Category: Tractor News

  • महिंद्रा ट्रैक्टर बिक्री में रिकॉर्ड उछाल, जनवरी 2026 में 47% ग्रोथ, निर्यात 72% बढ़ा

    महिंद्रा ट्रैक्टर बिक्री में रिकॉर्ड उछाल, जनवरी 2026 में 47% ग्रोथ, निर्यात 72% बढ़ा

    महिंद्रा ट्रैक्टर की बिक्री में जबरदस्त उछाल, जनवरी 2026 में 47% ग्रोथ, निर्यात 72% बढ़ा


    देश की अग्रणी ट्रैक्टर निर्माता कंपनी महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड के फार्म इक्विपमेंट बिजनेस (FEB) ने जनवरी 2026 के लिए अपने ट्रैक्टर बिक्री आंकड़े जारी कर दिए हैं। इन आंकड़ों के अनुसार, कंपनी ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाजारों में शानदार प्रदर्शन किया है। जनवरी 2026 में महिंद्रा ने कुल 40,643 ट्रैक्टरों की बिक्री की, जो पिछले वर्ष जनवरी 2025 की तुलना में 47 प्रतिशत अधिक है।

    यह मजबूत ग्रोथ किसानों की बढ़ती मांग, बेहतर कृषि परिस्थितियों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सुधार को दर्शाती है।


    घरेलू बाजार में मजबूत पकड़, 38,484 ट्रैक्टरों की बिक्री

    जनवरी 2026 के दौरान महिंद्रा ट्रैक्टर की घरेलू बिक्री में भी उल्लेखनीय तेजी देखने को मिली। कंपनी ने इस महीने भारतीय बाजार में 38,484 ट्रैक्टर बेचे, जबकि जनवरी 2025 में यह आंकड़ा 26,305 यूनिट था।

    इस तरह घरेलू ट्रैक्टर बिक्री में 46 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
    विशेषज्ञों के अनुसार, अच्छे जलाशय स्तर, मजबूत रबी फसल की बुवाई, और ग्रामीण इलाकों में बढ़ता निवेश इस मांग के प्रमुख कारण रहे।


    निर्यात में रिकॉर्ड ग्रोथ, 72% की छलांग

    महिंद्रा ने सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी अपना दबदबा मजबूत किया है।

    जनवरी 2026 में कंपनी ने 2,159 ट्रैक्टरों का निर्यात किया, जबकि पिछले साल इसी महीने यह आंकड़ा 1,252 यूनिट था।

    इस प्रकार ट्रैक्टर निर्यात में 72 प्रतिशत की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो वैश्विक स्तर पर महिंद्रा ब्रांड की मजबूत स्वीकार्यता को दर्शाती है।

    यह ग्रोथ विशेष रूप से अफ्रीका, एशिया और लैटिन अमेरिकी बाजारों में बढ़ती मांग के कारण संभव हुई है।


    जनवरी 2026: घरेलू और निर्यात बिक्री का पूरा आंकड़ा

    • घरेलू बिक्री: 38,484 यूनिट
    • निर्यात: 2,159 यूनिट
    • कुल बिक्री: 40,643 यूनिट
    • कुल वृद्धि: 47%

    YTD ट्रैक्टर बिक्री: अप्रैल 2025 से जनवरी 2026 तक 23% की बढ़ोतरी

    महिंद्रा ट्रैक्टर का प्रदर्शन सिर्फ एक महीने तक सीमित नहीं रहा।

    अप्रैल 2025 से जनवरी 2026 (YTD) की अवधि में कंपनी ने कुल 4,47,235 ट्रैक्टर बेचे, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह आंकड़ा 3,64,180 यूनिट था।

    इस तरह साल-दर-साल आधार पर 23 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।


    घरेलू YTD बिक्री ने बनाया मजबूत आधार

    इस अवधि में घरेलू बाजार ने महिंद्रा की कुल बिक्री में सबसे बड़ा योगदान दिया।

    • घरेलू YTD बिक्री: 4,30,374 यूनिट
    • पिछला वर्ष: 3,50,632 यूनिट
    • वृद्धि: 23%

    ग्रामीण आय में सुधार, सरकारी योजनाएं और फार्म मशीनीकरण की बढ़ती जरूरत घरेलू बिक्री को मजबूती दे रही हैं।


    निर्यात YTD बिक्री में भी स्थिर बढ़त

    महिंद्रा की YTD निर्यात बिक्री भी सकारात्मक रही।

    • निर्यात (अप्रैल 25 – जनवरी 26): 16,861 यूनिट
    • पिछला वर्ष: 13,548 यूनिट
    • वृद्धि: 24%

    यह दर्शाता है कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी महिंद्रा ट्रैक्टर की मांग लगातार बढ़ रही है।


    कंपनी का बयान: आगे भी मजबूत रहने की उम्मीद

    महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड के फार्म इक्विपमेंट बिजनेस के प्रेसिडेंट विजय नाकरा ने बिक्री प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि, जनवरी 2026 में घरेलू बाजार में 38,484 ट्रैक्टरों की बिक्री पिछले वर्ष की तुलना में 46% अधिक है। अच्छे जलाशय स्तरों ने मजबूत रबी बुवाई को समर्थन दिया है। आने वाले महीनों में सरकारी सहयोग और ग्रामीण खर्च में बढ़ोतरी से कृषि और फार्म मशीनीकरण को और बढ़ावा मिलेगा। निर्यात बाजार में भी हमने 72% की मजबूत वृद्धि दर्ज की है।”

    कुल मिलाकर, महिंद्रा ट्रैक्टर की जनवरी 2026 की बिक्री रिपोर्ट यह साफ संकेत देती है कि कंपनी घरेलू और वैश्विक दोनों बाजारों में लगातार मजबूत हो रही है।
    खेती-किसानी के लिए अनुकूल माहौल, बेहतर मानसून प्रभाव, और सरकारी नीतियों से आने वाले समय में भी महिंद्रा ट्रैक्टर बिक्री के मजबूत बने रहने की उम्मीद है।

  • Eicher 450 Tractor Launch: 44 HP इंजन, नए फीचर्स और दो लुक में उपलब्ध

    Eicher 450 Tractor Launch: 44 HP इंजन, नए फीचर्स और दो लुक में उपलब्ध

    41–45 HP सेगमेंट में Eicher 450 ट्रैक्टर लॉन्च, किसानों को मिला नया भरोसेमंद विकल्प

    Eicher 450 Tractor Launch: 44 HP इंजन, नए फीचर्स और दो लुक में उपलब्ध


    भारतीय किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आयशर ने Eicher 450 ट्रैक्टर को बाजार में उतारा है। यह ट्रैक्टर 41–45 हॉर्स पावर सेगमेंट में पेश किया गया है, जो उन किसानों के लिए उपयोगी है जिन्हें भारी खेत कार्य के साथ-साथ रोजमर्रा की खेती और ढुलाई के लिए दमदार मशीन चाहिए। इस लॉन्च के साथ आयशर ने इस सेगमेंट में अपनी मौजूदगी को और मजबूत किया है।


    किसानों को मिले दो स्टाइलिंग विकल्प

    Eicher 450 ट्रैक्टर को कंपनी ने दो अलग-अलग डिजाइन विकल्पों में पेश किया है। पहला है PRIMA G3 सीरीज, जो मॉडर्न डिजाइन और बोल्ड लुक के साथ आती है। यह वेरिएंट उन किसानों के लिए है जो नई टेक्नोलॉजी और स्टाइल को प्राथमिकता देते हैं। वहीं दूसरा विकल्प Silver Heritage रेंज है, जिसमें क्लासिक आयशर डिजाइन देखने को मिलता है, जिस पर किसान वर्षों से भरोसा करते आ रहे हैं।


    लंबे समय तक काम के लिए मजबूत बनावट

    दोनों ही स्टाइलिंग विकल्पों को इस तरह डिजाइन किया गया है कि वे लंबे समय तक खेत में काम कर सकें। मजबूत बॉडी, संतुलित वजन और भरोसेमंद स्ट्रक्चर के कारण यह ट्रैक्टर नियमित खेती, ढुलाई और कठिन परिस्थितियों में भी टिकाऊ साबित होता है।


    44 HP इंजन के साथ दमदार परफॉर्मेंस

    Eicher 450 और PRIMA G3 में 44 HP रेंज का 3-सिलेंडर, वॉटर-कूल्ड इंजन दिया गया है। यह इंजन लगातार काम के दौरान भी स्थिर पावर देता है और अधिक गर्म नहीं होता। बेहतर कूलिंग सिस्टम के कारण ट्रैक्टर लंबे समय तक बिना रुकावट काम कर सकता है और ईंधन की खपत भी कम रहती है


    खेती और ढुलाई दोनों के लिए उपयुक्त इंजन

    इस ट्रैक्टर का इंजन जुताई, बुवाई, कल्टीवेशन, ट्रॉली ढुलाई और अन्य कृषि कार्यों के लिए पूरी तरह उपयुक्त है। भारी लोड के बावजूद इंजन की परफॉर्मेंस स्थिर रहती है, जिससे किसानों को हर मौसम में भरोसेमंद आउटपुट मिलता है।


