन्होंने Sonalika पर अपना भरोसा जताया है। उनके मुताबिक, यह रिकॉर्ड कंपनी की उस प्रतिबद्धता को मजबूत करता है, जिसके तहत वह दुनिया भर के किसानों को अत्याधुनिक तकनीक और विश्वसनीय मशीनरी उपलब्ध कराने के लक्ष्य पर काम कर रही है।

    वहीं, अंतरराष्ट्रीय कारोबार के डायरेक्टर और सीईओ गौरव सक्सेना ने कहा कि यह रिकॉर्ड इस बात का प्रमाण है कि विश्वास, ग्राहक-केंद्रितता और उद्देश्य जब एक साथ आते हैं, तो असाधारण परिणाम सामने आते हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि Sonalika का उद्देश्य सिर्फ कारोबार करना नहीं, बल्कि दुनिया भर के किसानों के जीवन को बदलना है। भारतीय नवाचार और मजबूत इंजीनियरिंग के दम पर कंपनी ने अपनी पहचान भारत से लेकर वैश्विक कृषि बाजार में उत्तम दर्जे की बनाई है।

    पिछले 18 वर्षों से ACI Motors Ltd और Sonalika के बीच सहयोग लगातार मजबूत होता गया है। इस साझेदारी ने बांग्लादेश के ट्रैक्टर उद्योग को नई दिशा दी है। आज Sonalika Tractors बांग्लादेश में 50% से अधिक मार्केट शेयर के साथ पिछले 5 वर्षों से नंबर 1 ट्रैक्टर ब्रांड के रूप में अपनी पकड़ बनाए हुए है। कंपनी वहां 30–75 HP के हेवी-ड्यूटी ट्रैक्टर उपलब्ध कराती है, जिन्हें विशेष रूप से बांग्लादेश की मिट्टी, फसलों और खेती के तरीकों के अनुसार डिजाइन किया गया है।

    हर Sonalika ट्रैक्टर भारत के पंजाब स्थित होशियारपुर में बने दुनिया के सबसे बड़े इंटीग्रेटेड ट्रैक्टर मैन्युफैक्चरिंग प्लांट से तैयार होता है। यह अत्याधुनिक प्लांट हर दो मिनट में एक नया ट्रैक्टर तैयार करने की क्षमता रखता है, जहाँ उच्चतम गुणवत्ता मानकों का पालन किया जाता है। यह उत्पादन क्षमता Sonalika को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे लेकर जाती है और दुनिया भर के किसानों को भरोसेमंद मशीनें उपलब्ध कराती है।

    Sonalika ने एक बार फिर साबित किया है कि भारतीय कृषि मशीनरी उद्योग वैश्विक मंच पर कितना मजबूत, सक्षम और प्रभावशाली है। यह रिकॉर्ड न सिर्फ कंपनी की सफलता का प्रमाण है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि भारत की टेक्नोलॉजी, गुणवत्ता और नवाचार अब वैश्विक कृषि विकास की दिशा तय कर रहे हैं

    बांग्लादेश में एक ही दिन में 350 ट्रैक्टरों की रिकॉर्ड डिलीवरी ने Sonalika के लिए नया मील का पत्थर स्थापित किया है। यह उपलब्धि आने वाले समय में कृषि क्षेत्र में बदलाव, प्रगति और किसानों की उन्नति के नए रास्ते खोलेगी। Sonalika की यह कामयाबी निश्चित तौर पर भारत की प्रतिष्ठा को वैश्विक स्तर पर और मजबूत करती है तथा यह संदेश देती है कि “भारतीय नवाचार कृषि की दुनिया में नेतृत्व कर सकता है और कर रहा है।”

  • नोएडा एयरपोर्ट के पास न्यू हॉलैंड लगाएगा ₹5000 करोड़ का ट्रैक्टर प्लांट

    नोएडा एयरपोर्ट के पास न्यू हॉलैंड लगाएगा ₹5000 करोड़ का ट्रैक्टर प्लांट

    नोएडा एयरपोर्ट के पास न्यू हॉलैंड लगाएगी ₹5,000 करोड़ का ट्रैक्टर प्लांट, YEIDA ने 100 एकड़ भूमि आवंटन की दी मंजूरी


