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Lakhpati Didi Scheme: 6 करोड़ महिलाओं को लखपति बनाने का संकल्प, 10 करोड़ को वित्तीय समावेशन से जोड़ेगी सरकार

Lakhpati Didi Scheme
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Lakhpati Didi Scheme: देश की ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक तस्वीर बदलने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक और बड़ा संकल्प लिया है। केंद्रीय ग्रामीण विकास और कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को नई दिल्ली के कृषि भवन में दीनदयाल अंत्योदय योजना – राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह साफ किया कि 6 करोड़ ‘लखपति दीदी’ (Lakhpati Didi Scheme) का लक्ष्य किसी भी हालत में चूकने नहीं दिया जाएगा। इसके लिए 10 करोड़ ग्रामीण महिलाओं को वित्तीय समावेशन योजनाओं से जोड़ा जाएगा और युद्धस्तर पर काम होगा।

यह बैठक इसलिए भी अहम है क्योंकि इसमें मिशन की अद्यतन प्रगति की समीक्षा के साथ-साथ उन राज्यों को भी चिह्नित किया गया जहाँ काम की रफ्तार अपेक्षित नहीं रही। मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि बजट का एक-एक रुपया जमीन पर उतरना चाहिए और हर लाभार्थी तक योजना की पहुँच सुनिश्चित होनी चाहिए।

Lakhpati Didi Scheme: क्या है यह योजना और कहाँ से हुई शुरुआत?

Lakhpati Didi Scheme
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‘लखपति दीदी’ (Lakhpati Didi Scheme) महज एक सरकारी शब्द नहीं है, यह उस सपने का नाम है जो भारत की उन करोड़ों महिलाओं ने देखा है जो गाँव की सीमाओं में रहकर भी हर साल कम से कम एक लाख रुपये की आमदनी हासिल करना चाहती हैं। इस योजना की आधिकारिक घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2023 को लाल किले की प्राचीर से की थी।

पहले यह लक्ष्य 2 करोड़ महिलाओं तक सीमित था, लेकिन जब जमीनी स्तर पर महिलाओं की उत्साहजनक प्रतिक्रिया और स्वयं सहायता समूहों (SHG) की बढ़ती ताकत दिखी तो इसे बढ़ाकर 3 करोड़ किया गया। अब यह आँकड़ा 6 करोड़ तक पहुँच गया है, जो यह बताता है कि सरकार इस योजना को लेकर कितनी गंभीर है।

Lakhpati Didi Scheme: शिवराज सिंह चौहान ने समीक्षा बैठक में क्या कहा?

बुधवार की समीक्षा बैठक में शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 6 करोड़ लखपति दीदी (Lakhpati Didi Scheme) का लक्ष्य हासिल करने के लिए पहले 10 करोड़ ग्रामीण महिलाओं को मंत्रालय की विभिन्न वित्तीय समावेशन योजनाओं से जोड़ना होगा। उन्होंने इसे एक ‘फनल मॉडल’ की तरह समझाया, जितनी ज्यादा महिलाएं योजना से जुड़ेंगी, उतनी ज्यादा लखपति बनेंगी।

मंत्री ने जोर देकर कहा कि राज्य सरकारों के साथ समन्वय बेहद जरूरी है। जो राज्य पीछे हैं, उन्हें सिर्फ डाँटने से काम नहीं चलेगा उन्हें मार्गदर्शन और प्रोत्साहन दोनों देने होंगे। उनका संदेश स्पष्ट था कि यह एक राष्ट्रीय मिशन है और इसमें सभी को मिलकर चलना होगा।

Lakhpati Didi Scheme: चार स्तंभों पर टिका है यह मिशन

दीनदयाल अंत्योदय योजना – राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन चार प्रमुख आधारों पर काम करता है। इन्हें समझना जरूरी है क्योंकि इन्हीं के जरिए लखपति दीदी (Lakhpati Didi Scheme) का सपना साकार होता है।

स्तंभविवरणमुख्य लाभ
संस्थागत निर्माण एवं क्षमता विकासSHG गठन, प्रशिक्षण और नेतृत्व विकासमहिलाएं खुद संगठित होती हैं
सामाजिक समावेशन एवं सामाजिक विकासवंचित वर्गों को मुख्यधारा से जोड़नाSC/ST/अल्पसंख्यक महिलाओं को प्राथमिकता
वित्तीय समावेशनबैंक लिंकेज, बचत और ऋण की सुविधा1.5 लाख करोड़ रुपये का लाभ अब तक
आजीविका संवर्धनकौशल विकास और उद्यम सहयोगस्थायी आय के नए स्रोत

इन चारों घटकों का मिला-जुला असर यह होता है कि एक महिला पहले SHG में जुड़ती है, फिर बचत करना सीखती है, बैंक से जुड़ती है, कर्ज लेकर छोटा कारोबार शुरू करती है और धीरे-धीरे लखपति दीदी (Lakhpati Didi Scheme) बन जाती है।

