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UP News: उत्तर प्रदेश में पशु औषधि केंद्रों की स्थापना, पशुपालकों को सस्ती दवाओं की सौगात, जानें पूर्ण आवेदन प्रक्रिया

UP News: उत्तर प्रदेश सरकार ने पशुपालक समुदाय के हित में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए राज्य भर में पशु औषधि केंद्रों की स्थापना का निर्णय लिया है। यह केंद्र प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र के प्रतिरूप पर संचालित होंगे तथा पशुपालकों को सस्ती एवं गुणवत्तापूर्ण पशु चिकित्सा औषधियां उपलब्ध कराने का दायित्व निभाएंगे। प्रत्येक विकास खण्ड में एक पशु औषधि केंद्र स्थापित करने की योजना के अंतर्गत पशुओं के उपचार हेतु किफायती मूल्यों पर दवाएं सुलभ हो सकेंगी। यह पहल पशुधन स्वास्थ्य सेवाओं को जनसाधारण की पहुंच में लाने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगी।

लखनऊ के मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुरेश कुमार ने इस योजना की विस्तृत जानकारी प्रदान करते हुए बताया कि पशु औषधि केंद्र संचालन के इच्छुक आवेदकों को कुछ अनिवार्य शर्तों की पूर्ति करनी होगी। इनमें फार्मासिस्ट का नाम एवं उसका वैध पंजीकरण विवरण, औषधालय संचालन हेतु न्यूनतम 120 वर्ग फुट स्थान का प्रमाण पत्र तथा औषधि विक्रय अनुज्ञापत्र (ड्रग सेल लाइसेंस) का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना सम्मिलित है। यह प्रावधान गुणवत्ता नियंत्रण एवं व्यावसायिक मानकों को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक हैं।

UP News: ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया की संपूर्ण जानकारी

मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने स्पष्ट किया कि पशु औषधि केंद्र की स्थापना हेतु आवेदन प्रक्रिया पूर्णतः डिजिटल माध्यम से संपन्न होगी। इच्छुक अभ्यर्थियों को 5,000 रुपये का आवेदन शुल्क अदा करना अनिवार्य होगा। आवेदन निर्गमन हेतु अभ्यर्थी http://pashuaushadhi.dahd.gov.in पोर्टल पर जाकर निर्धारित प्रक्रिया का अनुपालन कर सकते हैं। यह पोर्टल पशुपालन एवं डेयरी विभाग, भारत सरकार द्वारा संचालित है तथा समस्त आवश्यक दिशा-निर्देश एवं प्रपत्र यहां उपलब्ध हैं।

डिजिटल आवेदन प्रक्रिया से पारदर्शिता सुनिश्चित होगी तथा आवेदकों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से मुक्ति मिलेगी। इससे समय एवं धन दोनों की बचत होगी। आवेदन की स्थिति की जांच भी ऑनलाइन की जा सकेगी, जिससे प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहेगी। यह कदम सरकार की डिजिटल इंडिया पहल के अनुरूप है।

UP News: प्राथमिकता प्राप्त लाभार्थी वर्ग

डॉ. सुरेश कुमार ने विशेष उल्लेख किया कि इस योजना के अंतर्गत प्रधानमंत्री कृषक समृद्धि केंद्र तथा सहकारी समितियों से संबद्ध योग्य लाभार्थियों को प्राथमिकता प्रदान की जाएगी। यह प्रावधान उन व्यक्तियों को लाभान्वित करेगा जो पहले से कृषि एवं सहकारिता क्षेत्र में कार्यरत हैं तथा पशुपालन क्षेत्र की आवश्यकताओं से भलीभांति परिचित हैं। इससे योजना का सफल कार्यान्वयन सुनिश्चित होगा।