    वेरिएंट के अनुसार गियरबॉक्स विकल्प

    Eicher 450 ट्रैक्टर में किसानों की जरूरत के अनुसार अलग-अलग गियरबॉक्स ऑप्शन दिए गए हैं। Silver Heritage वेरिएंट में 8 फॉरवर्ड और 2 रिवर्स गियर वाला साइड-शिफ्ट गियरबॉक्स मिलता है। वहीं PRIMA G3 वेरिएंट में 12 फॉरवर्ड और 3 रिवर्स गियर दिए गए हैं, जिससे स्पीड का बेहतर चयन संभव होता है।


    मल्टी-स्पीड PTO के साथ आधुनिक इम्प्लीमेंट सपोर्ट

    इस ट्रैक्टर में मल्टी-स्पीड PTO के साथ रिवर्स PTO की सुविधा भी दी गई है। इसकी मदद से किसान रोटावेटर, स्प्रेयर, बेलर और अन्य आधुनिक कृषि उपकरणों का आसानी से उपयोग कर सकते हैं। यह फीचर ट्रैक्टर को बहुउपयोगी बनाता है।


    मॉडर्न डिजाइन और स्मार्ट कंट्रोल

    Eicher 450 4WD PRIMA G3 वेरिएंट में एयरोडायनामिक हुड दिया गया है, जिसमें वन-टच फ्रंट ओपन बोनट की सुविधा है। इससे इंजन की जांच और सर्विसिंग आसान हो जाती है। बोल्ड फ्रंट ग्रिल बेहतर एयर फ्लो में मदद करती है, जबकि रैप-अराउंड हेडलैंप रात में काम को आसान बनाते हैं।


    डिजिटल डैशबोर्ड और आसान संचालन

    ट्रैक्टर में दिया गया Digi NXT डिजिटल डैशबोर्ड ड्राइवर को जरूरी जानकारी साफ-साफ दिखाता है। स्पोर्टी स्टीयरिंग व्हील और स्पिनर नॉब की मदद से खेत में मोड़ लेना आसान हो जाता है, जिससे काम की रफ्तार बढ़ती है।


    आरामदायक सीटिंग और बेहतर विजिबिलिटी

    PRIMA G3 वेरिएंट में Comfy Luxe सीटिंग दी गई है, जो ऊंची पोजीशन पर लगी होती है। इससे किसान को खेत का साफ दृश्य मिलता है। चौड़ा ऑपरेटर प्लेटफॉर्म और पर्याप्त लेग स्पेस लंबे समय तक काम करने में आराम देता है।


    रात में सुरक्षा के लिए खास फीचर

    ट्रैक्टर में दिया गया ‘Walk Me Home’ लाइट फीचर एक अतिरिक्त सुरक्षा सुविधा है। इंजन बंद होने के बाद भी लाइट कुछ समय तक रास्ता रोशन रखती है, जिससे रात में ट्रैक्टर से उतरते समय दुर्घटना का खतरा कम होता है।


    मजबूत ब्रेकिंग और स्टीयरिंग सिस्टम

    Eicher 450 में मल्टी-डिस्क ऑयल इमर्स्ड ब्रेक्स दिए गए हैं, जो खेत और सड़क दोनों पर बेहतर नियंत्रण देते हैं। स्टैंडर्ड रूप से इसमें मैकेनिकल स्टीयरिंग मिलती है, जबकि आसान संचालन के लिए पावर स्टीयरिंग का विकल्प भी उपलब्ध है।


    हाइड्रोलिक्स और इम्प्लीमेंट क्षमता

    ट्रैक्टर में थ्री-पॉइंट लिंकेज सिस्टम दिया गया है, जिसमें ड्राफ्ट, पोजीशन और रिस्पॉन्स कंट्रोल शामिल हैं। CAT-II लिंक्स के कारण यह ट्रैक्टर भारी कृषि उपकरणों को भी आसानी से संभाल सकता है।


    किसानों के लिए क्या खास है Eicher 450?

    Eicher 450 के लॉन्च से किसानों को ऐसा ट्रैक्टर मिला है जो पावर, कम्फर्ट और विकल्पों का संतुलन पेश करता है। क्लासिक और मॉडर्न डिजाइन, अलग-अलग गियरबॉक्स, आधुनिक PTO और मजबूत बनावट इसे खेती और ढुलाई दोनों के लिए उपयुक्त बनाती है। यही वजह है कि यह ट्रैक्टर आने वाले समय में 41–45 HP सेगमेंट में एक मजबूत विकल्प साबित हो सकता है।

  • VST ने लॉन्च की नई FENTM कॉम्पैक्ट ट्रैक्टर सीरीज, 19–30 HP में कम डीजल में ज्यादा पावर

    VST ने लॉन्च की नई FENTM कॉम्पैक्ट ट्रैक्टर सीरीज, 19–30 HP में कम डीजल में ज्यादा पावर

    19 से 30 HP रेंज में VST की नई FENTM कॉम्पैक्ट ट्रैक्टर सीरीज लॉन्च, कम डीजल में ज्यादा पावर का दावा

    VST ने लॉन्च की नई FENTM कॉम्पैक्ट ट्रैक्टर सीरीज, 19–30 HP में कम डीजल में ज्यादा पावर


    भारत में कॉम्पैक्ट ट्रैक्टर सेगमेंट तेजी से बढ़ रहा है और इसी कड़ी में VST Tillers Tractors Limited ने किसानों के लिए एक नई और आधुनिक ट्रैक्टर सीरीज पेश की है। कंपनी ने FENTM Compact Tractor Series को आधिकारिक रूप से लॉन्च कर दिया है, जिसकी शुरुआत गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र से की गई है। यह सीरीज खास तौर पर छोटे और मध्यम किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है, जहां कम ईंधन खर्च, ज्यादा ताकत और आसान संचालन को प्राथमिकता दी गई है।

    VST पहले से ही भारत में पावर टिलर और कॉम्पैक्ट कृषि मशीनों के लिए एक भरोसेमंद नाम है। अब FENTM सीरीज के जरिए कंपनी ने कॉम्पैक्ट ट्रैक्टर बाजार में अपनी पकड़ और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।


    FENTM सीरीज में लॉन्च हुए 5 नए ट्रैक्टर मॉडल

    VST की नई FENTM ट्रैक्टर सीरीज में कुल पांच अलग-अलग मॉडल पेश किए गए हैं, जो विभिन्न कृषि जरूरतों को पूरा करते हैं। इन मॉडलों में शामिल हैं:

    • 180 FENTM
    • 224 FENTM
    • 225 FENTM
    • 929 FENTM EX
    • 929 FENTM VX

    ये सभी ट्रैक्टर 19 HP से 30 HP की पावर रेंज में उपलब्ध हैं। खास बात यह है कि किसानों को इनमें 2WD और 4WD दोनों विकल्प मिलते हैं, जिससे वे अपनी जमीन की बनावट, मिट्टी के प्रकार और खेती के काम के अनुसार सही मॉडल चुन सकते हैं।

    👉 Low HP Tractor, Compact Tractor India और Fuel Efficient Tractor जैसे कीवर्ड्स के लिहाज से यह सीरीज काफी अहम मानी जा रही है।


    कॉम्पैक्ट खेती के लिए खास डिजाइन और मजबूत बनावट

    FENTM ट्रैक्टरों को विशेष रूप से कॉम्पैक्ट फार्मिंग और स्पेशल क्रॉप्स के लिए डिजाइन किया गया है। इनका छोटा आकार और बेहतर टर्निंग रेडियस इन्हें संकीर्ण खेतों, बागानों और कतार वाली फसलों के लिए बेहद उपयोगी बनाता है।

    ये ट्रैक्टर खासतौर पर इन कार्यों में मददगार हैं:

    • बागवानी और फल-फूल की खेती
    • सब्जी उत्पादन
    • इंटरकल्टीवेशन
    • संकरी मेड़ों और सीमित जगहों में काम

    कंपनी का दावा है कि FENTM सीरीज में पावर, कंट्रोल और माइलेज का संतुलन बेहतरीन तरीके से रखा गया है, जिससे किसान कम समय और कम लागत में ज्यादा काम कर सकते हैं।


    कम डीजल में ज्यादा ताकत: FENTM तकनीक की खासियत

    FENTM का पूरा नाम है Fuel Efficient and Torque Max, यानी कम ईंधन में अधिक टॉर्क और बेहतर परफॉर्मेंस। इस सीरीज में Load Sensing Technology दी गई है, जो ट्रैक्टर पर पड़ने वाले काम के भार को पहचानने में सक्षम है।

    • हल्का काम होने पर इंजन कम फ्यूल की खपत करता है
    • भारी काम के दौरान इंजन जरूरत के अनुसार ज्यादा ताकत देता है

