भारी वर्षा और बाढ़ से प्रभावित किसानों को राहत: मुख्यमंत्री नायब सैनी ने बिजली बिल भुगतान स्थगन योजना की घोषणा की

हरियाणा में किसानों के बिजली बिल 6 माह स्थगित | बड़ी राहत योजना


चंडीगढ़, नवंबर 2025

हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने राज्य के किसानों को राहत देने के लिए एक बड़ा निर्णय लिया है। वर्ष 2025 के मानसून सीजन के दौरान हुई भारी वर्षा और बाढ़ से प्रभावित किसानों को आर्थिक सहारा प्रदान करने हेतु मुख्यमंत्री ने विशेष राहत योजना की घोषणा की है। इस योजना के अंतर्गत राज्य के सभी कृषि ट्यूबवैल उपभोक्ताओं के लिए जुलाई 2025 से दिसंबर 2025 तक की अवधि के बिजली बिलों के भुगतान को छह माह के लिए स्थगित कर दिया गया है।

इस निर्णय का सीधा लाभ लगभग 7.10 लाख कृषि उपभोक्ताओं को मिलेगा। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं के समय किसानों को सहारा देना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। भारी वर्षा और बाढ़ के चलते फसलों को व्यापक नुकसान हुआ है, ऐसे में किसानों को तुरंत आर्थिक राहत प्रदान करना आवश्यक है ताकि वे अपनी कृषि गतिविधियों को पुनः शुरू कर सकें

ऊर्जा विभाग, हरियाणा के प्रवक्ता ने बताया कि इस निर्णय के तहत जुलाई 2025 में जारी बिजली बिल अब जनवरी 2026 में देय होंगे। इसी प्रकार अगस्त 2025 के बिजली बिल फरवरी 2026 में और दिसंबर 2025 के बिल जून 2026 में देय होंगे। इस अवधि के दौरान राज्य के बिजली निगम — उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (UHBVN) और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) — किसी भी किसान से विलंब अधिभार (Late Fee) नहीं वसूलेंगे। साथ ही, बिजली आपूर्ति सामान्य रूप से जारी रहेगी ताकि किसानों की सिंचाई व्यवस्था प्रभावित न हो।

राज्य सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस राहत योजना से बिजली निगमों पर पड़ने वाले वित्तीय बोझ को सरकार स्वयं वहन करेगी, ताकि निगमों के संचालन पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। यह निर्णय किसानों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए त्वरित राहत प्रदान करने की दिशा में एक सराहनीय कदम है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों के साथ हर परिस्थिति में खड़ी है। प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राज्य सरकार लगातार कृषि क्षेत्र को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए कदम उठा रही है। इससे पहले भी किसानों के हित में बीमा क्लेम, मुआवजा वितरण और फसल क्षति मूल्यांकन जैसी कई योजनाएँ लागू की जा चुकी हैं।

इस राहत योजना से किसानों को अस्थायी आर्थिक स्थिरता प्राप्त होगी और वे बिना किसी अतिरिक्त वित्तीय दबाव के आगामी फसली मौसम की तैयारी कर सकेंगे। सरकार का यह निर्णय न केवल किसानों के आर्थिक बोझ को कम करेगा, बल्कि राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था को स्थिरता प्रदान करने में भी सहायक सिद्ध होगा।

मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी किसान प्राकृतिक आपदा से अकेला न लड़े। सरकार हर संभव सहायता देकर किसानों को फिर से खड़ा करने के लिए प्रतिबद्ध है।

यह योजना हरियाणा सरकार के उस संकल्प को दर्शाती है जिसके तहत कृषि विकास, किसान कल्याण और ग्रामीण समृद्धि को प्राथमिकता दी जा रही है। भारी वर्षा और बाढ़ से जूझ रहे किसानों के लिए यह निर्णय एक बड़ी राहत और उम्मीद की किरण लेकर आया है।

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