Lakhpati Didi Scheme: 1.5 लाख करोड़ की आर्थिक सहायता – एक ऐतिहासिक उपलब्धि

DAY-NRLM के तहत अब तक बैंक लिंकेज कार्यक्रम के माध्यम से लगभग 1.5 लाख करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता सीधे लाभार्थियों तक पहुँचाई जा चुकी है। यह आँकड़ा कोई छोटी बात नहीं है। यह देश के कई छोटे राज्यों के पूरे सालाना बजट से भी ज्यादा है।

इसके अलावा 5 करोड़ से ज्यादा महिलाओं को वित्तीय साक्षरता का प्रशिक्षण दिया गया है, जिससे वे बैंकिंग, बचत, निवेश और बीमा को समझ पाई हैं। साथ ही 7 करोड़ से अधिक लोगों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत बीमा का लाभ दिया गया है। यह सब मिलकर ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक सुरक्षा की एक मजबूत नींव तैयार करता है।

Lakhpati Didi Scheme: 10 करोड़ को वित्तीय समावेशन – रणनीति क्या होगी?

शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट किया कि 6 करोड़ लखपति दीदी (Lakhpati Didi Scheme) के लक्ष्य तक पहुँचने के लिए पहला कदम 10 करोड़ महिलाओं को वित्तीय समावेशन की छतरी के नीचे लाना है। इसके लिए कई स्तरों पर काम होगा।

सबसे पहले उन महिलाओं की पहचान होगी जो अभी तक किसी बैंक खाते या सरकारी योजना से नहीं जुड़ी हैं। इसके बाद उन्हें PM Jan Dhan Yojana, PM Jeevan Jyoti Bima Yojana, PM Suraksha Bima Yojana और Pradhan Mantri Mudra Yojana जैसी योजनाओं से जोड़ा जाएगा। इन योजनाओं की पहुँच बढ़ाने के लिए SHG नेटवर्क का उपयोग एक ‘लास्ट माइल डिलीवरी’ मेकेनिज्म के रूप में किया जाएगा।

योजनालाभलक्षित वर्ग
PM Jan Dhan Yojanaजीरो बैलेंस खाता, RuPay कार्डसभी महिलाएं
PM Mudra Yojana10 लाख तक बिना गारंटी लोनमहिला उद्यमी
PM Jeevan Jyoti Bima2 लाख का जीवन बीमा18-50 आयु वर्ग
DAY-NRLM बैंक लिंकेजSHG को सस्ता ऋणस्वयं सहायता समूह
राष्ट्रीय आजीविका मिशन फंडकौशल और उद्यम सहायताग्रामीण महिला उद्यमी

Lakhpati Didi Scheme: कौन बन सकती है लखपति दीदी?

लखपति दीदी (Lakhpati Didi Scheme) बनने के लिए कोई जटिल प्रक्रिया नहीं है। कोई भी ग्रामीण महिला जो स्वयं सहायता समूह से जुड़ी है और जिसकी वार्षिक आमदनी कम से कम एक लाख रुपये हो जाती है, वह लखपति दीदी (Lakhpati Didi Scheme) की श्रेणी में आ जाती है।

इसके लिए कृषि, पशुपालन, दस्तकारी, खाद्य प्रसंस्करण, सिलाई-बुनाई, ब्यूटी सर्विसेज, ड्रोन पायलट, सोलर पैनल तकनीशियन जैसे विविध क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाता है। सरकार की कोशिश है कि हर महिला को उसकी रुचि और स्थानीय बाजार की जरूरत के हिसाब से आजीविका का एक स्थायी साधन मिले।

Lakhpati Didi Scheme: स्वयं सहायता समूहों की ताकत – असली इंजन

इस पूरे अभियान का असली इंजन देश के लाखों स्वयं सहायता समूह (SHG) हैं। आज देशभर में करीब 90 लाख से ज्यादा SHG काम कर रहे हैं जिनमें लगभग 10 करोड़ महिलाएं सदस्य हैं। यह नेटवर्क इतना बड़ा और इतना जमीनी है कि सरकार की किसी भी योजना को गाँव-गाँव तक पहुँचाने के लिए इससे बेहतर माध्यम नहीं हो सकता।

SHG में जुड़ी महिलाएं न सिर्फ बचत करती हैं बल्कि एक-दूसरे को आर्थिक और मानसिक सहयोग भी देती हैं। जब एक गाँव की एक महिला लखपति बनती है तो वह दूसरी दस महिलाओं के लिए प्रेरणा बन जाती है। यही सामाजिक संक्रमण की शक्ति है जिसे सरकार अपने मिशन में भुना रही है।