    इस तकनीक से डीजल की बचत, इंजन पर कम दबाव और लंबे समय तक बेहतर प्रदर्शन मिलता है। यही वजह है कि यह सीरीज Mileage Tractor की कैटेगरी में काफी चर्चा में है।


    कंपनी का उद्देश्य: किसानों के लिए भरोसेमंद समाधान

    VST Tillers Tractors Limited के CEO एंटनी चेरुकारा ने लॉन्च के दौरान कहा कि कंपनी का लक्ष्य ऐसे ट्रैक्टर तैयार करना है जो शक्तिशाली होने के साथ-साथ चलाने में आसान हों। उन्होंने बताया कि FENTM सीरीज को इस तरह डिजाइन किया गया है कि किसान कम ईंधन में अधिक काम कर सकें और लंबे समय तक इन पर भरोसा कर सकें।

    उनके अनुसार, यह सीरीज उन किसानों के लिए फायदेमंद है जो कम HP में ज्यादा आउटपुट चाहते हैं और जिनके खेतों का आकार छोटा या मध्यम है।


    गुजरात की प्रमुख फसलों के लिए उपयुक्त ट्रैक्टर

    VST की FENTM कॉम्पैक्ट ट्रैक्टर सीरीज को खास तौर पर गुजरात की कृषि परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए उतारा गया है। कंपनी के अनुसार, ये ट्रैक्टर इन फसलों के लिए उपयुक्त हैं:

    • अनार
    • आम
    • बाजरा
    • कपास
    • मूंगफली
    • अरंडी
    • मक्का
    • गन्ना
    • विभिन्न सब्जियां

    गुजरात में इन फसलों की खेती बड़े पैमाने पर होती है और कॉम्पैक्ट ट्रैक्टरों की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में FENTM सीरीज को Best Tractor for Orchard Farming और Small Farmer Tractor के रूप में देखा जा रहा है।


    कॉम्पैक्ट ट्रैक्टर सेगमेंट में VST की मजबूत एंट्री

    गुजरात से शुरुआत करना VST की एक रणनीतिक चाल मानी जा रही है। सौराष्ट्र जैसे क्षेत्रों में बागवानी और नकदी फसलों का चलन अधिक है, जहां छोटे, मजबूत और फ्यूल एफिशिएंट ट्रैक्टरों की जरूरत होती है।

    FENTM सीरीज के लॉन्च के साथ ही VST ने साफ संकेत दे दिया है कि कंपनी आने वाले समय में कॉम्पैक्ट ट्रैक्टर मार्केट में अपनी हिस्सेदारी तेजी से बढ़ाने की तैयारी में है।


    निष्कर्ष

    VST की नई FENTM ट्रैक्टर सीरीज उन किसानों के लिए एक मजबूत विकल्प बनकर सामने आई है, जो कम HP में ज्यादा पावर, बेहतर माइलेज और आसान संचालन चाहते हैं। आधुनिक तकनीक, कॉम्पैक्ट डिजाइन और फसल-अनुकूल फीचर्स के साथ यह सीरीज भारतीय किसानों की बदलती जरूरतों के अनुरूप नजर आती है।

  • Republic Day 2026 पर Mahindra ने तिरंगे रंगों में Limited-Edition ट्रैक्टर लॉन्च

    Republic Day 2026 पर Mahindra ने तिरंगे रंगों में Limited-Edition ट्रैक्टर लॉन्च

    गणतंत्र दिवस पर महिंद्रा ट्रैक्टर्स का खास तोहफा, लॉन्च हुए तिरंगे रंगों में लिमिटेड-एडिशन ट्रैक्टर

    Republic Day 2026 पर Mahindra ने तिरंगे रंगों में Limited-Edition ट्रैक्टर लॉन्च


    भारत के किसानों के लिए गणतंत्र दिवस 2026 और भी खास बन गया है। देश की अग्रणी ट्रैक्टर निर्माता कंपनी Mahindra Tractors ने इस राष्ट्रीय पर्व पर तिरंगे से प्रेरित लिमिटेड-एडिशन ट्रैक्टर्स लॉन्च करने की घोषणा की है। यह खास सीरीज़ भारतीय किसानों के सम्मान, देशभक्ति और आधुनिक कृषि तकनीक का प्रतीक मानी जा रही है।

    महिंद्रा ग्रुप की ओर से पेश किए गए ये ट्रैक्टर न सिर्फ दमदार परफॉर्मेंस के लिए जाने जाएंगे, बल्कि इनका यूनिक ट्राइकलर डिजाइन इन्हें आम ट्रैक्टर्स से अलग पहचान देगा।


     Mahindra Yuvo Tech+ 585 DI 4WD पर आधारित लिमिटेड-एडिशन मॉडल

    महिंद्रा की यह नई पेशकश Mahindra Yuvo Tech+ 585 DI 4WD पर आधारित है, जो पहले से ही भारत के लोकप्रिय नेक्स्ट-जेनरेशन ट्रैक्टर्स में शामिल है। अब इसे लिमिटेड-एडिशन अवतार में उतारा गया है, जिससे किसानों को तकनीक के साथ-साथ खास एक्सक्लूसिव फील भी मिलेगा।

    👉 यह ट्रैक्टर सीमित संख्या (Limited Quantity) में उपलब्ध होगा, जिससे इसकी वैल्यू और भी खास हो जाती है।


     तीन तिरंगा प्रेरित रंगों में मिलेगा ट्रैक्टर

    इस लिमिटेड-एडिशन सीरीज़ को तीन विशेष रंगों में पेश किया गया है, जो सीधे भारत के राष्ट्रीय ध्वज से प्रेरित हैं:

    • मेटैलिक ऑरेंज (Metallic Orange)
    • एवरेस्ट व्हाइट (Everest White)
    • मेटैलिक ग्रीन (Metallic Green)

    🔰 खास बात यह है कि मेटैलिक ग्रीन वेरिएंट के साथ कंपनी की ओर से एक्सक्लूसिव लिमिटेड-एडिशन एक्सेसरीज़ भी दी जाएंगी, जिनमें रस्सी (Rope), जेरिकैन और महिंद्रा फ्लैग शामिल हैं।


     महिंद्रा ट्रैक्टर्स के वरिष्ठ अधिकारी का बयान

    महिंद्रा ट्रैक्टर्स के वाइस प्रेसिडेंट और हेड – मार्केटिंग एवं नेशनल बिजनेस ऑपरेशंस, परीक्षित घोष ने इस मौके पर कहा कि:

    “जब उद्देश्य और गर्व एक साथ आते हैं, तब कुछ असाधारण बनता है। इस गणतंत्र दिवस पर हमें अपने किसानों के लिए लिमिटेड-एडिशन Mahindra Yuvo Tech+ ट्रैक्टर पेश करते हुए गर्व महसूस हो रहा है। यह ट्रैक्टर न सिर्फ आधुनिक तकनीक से लैस है, बल्कि तिरंगे के रंगों में देश की प्रगति और किसानों की भूमिका को भी दर्शाता है।”

    उन्होंने यह भी बताया कि ये ट्रैक्टर 26 जनवरी 2026 से देशभर के चुनिंदा महिंद्रा ट्रैक्टर डीलरशिप्स पर उपलब्ध होंगे।


    दमदार इंजन और शानदार परफॉर्मेंस

    Mahindra Yuvo Tech+ 585 DI लिमिटेड-एडिशन को खासतौर पर भारी कृषि कार्यों के लिए डिजाइन किया गया है। इसमें मिलता है:

    • 🔹 4-सिलेंडर पावरफुल इंजन
    • 🔹 33.9 kW (45.4 HP) PTO पावर
    • 🔹 215 Nm पीक टॉर्क
    • 🔹 18% बैक-अप टॉर्क, जिससे कठिन मिट्टी और भारी काम भी आसानी से किए जा सकें

    यह ट्रैक्टर खेती के हर चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन में किसानों का भरोसेमंद साथी साबित होता है।


     2000 किलोग्राम लिफ्टिंग क्षमता और एडवांस फीचर्स

    इस लिमिटेड-एडिशन ट्रैक्टर की हाइड्रोलिक लिफ्ट क्षमता 2000 किलोग्राम है, जिससे भारी कृषि उपकरणों का इस्तेमाल बेहद आसान हो जाता है।

    इसके प्रमुख फीचर्स में शामिल हैं:

    • ✔️ ड्यूल क्लच सिस्टम
    • ✔️ MSPTO (Multi Speed PTO)
    • ✔️ ऑक्सिलरी वाल्व
    • ✔️ 12 फॉरवर्ड + 3 रिवर्स गियर, बेहतर कंट्रोल के लिए

    ये सभी फीचर्स इसे मल्टी-परपज़ और हाई-परफॉर्मेंस ट्रैक्टर बनाते हैं।


    किसानों की सुविधा के लिए आरामदायक डिजाइन

    लंबे समय तक खेतों में काम करने वाले किसानों को ध्यान में रखते हुए इसमें पावर स्टीयरिंग दी गई है, जिससे थकान कम होती है।

    टायर साइज भी इसे हर तरह के खेत के लिए उपयुक्त बनाता है:

    • 🔹 फ्रंट टायर: 9.5 x 20 इंच
    • 🔹 रियर टायर: 14.9 x 28 इंच

    यह सेटअप सूखे और गीले दोनों खेतों में बेहतर ग्रिप और स्थिरता प्रदान करता है।


     देशभक्ति और तकनीक का अनोखा संगम

    Mahindra Tractors की यह पहल न सिर्फ एक प्रोडक्ट लॉन्च है, बल्कि भारतीय किसानों के सम्मान और देशभक्ति का प्रतीक भी है। तिरंगे के रंगों में सजा यह लिमिटेड-एडिशन ट्रैक्टर उन किसानों को समर्पित है, जो देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाते हैं

  • भारत के टॉप 3 ट्रैक्टर ब्रांड 2025: महिंद्रा, सोनालिका और TAFE की पूरी जानकारी

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    भारत के टॉप 3 ट्रैक्टर ब्रांड 2025: महिंद्रा, सोनालिका और TAFE की पूरी जानकारी

    भारत एक कृषि प्रधान देश है और यहां खेती का आधार मजबूत बनाने में ट्रैक्टरों की भूमिका सबसे अहम मानी जाती है। आज ट्रैक्टर सिर्फ एक मशीन नहीं बल्कि किसानों की उत्पादकता बढ़ाने वाला सबसे भरोसेमंद साथी बन चुका है।
    खेत जोतने से लेकर बुआई, कटाई और ढुलाई तक – हर काम ट्रैक्टर के बिना अधूरा है।

    2025 में ट्रैक्टर बिक्री ने रचा इतिहास

    वित्त वर्ष 2025 के अप्रैल से दिसंबर के बीच भारत में घरेलू ट्रैक्टर बिक्री 8.89 लाख यूनिट तक पहुंच गई, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 29% अधिक है।
    यह आंकड़ा साफ दर्शाता है कि किसान अब आधुनिक कृषि तकनीक की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं और खेती को व्यवसायिक रूप से अपना रहे हैं।

     क्यों बढ़ रही है ट्रैक्टर की मांग?

    • खेतों का आकार बढ़ना
    • मजदूरों की कमी
    • खेती में समय और लागत की बचत
    • मल्टी-क्रॉप फार्मिंग का बढ़ता चलन
    • सरकारी योजनाओं और सब्सिडी का लाभ

    इन्हीं कारणों से आज Best Tractor in India, Tractor Price in India, और Top Tractor Brands 2025 जैसे कीवर्ड्स इंटरनेट पर तेजी से सर्च किए जा रहे हैं।


    महिंद्रा ट्रैक्टर: भारत का नंबर 1 ब्रांड

    महिंद्रा ट्रैक्टर ने एक बार फिर साबित कर दिया कि क्यों वह भारतीय किसानों की पहली पसंद है।

    बिक्री और मार्केट शेयर

    • बिक्री (Apr-Dec 2025): 3.91 लाख यूनिट
    • मार्केट शेयर: 44% से ज्यादा
    • सालाना ग्रोथ: लगभग 30%

     कीमत और पावर रेंज

    महिंद्रा ट्रैक्टर की कीमत ₹3.09 लाख से ₹14.83 लाख तक जाती है।
    इनकी पावर रेंज 15 HP से 74 HP तक है और 2WD व 4WD दोनों विकल्प उपलब्ध हैं।

     महिंद्रा ट्रैक्टर क्यों चुनते हैं किसान?

    • मजबूत और भरोसेमंद इंजन
    • कम ईंधन खपत
    • 6 साल की वारंटी
    • बेहतरीन सर्विस नेटवर्क
    • आधुनिक फीचर्स

    लोकप्रिय महिंद्रा ट्रैक्टर मॉडल

    • Mahindra Yuvo 575 DI – भारी खेती के लिए
    • Mahindra Yuvo 415 DI – मल्टी-पर्पज ट्रैक्टर
    • Mahindra Jivo 225 DI – बागवानी और संकरी जगहों के लिए
    • Mahindra 475 DI – जुताई और ट्रांसपोर्ट के लिए

    सोनालिका ट्रैक्टर: तेजी से उभरता भरोसेमंद नाम

    सोनालिका ने बीते वर्षों में अपनी पकड़ काफी मजबूत की है और आज यह देश के टॉप ब्रांड्स में शामिल है।

    बिक्री प्रदर्शन

    • बिक्री: 1.15 लाख यूनिट
    • मार्केट शेयर: 13%
    • ग्रोथ: करीब 29%

    कीमत और क्षमता

    सोनालिका ट्रैक्टर की कीमत ₹2.59 लाख से ₹16.92 लाख तक जाती है और इसकी पावर रेंज 20 HP से 120 HP तक है।

     सोनालिका ट्रैक्टर की खासियतें

    • मिनी ट्रैक्टर से लेकर हाई HP मॉडल तक
    • 70+ कृषि उपकरणों के साथ अनुकूल
    • आसान ड्राइविंग
    • कम मेंटेनेंस
    • बागवानी से लेकर भारी खेती तक उपयुक्त

     सोनालिका के पॉपुलर मॉडल

    • Sonalika DI 745 III – मल्टी क्रॉप फार्मिंग
    • Sonalika DI 750 III – हैवी ड्यूटी वर्क
    • Sonalika GT 20 – छोटे खेतों के लिए
    • Sonalika Tiger 26 – गार्डन व ऑर्चर्ड फार्मिंग
    • Sonalika Baagban Super – बागवानी के लिए खास

     TAFE ट्रैक्टर: मजबूती और भरोसे का दूसरा नाम

    TAFE ट्रैक्टर अपनी टिकाऊ बनावट और स्मूद परफॉर्मेंस के लिए जाना जाता है।

     बिक्री और ग्रोथ

    • बिक्री: 98,356 यूनिट
    • ग्रोथ: 30.7%
    • मार्केट शेयर: 11%

    TAFE ट्रैक्टर की रेंज

    TAFE ट्रैक्टर 100 HP तक की क्षमता में उपलब्ध हैं और इसकी प्रमुख सीरीज हैं:

    • Compact Series
    • Classic Series
    • Magna Series

    TAFE ट्रैक्टर की विशेषताएं

    • स्मूद इंजन
    • ज्यादा लिफ्टिंग पावर
    • लंबी उम्र
    • हैवी वर्क के लिए उपयुक्त
    • छोटे से बड़े खेतों तक कारगर

    TAFE के लोकप्रिय मॉडल

    • TAFE 6028 – छोटे किसानों के लिए
    • Powertrac 50 – मध्यम खेती के लिए
    • TAFE 45 DI – भारी काम और ट्रांसपोर्ट के लिए

    TAFE अब हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर (जैसे EVX75) पर भी काम कर रही है, जो भविष्य की खेती को और स्मार्ट बनाएंगे।


     ट्रैक्टर बिक्री और किसानों के फैसलों में बदलाव

    आज किसान सिर्फ कीमत देखकर ट्रैक्टर नहीं खरीदते, बल्कि ये भी देखते हैं:

    • ट्रैक्टर कितनी जल्दी काम पूरा करेगा
    • किस फसल के लिए उपयुक्त है
    • सर्विस और स्पेयर पार्ट्स कितनी आसानी से मिलेंगे
    • फ्यूल एफिशिएंसी
    • रीसेल वैल्यू

    यही कारण है कि Mahindra, Sonalika और TAFE जैसे ब्रांड्स किसानों के बीच ज्यादा लोकप्रिय हो रहे हैं।


     निष्कर्ष

    भारत में ट्रैक्टर बाजार लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है।
    महिंद्रा मजबूती और भरोसे का प्रतीक है, सोनालिका विकल्पों की विविधता का नाम है और TAFE टिकाऊ परफॉर्मेंस की पहचान।

    👉 यदि आप ट्रैक्टर खरीदने की सोच रहे हैं, तो जरूर जांचें:

    • ट्रैक्टर की कीमत
    • HP क्षमता
    • 2WD या 4WD
    • खेत और फसल के अनुसार उपयुक्तता
    • नजदीकी सर्विस सेंटर

    एक सही ट्रैक्टर न केवल आपकी मेहनत कम करता है, बल्कि आपकी आमदनी बढ़ाने में भी मदद करता है।

  • 2025 में भारतीय ट्रैक्टर उद्योग ने रचा इतिहास, घरेलू बिक्री 10 लाख यूनिट के पार

    2025 में भारतीय ट्रैक्टर उद्योग ने रचा इतिहास, घरेलू बिक्री 10 लाख यूनिट के पार

     2025 बना भारतीय ट्रैक्टर उद्योग के लिए मील का पत्थर, घरेलू बिक्री पहली बार 10 लाख यूनिट के पार

