Animal Production: पशुपालन अब केवल पारंपरिक पद्धति तक सीमित नहीं रहा है। आज का पशुपालक चाहता है कि उसके पशु न केवल स्वस्थ रहें बल्कि अधिक उत्पादन भी दें। पशु विशेषज्ञ बताते हैं कि गाय-भैंस की खुराक में बदलाव करना उनके स्वास्थ्य और उत्पादकता दोनों के लिए आवश्यक है। अक्सर पशुपालक यह गलती करते हैं कि वे केवल हरा चारा खिलाने पर ध्यान देते हैं, लेकिन यह सोच गलत है। एक संतुलित और पूर्ण आहार ही पशु को स्वस्थ रखने और उसके उत्पादन को बढ़ाने में मदद करता है।
Animal Production: आहार में शामिल करें ये 5 जरूरी चीजें
1. कार्बोहाइड्रेट: ऊर्जा का मुख्य स्रोत
कार्बोहाइड्रेट पशु के शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है। यह पशु के आहार का सबसे बड़ा हिस्सा होता है और हरा चारा, भूसा, कड़वी औषधीय वनस्पतियों और मिनरल मिक्चर में भरपूर मात्रा में पाया जाता है। पशु की दैनिक गतिविधियों और पाचन तंत्र के लिए कार्बोहाइड्रेट अनिवार्य है।
2. प्रोटीन: शरीर की मजबूती के लिए महत्वपूर्ण (Animal Production)
प्रोटीन शरीर को हष्ट-पुष्ट और मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह पशु के मांसपेशियों को शक्ति देता है और गर्भ में पल रहे बच्चे की वृद्धि तथा दूध उत्पादन के लिए अत्यंत आवश्यक है। पशुओं को प्रोटीन मुख्य रूप से खल, दालों और फलीदार चारे जैसे बरसीम, रिजका, लोबिया और ग्वार से मिलता है।
3. वसा (फैट): ऊर्जा का भंडार
शरीर के लिए वसा बहुत आवश्यक है क्योंकि यह ऊर्जा के भंडार के रूप में कार्य करता है। भोजन की कमी के समय वसा ही ऊर्जा की आपूर्ति करता है। पशु की खुराक में करीब 3 से 5 प्रतिशत वसा शामिल करना चाहिए। बिनौला, तिलहन, सोयाबीन और विभिन्न प्रकार की खल वसा के अच्छे स्रोत हैं।
4. विटामिन: शारीरिक क्रियाशीलता के लिए जरूरी (Animal Production)
विटामिन A, C, D, E और K चारे और दाने से प्राप्त होते हैं। विटामिन A की कमी से भैंसों में गर्भपात, अंधापन, और प्रजनन संबंधी समस्याएं पैदा हो सकती हैं। विटामिन B पशु के पेट में मौजूद सूक्ष्म जीवाणुओं द्वारा पर्याप्त मात्रा में मिलता रहता है।
5. खनिज लवण: हड्डियों और दूध की गुणवत्ता के लिए महत्वपूर्ण
खनिज लवण (मिनरल मिक्चर) हड्डियों और दांतों की संरचना के लिए महत्वपूर्ण होते हैं। दूध में फैट और SNF बढ़ाने में भी ये बड़ी भूमिका निभाते हैं। कैल्शियम, फास्फोरस, लोहा, तांबा और जस्ता जैसे तत्व पशु शरीर के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।
Animal Production: पशुओं को गर्भधारण से पहले दें विशेष ध्यान
पशु विशेषज्ञों का मानना है कि गाय-भैंस को गर्भधारण से पहले उनकी खुराक में बदलाव कर देना चाहिए। पशु को दी जा रही दैनिक खुराक में हरा चारा, सूखा चारा और मिनरल मिक्चर तीनों प्रकार की चीजें शामिल होना अनिवार्य है। इसी को ‘कंपलीट डाइट’ कहा जाता है।
Animal Production: कैल्शियम और फास्फोरस का विशेष महत्व
दुध उत्पादन की स्थिति में भैंस को कैल्शियम और फास्फोरस की बहुत अधिक आवश्यकता होती है। इनकी कमी से:
- पशु को ‘मिल्क फीवर’ हो सकता है।
- दूध उत्पादन घट सकता है।
- गाभिन भैंसें ‘हीट’ (गर्मी) में नहीं आतीं, जिससे प्रजनन में बाधा आती है।
Animal Production: संतुलित आहार ही सफलता की कुंजी
पशुपालन में सफलता के लिए संतुलित आहार देना अत्यंत आवश्यक है। कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा, विटामिन और खनिज लवण से भरपूर ‘कंपलीट डाइट’ पशु को स्वस्थ रखती है और उसके उत्पादन को बढ़ाती है। गर्भधारण से पहले इन पोषक तत्वों का ध्यान रखने से पशुपालक की आय में निश्चित रूप से वृद्धि होती है।
Animal Production: पशु आहार सारणी (Quick Guide)
| पोषक तत्व | मुख्य स्रोत | लाभ |
| कार्बोहाइड्रेट | भूसा, हरा चारा, मक्का | तुरंत ऊर्जा और पाचन |
| प्रोटीन | खल (बिनौला/सरसों), बरसीम | मांसपेशियों और गर्भ का विकास |
| वसा | तिलहन, सोयाबीन | ऊर्जा भंडारण और चमकदार त्वचा |
| मिनरल मिक्चर | कैल्शियम पाउडर, नमक | मजबूत हड्डियाँ और अधिक फैट |
| विटामिन | ताज़ा हरा चारा | रोग प्रतिरोधक क्षमता |
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