आईसीआरए रिपोर्ट : अनुकूल मानसून और बेहतर फसल उत्पादन से ट्रैक्टर उद्योग को FY2026 में मिलेगी नई गति

ICRA रिपोर्ट, ट्रैक्टर उद्योग को FY2026 में मिलेगी नई गति

मुंबई, सितम्बर 2025:

आईसीआरए (ICRA
) ने अपनी ताज़ा रिपोर्ट में कहा है कि भारतीय ट्रैक्टर उद्योग के लिए आने वाले समय में अनुकूल परिस्थितियाँ बन रही हैं। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, चालू वर्ष के मानसून में दीर्घकालिक औसत (LPA) का 106% वर्षा होने का अनुमान है। यह अनुमान कृषि गतिविधियों और ट्रैक्टर उद्योग के लिए बेहद सकारात्मक संकेत है।

कृषि उत्पादन में वृद्धि

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय (MA&FW) द्वारा मई 2025 में जारी तीसरे अग्रिम अनुमान (Third Advance Estimates) के अनुसार, कृषि वर्ष 2024-25 में खरीफ फसलों का उत्पादन 7.9% और रबी फसलों का उत्पादन 4.5% की वृद्धि दर्ज कर रहा है। कुल खाद्यान्न उत्पादन में इस वृद्धि से किसानों की आय और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी, जिससे ट्रैक्टर की मांग और अधिक बढ़ने की संभावना है।

ट्रैक्टर उद्योग की मौजूदा स्थिति

  • जुलाई 2025 बिक्री:
    • थोक (Wholesale) बिक्री में 8% वर्ष-दर-वर्ष वृद्धि दर्ज की गई।
    • खुदरा (Retail) बिक्री में 11% की वृद्धि रही।
  • FY2026 के शुरुआती 4 महीने:
    • अप्रैल से जुलाई 2025 के बीच ट्रैक्टर थोक बिक्री में 9% की वृद्धि दर्ज की गई।

इन आँकड़ों से स्पष्ट है कि मानसून की समय से शुरुआत और खरीफ की बुवाई में प्रगति ने किसानों का विश्वास बढ़ाया है, जिससे ट्रैक्टर मांग में मजबूती आई है।

FY2026 में उद्योग का दृष्टिकोण

FY2025 में 7% वृद्धि दर्ज करने के बाद, FY2026 में ट्रैक्टर उद्योग के 4-7% की मध्यम वृद्धि दर्ज करने की संभावना है।

  • अनुकूल मानसून का प्रभाव कृषि उत्पादन को बढ़ाएगा।
  • अप्रैल 1, 2026 से लागू होने वाले TREM V उत्सर्जन मानक से पहले होने वाली प्री-बाइंग (Pre-buying) भी मांग को और बढ़ा सकती है।

ट्रैक्टर निर्माता कंपनियों की वित्तीय स्थिति

आईसीआरए रिपोर्ट के अनुसार, ट्रैक्टर निर्माता कंपनियों (OEMs) की स्थिति मज़बूत बनी रहेगी:

  • वॉल्यूम (बिक्री) में वृद्धि से मार्जिन मजबूत रहेंगे।
  • कच्चे माल की कीमतें स्थिर रहने से कंपनियों की लागत नियंत्रित रहेगी।
  • ऑपरेटिंग लीवरेज (Operating Leverage) का लाभ मिलेगा।
  • कंपनियों की क्रेडिट प्रोफाइल (Credit Profile) बेहतर रहेगी क्योंकि उनके पास कम ऋण (Low Debt), पर्याप्त नकदी और तरल निवेश (Adequate Cash & Liquid Investments) उपलब्ध हैं।

उद्योग का सारांश

कुल मिलाकर, FY2026 में ट्रैक्टर उद्योग का परिदृश्य सकारात्मक है। अनुकूल मानसून, बेहतर कृषि उत्पादन, किसानों की आय में वृद्धि और नए उत्सर्जन मानकों से पहले होने वाली अतिरिक्त खरीदारी (Pre-buying) उद्योग को मध्यम लेकिन स्थिर वृद्धि की दिशा में ले जाएगी।


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