Posted in

MP News: मध्यप्रदेश में 16 मार्च से शुरू होगी एमएसपी पर गेहूं खरीद, CM मोहन यादव ने दिए सख्त निर्देश, 7 मार्च तक करें पंजीयन, जानें अपने संभाग की पूरी तारीख

MP News
MP News

MP News: रबी सीजन 2026 में मध्यप्रदेश के किसानों के लिए एक बड़ी और महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने एमएसपी यानी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद की तारीखों का ऐलान कर दिया है। प्रदेश के अलग-अलग संभागों में 16 मार्च और 23 मार्च से गेहूं उपार्जन की प्रक्रिया शुरू होगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस संबंध में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के बाद जिला कलेक्टरों के साथ वर्चुअल संवाद किया और स्पष्ट निर्देश दिए कि उपार्जन केंद्रों पर किसानों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। राज्य सरकार का संदेश साफ है कि इस बार गेहूं खरीद पूरी तरह पारदर्शी, सुचारु और किसान हितैषी तरीके से होगी। किसान भाइयों के लिए यह भी जरूरी जानकारी है कि पंजीयन की अंतिम तिथि 7 मार्च है, इसलिए जिन्होंने अभी तक पंजीयन नहीं कराया है वे जल्द से जल्द यह काम करा लें।

MP News: संभागवार गेहूं खरीद की तारीखें

मध्यप्रदेश सरकार ने गेहूं उपार्जन को चरणबद्ध तरीके से आयोजित करने का फैसला किया है ताकि व्यवस्था सुचारु रहे और किसानों को भीड़ और असुविधा का सामना न करना पड़े। पहले चरण में इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में गेहूं खरीद 16 मार्च से शुरू होगी और यह प्रक्रिया 5 मई तक चलेगी। इन संभागों में गेहूं उत्पादन अपेक्षाकृत पहले होता है इसलिए यहां खरीद भी जल्दी शुरू की जा रही है।

दूसरे चरण में जबलपुर, ग्वालियर, रीवा, शहडोल, चंबल और सागर संभाग के किसानों से गेहूं खरीद 23 मार्च से शुरू होगी जो 12 मई तक जारी रहेगी। इस तरह राज्य के सभी 10 प्रमुख संभागों में लगभग डेढ़ से दो महीने तक गेहूं खरीद की व्यवस्था रहेगी। किसान अपनी सुविधा और उपज तैयार होने के हिसाब से इस दौरान कभी भी अपनी उपज उपार्जन केंद्र पर ले जा सकते हैं।

MP News: 7 मार्च तक अनिवार्य है पंजीयन

राज्य सरकार ने किसानों से अपील की है कि गेहूं उपार्जन के लिए 7 मार्च तक अपना पंजीयन अवश्य करा लें। पंजीयन कराना इसलिए जरूरी है क्योंकि बिना पंजीयन के उपार्जन केंद्र पर गेहूं बेचना संभव नहीं होगा। पंजीकृत किसानों का सत्यापन पहले से किया जाएगा ताकि खरीदी के दिन किसी तरह की अड़चन न आए। किसान अपने नजदीकी लोक सेवा केंद्र, ग्राम पंचायत या कृषि विभाग के कार्यालय में जाकर पंजीयन करा सकते हैं। ऑनलाइन पंजीयन की सुविधा भी उपलब्ध है।

MP News: CM मोहन यादव ने क्या दिए निर्देश

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 5 मार्च को मंत्रालय में आयोजित राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक के बाद जिला कलेक्टरों के साथ वर्चुअल संवाद करते हुए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पंजीकृत किसानों के सत्यापन का काम समय पर पूरा किया जाए। उपार्जन केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में बारदाने यानी बोरे उपलब्ध रहें। तौल व्यवस्था दुरुस्त हो और कोई भी किसान कम तौल का शिकार न हो। परिवहन की व्यवस्था भी पहले से सुनिश्चित की जाए ताकि उपार्जन केंद्रों पर अनाज जमा होने पर उसे समय पर उठाया जा सके।

मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि उपार्जन कार्य में लगे सभी कर्मचारियों को उचित प्रशिक्षण दिया जाए ताकि खरीदी की प्रक्रिया में कोई तकनीकी या प्रशासनिक समस्या उत्पन्न न हो। जिला उपार्जन समितियों को नियमित रूप से बैठकें करने और किसी भी समस्या का त्वरित समाधान करने के निर्देश भी दिए गए। साफ शब्दों में कहें तो मुख्यमंत्री ने इस पूरी प्रक्रिया को बिल्कुल चाक-चौबंद रखने के निर्देश दिए हैं।

MP News: भुगतान सीधे बैंक खाते में, समय पर मिलेगा पैसा

किसानों के लिए एक और बड़ी राहत यह है कि गेहूं बेचने के बाद भुगतान सीधे उनके बैंक खाते में किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी है कि भुगतान में किसी भी तरह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। किसान को उपार्जन केंद्र पर अनाज देने के बाद जल्द से जल्द पैसा उसके खाते में पहुंच जाना चाहिए। बीते वर्षों में भुगतान में देरी की शिकायतें आती रही हैं और इस बार सरकार ने यह सुनिश्चित करने का संकल्प लिया है कि किसान को अपनी मेहनत का पैसा समय पर मिले।

MP News: SMS और सूचना केंद्रों से मिलेगी जानकारी

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि किसानों को खरीदी से संबंधित सभी जानकारी सरल और स्पष्ट तरीके से दी जाए। एसएमएस के जरिए किसानों को उनके पंजीयन की स्थिति, खरीदी की तारीख और उपार्जन केंद्र की जानकारी भेजी जाएगी। सूचना केंद्रों और ग्राम पंचायतों के माध्यम से भी किसानों तक यह जानकारी पहुंचाई जाएगी ताकि कोई भी किसान अनजान न रहे और सही समय पर अपनी उपज लेकर उपार्जन केंद्र पर पहुंच सके।

MP News: किसानों के लिए जरूरी बातें

मध्यप्रदेश के गेहूं उत्पादक किसानों को कुछ महत्वपूर्ण बातें ध्यान में रखनी चाहिए। सबसे पहले और सबसे जरूरी काम है 7 मार्च तक पंजीयन कराना। जो किसान पंजीयन नहीं कराएंगे वे एमएसपी पर सरकारी खरीद का लाभ नहीं उठा पाएंगे। उपार्जन केंद्र पर अपनी उपज लेकर जाते समय पंजीयन संबंधी दस्तावेज साथ रखें। गेहूं को साफ करके सुखाकर लाएं ताकि नमी की वजह से कोई समस्या न हो। बैंक खाते की जानकारी सही होनी चाहिए ताकि भुगतान में कोई दिक्कत न आए।

मध्यप्रदेश सरकार की यह पहल किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य दिलाने और उन्हें बिचौलियों के चंगुल से बचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। किसान इस अवसर का पूरा लाभ उठाएं और समय पर पंजीयन कराकर एमएसपी पर अपनी उपज बेचें।

Read More Here

Tractor Implement Selection: ट्रैक्टर खरीदना ही काफी नहीं, सही कृषि यंत्र का चुनाव भी जरूरी, जानें क्या है पूरा गणित

Electric Tractor: भारतीय खेती में इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर की एंट्री, 2026 में होगा बड़ा बदलाव, डीजल की जगह बिजली से चलेंगे ट्रैक्टर

Kisan Credit Card: किसानों के लिए बड़ी राहत, RBI ने किसान क्रेडिट कार्ड की अवधि बढ़ाने का दिया प्रस्ताव, जानें क्या होंगे फायदे

Crop Price: एमएसपी बन रही छलावा, कागजों में बढ़ रहे दाम, किसानों की जेब हो रही खाली

SBI Report: भारतीय कृषि निर्यात को बड़ा बूस्ट, अमेरिकी बाजार में 75% उत्पादों पर शून्य शुल्क, SBI रिपोर्ट में खुलासा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »