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Tractor Subsidy: हरियाणा में SC किसानों को ट्रैक्टर खरीद पर 3 लाख रुपये की सब्सिडी, SB-89 योजना में 5 किसान चयनित, 10 मार्च तक बिल अपलोड करना जरूरी

Tractor Subsidy
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Tractor Subsidy: हरियाणा सरकार ने अनुसूचित जाति के किसानों के लिए एक बड़ी सौगात दी है। एसबी-89 योजना के तहत खेती की जमीन के मालिकाना हक वाले SC वर्ग के किसानों को ट्रैक्टर खरीदने पर 3 लाख रुपये तक का सरकारी अनुदान (Tractor Subsidy) यानी सब्सिडी दी जा रही है। वर्ष 2025-26 के लिए इस योजना की पूरी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, 5 किसानों का चयन किया जा चुका है और अब उन्हें 10 मार्च 2026 तक ट्रैक्टर का बिल पोर्टल पर अपलोड करना है। यह योजना छोटे और जरूरतमंद किसानों की खेती की लागत कम करने और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

Tractor Subsidy: क्या है एसबी-89 योजना?

हरियाणा सरकार किसानों के कल्याण के लिए समय-समय पर कई योजनाएं चलाती रहती है। एसबी-89 उन्हीं में से एक प्रमुख कृषि अनुदान योजना है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य अनुसूचित जाति के उन किसानों को आर्थिक सहायता देना है जो अपनी जमीन तो रखते हैं लेकिन महंगे कृषि उपकरण खरीदने में सक्षम नहीं होते। ट्रैक्टर आधुनिक खेती का सबसे जरूरी उपकरण है। इसकी मदद से जुताई, बुवाई और फसल प्रबंधन सभी काम तेज और आसान हो जाते हैं। लेकिन एक नया ट्रैक्टर 5 से 10 लाख रुपये या उससे अधिक का होता है जो छोटे किसानों की पहुंच से बाहर होता है। ऐसे में 3 लाख रुपये तक की सब्सिडी इन किसानों के लिए बेहद राहत की बात है।

Tractor Subsidy: आवेदन प्रक्रिया और पारदर्शी चयन

उपायुक्त आयुष सिन्हा ने बताया कि वर्ष 2025-26 के लिए इस योजना के तहत किसानों से 15 जनवरी 2026 तक ऑनलाइन आवेदन (Tractor Subsidy) मांगे गए थे। किसानों ने कृषि विभाग के पोर्टल पर जाकर अपने आवेदन दर्ज किए। कुल 78 किसानों ने इस योजना के लिए आवेदन भेजे। इतने बड़े आवेदकों में से लाभार्थियों का चयन पूरी तरह पारदर्शी तरीके से किया गया।

20 फरवरी 2026 को लघु सचिवालय के सभागार में जिला स्तरीय कार्यकारिणी समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी शिखा की अध्यक्षता में यह बैठक हुई। इस बैठक में किसानों की मौजूदगी में ऑनलाइन ड्रॉ ऑफ लॉट्स यानी लकी ड्रॉ की प्रक्रिया अपनाई गई। इस डिजिटल ड्रॉ में पूरी पारदर्शिता बरती गई ताकि हर आवेदक किसान को यह विश्वास हो सके कि चयन निष्पक्ष तरीके से हुआ है।

Tractor Subsidy: 5 किसान चयनित, 5 प्रतीक्षा सूची में

निदेशालय से मिले लक्ष्य के अनुसार इस बार कुल 5 किसानों का चयन किया गया है। साथ ही 5 और किसानों (Tractor Subsidy) को प्रतीक्षा सूची में रखा गया है। प्रतीक्षा सूची इसलिए बनाई जाती है ताकि अगर चयनित किसानों में से कोई किसी कारण से योजना का लाभ न ले पाए तो प्रतीक्षा सूची के किसानों को मौका मिल सके। इस तरह सरकार यह सुनिश्चित करती है कि आवंटित अनुदान राशि व्यर्थ न जाए और जरूरतमंद किसानों तक पहुंचे।

Tractor Subsidy: दस्तावेज जमा और परमिट जारी

सहायक कृषि अभियंता राकेश कुमार ने बताया कि चयनित सभी 5 किसानों (Tractor Subsidy) ने अपने जरूरी दस्तावेज फरीदाबाद स्थित सहायक कृषि अभियंता के कार्यालय में जमा कर दिए। दस्तावेजों की जांच और सत्यापन के बाद कृषि विभाग ने 24 फरवरी 2026 को चयनित किसानों के लिए ऑनलाइन परमिट जारी कर दिए। यह परमिट किसानों के लिए बेहद जरूरी दस्तावेज है। इसी परमिट के आधार पर किसान ट्रैक्टर डीलर के पास जाकर ट्रैक्टर खरीद सकते हैं और सरकारी अनुदान का लाभ उठा सकते हैं।

Tractor Subsidy: परमिट और बिल की अंतिम तिथि

पहले किसानों (Tractor Subsidy) को ऑनलाइन परमिट डाउनलोड करने की अंतिम तिथि 3 मार्च 2026 निर्धारित की गई थी। लेकिन बाद में किसानों की सुविधा को देखते हुए इसे बढ़ाकर 8 मार्च 2026 कर दिया गया। अब जिन किसानों ने अभी तक अपना परमिट डाउनलोड नहीं किया है उन्हें 8 मार्च तक यह काम पूरा करना जरूरी था। इसके बाद सभी चयनित किसानों को 10 मार्च 2026 तक ट्रैक्टर खरीदकर उसका बिल विभागीय पोर्टल पर अपलोड करना होगा। जो किसान इस तिथि तक बिल अपलोड नहीं कर पाएंगे उन्हें इस बार योजना का लाभ नहीं मिलेगा।

Tractor Subsidy: डीलरों को भी दिए निर्देश

कृषि विभाग ने यह भी सुनिश्चित किया है कि किसानों को ट्रैक्टर खरीदते (Tractor Subsidy) समय किसी परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके लिए ट्रैक्टर निर्माता कंपनियों और उनके अधिकृत डीलरों को विशेष निर्देश दिए गए हैं कि वे 8 मार्च तक अपने शोरूम और गोदाम में पर्याप्त ट्रैक्टर का स्टॉक सुनिश्चित करें। इससे चयनित किसान बिना किसी रुकावट के समय पर ट्रैक्टर खरीद सकेंगे।

Tractor Subsidy: किसानों के लिए क्यों जरूरी है यह योजना

ट्रैक्टर आधुनिक कृषि की रीढ़ है। खेत की जुताई से लेकर बुवाई, सिंचाई और फसल कटाई तक लगभग हर काम में ट्रैक्टर की जरूरत होती है। पहले जहां बैलों से खेत जोतने में कई दिन लगते थे वहीं ट्रैक्टर से वही काम कुछ घंटों में हो जाता है। अनुसूचित जाति के छोटे और सीमांत किसान जो पहले से ही आर्थिक तंगी का सामना करते हैं उनके लिए 3 लाख रुपये तक की सरकारी सब्सिडी एक बड़ी मदद है। इससे न केवल उनकी खेती की लागत कम होगी बल्कि उत्पादकता भी बढ़ेगी और आय में सुधार होगा।

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