प्रधानमंत्री कृषक समृद्धि केंद्र कृषि इनपुट एवं सेवाएं उपलब्ध कराने वाले केंद्र हैं। इन केंद्रों से जुड़े व्यक्तियों को पहले से ही कृषक समुदाय की आवश्यकताओं की समझ है। इसी प्रकार सहकारी समितियों से संबद्ध व्यक्तियों को सामूहिक व्यवसाय संचालन का अनुभव है। इन दोनों वर्गों को प्राथमिकता देने से योजना की सफलता की संभावना बढ़ जाती है।

UP News: पशुधन स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत संचालन

यह महत्वाकांक्षी योजना भारत सरकार के पशुधन स्वास्थ्य एवं बीमारी नियंत्रण कार्यक्रम (LHDCP) के अंतर्गत संचालित की जाएगी। यह कार्यक्रम पशुओं में संक्रामक रोगों के नियंत्रण, टीकाकरण विस्तार तथा पशु स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण पर केंद्रित है। पशु औषधि केंद्रों की स्थापना इसी व्यापक रणनीति का अंग है।

LHDCP कार्यक्रम के अंतर्गत पशुधन को मुख्य संक्रामक रोगों से बचाव हेतु निःशुल्क टीकाकरण प्रदान किया जाता है। इसके साथ ही रोग निदान सुविधाएं, पशु चिकित्सा अवसंरचना का सुदृढ़ीकरण तथा पशुपालकों को जागरूकता प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाता है। पशु औषधि केंद्र इस समग्र व्यवस्था में औषधि उपलब्धता सुनिश्चित करने की कड़ी के रूप में कार्य करेंगे।

UP News: पशुपालकों को समयबद्ध लाभ की संभावना

मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी का कहना है कि पशु औषधि केंद्रों की स्थापना से पशुपालकों को समय पर सस्ती दवाएं उपलब्ध होंगी, जिससे पशुपालन को और अधिक लाभकारी बनाया जा सकेगा। वर्तमान में ग्रामीण क्षेत्रों में पशु औषधियों की उपलब्धता एक गंभीर समस्या है। पशुपालकों को कई बार अत्यधिक मूल्य पर अथवा निम्न गुणवत्ता की औषधियां क्रय करनी पड़ती हैं। इन केंद्रों से यह समस्या का समाधान होगा।

सस्ती दरों पर गुणवत्तापूर्ण औषधियों की उपलब्धता से पशु स्वास्थ्य में सुधार होगा। स्वस्थ पशु अधिक दुग्ध उत्पादन करते हैं तथा रोग-प्रतिरोधक क्षमता भी बेहतर रहती है। इससे पशुपालन की लाभप्रदता में वृद्धि होगी तथा पशुपालकों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी। यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

UP News: पशुपालन क्षेत्र का राष्ट्रीय महत्व

भारत में पशुपालन कृषि क्षेत्र का महत्वपूर्ण अंग है तथा ग्रामीण आजीविका का प्रमुख स्रोत है। उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक राज्य है तथा यहां लाखों परिवार पशुपालन से जुड़े हैं। इन परिवारों के लिए पशु स्वास्थ्य सेवाओं की सुलभता अत्यंत आवश्यक है। पशु औषधि केंद्रों की स्थापना इस दिशा में सरकार का सराहनीय प्रयास है।

पशुधन स्वास्थ्य में सुधार से न केवल पशुपालकों को लाभ होता है, बल्कि उपभोक्ताओं को भी गुणवत्तापूर्ण दुग्ध एवं पशु उत्पाद प्राप्त होते हैं। स्वस्थ पशुधन से प्राप्त उत्पाद अधिक पोषक तथा सुरक्षित होते हैं। इस प्रकार यह योजना समग्र सार्वजनिक स्वास्थ्य में भी योगदान देती है।