    ग्रेटर नोएडा: यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने वैश्विक ट्रैक्टर निर्माता कंपनी New Holland Agriculture को बड़ा औद्योगिक अवसर प्रदान करते हुए 100 एकड़ भूमि आवंटित करने की तैयारी पूरी कर ली है। यह नया मैन्युफैक्चरिंग प्लांट ग्रेटर नोएडा के सेक्टर 8D में, आगामी नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास स्थापित किया जाएगा। कंपनी इस परियोजना में करीब ₹5,000 करोड़ का निवेश करेगी और यहां ट्रैक्टर इंजन व अन्य कृषि उपकरणों का निर्माण किया जाएगा।

    YEIDA के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आर. के. सिंह ने बताया कि प्राधिकरण ने कंपनी को Letter of Intent (LoI) जारी कर दिया है। उन्होंने कहा, “कई देशी-विदेशी कंपनियां नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के आसपास निवेश करने में गहरी रुचि दिखा रही हैं। न्यू हॉलैंड ने सोमवार को 100 एकड़ भूमि का प्रस्ताव सौंपा है, जिसमें लगभग ₹5,000 करोड़ का निवेश करने की योजना है। इस प्रोजेक्ट से हजारों स्थानीय युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर मिलेंगे।”

    प्राधिकरण ने यह प्रस्ताव Invest UP, जो उत्तर प्रदेश सरकार की निवेश प्रोत्साहन एजेंसी है, को अंतिम मंजूरी के लिए भेज दिया है। राज्य सरकार से मंजूरी मिलते ही भूमि आवंटन की औपचारिक प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।

    कृषि उपकरणों के क्षेत्र में न्यू हॉलैंड का नाम विश्वस्तरीय ब्रांडों में गिना जाता है। कंपनी पहले से ही ग्रेटर नोएडा में एक अत्याधुनिक ट्रैक्टर निर्माण संयंत्र संचालित कर रही है, जहां से देश और विदेशों के लिए ट्रैक्टर निर्यात किए जाते हैं। नया संयंत्र कंपनी की भारत में मौजूदगी को और मजबूत करेगा तथा देश के तेजी से बढ़ते कृषि मशीनरी बाजार में उसकी हिस्सेदारी को बढ़ाने में मदद करेगा।

    विशेषज्ञों का कहना है कि इस परियोजना से न केवल औद्योगिक गतिविधियों में वृद्धि होगी, बल्कि आसपास के इलाकों — जैसे जेवर, बुलंदशहर और दादरी — में भी आर्थिक विकास की नई लहर देखने को मिलेगी। आगामी नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के नजदीक यह प्लांट स्थापित होने के कारण लॉजिस्टिक लागत में भी भारी कमी आएगी, जिससे निर्यात और उत्पादन दोनों में तेजी आएगी।

    उत्तर प्रदेश सरकार की औद्योगिक नीति 2025 के तहत YEIDA क्षेत्र को एक बड़ा इंडस्ट्रियल और लॉजिस्टिक हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। पिछले कुछ महीनों में कई ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और नवीकरणीय ऊर्जा कंपनियों ने यहां निवेश में रुचि दिखाई है। अब न्यू हॉलैंड का निवेश इस क्षेत्र को ‘मैन्युफैक्चरिंग पॉवरहाउस’ बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम माना जा रहा है।

    प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि इस परियोजना से प्रत्यक्ष रूप से करीब 10,000 रोजगार के अवसर सृजित होंगे, जबकि अप्रत्यक्ष रूप से इससे जुड़े सहायक उद्योगों में भी हजारों लोगों को काम मिलेगा।

    कुल मिलाकर, YEIDA का यह कदम न केवल क्षेत्रीय विकास को नई दिशा देगा, बल्कि उत्तर प्रदेश को भारत के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में से एक बनाने की राज्य सरकार की दृष्टि को साकार करने में भी मदद करेगा।

  • भारत का पहला 106 HP TREM-IV ट्रैक्टर | WORKMASTER™ 105 HVAC कीमत, फीचर्स और पावर

    भारत का पहला 106 HP TREM-IV ट्रैक्टर | WORKMASTER™ 105 HVAC कीमत, फीचर्स और पावर

     WORKMASTER™ 105 with HVAC – भारत का पहला 100+ हॉर्सपावर TREM-IV उत्सर्जन मानक वाला ट्रैक्टर, अब किसानों की हर ज़रूरत के लिए तैयार

    भारत का पहला 106 HP TREM-IV ट्रैक्टर | WORKMASTER™ 105 HVAC कीमत, फीचर्स और पावर



     भारत के कृषि क्षेत्र में तकनीकी नवाचार और शक्ति का एक नया अध्याय शुरू हो गया है। WORKMASTER™ 105 with HVAC ट्रैक्टर, जो भारत का पहला 100+ हॉर्सपावर वाला TREM-IV उत्सर्जन मानक पूरा करने वाला ट्रैक्टर है, अब देश के किसानों के लिए उपलब्ध है। यह ट्रैक्टर न केवल ताकत और दक्षता का प्रतीक है, बल्कि आराम, सुरक्षा और आधुनिक तकनीक का बेहतरीन मेल भी प्रस्तुत करता है। यह गर्व से भारत में निर्मित है और विश्व स्तर पर 15,000 से अधिक किसानों द्वारा भरोसेमंद साबित हुआ है।


    शक्ति और दक्षता का नया युग – F5C Bharat TREM Stage-IV इंजन

    WORKMASTER™ 105 with HVAC को शक्ति प्रदान करता है F5C Bharat TREM Stage-IV इंजन, जो 4-सिलेंडर, 16-वाल्व HPCR (High Pressure Common Rail) तकनीक पर आधारित है। 3.4 लीटर (3387 CC) क्षमता वाले इस इंजन में 99mm x 110mm बोर-स्ट्रोक के साथ 79 kW (106 HP) @2300 ERPM की दमदार पावर मिलती है। यह इंजन ECOBlue™ HI-eSCR तकनीक से लैस है, जो अधिक शक्ति के साथ कम ईंधन खपत और न्यूनतम उत्सर्जन सुनिश्चित करती है।
    यह ट्रैक्टर कृषि क्षेत्र में पर्यावरण के अनुकूल नवाचार का उदाहरण है और दीर्घकालिक उपयोग के लिए टिकाऊ प्रदर्शन प्रदान करता है।

    उच्च उत्पादकता वाली Power Shuttle Transmission

    इस ट्रैक्टर में 20F + 20R फुली सिंक्रोमेश गियरबॉक्स दिया गया है, जो 20 फॉरवर्ड और 20 रिवर्स गियर्स के साथ आता है। इसमें Creeper Gear की सुविधा भी है, जिससे बेहद धीमी गति (0.29 किमी/घंटा तक) पर भी ट्रैक्टर सुचारू रूप से चलता है।

    Multi Disk Wet Type Power Shuttle Clutch के साथ यह ट्रैक्टर लगातार काम के दौरान गियर शिफ्टिंग को बेहद आसान और स्मूद बनाता है। खेतों में लंबे समय तक काम करने वाले किसानों के लिए यह एक बड़ा राहत भरा फीचर है।

    PTO – भरोसेमंद पावर टेक ऑफ सिस्टम

    WORKMASTER™ 105 with HVAC में Electro Hydraulic Multi Disk Wet Type PTO दी गई है, जो स्वतंत्र रूप से संचालित होती है और लंबे समय तक टिकाऊ प्रदर्शन देती है।
    इसमें 540 @ 1876 ERPM (स्टैंडर्ड) और 1000 @ 2125 ERPM PTO स्पीड विकल्प उपलब्ध हैं, जिससे किसान विभिन्न कृषि उपकरणों जैसे रोटावेटर, बेलर, पावर हैरो या स्प्रेयर को सहजता से चला सकते हैं। यह बहुउपयोगी डिजाइन इसे हर तरह की कृषि ज़रूरत के लिए उपयुक्त बनाता है।

    मजबूत हाइड्रोलिक्स – 3500 किलोग्राम तक की लिफ्टिंग क्षमता

    ट्रैक्टर में लगी ड्यूल असिस्ट रैम हाइड्रोलिक प्रणाली इसे 3500 किलोग्राम तक का भार उठाने की क्षमता देती है। इसमें Lift-O-Matic फीचर भी है, जिससे भारी औज़ारों को उठाना और नीचे करना आसान हो जाता है।

    स्टैंडर्ड ड्राफ्ट कंट्रोल, टेलिस्कोपिक स्टेबलाइज़र और फ्लेक्सिबल लिंक एंड्स के साथ यह ट्रैक्टर बड़ी इम्प्लीमेंट्स को भी आसानी से हैंडल कर सकता है।

