UP News: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने रबी विपणन सत्र 2026-27 को देखते हुए गेहूं खरीद की व्यापक और पूर्ण तैयारियां तेज कर दी हैं। किसानों को उनकी मेहनत की फसल का उचित और गारंटीशुदा मूल्य दिलाने के लिए सरकार ने इस बार गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP पिछले साल के ₹2425 प्रति क्विंटल से ₹160 बढ़ाकर ₹2585 प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। भारत सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश के लिए वर्ष 2026-27 में गेहूं खरीद का महत्वाकांक्षी लक्ष्य 10 लाख मीट्रिक टन यानी 100 लाख क्विंटल निर्धारित किया गया है। यह क्रय कार्य 25 मार्च 2026 से शुरू होकर 15 जून 2026 के बीच पूरा किया जाएगा। इसी संदर्भ में प्रदेश के मुख्य सचिव एसपी गोयल ने गुरुवार 20 मार्च 2026 को एक विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की जिसमें उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को सख्त और स्पष्ट निर्देश दिए कि समस्त व्यवस्थाएं समय से पूर्व पूर्ण कर ली जाएं ताकि किसानों को अपनी कीमती उपज बेचने में किसी भी प्रकार की असुविधा या परेशानी का सामना न करना पड़े।
उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा गेहूं उत्पादक राज्य है और यहां हर साल लाखों टन गेहूं का उत्पादन होता है। रबी सीजन की मुख्य फसल गेहूं की कटाई मार्च के अंत से शुरू हो जाती है। किसानों को उनकी फसल का उचित दाम मिले इसके लिए केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर एमएसपी पर गेहूं खरीद का अभियान चलाती हैं। इस साल भी यह अभियान बड़े पैमाने पर चलाया जाएगा। मुख्य सचिव की समीक्षा बैठक में गेहूं खरीद की सभी तैयारियों की विस्तार से चर्चा हुई। आइए जानते हैं क्या हैं मुख्य बिंदु और किसानों के लिए क्या व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
UP News: गेहूं खरीद का 10 लाख मीट्रिक टन लक्ष्य
मुख्य सचिव एसपी गोयल की समीक्षा बैठक में यह महत्वपूर्ण जानकारी दी गई कि भारत सरकार ने उत्तर प्रदेश के लिए वर्ष 2026-27 में गेहूं खरीद का लक्ष्य 10 लाख मीट्रिक टन निर्धारित किया है। यह बहुत बड़ा लक्ष्य है। 10 लाख मीट्रिक टन यानी 100 लाख क्विंटल गेहूं। पिछले वर्ष की तुलना में यह लक्ष्य थोड़ा अधिक है। इसका मतलब है कि सरकार इस बार अधिक गेहूं खरीदना चाहती है ताकि किसानों को एमएसपी का भरपूर लाभ मिले। यह क्रय कार्य 25 मार्च 2026 से शुरू होगा और 15 जून 2026 तक चलेगा। यानी पूरे 2.5 महीने का समय दिया गया है। इतना लंबा समय इसलिए रखा गया है ताकि सभी किसान अपनी सुविधानुसार गेहूं बेच सकें। जल्दबाजी न हो और भीड़भाड़ से बचा जा सके। गेहूं खरीद का यह काम भारतीय खाद्य निगम (FCI) और उत्तर प्रदेश राज्य भंडारण निगम जैसी एजेंसियों के माध्यम से किया जाएगा।
UP News: MSP में ₹160 की बढ़ोतरी, अब ₹2585 प्रति क्विंटल
इस वर्ष गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP में केंद्र सरकार ने अच्छी बढ़ोतरी की है। पिछले वर्ष 2025-26 में गेहूं का MSP ₹2425 प्रति क्विंटल था। इस साल इसे ₹160 बढ़ाकर ₹2585 प्रति क्विंटल कर दिया गया है। यह लगभग 6.6 प्रतिशत की वृद्धि है। यह बढ़ोतरी किसानों के लिए राहत की खबर है क्योंकि खेती की लागत लगातार बढ़ रही है। बीज, खाद, कीटनाशक, डीजल और मजदूरी सब महंगे हो गए हैं। ऐसे में MSP में वृद्धि से किसानों को कुछ राहत मिलेगी। समीक्षा बैठक में यह भी अनुमान जताया गया कि एमएसपी में वृद्धि को देखते हुए इस बार क्रय केन्द्रों पर अपेक्षाकृत अधिक मात्रा में गेहूं आने की संभावना है। मतलब पिछले साल की तुलना में इस साल अधिक किसान सरकारी खरीद केंद्रों पर अपना गेहूं बेचने आएंगे क्योंकि निजी बाजार में दाम कम हैं।