    2025 में भारतीय ट्रैक्टर उद्योग ने रचा इतिहास, घरेलू बिक्री 10 लाख यूनिट के पार


    भारतीय कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए साल 2025 ऐतिहासिक उपलब्धियों से भरा हुआ रहा। इस वर्ष भारतीय ट्रैक्टर उद्योग ने ऐसा कीर्तिमान स्थापित किया, जो अब तक कभी देखने को नहीं मिला। पहली बार किसी एक कैलेंडर वर्ष में घरेलू ट्रैक्टर बिक्री 10 लाख यूनिट से ज्यादा दर्ज की गई, वहीं ट्रैक्टर एक्सपोर्ट भी 1 लाख यूनिट का आंकड़ा पार करने में सफल रहा।

    यह उपलब्धि न केवल ट्रैक्टर इंडस्ट्री की मजबूती को दर्शाती है, बल्कि यह भी साफ करती है कि किसानों की क्रय शक्ति, ग्रामीण आय और कृषि गतिविधियों में लगातार सुधार हो रहा है।


    घरेलू ट्रैक्टर बिक्री में जबरदस्त उछाल, 20% सालाना ग्रोथ

    ट्रैक्टर मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (TMA) के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में घरेलू ट्रैक्टर बिक्री 10.90 लाख यूनिट तक पहुंच गई। इसके मुकाबले 2024 में यह आंकड़ा 9.10 लाख यूनिट रहा था। यानी साल-दर-साल आधार पर करीब 20 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्ज की गई।

    यह ग्रोथ दर्शाती है कि भारतीय ट्रैक्टर बाजार अब केवल बड़े किसानों तक सीमित नहीं है, बल्कि छोटे और मध्यम किसान भी तेजी से ट्रैक्टर खरीद की ओर बढ़ रहे हैं।


    एक्सपोर्ट फ्रंट पर भी भारत की मजबूत पकड़

    घरेलू बाजार के साथ-साथ ट्रैक्टर निर्यात (Tractor Export) के मोर्चे पर भी भारत ने शानदार प्रदर्शन किया।
    2024 में जहां एक्सपोर्ट आंकड़ा 97,745 यूनिट था, वहीं 2025 में यह बढ़कर 1,05,006 यूनिट हो गया। यह लगभग 7 प्रतिशत की वार्षिक बढ़ोतरी को दिखाता है।

    खास बात यह है कि अफ्रीका, लैटिन अमेरिका और एशियाई देशों में भारतीय ट्रैक्टरों की मांग लगातार बढ़ रही है, जिससे भारत की ग्लोबल ट्रैक्टर हब के रूप में पहचान और मजबूत हुई है।


    दिसंबर 2025 में ट्रैक्टर बिक्री ने पकड़ी रफ्तार

    साल के अंतिम महीने दिसंबर 2025 में ट्रैक्टर बाजार में खासा उत्साह देखने को मिला।
    इस दौरान:

    • घरेलू ट्रैक्टर बिक्री में लगभग 35% की बढ़ोतरी दर्ज हुई
    • दिसंबर 2025 में बिक्री 69,890 यूनिट तक पहुंची
    • जबकि दिसंबर 2024 में यह आंकड़ा 50,993 यूनिट था

    वहीं एक्सपोर्ट भी दिसंबर में 22% की सालाना बढ़त के साथ 9,815 यूनिट तक पहुंच गया। यह साफ संकेत देता है कि त्योहारी सीजन, रबी बुवाई और बेहतर नकदी प्रवाह ने ट्रैक्टर डिमांड को मजबूती दी।


    2024 बनाम 2025: ट्रैक्टर इंडस्ट्री का प्रदर्शन

    यदि 2024 और 2025 की तुलना की जाए तो तस्वीर बेहद साफ नजर आती है:

    • घरेलू बिक्री में लगभग 20% की ग्रोथ
    • ट्रैक्टर एक्सपोर्ट में करीब 7% की बढ़ोतरी
    • दिसंबर महीने में घरेलू बिक्री में 35% की छलांग
    • दिसंबर एक्सपोर्ट में 22% की मजबूती

    ये आंकड़े बताते हैं कि भारतीय ट्रैक्टर उद्योग लगातार ग्रोथ ट्रैक पर बना हुआ है।


    ट्रैक्टर बिक्री बढ़ने के प्रमुख कारण

    इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स के अनुसार 2025 में ट्रैक्टर बिक्री में आई इस तेजी के पीछे कई अहम वजहें रहीं:

    ✔ अनुकूल मौसम और अच्छी फसल

    बेहतर मानसून और मजबूत खरीफ उत्पादन से किसानों की आय में सुधार हुआ, जिससे ट्रैक्टर खरीदने की क्षमता बढ़ी।

    ✔ ग्रामीण कैश फ्लो में सुधार

    ग्रामीण इलाकों में नकदी की उपलब्धता बेहतर होने से कृषि मशीनरी की मांग को बल मिला।

    ✔ सरकारी नीतियां और सब्सिडी

    कम GST दर, राज्य सरकारों की सब्सिडी योजनाएं और आसान ट्रैक्टर लोन विकल्पों ने खरीद को आसान बनाया।

    ✔ फाइनेंस और रिटेल सपोर्ट

    बैंकों और NBFCs की ओर से आसान फाइनेंस स्कीम्स ने छोटे किसानों को भी ट्रैक्टर खरीदने का मौका दिया।


    ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिला मजबूत सहारा

    ऑटो और कृषि क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रैक्टर बिक्री में तेजी सीधे-सीधे ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती का संकेत है।
    खरीफ सीजन की अच्छी पैदावार, जलाशयों में पर्याप्त जल स्तर और रबी बुवाई में तेजी ने कृषि गतिविधियों को गति दी, जिसका असर ट्रैक्टर मांग पर साफ दिखा।


    GST और नीतिगत फैसलों का सकारात्मक प्रभाव

    रेटिंग एजेंसियों के अनुसार, 2025 में ट्रैक्टर वॉल्यूम ग्रोथ लगभग 20 प्रतिशत रही, जो यह दर्शाती है कि सरकारी नीतियां और टैक्स स्ट्रक्चर उद्योग के लिए सहायक साबित हुए।


    वहीं निर्यात में बढ़ोतरी से यह भी साफ है कि मेड-इन-इंडिया ट्रैक्टर अब वैश्विक बाजार में मजबूत पहचान बना चुके हैं।


    2026 के लिए भी पॉजिटिव आउटलुक

    कुल मिलाकर, 2025 भारतीय ट्रैक्टर उद्योग के लिए रिकॉर्ड-ब्रेकिंग साल रहा। मजबूत डिमांड, बेहतर ग्रामीण आय और ग्लोबल एक्सपोर्ट ग्रोथ को देखते हुए उम्मीद की जा रही है कि 2026 में भी ट्रैक्टर बिक्री में तेजी बनी रहेगी

    यह ट्रेंड न सिर्फ ट्रैक्टर मैन्युफैक्चरर्स के लिए अच्छा संकेत है, बल्कि भारतीय कृषि और ग्रामीण विकास के लिए भी बेहद सकारात्मक माना जा रहा है।

  • Sonalika Tractors की 30 साल की सफलता: होशियारपुर से 150 देशों तक किसान-प्रथम भारतीय ब्रांड की कहानी

    Sonalika Tractors की 30 साल की सफलता: होशियारपुर से 150 देशों तक किसान-प्रथम भारतीय ब्रांड की कहानी

    होशियारपुर से वैश्विक मंच तक: सोनालीका ट्रैक्टर्स की 30 साल की प्रेरक यात्रा


    भारतीय कृषि यंत्रीकरण की कहानी में Sonalika Tractors आज एक ऐसा नाम बन चुका है, जिसने किसान-प्रथम सोच, स्वदेशी इंजीनियरिंग और वैश्विक नेतृत्व के दम पर अपनी अलग पहचान बनाई है। पंजाब के छोटे से शहर होशियारपुर से शुरू हुआ यह ब्रांड आज 1.1 अरब डॉलर से अधिक मूल्य वाली अंतरराष्ट्रीय ट्रैक्टर कंपनी बन चुका है। साल 2026 में सोनालीका किसानों के साथ साझेदारी के 30 वर्ष पूरे कर रही है, जो न सिर्फ एक व्यावसायिक उपलब्धि है बल्कि भारतीय कृषि की ताकत का भी प्रतीक है।


    एक छोटे शहर से बड़े सपनों तक का सफर

    सोनालीका की नींव किसी मल्टीनेशनल बोर्डरूम में नहीं, बल्कि भारतीय किसानों की असली जरूरतों को समझते हुए रखी गई थी। इसके संस्थापक श्री एल. डी. मित्तल ने एलआईसी से सेवानिवृत्ति के बाद आराम करने के बजाय भारतीय कृषि को मजबूत बनाने का सपना देखा। उनके साथ उनके दोनों बेटे डॉ. ए. एस. मित्तल और डॉ. दीपक मित्तल जुड़े, जिन्होंने आधुनिक सोच और तकनीकी दृष्टि से सोनालीका को एक नई ऊंचाई दी।

