मुख्यमंत्री रसोई गैस सब्सिडी योजना: 450 रुपये में सिलेंडर, 75.68 करोड़ DBT ट्रांसफर

मुख्यमंत्री रसोई गैस सब्सिडी योजना: 75.68 करोड़ की DBT, महिलाओं को 450 रुपये में एलपीजी सिलेंडर

मुख्यमंत्री रसोई गैस सब्सिडी योजना: 450 रुपये में सिलेंडर, 75.68 करोड़ DBT ट्रांसफर


महंगाई के लगातार बढ़ते दबाव के बीच राजस्थान सरकार ने राज्य की महिलाओं और जरूरतमंद परिवारों को बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री रसोई गैस सब्सिडी योजना के तहत सरकार ने एक बार फिर करोड़ों रुपये की सब्सिडी सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर की है। इस ताजा भुगतान में करीब 30.10 लाख गैस सिलेंडरों पर 75.68 करोड़ रुपये की राशि DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से भेजी गई है।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में चलाई जा रही इस योजना का सबसे बड़ा फायदा यह है कि पात्र महिलाओं को एलपीजी गैस सिलेंडर मात्र 450 रुपये में उपलब्ध कराया जा रहा है, जबकि बाजार में इसकी कीमत लगभग दोगुनी है।


क्या है मुख्यमंत्री रसोई गैस सब्सिडी योजना

राजस्थान सरकार की यह महत्वाकांक्षी योजना गरीब, मध्यम वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सस्ती रसोई गैस उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई है। योजना का फोकस खासतौर पर महिलाओं पर है, ताकि रसोई से जुड़ा खर्च कम हो और उन्हें आर्थिक राहत मिल सके।

इस योजना के तहत लाभार्थी महिला को पहले बाजार दर पर एलपीजी सिलेंडर रिफिल कराना होता है। इसके बाद सरकार द्वारा तय की गई सब्सिडी राशि सीधे महिला के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाती है। यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है और किसी बिचौलिए की जरूरत नहीं पड़ती।


450 रुपये में गैस सिलेंडर कैसे मिलता है

वर्तमान समय में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 900 से 950 रुपये के बीच है। यह कीमत जिले, गैस एजेंसी और डिलीवरी चार्ज के अनुसार थोड़ी कम-ज्यादा हो सकती है।

मुख्यमंत्री रसोई गैस सब्सिडी योजना के तहत सरकार सिलेंडर की वास्तविक कीमत और 450 रुपये के बीच का अंतर सब्सिडी के रूप में देती है।
उदाहरण के तौर पर:

  • यदि सिलेंडर की कीमत 950 रुपये है
  • लाभार्थी महिला 450 रुपये का भुगतान करती है
  • शेष लगभग 500 रुपये सरकार सब्सिडी के रूप में खाते में भेज देती है

इस तरह अंत में सिलेंडर की प्रभावी लागत केवल 450 रुपये रह जाती है।


सिलेंडर रिफिल की पूरी प्रक्रिया क्या है

लाभार्थी महिला को इंडेन, भारत गैस या एचपी गैस एजेंसी से सिलेंडर रिफिल कराना होता है।
रिफिल की कुल राशि आमतौर पर 900 रुपये से अधिक होती है। रिफिल के कुछ दिनों के भीतर सरकार द्वारा तय सब्सिडी राशि DBT के जरिए बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाती है।

सरकार का प्रयास है कि सब्सिडी समय पर पहुंचे ताकि महिलाओं को आर्थिक परेशानी न हो।


गैस सब्सिडी स्टेटस कैसे चेक करें

अगर आप जानना चाहते हैं कि रसोई गैस सब्सिडी आपके खाते में आई या नहीं, तो इसके लिए कई आसान तरीके उपलब्ध हैं:

  • बैंक पासबुक या मोबाइल बैंकिंग ऐप में DBT एंट्री देखें
  • एलपीजी कंपनियों की आधिकारिक वेबसाइट (Indane, Bharat Gas, HP Gas) पर जाकर सब्सिडी स्टेटस चेक करें
  • आधार से लिंक बैंक खाते में आए SMS अलर्ट देखें
  • नजदीकी ई-मित्र केंद्र पर जाकर जानकारी प्राप्त करें

आमतौर पर सिलेंडर रिफिल के कुछ ही दिनों के भीतर सब्सिडी ट्रांसफर कर दी जाती है।


इस योजना से महिलाओं को क्या फायदे मिल रहे हैं

मुख्यमंत्री रसोई गैस सब्सिडी योजना से महिलाओं और परिवारों को कई स्तरों पर लाभ हो रहा है:

  • रसोई का मासिक खर्च कम हो रहा है
  • महंगे सिलेंडर का बोझ परिवारों पर नहीं पड़ता
  • महिलाओं को लकड़ी या कंडे जैसे पारंपरिक ईंधन से राहत मिलती है
  • स्वच्छ ईंधन से स्वास्थ्य में सुधार होता है
  • धुएं से होने वाली बीमारियों का खतरा कम होता है
  • पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलता है

कौन ले सकता है योजना का लाभ

इस योजना का लाभ उन्हीं महिलाओं को मिलता है:

  • जिनके नाम से उज्ज्वला योजना का एलपीजी कनेक्शन है
  • या जो राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के अंतर्गत आती हैं
  • जिनका बैंक खाता आधार से लिंक है
  • जो राज्य सरकार की तय पात्रता शर्तों को पूरा करती हैं

सरकार समय-समय पर पात्रता सूची को अपडेट करती रहती है ताकि सही लाभार्थियों तक योजना पहुंचे।


सरकार का उद्देश्य क्या है

राज्य सरकार का कहना है कि यह योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य महिलाओं को सशक्त बनाना, हर घर तक स्वच्छ ईंधन पहुंचाना और जीवन स्तर को बेहतर करना है।

30 लाख से अधिक सिलेंडरों पर सब्सिडी ट्रांसफर होना इस बात का संकेत है कि योजना का लाभ बड़े पैमाने पर लोगों तक पहुंच रहा है। कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री रसोई गैस सब्सिडी योजना राजस्थान की महिलाओं के लिए राहत, सम्मान और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक मजबूत कदम साबित हो रही है।

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