UP News: आर्थिक प्रभाव एवं रोजगार सृजन

पशु औषधि केंद्रों की स्थापना से रोजगार के नवीन अवसर भी उत्पन्न होंगे। प्रत्येक केंद्र में फार्मासिस्ट तथा सहायक कर्मचारियों की नियुक्ति होगी। यह शिक्षित युवाओं के लिए स्वरोजगार का अवसर प्रदान करेगा। साथ ही औषधि वितरण श्रृंखला में भी रोजगार सृजन होगा। यह सब ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति प्रदान करेगा।

इसके अतिरिक्त, पशु स्वास्थ्य में सुधार से दुग्ध उत्पादन में वृद्धि होगी, जो डेयरी उद्योग को लाभान्वित करेगी। उत्तर प्रदेश में अनेक डेयरी सहकारी समितियां एवं निजी डेयरी कंपनियां कार्यरत हैं। पशु स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार से इन उद्योगों को भी परोक्ष लाभ प्राप्त होगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

प्रश्न 1: पशु औषधि केंद्र खोलने के लिए कौन-कौन से दस्तावेज आवश्यक हैं?

उत्तर: पशु औषधि केंद्र स्थापित करने के लिए आवेदक को फार्मासिस्ट का नाम एवं उसका वैध पंजीकरण विवरण, न्यूनतम 120 वर्ग फुट स्थान का स्वामित्व अथवा किराया प्रमाण पत्र तथा औषधि विक्रय अनुज्ञापत्र (ड्रग सेल लाइसेंस) का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य है। इन दस्तावेजों के साथ ऑनलाइन आवेदन निर्गमित किया जा सकता है।

प्रश्न 2: आवेदन शुल्क कितना है तथा आवेदन प्रक्रिया क्या है?

उत्तर: पशु औषधि केंद्र स्थापना हेतु आवेदन शुल्क 5,000 रुपये निर्धारित किया गया है। आवेदन प्रक्रिया पूर्णतः ऑनलाइन है। इच्छुक आवेदक http://pashuaushadhi.dahd.gov.in पोर्टल पर जाकर पंजीकरण कर सकते हैं तथा निर्धारित प्रपत्र भरकर आवश्यक दस्तावेज अपलोड कर सकते हैं।

प्रश्न 3: किन लाभार्थियों को प्राथमिकता प्रदान की जाएगी?

उत्तर: इस योजना में प्रधानमंत्री कृषक समृद्धि केंद्र से संबद्ध व्यक्तियों तथा सहकारी समितियों के सदस्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। यह प्राथमिकता इसलिए प्रदान की गई है क्योंकि ये व्यक्ति पहले से ही कृषि एवं पशुपालन क्षेत्र से जुड़े हैं तथा इस व्यवसाय की आवश्यकताओं को भलीभांति समझते हैं।

प्रश्न 4: यह योजना किस कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित होगी?

उत्तर: यह योजना भारत सरकार के पशुधन स्वास्थ्य एवं बीमारी नियंत्रण कार्यक्रम (LHDCP) के अंतर्गत संचालित की जाएगी। यह कार्यक्रम पशुओं में संक्रामक रोगों के नियंत्रण, टीकाकरण विस्तार तथा पशु स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण पर केंद्रित है। पशु औषधि केंद्र इसी व्यापक योजना का अभिन्न अंग हैं।

प्रश्न 5: पशुपालकों को इन केंद्रों से क्या लाभ प्राप्त होगा?

उत्तर: पशु औषधि केंद्रों से पशुपालकों को अनेक लाभ प्राप्त होंगे। प्रथम, उन्हें सस्ती दरों पर गुणवत्तापूर्ण पशु औषधियां सुलभ होंगी। द्वितीय, प्रत्येक विकास खण्ड में केंद्र होने से निकटता का लाभ मिलेगा। तृतीय, समय पर उपचार उपलब्ध होने से पशु स्वास्थ्य (UP News) में सुधार होगा तथा दुग्ध उत्पादन बढ़ेगा। इससे पशुपालन की समग्र लाभप्रदता में वृद्धि होगी।

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