    जहां उस समय ज्यादातर कंपनियां केवल शहरी और बड़े खेतों पर ध्यान दे रही थीं, वहीं सोनालीका ने छोटे और मध्यम किसानों की जरूरतों को प्राथमिकता दी। यही वजह रही कि कंपनी की पहचान धीरे-धीरे किसानों की अपनी ब्रांड के रूप में बनने लगी।


    किसान-प्रथम सोच से बना मजबूत ब्रांड

    सोनालीका का मूल मंत्र हमेशा एक ही रहा – “किसान को ताकत, भरोसा और सही तकनीक मिलनी चाहिए।” शुरुआत में कंपनी ने कृषि उपकरणों का निर्माण किया, जहां उसके थ्रेशर और अन्य इम्प्लीमेंट्स ने किसानों का विश्वास जीता। इसके बाद जब किसानों ने अधिक शक्तिशाली और टिकाऊ ट्रैक्टरों की मांग की, तब सोनालीका ने ट्रैक्टर सेगमेंट में कदम रखा।

    साल 1996 में लॉन्च हुए पहले सोनालीका ट्रैक्टर से ही कंपनी ने एक अलग पहचान बना ली। उस दौर में जब बाजार में एक जैसे डिजाइन और फीचर वाले ट्रैक्टर उपलब्ध थे, सोनालीका ने भारत की अलग-अलग मिट्टी, फसल और जलवायु के अनुसार ट्रैक्टर डिजाइन करना शुरू किया। आज भी यह बात गर्व से कही जाती है कि 30 साल पुराना पहला सोनालीका ट्रैक्टर आज भी पहले क्रैंक में स्टार्ट हो जाता है, जो ब्रांड की मजबूती और गुणवत्ता का प्रमाण है।


    स्वदेशी इंजीनियरिंग और वर्टिकल इंटीग्रेशन की ताकत

    भारतीय किसानों की बदलती जरूरतों को देखते हुए सोनालीका ने 2011 से वर्टिकल इंटीग्रेशन की रणनीति अपनाई। इसका मतलब था कि अब कंपनी अपने ट्रैक्टरों के प्रमुख पार्ट्स – इंजन, गियरबॉक्स, ट्रांसमिशन और अन्य कंपोनेंट्स – खुद बनाने लगी। इससे गुणवत्ता पर बेहतर नियंत्रण मिला और लागत भी कम हुई।

    इस रणनीति की बदौलत सोनालीका ने हाई हॉर्स पावर ट्रैक्टर, बेहतर ईंधन दक्षता और ज्यादा टिकाऊ मशीनें बाजार में उतारीं। यहां तक कि एंट्री-लेवल मॉडल्स में भी पावर स्टीयरिंग, ऑयल-इमर्स्ड ब्रेक और मल्टी-स्पीड ट्रांसमिशन जैसे प्रीमियम फीचर शामिल किए गए।

    कंपनी ने क्षेत्र-विशेष ट्रैक्टर भी विकसित किए, जैसे दक्षिण भारत के लिए महाबली, महाराष्ट्र के लिए छत्रपति और राजस्थान के लिए महाराजा सीरीज। इसके साथ-साथ 70 से ज्यादा कृषि उपकरण और इम्प्लीमेंट्स ने किसानों की उत्पादकता बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाई।


    भारत से दुनिया तक: निर्यात में नंबर 1

    सोनालीका ने सिर्फ घरेलू बाजार में ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारत का नाम रोशन किया है। 2004 में पहला ट्रैक्टर निर्यात करने के बाद, कंपनी ने लगातार वैश्विक बाजार में अपनी मौजूदगी मजबूत की। 2011 में सोनालीका यूरोप को ट्रैक्टर निर्यात करने वाली पहली भारतीय ब्रांड बनी, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि थी।

    आज सोनालीका के ट्रैक्टर एशिया, अफ्रीका, लैटिन अमेरिका और यूरोप सहित 150 से अधिक देशों में इस्तेमाल हो रहे हैं। वित्त वर्ष 2019 से भारत से ट्रैक्टर निर्यात में सोनालीका नंबर 1 ब्रांड बनी हुई है। मौजूदा समय में भारत से निर्यात होने वाले हर तीसरे ट्रैक्टर का निर्माण सोनालीका के होशियारपुर प्लांट में होता है। कंपनी का वैश्विक निर्यात बाजार में करीब 30% शेयर है, जो इसकी मजबूत अंतरराष्ट्रीय स्थिति को दिखाता है।


    पारदर्शिता, डिजिटल पहल और भविष्य की तैयारी

    सोनालीका ने सिर्फ उत्पादों में ही नहीं, बल्कि पारदर्शिता और ग्राहक अनुभव में भी नई मिसाल कायम की है। 2022 में ट्रैक्टर की कीमतें और 2025 में सर्विस कॉस्ट अपनी वेबसाइट पर सार्वजनिक कर, कंपनी ने किसानों को खुली और ईमानदार जानकारी देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया।

    भविष्य की बात करें तो सोनालीका अपनी उत्पादन क्षमता को 3 लाख ट्रैक्टर प्रति वर्ष तक बढ़ाने की तैयारी में है। साथ ही डिजिटल प्लेटफॉर्म, कनेक्टेड डायग्नोस्टिक्स और पर्सनलाइज्ड रिटेल एक्सपीरियंस के जरिए कंपनी किसानों के साथ अपने रिश्ते को और मजबूत कर रही है।


    अगले 30 सालों का विजन

    तीन दशकों की इस सफल यात्रा के बाद भी सोनालीका का फोकस वही है – किसान की आय बढ़ाना, लागत कम करना और तकनीक से खेती को आसान बनाना। मजबूत नेतृत्व, स्वदेशी तकनीक और वैश्विक सोच के साथ सोनालीका आने वाले वर्षों में भी भारतीय कृषि को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का संकल्प रखती है।

    होशियारपुर से शुरू हुई यह कहानी आज पूरी दुनिया में भारतीय इंजीनियरिंग और किसान-प्रथम दृष्टिकोण की पहचान बन चुकी है। सोनालीका का यह सफर न सिर्फ एक ब्रांड की सफलता है, बल्कि भारत के किसानों की मेहनत और भरोसे की जीत भी है।

  • दिसंबर 2025 में ट्रैक्टर रिटेल बिक्री में 15.8% की उछाल, ग्रामीण मांग बनी बड़ी वजह

    दिसंबर 2025 में ट्रैक्टर रिटेल बिक्री में 15.8% की उछाल, ग्रामीण मांग बनी बड़ी वजह

    दिसंबर 2025 में ट्रैक्टर रिटेल बिक्री में ज़बरदस्त उछाल, ग्रामीण मांग ने दी रफ्तार


    भारत के कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े संकेत दिसंबर 2025 में काफी सकारात्मक नजर आए। इसका सीधा असर ट्रैक्टर बाजार पर देखने को मिला, जहां ट्रैक्टर रिटेल बिक्री में सालाना आधार पर 15.80% की मजबूत वृद्धि दर्ज की गई।

    फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशंस (FADA) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, दिसंबर 2025 में देशभर में 1,15,001 ट्रैक्टर यूनिट्स की खुदरा बिक्री हुई, जबकि दिसंबर 2024 में यह आंकड़ा 99,306 यूनिट्स था।


    🔴 प्रमुख कारण: क्यों बढ़ी ट्रैक्टरों की मांग?

    इस तेज़ बढ़ोतरी के पीछे कई अहम कारण रहे, जिनमें शामिल हैं:

    • 🌾 कृषि गतिविधियों में तेजी
    • 🟢 ग्रामीण इलाकों में बेहतर नकदी प्रवाह
    • 💰 स्थिर और सुलभ फाइनेंसिंग विकल्प
    • 🌧️ खरीफ फसल के बाद रबी सीजन की तैयारी

    इन सभी फैक्टर्स ने मिलकर ग्रामीण भारत में ट्रैक्टर खरीदारी का माहौल मजबूत किया।


    📊 ट्रैक्टर बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा, सभी ब्रांड्स का प्रदर्शन एक जैसा नहीं

    जहां कई बड़े ट्रैक्टर OEMs (Original Equipment Manufacturers) ने शानदार ग्रोथ दर्ज की, वहीं कुछ कंपनियों को हल्की गिरावट का भी सामना करना पड़ा। इससे यह साफ है कि भारतीय ट्रैक्टर बाजार अब ज्यादा प्रतिस्पर्धी और कंसॉलिडेशन की ओर बढ़ रहा है


    🟢 महिंद्रा एंड महिंद्रा ने फिर दिखाया दबदबा

    महिंद्रा एंड महिंद्रा (ट्रैक्टर डिवीजन) ने दिसंबर 2025 में 29,475 यूनिट्स की बिक्री के साथ बाजार में पहला स्थान बनाए रखा।