Lakhpati Didi Scheme: बजट का शत-प्रतिशत उपयोग – केंद्र की नई कसौटी

बैठक में एक महत्वपूर्ण बात यह भी उभरी कि कुछ राज्यों में मिशन के लिए आवंटित बजट का पूरा उपयोग नहीं हो पा रहा है। शिवराज सिंह चौहान ने इस पर कड़ी नाराजगी जताई और कहा कि यह स्वीकार्य नहीं है। जब गाँव की महिलाएं योजनाओं का इंतजार कर रही हों और बजट बिना खर्च हुए पड़ा हो, तो यह व्यवस्था की विफलता है।

उन्होंने निर्देश दिया कि ऐसे राज्यों की विशेष निगरानी हो और उन्हें तकनीकी सहायता, क्षमता निर्माण और आवश्यक प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए ताकि बजट का सदुपयोग हो सके।

Lakhpati Didi Scheme: ग्रामीण महिलाओं की बदलती तस्वीर

लखपति दीदी योजना (Lakhpati Didi Scheme) का असर जमीन पर दिखने लगा है। झारखंड की एक आदिवासी महिला जो कभी महाजन के कर्ज में डूबी थी, आज SHG के जरिए मिले ऋण से लाख पालन का कारोबार चला रही है। राजस्थान के एक गाँव में महिलाओं का समूह हस्तशिल्प उत्पाद सीधे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बेच रहा है। उत्तर प्रदेश में महिला ड्रोन पायलट फसलों पर दवा छिड़काव कर हर महीने 15 से 20 हजार रुपये कमा रही हैं।

ये उदाहरण बताते हैं कि जब नीति, बजट और इच्छाशक्ति तीनों एक साथ काम करें तो ग्रामीण महिलाओं की जिंदगी बदल सकती है।

Lakhpati Didi Scheme: आगे की राह

सरकार का रोडमैप स्पष्ट है। पहले 10 करोड़ महिलाओं को वित्तीय समावेशन से जोड़ो, फिर उन्हें कौशल और उद्यम सहायता दो और अंत में 6 करोड़ लखपति दीदी (Lakhpati Didi Scheme) का लक्ष्य हासिल करो। इस पूरी प्रक्रिया में SHG नेटवर्क रीढ़ की हड्डी की तरह काम करेगा।

शिवराज सिंह चौहान ने अपनी बात खत्म करते हुए कहा कि यह केवल एक सरकारी योजना नहीं बल्कि एक सामाजिक क्रांति है। जब देश की महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होंगी तभी सच्चे अर्थों में विकसित भारत का सपना पूरा होगा।


अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

Q1. Lakhpati Didi Scheme का मतलब क्या है और इसका लाभ कौन उठा सकता है? Lakhpati Didi Scheme के तहत ग्रामीण महिलाओं को इस तरह प्रशिक्षित और सहयोग दिया जाता है कि उनकी सालाना आमदनी कम से कम एक लाख रुपये हो जाए। इसका लाभ वे महिलाएं उठा सकती हैं जो स्वयं सहायता समूह (SHG) की सदस्य हैं या बनना चाहती हैं।

Q2. 6 करोड़ लखपति दीदी (Lakhpati Didi Scheme) का लक्ष्य कब तक हासिल किया जाएगा? केंद्र सरकार ने 6 करोड़ लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य तय किया है और इसे आगामी वर्षों में चरणबद्ध तरीके से हासिल करने की योजना है। शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों को युद्धस्तर पर काम करने के निर्देश दिए हैं।

Q3. Lakhpati Didi Scheme के तहत अब तक कितनी आर्थिक सहायता दी जा चुकी है? दीनदयाल अंत्योदय योजना – राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत बैंक लिंकेज कार्यक्रम के माध्यम से अब तक करीब 1.5 लाख करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता लाभार्थियों तक पहुँचाई जा चुकी है।

Q4. 10 करोड़ महिलाओं को वित्तीय समावेशन से जोड़ने का क्या मतलब है? इसका मतलब है कि 10 करोड़ ग्रामीण महिलाओं को बैंक खाता, बीमा, बचत, ऋण और सरकारी योजनाओं जैसी वित्तीय सेवाओं से जोड़ा जाएगा। यह 6 करोड़ लखपति दीदी (Lakhpati Didi Scheme) के बड़े लक्ष्य को पाने के लिए पहला और जरूरी कदम है।

Q5. स्वयं सहायता समूह (SHG) से लखपति दीदी (Lakhpati Didi Scheme) बनने की प्रक्रिया क्या है? पहले महिला अपने गाँव के SHG से जुड़ती है और नियमित बचत करती है। इसके बाद बैंक लिंकेज के जरिए उसे ऋण मिलता है। फिर कौशल प्रशिक्षण के आधार पर वह कोई उद्यम शुरू करती है। जब उसकी सालाना आमदनी एक लाख रुपये या उससे ज्यादा हो जाती है तो वह लखपति दीदी (Lakhpati Didi Scheme) बन जाती है।


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