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फसल अवशेष प्रबंधन 2025: किसानों को कृषि मशीनों पर 50% तक सब्सिडी, जानें पूरी सूची

फसल अवशेष प्रबंधन 2025: किसानों को कृषि मशीनों पर 50% तक सब्सिडी, 

किसानों को कृषि मशीनों पर 50% तक सब्सिडी

भारत सरकार, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा फसल अवशेष प्रबंधन (Crop Residue Management) हेतु वर्ष 2025 के लिए नए संचालनात्मक दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। इन दिशानिर्देशों का उद्देश्य पराली जलाने की समस्या को कम करना, किसानों को आधुनिक मशीनरी से जोड़ना और पर्यावरण अनुकूल खेती को बढ़ावा देना है।

प्रमुख प्रावधान

1. ऑनलाइन व्यवस्था और डेटा शेयरिंग:

योजना के सभी घटकों को लागू करने के लिए एक व्यापक ऑनलाइन सिस्टम विकसित किया जाएगा। राज्यों से जुड़े सभी डेटा को केंद्रीय पोर्टल https://agrimachinery.nic.in पर साझा किया जाएगा।

2. मान्यता प्राप्त मशीन निर्माता:

केवल वही निर्माता/आपूर्तिकर्ता योजना के अंतर्गत मशीनें उपलब्ध करा सकेंगे जिनकी मशीनें FMTTI या कृषि एवं किसान कल्याण विभाग (DA&FW) द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थानों से परीक्षणित हैं।

50,000 रुपये से कम कीमत वाली मशीनों के लिए परीक्षण रिपोर्ट अनिवार्य नहीं होगी।

पहली बार निर्माता बनने वालों के लिए परीक्षण रिपोर्ट आवश्यक होगी।

3. जियो-रेफरेंसिंग और टेलीमैटिक्स किट:

1 लाख रुपये से अधिक कीमत वाली सभी मशीनें जियो-रेफरेंस की जाएंगी।

ट्रैक्टर, रीपर, बाइंडर जैसी स्व-चालित मशीनों पर AI आधारित टेलीमैटिक्स किट लगाई जाएगी, जिससे मशीन की लाइव लोकेशन और दैनिक कार्य रिकॉर्ड किया जा सकेगा।

यह डैशबोर्ड किसान, कस्टम हायरिंग सेंटर (CHC), जिला और राज्य स्तरीय अधिकारियों को उपलब्ध होगा।

4. डेटा अपलोडिंग:

कस्टम हायरिंग सेंटर, कृषि यंत्र पूंजीगत संपत्तियों एवं प्रदर्शन (डेमो) से संबंधित सभी डेटा Krishi MApper पर अपलोड करना अनिवार्य होगा।

5. यूनिक सीरियल नंबर और पहचान कोड:

सभी मशीनों पर यूनिक लेजर कट सीरियल नंबर होना अनिवार्य होगा, जैसे –

GJ/6545/444/2023/0001

इसमें राज्य कोड, निर्माता आईडी, केंद्रीकृत कोड, निर्माण वर्ष और क्रम संख्या शामिल होगी।

यह कोड स्पष्ट, दिखाई देने योग्य और छेड़छाड़-रोधी होगा।

सभी मशीनों पर निर्माता का नाम, पता, मॉडल, निर्माण माह/वर्ष और प्राइम मूवर का विवरण लेबल प्लेट पर दर्ज होगा।

6. केन्द्रीयकृत पंजीकरण:

सभी मशीन निर्माताओं को अपने उत्पाद और उनकी कीमत (MRP) को केंद्रीकृत कृषि मशीनरी पोर्टल पर पंजीकृत करना होगा।

किसानों के लिए सब्सिडी व्यवस्था

किसानों को मशीनों की खरीद पर 50% तक की वित्तीय सहायता या अधिकतम अनुमेय सब्सिडी (दोनों में जो कम हो) प्रदान की जाएगी। कुछ प्रमुख मशीनों पर सब्सिडी इस प्रकार है:

सुपर स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम (Super SMS): ₹59,700

हैप्पी सीडर/स्मार्ट सीडर (12 टाइन तक): ₹90,200


पैडी स्ट्रॉ चॉपर/श्रेडर/मल्चर (8 फीट तक): ₹95,700


हाइड्रोलिक रिवर्सिबल एम.बी. प्लॉ (चार बॉटम तक): ₹1,25,400


सुपर सीडर: ₹1,20,000


बेलिंग मशीन (बड़ी – 200 किलो तक): ₹9,90,000


क्रॉप रीपर (ट्रैक्टर माउंटेड): ₹82,500


ट्रैक्टर माउंटेड लोडर( बिना ट्रैक्टर) और: ₹3,05,000


ट्रैक्टर ड्रॉ टेडर मशीन: ₹2,62,000

भारत सरकार का यह प्रयास किसानों को उन्नत कृषि यंत्र उपलब्ध कराने, फसल अवशेष प्रबंधन में सहूलियत बढ़ाने और पराली जलाने की समस्या का स्थायी समाधान खोजने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

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