    • 📈 सालाना वृद्धि: 21% से अधिक
    • 🟩 बाजार हिस्सेदारी बढ़कर 25.63%

    यह साफ दिखाता है कि महिंद्रा ट्रैक्टर किसानों की पहली पसंद बना हुआ है।


    🔵 स्वराज ट्रैक्टर्स ने भी पकड़ी रफ्तार

    महिंद्रा ग्रुप की ही स्वराज डिवीजन ने भी मजबूत प्रदर्शन किया।

    • बिक्री: 22,000+ यूनिट्स
    • 📊 बाजार हिस्सेदारी में करीब 1% की बढ़ोतरी

    स्वराज की पकड़ खासकर उत्तर भारत और कृषि प्रधान राज्यों में मजबूत होती जा रही है।


    🟡 सोनालिका: बिक्री बढ़ी, लेकिन हिस्सेदारी घटी

    इंटरनेशनल ट्रैक्टर्स लिमिटेड (सोनालिका) ने बिक्री के मोर्चे पर बढ़त दिखाई, लेकिन बाजार हिस्सेदारी में हल्की गिरावट दर्ज की गई।

    • ✔️ यूनिट सेल्स में वृद्धि
    • ❌ मार्केट शेयर में कमी

    यह दर्शाता है कि प्रतिस्पर्धा के चलते सिर्फ बिक्री बढ़ना ही काफी नहीं, बल्कि हिस्सेदारी बनाए रखना भी चुनौती है।


    🔴 एस्कॉर्ट्स कुबोटा का शानदार कमबैक

    दिसंबर 2025 की सबसे बड़ी उपलब्धि एस्कॉर्ट्स कुबोटा के नाम रही।

    • 🚀 सालाना वृद्धि: 40% से ज्यादा
    • 📈 बाजार हिस्सेदारी में 2% से अधिक का उछाल

    यह प्रदर्शन दिखाता है कि कंपनी की नई टेक्नोलॉजी, प्रोडक्ट रेंज और ग्रामीण नेटवर्क ग्राहकों को आकर्षित कर रहे हैं।


    🟢 जॉन डियर की मजबूत वापसी

    जॉन डियर इंडिया ने भी शानदार ग्रोथ दर्ज की।

    • 📊 बिक्री में 30% से ज्यादा की बढ़ोतरी
    • 🌱 मध्यम हॉर्सपावर सेगमेंट में मजबूत पकड़

    यह ब्रांड खासकर उन्नत कृषि उपकरण और विश्वसनीयता के लिए जाना जाता है।


    🔵 टैफे और आयशर को झटका

    जहां कुछ कंपनियां आगे बढ़ीं, वहीं TAFE और आयशर ट्रैक्टर्स को दिसंबर 2025 में हल्की गिरावट का सामना करना पड़ा।

    • 📉 बिक्री और बाजार हिस्सेदारी दोनों में कमी
    • 🔍 कारण: बढ़ती प्रतिस्पर्धा और क्षेत्रीय दबाव

    🟠 छोटे ब्रांड्स की हिस्सेदारी में बड़ी गिरावट

    छोटे और क्षेत्रीय ट्रैक्टर ब्रांड्स के लिए यह महीना चुनौतीपूर्ण रहा।

    • 🚫 बिक्री में 20% से अधिक की गिरावट
    • 📉 संयुक्त बाजार हिस्सेदारी में तेज कमी

    यह संकेत देता है कि बाजार अब बड़े और मजबूत ब्रांड्स की ओर झुक रहा है


    🔮 आगे का बाजार आउटलुक

    विशेषज्ञों के मुताबिक, आने वाले महीनों में ट्रैक्टर बाजार की दिशा इन कारकों पर निर्भर करेगी:

    • 🌾 रबी फसल की स्थिति
    • 💧 सिंचाई और मौसम
    • 💵 ग्रामीण नकदी प्रवाह
    • 🏦 फाइनेंस और ब्याज दरें

    अगर हालात अनुकूल रहे, तो FY 2026 की शुरुआत ट्रैक्टर इंडस्ट्री के लिए और भी सकारात्मक हो सकती है।

    दिसंबर 2025 में ट्रैक्टर रिटेल बिक्री ने यह साबित कर दिया कि ग्रामीण भारत की अर्थव्यवस्था धीरे-धीरे मजबूती की ओर बढ़ रही है। बड़े ब्रांड्स की मजबूत पकड़ और छोटे खिलाड़ियों की चुनौती, आने वाले समय में बाजार को और रोचक बनाएगी।

  • दिसंबर 2025 में ट्रैक्टर बिक्री में 37% उछाल, महिंद्रा-जॉन डीयर की रिकॉर्ड ग्रोथ | Tractor Sales Report

    दिसंबर 2025 में ट्रैक्टर बिक्री में 37% उछाल, महिंद्रा-जॉन डीयर की रिकॉर्ड ग्रोथ | Tractor Sales Report

    दिसंबर 2025 में घरेलू ट्रैक्टर बिक्री में 37% उछाल, ग्रामीण भारत की मजबूत मांग बनी वजह


    भारत के घरेलू ट्रैक्टर उद्योग ने दिसंबर 2025 में शानदार प्रदर्शन करते हुए एक बार फिर यह साबित कर दिया कि कृषि आधारित अर्थव्यवस्था देश की रीढ़ है। बीते महीने ट्रैक्टर बिक्री में 37% की सालाना वृद्धि दर्ज की गई, जो न केवल इंडस्ट्री के लिए सकारात्मक संकेत है, बल्कि किसानों की बढ़ती क्रय शक्ति और सरकारी नीतियों की सफलता को भी दर्शाती है।

    आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर 2025 में कुल 69,890 ट्रैक्टर यूनिट्स की घरेलू बिक्री हुई, जबकि दिसंबर 2024 में यह संख्या 50,986 यूनिट्स रही थी। यानी एक साल में ट्रैक्टर उद्योग ने 37.08% की मजबूत ग्रोथ हासिल की।


    ग्रामीण मांग और सरकारी नीतियों का असर

    विशेषज्ञों के अनुसार, ग्रामीण इलाकों में खेती से जुड़ी गतिविधियों में तेजी, अच्छी मानसून स्थिति, रबी फसल की बेहतर बुवाई और सरकार की किसान-हितैषी योजनाओं ने ट्रैक्टरों की मांग को मजबूती दी।
    इसके साथ ही कृषि यंत्रीकरण, आसान ट्रैक्टर लोन, कम ब्याज दरें और सब्सिडी योजनाएं भी बिक्री बढ़ने के अहम कारण रहीं।

    👉 Domestic Tractor Sales December 2025, Tractor Industry Growth India, और Rural Demand for Tractors जैसे कीवर्ड इस ग्रोथ को साफ दर्शाते हैं।


    ब्रांड वाइज ट्रैक्टर बिक्री रिपोर्ट – दिसंबर 2025

    महिंद्रा एंड महिंद्रा: मार्केट लीडर की मजबूत पकड़

    देश की सबसे बड़ी ट्रैक्टर निर्माता कंपनी महिंद्रा एंड महिंद्रा ने दिसंबर 2025 में भी अपना दबदबा बनाए रखा।
    कंपनी ने 30,210 ट्रैक्टर बेचे, जो पिछले साल के 22,019 यूनिट्स की तुलना में 37.20% की वृद्धि है।
    महिंद्रा का मार्केट शेयर 43.23% रहा, जो इसे स्पष्ट रूप से बाजार का नेता बनाता है।


    TAFE ग्रुप: बिक्री बढ़ी, लेकिन शेयर में हल्की गिरावट

    TAFE (टैफे) ग्रुप ने दिसंबर 2025 में 11,033 ट्रैक्टर बेचे। यह आंकड़ा सालाना आधार पर 33.75% की ग्रोथ को दर्शाता है।
    हालांकि, बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के चलते कंपनी का मार्केट शेयर 15.79% पर आ गया।


    सोनालिका ट्रैक्टर्स: स्थिर प्रदर्शन

    सोनालिका ने दिसंबर 2025 में 9,378 यूनिट्स की बिक्री की, जो सालाना आधार पर 22.88% की बढ़त है।
    हालांकि बिक्री बढ़ी, लेकिन कंपनी का मार्केट शेयर घटकर 13.42% रह गया।


    एस्कॉर्ट्स कुबोटा: फार्मट्रैक और पावरट्रैक की मजबूती

    Escorts Kubota (Farmtrac और Powertrac ब्रांड) ने दिसंबर 2025 में 6,828 ट्रैक्टर बेचे।
    यह आंकड़ा 36.12% की वृद्धि को दिखाता है। कंपनी का मार्केट शेयर लगभग 9.77% रहा।


    जॉन डीयर: सबसे तेज ग्रोथ

    दिसंबर 2025 में John Deere Tractors ने सबसे शानदार प्रदर्शन किया।
    कंपनी की बिक्री 5,192 यूनिट्स से बढ़कर 8,788 यूनिट्स हो गई, यानी 69.26% की जबरदस्त वृद्धि
    इसका मार्केट शेयर भी बढ़कर 12.57% हो गया, जो इंडस्ट्री में बढ़ते भरोसे को दिखाता है।