    टिकाऊ और भरोसेमंद रियर एक्सल व ब्रेकिंग सिस्टम

    WORKMASTER™ 105 with HVAC में Heavy-Duty Planetary Reduction Rear Axle दिया गया है, जो कठिन परिस्थितियों में भी उत्कृष्ट ट्रैक्शन और स्थिरता प्रदान करता है।
    इसके साथ ही Hydraulically Actuated Rear Oil Immersed Multi Disk Brakes इसे सुरक्षित और नियंत्रित ब्रेकिंग क्षमता देते हैं, जिससे ढलान या भारी ट्रॉली खींचते समय भी भरोसेमंद नियंत्रण बना रहता है।

    पावर स्टीयरिंग और बड़े टायर – नियंत्रण और संतुलन का मेल

    ट्रैक्टर में Power Steering दी गई है, जो लंबे समय तक काम करते समय थकान को कम करती है। इसके फ्रंट टायर 12.4×24 इंच और रियर टायर 18.4×30 इंच हैं, जो उत्कृष्ट ग्रिप और संतुलन प्रदान करते हैं। चाहे खेत की कीचड़ भरी जमीन हो या असमान सतह, यह ट्रैक्टर हमेशा स्थिर और शक्तिशाली बना रहता है।


    आधुनिक इलेक्ट्रिकल सिस्टम और बड़ा फ्यूल टैंक

    WORKMASTER™ 105 with HVAC में 165 Ah बैटरी और 120 Amp Alternator दिया गया है, जो निरंतर बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित करता है।
    इसका 90 लीटर का फ्यूल टैंक लंबी दूरी या पूरे दिन के कृषि कार्यों के लिए पर्याप्त है, जिससे किसानों को बार-बार ईंधन भरने की चिंता नहीं करनी पड़ती।

    आकार और स्थायित्व – दमदार डिजाइन

    ट्रैक्टर का कुल लंबाई 4125 मिमी, चौड़ाई 2180 मिमी, और ऊंचाई 2690 मिमी है। 2130 मिमी का व्हीलबेस और 410 मिमी का ग्राउंड क्लीयरेंस इसे स्थिर और संतुलित बनाते हैं। इसका वज़न 3870 किलोग्राम है, जो कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी मजबूत पकड़ बनाए रखता है।


    ऑपरेटर कम्फर्ट – ऑल-सीजन HVAC केबिन

    WORKMASTER™ 105 with HVAC की सबसे बड़ी खासियत है इसका ऑल-सीजन HVAC (Heating, Ventilation & Air Conditioning) केबिन, जो भारत के बदलते मौसम के अनुसार किसानों को हर मौसम में आरामदायक माहौल प्रदान करता है।
    चार-पोस्ट कैबिन डिजाइन हवा, धूल और बारिश से सुरक्षा देता है। इसमें क्लॉथ हाई-बैक एयर सस्पेंशन सीट, कंपेनियन सीट, और अतिरिक्त स्टोरेज स्पेस जैसी सुविधाएँ दी गई हैं।
    फ्लैट डेक और वाइड-एंट्री डिजाइन से ट्रैक्टर में चढ़ना और उतरना बेहद आसान है। इसके अलावा, केबिन में यूएसबी पोर्ट, मोबाइल स्लॉट, और कप होल्डर जैसी आधुनिक सुविधाएँ भी हैं — जिससे किसान लंबे समय तक काम करते हुए भी कनेक्टेड और ताज़गी से भरे रह सकें।


    निष्कर्ष

    WORKMASTER™ 105 with HVAC सिर्फ एक ट्रैक्टर नहीं, बल्कि आधुनिक भारतीय किसान के लिए एक पूर्ण कृषि समाधान है। अपनी 106 हॉर्सपावर की ताकत, उन्नत इंजन तकनीक, TREM-IV उत्सर्जन अनुपालन, और सभी मौसमों के लिए आरामदायक HVAC केबिन के साथ यह ट्रैक्टर किसानों की कार्यक्षमता, आराम और लाभप्रदता को नई ऊँचाइयों पर ले जाने के लिए तैयार है।

    यह ट्रैक्टर सच में है – “MASTER OF ALL FIELDS”।