UP News: 5494 क्रय केंद्र स्थापित किए जाएंगे
गेहूं खरीद को सुचारू और सुगम बनाने के लिए पूरे उत्तर प्रदेश में व्यापक स्तर पर क्रय केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। समीक्षा बैठक में बताया गया कि प्रारंभ में 5000 क्रय केन्द्र स्थापित करने का प्रस्ताव था। अब तक इनमें से 4990 स्थायी क्रय केन्द्रों को औपचारिक अनुमोदन प्रदान किया जा चुका है। यह केंद्र विभिन्न जिलों और तहसीलों में स्थापित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त और एक बड़ा कदम यह उठाया गया है कि विभिन्न जनपदों में 504 मोबाइल क्रय केन्द्र भी स्वीकृत किए गए हैं। मोबाइल क्रय केंद्र का मतलब है कि ये केंद्र एक जगह स्थायी रूप से नहीं होंगे बल्कि जरूरत के अनुसार अलग अलग गांवों और क्षेत्रों में जाएंगे। इससे दूरदराज के इलाकों के किसानों को बहुत फायदा होगा। उन्हें दूर नहीं जाना पड़ेगा। इस प्रकार स्थायी और मोबाइल मिलाकर कुल क्रय केन्द्रों की संख्या 5494 हो गई है। यह एक बहुत बड़ा नेटवर्क है जो पूरे प्रदेश को कवर करेगा।
UP News: 48 घंटे में भुगतान की सख्त गारंटी
मुख्य सचिव एसपी गोयल ने समीक्षा बैठक में सबसे महत्वपूर्ण निर्देश यह दिया कि किसानों को गेहूं बेचने के बाद 48 घंटे यानी 2 दिनों के भीतर उनके बैंक खाते में भुगतान सुनिश्चित किया जाए। यह बहुत अहम निर्देश है क्योंकि पिछले कुछ सालों में कई बार यह शिकायत मिली थी कि किसानों को भुगतान में देरी हो रही है। कई बार 15-20 दिन तक भुगतान नहीं आता था। इससे किसान परेशान होते थे क्योंकि उन्हें पैसों की जरूरत होती है। अब 48 घंटे की सख्त समयसीमा तय की गई है। इसका मतलब है कि अगर सोमवार को किसान ने गेहूं बेचा तो बुधवार तक उसके खाते में पैसे आ जाने चाहिए। यह व्यवस्था डिजिटल भुगतान प्रणाली के माध्यम से लागू की जाएगी। भुगतान सीधे किसान के बैंक खाते में DBT यानी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए होगा।
UP News: क्रय केंद्रों पर सभी सुविधाएं अनिवार्य
मुख्य सचिव ने यह भी सख्त निर्देश दिए कि सभी क्रय केन्द्रों का पहले से निरीक्षण कराकर उन्हें पूर्णतः क्रियाशील और किसान अनुकूल बनाया जाए। हर क्रय केंद्र पर निम्नलिखित आवश्यक मूलभूत सुविधाएं अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाएं: पहली सुविधा है पेयजल की व्यवस्था। हर केंद्र पर साफ पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए। दूसरी सुविधा है छाया की व्यवस्था। गर्मी के मौसम में किसानों को धूप में न खड़ा रहना पड़े इसके लिए शेड या टेंट लगाए जाएं। तीसरी सुविधा है बैठने की व्यवस्था। किसानों के लिए बेंच या कुर्सियां रखी जाएं ताकि वे आराम से बैठकर अपनी बारी का इंतजार कर सकें। चौथी सुविधा है साफ सफाई। क्रय केंद्र और उसके आसपास का क्षेत्र साफ सुथरा रखा जाए। शौचालय की व्यवस्था भी हो। इन सभी सुविधाओं का उद्देश्य यह है कि किसानों को गेहूं बेचने के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा या परेशानी का सामना न करना पड़े।
UP News: तौल समय पर और बोरों की पर्याप्त उपलब्धता
मुख्य सचिव ने दो और महत्वपूर्ण निर्देश दिए। पहला यह कि गेहूं की तौल समय पर और तेजी से हो। कई बार देखा गया है कि तौल की मशीनें कम होती हैं या खराब होती हैं जिससे किसानों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। इस बार पर्याप्त संख्या में इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीनें लगाई जाएंगी और उनका रखरखाव भी सुनिश्चित किया जाएगा। दूसरा निर्देश यह दिया गया कि बोरों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। गेहूं को स्टोर करने के लिए बोरों की जरूरत पड़ती है। अगर बोरे कम हों तो खरीद रुक जाती है। इसलिए पहले से ही पर्याप्त मात्रा में बोरे मंगवाकर रखे जाएंगे ताकि किसी तरह की कमी न हो।
UP News: मोबाइल क्रय केंद्रों का विशेष महत्व
मुख्य सचिव ने विशेष रूप से मोबाइल क्रय केंद्रों के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्थायी क्रय केन्द्रों के अतिरिक्त मोबाइल क्रय केन्द्रों के माध्यम से भी सक्रियता से गेहूं खरीद की जाए। इसका उद्देश्य यह है कि दूर और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले किसानों को सुविधा मिल सके। कुछ गांव ऐसे होते हैं जो तहसील या मुख्य बाजार से 20-30 किलोमीटर दूर हैं। वहां के किसानों के लिए गेहूं लेकर दूर जाना मुश्किल होता है। ट्रांसपोर्ट का खर्च भी आता है। मोबाइल क्रय केंद्र ऐसे गांवों में जाएंगे। यह एक बहुत अच्छी पहल है जो छोटे और सीमांत किसानों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद होगी।
UP News: गेहूं खरीद व्यवस्था की पूरी तालिका
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| खरीद का लक्ष्य | 10 लाख मीट्रिक टन (100 लाख क्विंटल) |
| MSP (न्यूनतम समर्थन मूल्य) | ₹2585 प्रति क्विंटल |
| पिछले साल का MSP | ₹2425 प्रति क्विंटल |
| MSP में वृद्धि | ₹160 प्रति क्विंटल (6.6%) |
| खरीद प्रारंभ तिथि | 25 मार्च 2026 |
| खरीद समाप्ति तिथि | 15 जून 2026 |
| खरीद अवधि | लगभग 2.5 महीने |
| स्थायी क्रय केंद्र | 4990 |
| मोबाइल क्रय केंद्र | 504 |
| कुल क्रय केंद्र | 5494 |
| भुगतान की समयसीमा | 48 घंटे (2 दिन) के भीतर |
| भुगतान का तरीका | DBT (सीधे बैंक खाते में) |
| अनिवार्य सुविधाएं | पेयजल, छाया, बैठने की व्यवस्था, साफ-सफाई, शौचालय |
| खरीद एजेंसी | FCI, UP राज्य भंडारण निगम |
| निरीक्षण व्यवस्था | सभी केंद्रों का पूर्व निरीक्षण अनिवार्य |
| बोरों की व्यवस्था | पर्याप्त मात्रा में पहले से उपलब्ध |
| तौल व्यवस्था | इलेक्ट्रॉनिक मशीनें, समय पर तौल |
UP News: PM-SYM योजना का भी जिक्र
समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव गोयल ने प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन यानी PM-SYM योजना का भी उल्लेख किया। यह योजना असंगठित क्षेत्र के 18 से 40 वर्ष आयु वर्ग के श्रमिकों के लिए एक महत्वपूर्ण स्वैच्छिक पेंशन योजना है। इसके तहत 60 वर्ष की आयु के बाद मासिक 3000 रुपये पेंशन की गारंटी दी जाती है। इस योजना की खासियत यह है कि इसमें 50 प्रतिशत अंशदान सरकार द्वारा किया जाता है और 50 प्रतिशत श्रमिक द्वारा। गेहूं क्रय केंद्रों पर आने वाले मजदूरों और छोटे किसानों को इस योजना के बारे में बताने और उन्हें इसमें शामिल करने के भी निर्देश दिए गए।
UP News: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
UP में गेहूं की खरीद कब से शुरू होगी? उत्तर प्रदेश में गेहूं की सरकारी खरीद 25 मार्च 2026 से शुरू होगी और 15 जून 2026 तक चलेगी।
इस साल गेहूं का MSP क्या है? इस साल 2026-27 के लिए गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य ₹2585 प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है जो पिछले साल से ₹160 अधिक है।
कितने क्रय केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं? पूरे उत्तर प्रदेश में 4990 स्थायी और 504 मोबाइल क्रय केंद्र मिलाकर कुल 5494 क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं।
गेहूं बेचने के बाद भुगतान कितने दिन में मिलेगा? मुख्य सचिव के निर्देश के अनुसार गेहूं बेचने के 48 घंटे यानी 2 दिनों के भीतर किसान के बैंक खाते में सीधे भुगतान किया जाएगा।
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