भोपाल: कृषक मित्र सूर्य योजना से किसानों को बड़ी राहत, 90% सब्सिडी पर मिलेगा 7.5 HP तक का सोलर पंप, जानें पूरी प्रक्रिया मध्यप्रदेश के किसानों के लिए सरकार ने सिंचाई व्यवस्था को सस्ता, भरोसेमंद और बिजली कटौती से मुक्त बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। राज्य में प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना को तेजी से लागू किया जा रहा है, जिसके तहत पात्र किसानों को सोलर पंप लगाने पर 90 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जा रही है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को महंगे बिजली बिल, अस्थायी बिजली कनेक्शन और बार-बार होने वाली बिजली आपूर्ति की समस्या से निजात दिलाना है, ताकि खेती की लागत घटे और उत्पादन बढ़े। सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत किसान अपनी खेती और सिंचाई जरूरत के अनुसार 2 HP से लेकर 10 HP तक के सोलर पंप लगवा सकते हैं। खास बात यह है कि जिन किसानों के पास पहले से अस्थायी बिजली कनेक्शन है, उन्हें अधिक क्षमता वाला सोलर पंप चुनने का विकल्प भी दिया गया है। इससे किसानों को कम समय में अधिक सिंचाई करने में मदद मिलेगी और फसलों की उत्पादकता में सुधार होगा। वर्तमान में योजना के तहत नए आवेदन केवल उन्हीं किसानों से स्वीकार किए जा रहे हैं, जिन्होंने वर्ष 2023-24 और 2024-25 में अस्थायी विद्युत कनेक्शन लिया है। सरकार द्वारा यह व्यवस्था इसलिए की गई है ताकि पहले से बिजली पर निर्भर किसानों को सौर ऊर्जा की ओर स्थानांतरित किया जा सके और बिजली वितरण प्रणाली पर भार कम किया जा सके। योजना के अंतर्गत सोलर पंप की स्थापना के लिए किसानों को कुल लागत का केवल 10 प्रतिशत हिस्सा ही वहन करना होगा। शेष 50 प्रतिशत अनुदान केंद्र सरकार और 40 प्रतिशत अनुदान राज्य सरकार द्वारा दिया जा रहा है। यानी अगर किसी सोलर पंप की कुल कीमत लगभग 2 लाख रुपये है, तो किसान को अपनी जेब से केवल करीब 15 हजार रुपये खर्च करने होंगे, जबकि बाकी राशि सरकार सब्सिडी के रूप में देगी। यही वजह है कि यह योजना छोटे और सीमांत किसानों के लिए भी बेहद लाभकारी साबित हो रही है। सरकार द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे सोलर पंप के साथ पैनल, मोटर, पाइप, कंट्रोलर और अन्य जरूरी उपकरण भी शामिल हैं, जिससे किसान को अलग से किसी व्यवस्था की चिंता नहीं करनी पड़ती। सौर ऊर्जा से चलने वाले ये पंप पर्यावरण के अनुकूल हैं और लंबे समय तक बिना अतिरिक्त खर्च के काम करते हैं। इससे न सिर्फ किसानों की सिंचाई लागत कम होगी, बल्कि डीजल और बिजली पर निर्भरता भी लगभग खत्म हो जाएगी। योजना में एक महत्वपूर्ण सुविधा यह भी दी गई है कि जिन किसानों के पास 3 HP का अस्थायी बिजली कनेक्शन है, वे 5 HP सोलर पंप का चयन कर सकते हैं। वहीं, 5 HP कनेक्शनधारी किसान 7.5 HP सोलर पंप लगाने का विकल्प चुन सकते हैं। अधिक क्षमता वाले पंप के चयन पर किसानों को तय किया गया हितग्राही अंश जमा करना होगा, जिसकी जानकारी पोर्टल पर स्पष्ट रूप से उपलब्ध है। इससे किसान अपनी जमीन, फसल और पानी की जरूरत के अनुसार सही क्षमता का पंप चुन सकते हैं। नए आवेदकों के लिए भी सरकार ने सुविधा दी है कि वे ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन करते समय एक से अधिक क्षमता वाले सोलर पंप के विकल्प देख सकते हैं। इससे किसान अपनी सिंचाई आवश्यकता, भूमि का रकबा और जल स्रोत की स्थिति को ध्यान में रखते हुए सही निर्णय ले सकेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि यह लचीलापन योजना को और अधिक व्यावहारिक बनाता है। आवेदन प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन और पारदर्शी रखा गया है। किसानों को आवेदन के दौरान अपनी आधार ई-केवाईसी, पंप श्रेणी, कनेक्शन आईडी और इकाई चयन से जुड़ी जानकारी पोर्टल पर दर्ज करनी होती है। इन सभी विवरणों का सत्यापन होने के बाद ही सोलर पंप स्थापना की आगे की प्रक्रिया शुरू की जाती है। इससे फर्जीवाड़े की संभावना कम होती है और वास्तविक जरूरतमंद किसानों तक योजना का लाभ पहुंचता है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि योजना के अंतर्गत 31 दिसंबर 2025 तक कार्यादेश जारी किए जाने हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए किसानों से अपील की गई है कि वे समय-सीमा के भीतर अपना हितग्राही अंश जमा कर दें, ताकि सोलर पंप की स्थापना में किसी तरह की देरी न हो। समय पर राशि जमा करने से किसान जल्द ही सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। लागत की बात करें तो सब्सिडी के बाद किसानों को अलग-अलग क्षमता के सोलर पंप के लिए अनुमानित रूप से यह राशि चुकानी होगी—2 HP पंप के लिए करीब 15 हजार रुपये, 3 HP के लिए लगभग 20 हजार रुपये, 5 HP के लिए करीब 30 हजार रुपये, 7.5 HP के लिए लगभग 41 हजार रुपये और 10 HP सोलर पंप के लिए करीब 58 हजार रुपये। यह राशि पारंपरिक पंपों की तुलना में काफी कम है और लंबे समय में किसानों को बड़ा आर्थिक लाभ देती है। योजना का लाभ वही किसान उठा सकते हैं, जिनके पास खेती योग्य भूमि पर स्थायी जल स्रोत उपलब्ध है। इसके अलावा जिन किसानों के पास अस्थायी बिजली कनेक्शन है या जिनके पास बिजली कनेक्शन नहीं है, वे भी पात्रता शर्तों को पूरा करने पर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के लिए किसानों को cmsolarpump.mp.gov.in पोर्टल पर जाना होगा, जहां पूरी प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से समझाई गई है। कुल मिलाकर, कृषक मित्र सूर्य योजना मध्यप्रदेश के किसानों के लिए आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। यह योजना न केवल सिंचाई की लागत को कम करेगी, बल्कि किसानों को स्वच्छ और टिकाऊ ऊर्जा से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने में भी मदद करेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में इस योजना से खेती की तस्वीर बदलेगी और किसान बिजली की समस्याओं से मुक्त होकर उत्पादन पर पूरा ध्यान दे सकेंगे। अधिक जानकारी के लिए किसान अपने जिले के कृषि विभाग या बिजली विभाग के अधिकारियों से भी संपर्क कर सकते हैं। Post navigation PM Awas Yojana 2025: 23 दिसंबर को 18,500 लोगों के खाते में आएंगे ₹100 करोड़, अभी चेक करें लिस्ट PM Awas Yojana Gramin: डोर-टू-डोर जांच शुरू, अपात्रों के नाम कटेंगे