    न्यू हॉलैंड और VST का प्रदर्शन

    • New Holland ने 2,015 ट्रैक्टर बेचकर 28.59% ग्रोथ दर्ज की, हालांकि मार्केट शेयर में हल्की गिरावट रही।
    • VST Shakti ने छोटे सेगमेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए 59.15% की वृद्धि दर्ज की और मार्केट शेयर बढ़ाया।

    अन्य ब्रांड्स: मिश्रित प्रदर्शन

    • Captain Tractors ने 46.88% की तेज बढ़ोतरी के साथ अपनी मौजूदगी मजबूत की।
    • Preet Tractors और Indo Farm ने सीमित लेकिन स्थिर वृद्धि दर्ज की।
    • SDF की बिक्री में हल्की बढ़ोतरी रही।
    • वहीं ACE Tractors दिसंबर 2025 में ऐसा एकमात्र ब्रांड रहा, जिसकी बिक्री में 18.26% की गिरावट दर्ज की गई।

    कुल मिलाकर घरेलू ट्रैक्टर उद्योग का हाल

    दिसंबर 2025 का प्रदर्शन साफ दिखाता है कि Indian Tractor Industry एक मजबूत रिकवरी और विस्तार के दौर में है।
    जहां महिंद्रा, जॉन डीयर, VST और कैप्टन ट्रैक्टर्स ने बाजार में अपनी स्थिति मजबूत की, वहीं कुछ ब्रांड्स को बिक्री बढ़ने के बावजूद मार्केट शेयर प्रेशर का सामना करना पड़ा।

    विशेषज्ञों का मानना है कि अगर सरकारी समर्थन, ग्रामीण आय में सुधार और कृषि क्षेत्र में निवेश इसी तरह जारी रहा, तो आने वाले महीनों में ट्रैक्टर उद्योग और भी बेहतर प्रदर्शन कर सकता है।

    👉 दिसंबर 2025 में घरेलू ट्रैक्टर बिक्री भारतीय कृषि अर्थव्यवस्था की मजबूती का आईना है।
    👉 37% की ग्रोथ यह संकेत देती है कि किसान भविष्य को लेकर आशावादी हैं।
    👉 आने वाले समय में ट्रैक्टर बिक्री 2026 में भी सकारात्मक रुझान बने रहने की उम्मीद है।

  • भारतीय ट्रैक्टर बाजार में सोनालिका का दबदबा, दिसंबर 2025 में रिकॉर्ड 12,392 ट्रैक्टर बिक्री

    भारतीय ट्रैक्टर बाजार में सोनालिका का दबदबा, दिसंबर 2025 में रिकॉर्ड 12,392 ट्रैक्टर बिक्री

    सोनालिका ट्रैक्टर ने रचा नया रिकॉर्ड: दिसंबर 2025 में अब तक की सबसे ज्यादा मासिक बिक्री

    भारतीय ट्रैक्टर उद्योग के लिए साल 2025 का अंत बेहद सकारात्मक संकेत लेकर आया है। देश की प्रमुख ट्रैक्टर निर्माता कंपनी सोनालिका ट्रैक्टर ने दिसंबर 2025 में अपनी अब तक की सबसे अधिक मासिक बिक्री दर्ज कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। कंपनी ने इस महीने कुल 12,392 ट्रैक्टर यूनिट्स की बिक्री की, जो न केवल कंपनी के लिए बल्कि पूरे भारतीय ट्रैक्टर बाजार के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

    यह रिकॉर्ड बिक्री इस बात का साफ संकेत है कि भारतीय किसानों के बीच सोनालिका ब्रांड पर भरोसा लगातार मजबूत हो रहा है। साल के आखिरी महीने में हासिल किया गया यह आंकड़ा कंपनी की रणनीति, उत्पाद गुणवत्ता और किसान-केंद्रित सोच को दर्शाता है।


    किसानों के भरोसे का मजबूत आधार बनी सोनालिका की सफलता

    सोनालिका ट्रैक्टर की इस उपलब्धि पर कंपनी के संयुक्त प्रबंध निदेशक रमण मित्तल ने कहा कि हर ट्रैक्टर की बिक्री किसानों के भरोसे की जीत है। उनके अनुसार,

    “हमारे लिए ट्रैक्टर केवल एक मशीन नहीं है, बल्कि यह किसान के जीवन और उसकी आजीविका से जुड़ा हुआ साधन है।”

    उन्होंने बताया कि सोनालिका हमेशा किसानों की वास्तविक जरूरतों, फीडबैक और खेतों की परिस्थितियों को समझकर ट्रैक्टर डिजाइन करती है। इसी कारण कंपनी के ट्रैक्टर भरोसेमंद, टिकाऊ और उच्च प्रदर्शन वाले साबित होते हैं।

    कंपनी का उद्देश्य सिर्फ बिक्री के आंकड़े बढ़ाना नहीं, बल्कि किसानों को ऐसे दीर्घकालिक समाधान देना है, जो खेती को आसान, किफायती और अधिक उत्पादक बना सकें।


    2026 के लिए मजबूत रणनीति और सतत विकास पर फोकस

    रिकॉर्ड बिक्री के साथ सोनालिका ने साल 2026 के लिए अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई है। कंपनी आने वाले समय में सतत विकास, तकनीकी नवाचार और विश्वसनीयता को प्राथमिकता देते हुए आगे बढ़ेगी।

    सोनालिका का फोकस रहेगा:

    • नई टेक्नोलॉजी वाले ट्रैक्टर
    • बेहतर फ्यूल एफिशिएंसी
    • मजबूत इंजन क्षमता
    • कम मेंटेनेंस और ज्यादा माइलेज

    नए साल के अवसर पर कंपनी ने देशभर के किसानों और स्टेकहोल्डर्स को “हैप्पी न्यू ईयर 2026” की शुभकामनाएं भी दीं।


    भारतीय ट्रैक्टर बाजार में सोनालिका की बढ़ती पकड़

    पिछले कुछ वर्षों में भारतीय ट्रैक्टर इंडस्ट्री में प्रतिस्पर्धा काफी तेज हुई है, लेकिन सोनालिका ने अपनी अलग पहचान बनाए रखी है। कंपनी ने छोटे, मध्यम और बड़े किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विभिन्न हॉर्स पावर रेंज में ट्रैक्टर पेश किए हैं।

    तकनीकी नवाचार, मजबूत बॉडी, उन्नत इंजन और कम ईंधन खपत जैसे फीचर्स ने सोनालिका को बाजार में मजबूत स्थिति दिलाई है। हर नया मॉडल किसानों की बदलती जरूरतों और आधुनिक खेती के अनुरूप तैयार किया जाता है।


    सोनालिका ट्रैक्टर से किसानों को मिलने वाले प्रमुख फायदे

    सोनालिका ट्रैक्टर आज भारतीय किसानों के लिए सिर्फ एक ब्रांड नहीं, बल्कि खेती का भरोसेमंद साथी बन चुका है।
    कंपनी के ट्रैक्टर निम्नलिखित क्षेत्रों में किसानों को लाभ पहुंचाते हैं:

    • छोटे खेतों से लेकर बड़े कृषि कार्यों तक उपयुक्त
    • हल्की जुताई से लेकर भारी कृषि कार्यों में दमदार प्रदर्शन
    • बेहतर माइलेज से ईंधन की बचत
    • मजबूत इंजन से कम समय में ज्यादा काम
    • लंबे समय तक टिकाऊ और भरोसेमंद संचालन

    इन खूबियों के कारण किसान बेहतर उत्पादन, कम मेहनत और अधिक मुनाफा हासिल कर पा रहे हैं।


    दिसंबर 2025 की बिक्री: कंपनी के लिए सकारात्मक संकेत

    साल 2025 के अंतिम महीने में दर्ज की गई यह रिकॉर्ड बिक्री सोनालिका ट्रैक्टर के उज्ज्वल भविष्य की ओर इशारा करती है। यह प्रदर्शन बताता है कि कंपनी की किसान-केंद्रित सोच, नवाचार और गुणवत्ता सही दिशा में काम कर रही है।

    विशेषज्ञों के अनुसार, यदि यही रफ्तार बनी रही तो आने वाले समय में सोनालिका भारतीय ट्रैक्टर बाजार में अपनी हिस्सेदारी और मजबूत कर सकती है।


    सोनालिका ट्रैक्टर के बारे में

    सोनालिका ट्रैक्टर भारत की अग्रणी ट्रैक्टर निर्माता कंपनियों में से एक है। यह ब्रांड अपनी उन्नत तकनीक, भरोसेमंद प्रदर्शन और मजबूत सर्विस नेटवर्क के लिए जाना जाता है।
    पूरे देश में फैला इसका डीलर और सर्विस नेटवर्क किसानों को समय पर सहायता प्रदान करता है।

    सोनालिका का लक्ष्य है:

    • खेती की कार्यक्षमता बढ़ाना
    • किसानों की लागत कम करना
    • टिकाऊ और भरोसेमंद ट्रैक्टर समाधान उपलब्ध कराना

    कंपनी चाहती है कि हर भारतीय किसान अपने खेत के लिए सही, किफायती और भरोसेमंद ट्रैक्टर चुन सके